Home Blog

कांवड़ ले जा रहे हैं? भूलकर भी न करें ये 5 काम, खंडित हो जाएगी पूजा


इस साल 30 जुलाई से सावन महीने की शुरुआत हो चुकी है। इस महीने को शिव भक्ति के लिए सबसे पावन महीना माना जाता है। इसी वजह से कई भक्त इस महीने कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं, जहां वे लाखों की संख्या में गंगा या किसी पवित्र नदी का जल लेकर आते हैं। इसी जल से शिवलिंग का जलाभिषेक किया जाता है। धार्मिक जानकारों के मुताबिक, कांवड़ यात्रा के दौरान भक्तों को कुछ नियमों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। तभी यात्रा सफल मानी जाती है।

 

इस साल सावन का महीना 30 जुलाई से लेकर 28 अगस्त तक चलने वाला है। इस दौरान कई भक्त सोमवार का व्रत रखते हैं, तो कई लोग रुद्राभिषेक कराते हैं। इसके अलावा कई लोग कांवड़ यात्रा पर भी जाते हैं। अब सवाल उठता है कि भक्तों को कांवड़ यात्रा के दौरान किन नियमों का पालन करना चाहिए? आइए जानते हैं कांवड़ यात्रा के 5 विशेष नियम।

 

यह भी पढ़ें: 2 अगस्त राशिफल: रविवार के दिन किन राशियों को होगा धन लाभ, किसे रहना होगा सतर्क?

 

कांवड़ यात्रा के 5 नियम

1.जमीन पर कांवड़ न रखें – इस यात्रा के दौरान कांवड़ियों को अपनी कांवड़ जमीन पर नहीं रखनी चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जल से भरी कांवड़ को जमीन पर रखना उचित नहीं माना जाता। यदि किसी भक्त से गलती से कांवड़ जमीन पर रख दी जाए, तो उसे दोबारा जल भरकर लाना चाहिए। मान्यता है कि जमीन पर रखी गई कांवड़ के जल से जलाभिषेक करने पर शिवजी का आशीर्वाद नहीं मिलता और पूजा खंडित मानी जाती है।

 

2.पवित्र नदी का जल लें – कांवड़ यात्रियों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे बहती हुई पवित्र नदी का जल ही लेकर जाएं। कुएं या तालाब का जल कांवड़ के लिए नहीं लेना चाहिए।

 

3.तामसिक भोजन और नशे से दूर रहें – भक्तों को यात्रा के दौरान तामसिक भोजन यानी लहसुन, प्याज, मांस और मछली का सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही शराब, सिगरेट, गुटखा और अन्य नशे से भी पूरी तरह दूर रहना चाहिए।

 

यह भी पढ़ें: अगस्त महीने में किन लोगों पर होगी धन की बरसात, किसे झेलना पड़ेगा आर्थिक नुकसान?

 

4.चमड़े की वस्तुओं का प्रयोग न करें – कांवड़ यात्रा के दौरान चमड़े से बनी वस्तुओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। यानी चमड़े के पर्स, बेल्ट और जूते आदि का प्रयोग करने से बचना चाहिए।

 

5.चप्पल न पहनें – इस यात्रा के दौरान भक्तों को न सिर्फ साफ-सुथरे कपड़े पहनने चाहिए, बल्कि धार्मिक मान्यता के अनुसार यथासंभव नंगे पैर यात्रा करनी चाहिए और चप्पल या जूते पहनने से बचना चाहिए।

 

नोट: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

 

क्या पाकिस्तान में तख्तापलट होने वाला है, गृह मंत्री के बयान से बहस क्यों छिड़ी?


