Sawan Somwar 2023: सावन शुक्ल पक्ष का 7वां सोमवार 21 अगस्त को है. सावन के 7वां सोमवार पर बहुत ही शुभ संयोग बन रहा है. दरअसल, इस दिन नागपंचमी भी है. साथ ही इस दिन कई और शुभ संयोग भी बन रहे हैं. इस दिन भगवान शिव की विधिवत पूजा करने से आपको बेहद लाभ होंगे साथ ही साथ सारे दोष भी दूर हो जाएंगे.

सावन 7वें सोमवार पर बना शुभ योग

सावन के 7वें सोमवार पर चंद्रमा तुला राशि में रहने वाले हैं. ऐसे में चंद्रमा और गुरु एक दूसरे के आमने सामने रहेंगे. जिससे गजकेसरी योग बनेगा. इसके अलावा इस दिन सुबह 4 बजकर 22 मिनट पर सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा. इसी के साथ अमृत योग भी रहेगा. इन सब शुभ योग के साथ साथ रवि योग भी रहने वाला है. 21 अगस्त के दिन नागपंचमी तिथि है. इसलिए इस दिन कालसर्प दोष और पितृदोष के निवारण के लिए समय काफी अच्छा रहने वाला है. इस दिन महामृत्युंजय मंत्र का जप करना भी उत्तम रहेगा. साथ ही इस दिन भगवान शिव का रुद्राभिषेक करना भी उत्तम फलदायी साबित होगा.

भगवान शिव और नाग देवता की पूजा का शुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त – सुबह 06:21 मिनट से लेकर सुबह 08:53 मिनट तक है.

शुभ उत्तम मुहूर्त – सुबह 09:31 मिनट से लेकर सुबह 11:06 मिनट तक है.

प्रदोष काल शुभ मुहूर्त – शाम 05:27 मिनट से लेकर रात 08:27 मिनट तक है.

नाग पंचमी पर करें कालसर्प दोष निवारण के उपाय

शिव पर चढ़ाएं ये खास चीज 

कालसर्प दोष होने पर शिवजी की पूजा नियमित रूप से करनी चाहिए. नाग पंचमी पर सर्पों की पूजा के अलावा शिवलिंग पर कच्चा दूध, गंगाजल और काला तिल चढ़ाएं. ऐसा करने से आपके दुख, दर्द, समस्याएं आपको परेशान नहीं करेंगी. कालसर्प दोष से राहत मिलेगी.

नाग गायत्री मंत्र

सावन के सातवें सोमवार पर सबसे पहले शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करें और फिर उनके गण नाग देवता की उपासना करें और इस मंत्र का जाप करें ‘ॐ नवकुलाय विद्यमहे विषदंताय धीमहि तन्नो सर्प: प्रचोदयात्। ‘ इस मंत्र को कालसर्प दोष निवराण के लिए प्रभावी माना जाता है.

रस्सी का उपाय देगा लाभ

अगर आप चांदी के नाग नागिन का जोड़ा नहीं ले सकते तो नाग पंचमी और 7वें सावन सोमवार के दिन एक बड़ी सी रस्सी में सात गांठें लगां लें. इसे नाग देवता का प्रतिकात्मक रूप मानकर आसन पर पूजा स्थान पर स्थिपित करें. गूग्ग्ल धूप जलाएं और राहु-केतु के बीज मंत्र का जाप करें. मंत्र बोलते हुए अब रस्सी की एक-एक गांठें खोलें और फिर इसे नदी में प्रवाहित कर दें.

राहु बीज मंत्र – “ॐ रां राहवे नमः”

केतु बीज मंत्र – “ॐ कें केतवे नमः”

मुख्य द्वार पर बनाएं नाग

नाग पंचमी के दिन घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर गोबर, गेरू या मिट्‌टी से सर्प की आकृति बनाकर विधि विधान से पूजा करें. इससे कालसर्प दोष से उत्पन्न होने वाली विपत्तियां टल जाती हैं.