पाकिस्तान में निरंकुशता लगातार बढ़ती जा रही है। सेना हर जगह अपना नियंत्रण चाहती है या बना लिया है। विरोध करने वालों को जेलों में डाला जाता है। सोशल मीडिया और यूट्यूब पर बगावती स्वर अपनाने वाले लोगों के चैनलों को ब्लॉक कर दिया जाता है। हाल ही में 27 यूट्यूब चैनल को ब्लॉक करने का आदेश भी दिया गया। 

 

पाकिस्तान की भाषा में इसे हाईब्रिड निजाम कहा जाता है। जहां मुखौटे के तौर पर नागरिक सरकार होती है, लेकिन असली सत्ता सेना चला रही होती है। आज पाकिस्तान की सत्ता पर आसिम मुनीर का पूरी तरह से कब्जा हो चुका है। वे टॉयलेट को छोड़कर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ हर जगह मौजूद रहते हैं। दुनिया में विरला ही उदाहरण है, जहां सेना प्रमुख का अपने प्रधानमंत्री के साथ घूमना इतना आम है।

 

यह भी पढ़ें: 57 की मौत, 48 हजार लौटे; स्पेन में अचानक क्यों घुसे 60 हजार घुसपैठिये?

क्या आसिम मुनीर एक मौके की तलाश में? 

बलूचिस्तान, खैबर खख्तूनख्वा और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में जनता की नाराजगी व सेना के खिलाफ बढ़ती नफरत से आसिम मुनीर परेशान है। यही वजह है कि पाकिस्तान में एक बड़े व्यवस्था परिवर्तन की सुगबुगाहट चल रही है। कुछ पत्रकारों और जानकारों का आरोप है कि सेना सत्ता पर कब्जा करने फिराक में है। अगर कुछ बड़ा उथल-पुथल होता है तो आसिम मुनीर को अपनी पकड़ मजबूत करने का मौका मिल जाएगा। मुनीर अब उसी मौके की तलाश में है। इस बात को तब और बल मिला जब पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने व्यवस्था परिवर्तन की बात कह दी। पाकिस्तान की जनता, पत्रकार, छात्र और नागरिक संगठन अलग-अलग तरह से मोहसिन नकवी के बयान के मायने निकालने में जुटे हैं।

 

 

 

‘रेडलाइन क्रॉस नहीं करना चाहता’

पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने हाल में अपने एक बयान में कहा, ‘अल्लाह ने आपको एक इनायत (कृपा) दी है। एक बंदा (आसिम मुनीर) आपके लिए इतने बड़े-बड़े अवसर लेकर आ रहा है। सबसे बड़ा क्रेडिट उस शख्स को यह जाता है कि वह कोई रेडलाइन है, जो क्रॉस नहीं करना चाहता है। वो कहता है कि नहीं… इसी सिस्टम में ही और ठीक करना है।’ 

 

मोहसिन नकवी के इस बयान ने नई आशंका पैदा कर दी है। लोग पूछ रहे हैं कि नकवी कौन सी रेडलाइन की बात कर रहे हैं। क्या आसिम मुनीर तख्तापलट करना चाहते है? क्या रेडलाइन उन्हें ऐसा करने से रोक रही है।

कॉकरोच का जिक्र, व्यवस्था बदलने की बात

अपने बयान में मोहसिन नकवी ने कॉकरोच आंदोलन का जिक्र किया और कहा, ‘वे (युवा) सिर्फ एक चीज मांगते हैं कि अपना निजाम ठीक कर लें। हमें इंसाफ और मेरिट मिल जाए। नौकरी मिले। सबकुछ जायज तरीके से मिले। नौजवान जो चाहते हैं, वह हम नहीं दे पा रहे हैं। अब उन्हें नौजवान कहें या कॉकरोच कहें, लेकिन एक चीज मैं सबको बताऊंगा कि ये कॉकरोच अगर इकट्ठा हो गया तो ये हर चीज को उलट सकते हैं। इसके लिए जरूरी यह है कि वह जो मांगें, उसे दिया जाए।’

क्या ढह गया पाकिस्तान की सिस्टम?

मोहसिन नकवी के बयान का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह था कि उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की व्यवस्था ढह गई है। ‘जिस सिस्टम में हम जी रहे हैं, वह ढह गया है। आप मानें या न मानें। इसे 70 वर्षों से घसीटते आ रहे हैं।’

 

पाकिस्तान में अब जनता उनके बयान के पीछे की मंशा पर शक जता रही है। लोगों का सवाल है कि आसिम मुनीर के बेहद खास मोहसिन नकवी अचानक व्यवस्था ढह जाने की बात क्यों करने लगे हैं, क्या सेना के स्तर पर कुछ बड़ी प्लानिंग चल रही है, क्या उससे पहले मोहसिन नकवी दिमागी तौर पर जनता को तैयार करने में जुटे हैं।

 

यह भी पढ़ें: मिस्र तक पहुंची जंग, क्या दूसरा होर्मुज बनेगा लाल सागर, दुनिया टेंशन में क्यों?

लोकतंत्र की तारीफ और बुराई भी

मोहसिन नकवी ने आगे व्यवस्था बदलने तक की बात कही। उन्होंने कहा, ‘लोकतंत्र हम सब चाहते हैं। मैं उसका सबसे बड़ा समर्थक हूं और रहूंगा, लेकिन लोकतंत्र के अंदर ही चार-पांच तरह के निजाम है। मगर हम कहते हैं नहीं, जो मर्जी हो जाए, हमने इसी को घसीटना और चलाना है।’ 

 

मोहसिन नकवी के बयान से उन आशंकाओं को बल मिलता है, जिनमें दावा किया जा रहा है कि सेना सत्ता पर काबिज होना चाहती है, क्योंकि नकवी एक तरफ खुद को लोकतंत्र का पहरेदार बताने में जुटे हैं, जबकि दूसरी तरफ इस व्यवस्था की खामियां भी गिनाने में जुटे हैं। 

आसिम मुनीर को राष्ट्रपति बनाने का प्लान!

पाकिस्तान के पत्रकार अफताब इकबाल ने मोहसिन नकवी के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह एक ध्यान भटकना है। अगर सदारती निजाम (अध्यक्षीय शासन प्रणाली) ही लाना है। फील्ड मार्शल को पाकिस्तान का राष्ट्रपति बनाना है, उसे चुनाव जितवाना है, सूबों का आकार छोटा करना है तो यह घी तो सीधी अंगुली से भी निकल सकता है। इस पर आपको इतनी हिंसा क्यों थोपनी पड़ी? असल बात कुछ और है। वह है, पूरी तरह से नियंत्रण। 

आयूब, मुशर्रफ की राह पर मुनीर

अफताब इकबाल ने आयूब खान का उदाहरण दिया और कहा कि 1958 में उसने भी पूरा कंट्रोल करने के बाद ही पहला मार्शल लॉ लगाया था। वे आगे कहते हैं कि जियाउल हक ने भी पहले पावर को कंट्रोल किया। उसके जकड़ में मुकम्मल सबकुछ आ गया तो तब उसने इस्लामी निजाम का ढकोसला देकर 11 साल तक शासन किया। परवेज मुशर्रफ ने भी निजाम को अजगर की तरह जकड़ने के बाद सफर का आगाज किया था। 

 

अफताब इकबाल का कहना है कि आयूब खान और आज का दौर बिल्कुल अलग है। अगर आज आसिम मुनीर से कहा जाए कि आप अपनी कमान किसी और दे दें। फील्ड मार्शल बने, इलेक्शन जीते और इलेक्शन जीतना आपके बाएं हाथ का खेल है। आप आम चुनाव जीत चुके हैं तो रिफरेंडम और सदारती इलेक्शन जीतना का मसला ही कोई नहीं है। आप चाहे तो यह काम कर सकते हैं।

किसकी स्क्रिप्ट पर काम कर रहे आसिम मुनीर?

अफताब इकबाल आगे कहते हैं कि आसिम मुनीर कमान किसी और के हाथ में देने की कल्पना ही नहीं कर सकते। वह तो थोड़ी-बहुत बची कमान को भी काबू करने की कोशिश में है, क्योंकि हालात और वक्त ऐसा है कि किसी पर विश्वास नहीं किया जा सकता है। अगर वे इलेक्शन जीत भी गए तो कौन भरोसा करेगा। फॉर्म 47 के रिजल्ट कोई मानेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि आसिम मुनीर आयूब खान और जियाउल हक की स्क्रिप्ट पर काम कर रहे हैं। मगर अबकी बार के हालात पहले से अलग हैं।

बारिश, बाढ़, लैंडस्लाइड, अगले 7 दिन पड़ सकते हैं भारी, मौसम का हाल जानिए

देश के कई राज्यों में तेज बारिश मुश्किलें बढ़ा सकती है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुजरात, केरल, माहे, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी तथा कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके बाद बारिश में काफी कमी आने की उम्मीद है। 

पिछले 24 घंटों में गुजरात में कई जगहों पर 30 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जबकि तमिलनाडु, केरल और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश हुई। अगले एक सप्ताह में उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में भी तेज बारिश होने की संभावना है।

IMD के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बने कम दबाव क्षेत्र के कमजोर होने के साथ पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मानसून सक्रिय रहेगा। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका है। मछुआरों को भी समुद्र में जाने से पहले सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

 

यह भी पढ़ें: क्या गर्मियों में गर्म पानी से नहाना सेहत के लिए है फायदेमंद? डॉक्टर से जानिए

कैसा है देश का मौसम?

बीते 24 घंटों में गुजरात क्षेत्र में कई जगहों 30 सेंटीमीटर से ज्यादा की बारिश दर्ज की गई है। मध्य महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 21 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश हुई है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, तटीय कर्नाटक और मेघालय में 12-20 सेमी बारिश दर्ज हुई। उत्तराखंड, पश्चिमी मध्य प्रदेश, कोंकण-गोवा, झारखंड, लक्षद्वीप और नागालैंड में भी तेज बारिश हुई है।

अगले 7 दिनों तक, कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर भारत का क्या हाल है?

2 से 7 अगस्त के दौरान हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, उत्तराखंड में तेज बारिश होने की संभावना है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 2-7 अगस्त के बीच भारी बारिश की आशंका है। 1-2 अगस्त को राजस्थान में भी भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में आंधी-तूफान, बिजली चमकने और 30-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

मध्य भारत में कैसा रहेगा मौसम?

1 अगस्त को पश्चिमी मध्य प्रदेश, 4-7 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में व्यापक बारिश होने की संभावना है। विदर्भ में 1 अगस्त और 5-6 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी है। कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी आशंका है।

बारिश के बाद हुए जलभराव से गुजरते लोग। Photo Credit: PTI

यह भी पढ़ें: SPF 15, 30 या 50, भीषण गर्मी में कौन सा सनस्क्रीन लगाना सही? डॉक्टर से जानें

पूर्वी भारत में कैसा रहेगा मौसम?

अंडमान-निकोबार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड, ओडिशा और बिहार में 1-7 अगस्त के दौरान बड़े स्तर पर बारिश होगी। 1-5 अगस्त को झारखंड और अंडमान में आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 1-5 अगस्त को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर में कैसी हो सकती है बारिश?

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 1-7 अगस्त के दौरान बड़े स्तर पर बारिश की संभावना है। कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आंधी-बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। 


पश्चिम भारत में कैसा रहेगा मौसम?

कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में 1-7 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। आज गुजरात में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है।

दक्षिणी हिस्से में कैसी होगी बारिश?

केरल, माहे, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी से बहुत भारी तथा कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश होने की चेतावनी है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और लक्षद्वीप में भी अगले कुछ दिनों में भारी बारिश हो सकती है। 2 अगस्त को कर्नाटक और केरल में 50-70 किमी प्रति घंटा की तेज हवाएं चलने की आशंका है।

दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?

अगले 3 दिनों तक दिल्ली में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर और शाम को हल्की बारिश की संभावना है। अधिकतम तापमान 31-35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23-28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है।  

किन्हें सावधान रहने की जरूरत है?

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में 6 अगस्त तक समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना है। मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। भारी बारिश से पेड़ उखड़ सकते हैं, फसलें प्रभावित होंगी, कमजोर ढांचे क्षतिग्रस्त हो सकते हैं और निचले इलाकों में बाढ़-जलभराव की स्थिति बन सकती है।

सेहत के लिए हानिकारक है ये फूड कॉम्बिनेशन, बढ़ेगा बीमारियों का खतरा


स्वस्थ रहने के लिए पौष्टिक आहार लेना चाहिए। हम क्या खा रहे हैं? जितना जरूरी है। उतना ही यह भी जरूरी है कि किस चीज के साथ खा रहे हैं। क्या आप जानते हैं गलत फूड कॉम्बिनेशन खाने से सेहत को नुकसान पहुंचता है। इस वजह से आपको पाचन संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। गलत फूड कॉम्बिनेशन को लेने से शरीर को क्या नुकसान पहुंचता है? इसके बारे में हमने पौष्टिक आहार विशेषज्ञ और न्यूट्रीप्लस की डायरेक्टर डॉक्टर अंजलि फाटक से बात की।

 

डॉक्टर अंजलि के मुताबिक आयुर्वेद में कुछ खाद्य पदार्थों को एक साथ नहीं खाने की सलाह दी गई है। इसे गलत फूड कॉम्बिनेशन कहा जाता है। जब हम बार बार गलत कॉम्बिनेशन को अपनी डाइट में शामिल करते हैं तो पाचन कमजोर हो सकता है। आइए जानते हैं किन गलत फूड कॉम्बिनेशन को खाने से बचना चाहिए?

 

यह भी पढ़ें: स्किन टाइप के हिसाब से चुनें ब्लश, हर किसी की नजरें आप पर टिकेंगी

इन चीजों को साथ में न खाएं

1. आयरन युक्त भोजन + चाय/कॉफी – चाय और कॉफी में मौजूद टैनिन तथा पॉलीफेनॉल नॉन-हीम आयरन (पौधों से मिलने वाला आयरन) के एब्जॉप्शन को कम कर सकता है। इसलिए आयरन युक्त भोजन के तुरंत बाद चाय या कॉफी न लें।

 

2. ग्रेपफ्रूट + कुछ दवाइयां – ग्रेपफ्रूट में ऐसे प्राकृतिक कपाउंड होते हैं जो कई दवाओं (जैसे कुछ कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाएं, ब्लड प्रेशर की कुछ दवाएं) के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकते हैं। इससे दवा का प्रभाव बढ़ या घट सकता है। ऐसे मरीज डॉक्टर की सलाह के बिना ग्रेपफ्रूट का सेवन न करें।

 

3. कैल्शियम + आयरन सप्लीमेंट- दोनों सप्लीमेंट एक साथ लेने पर आयरन का एब्जॉप्शन कम हो सकता है। इनके बीच कम से कम 2 घंटे का अंतर रखें।

 

4. अत्यधिक नमक + प्रोसेस्ड फूड- दोनों मिलकर शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ाते हैं, जिससे हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और किडनी पर दबाव बढ़ सकता है।

 

5. शुगर वाली ड्रिंक्स + हाई-फैट फास्ट फूड– यह कॉम्बिनेशन अत्यधिक कैलोरी, शुगर और फैट को बढ़ावा देता है, जिससे मोटापा, फैटी लिवर और इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ता है।

 

6. हाई-प्रोटीन डाइट + कम पानी–  अधिक प्रोटीन लेने के साथ पर्याप्त पानी न पीने पर कब्ज, डिहाइड्रेशन और किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, विशेषकर पहले से किडनी रोग वाले लोगों में।

 

7. अधिक शराब + ज्यादा फैट वाला भोजन– यह कॉम्बिनेशन रक्त में ट्राइग्लिसराइड बढ़ा सकता है और पैंक्रियाज पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।

गलत फूड कॉम्बिनेशन के उदाहरण

  • मछली + दूध – आयुर्वेद में इसे सबसे गलत फूड कॉम्बिनेशन माना गया है।
  • दूध + खट्टे फल (संतरा, मौसंबी, नींबू आदि)
  • दूध + नमक (जैसे नमकीन दूध आधारित व्यंजन)
  • दूध + मूली
  • दूध + करेला
  • दूध + कुल्थी
  • दूध + खट्टा दही
  • शहद + घी समान मात्रा में
  • शहद को गर्म करना या बहुत गर्म भोजन/पानी में मिलाना
  • दही को रात में खाना, विशेषकर बिना काली मिर्च, सौंठ या अन्य उपयुक्त मसालों के
  • फलों के साथ भारी भोजन, विशेषकर भोजन के तुरंत बाद
  • तरबूज को अन्य भोजन के साथ खाना, क्योंकि आयुर्वेद इसे अलग से खाने की सलाह देता है।
  • गर्म भोजन के साथ बर्फ जैसा ठंडा पानी, क्योंकि इससे पाचन तंत्र प्रभावित हो सकती है।

अगस्त महीने में किन लोगों पर होगी धन की बरसात, किसे झेलना पड़ेगा आर्थिक नुकसान?


अगस्त का यह महीना कई लोगों के लिए फायदेमंद रहेगा, जिन्हें धन लाभ होगा। इस महीने के पहले दिन शनिदेव का विशेष प्रभाव रहेगा, जो यह संदेश देता है कि लोगों को मेहनत करनी होगी, तभी जाकर धन लाभ हो पाएगा। अंक ज्योतिष के नजरिए से आज का मूलांक 8 है, जो शनि ग्रह का अंक माना जाता है। अगस्त महीने में सभी लोगों पर भगवान शिव की कृपा बरसेगी, जिससे धन लाभ, नौकरी और व्यापार से जुड़े मामलों में लोगों को लाभ होगा। साथ ही इस महीने कई लोगों पर सूर्य देव का प्रभाव रहेगा, जिससे लोगों का आत्मविश्वास और लीडरशिप क्वालिटी बेहतर होगी।

 

इस महीने ग्रहों की स्थिति यह संकेत दे रही है कि मेहनत और सही योजना बनाने वाले लोगों को आर्थिक रूप से लाभ मिल सकता है। कुछ राशियों को अचानक लाभ के अवसर प्राप्त होंगे, जबकि कुछ को अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखने की जरूरत होगी। निवेश, नौकरी में बदलाव और व्यवसाय का विस्तार करना इस महीने कई लोगों के लिए शुभ रहेगा। धैर्य, अनुशासन और विवेकपूर्ण निर्णय पूरे महीने सफलता की कुंजी रहेंगे।

 

यह भी पढ़ें: Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा लिरिक्स हिंदी में, पाठ करने के फायदे जानें

राशिफल

 

मेष राशि

 

अगस्त महीना आपके लिए धन लाभ कमाने के कई अवसर लेकर आ रहा है, जिससे आपको आर्थिक लाभ होगा। ऑफिस में आपकी मेहनत की सराहना होगी और आय के नए स्रोत बन सकते हैं। पुराने अटके हुए पैसे वापस मिलने के संकेत हैं।

क्या करें: शेयर बाजार या नए व्यवसाय में रणनीतिक निवेश करें।

क्या न करें: जल्दबाजी या गुस्से में आकर कोई वित्तीय सौदा न करें।

 

वृषभ राशि

 

आर्थिक रूप से यह महीना मिला-जुला रहेगा। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन होने से लाभ मिल सकता है, हालांकि अचानक कुछ बड़े खर्च आपकी बजट योजना को बिगाड़ सकते हैं।

क्या करें: अपने मासिक बजट को सख्ती से पालन करें।

क्या न करें: किसी भी व्यक्ति को बिना लिखित प्रमाण के पैसा उधार न दें।

 

मिथुन राशि

 

आपको नए व्यापारिक संपर्कों की वजह से इस महीने आर्थिक लाभ मिलेगा। फ्रीलांसिंग या बिजनेस से जुड़े लोगों को विदेशी प्रोजेक्ट्स से अच्छा धन लाभ होने के योग हैं, जहां आपकी बुद्धि काम आएगी।

क्या करें: अपनी बातचीत के वजह से नए सौदों को अंतिम रूप दें।

क्या न करें: एक साथ कई जगह निवेश करने से बचें।

 

यह भी पढ़ें: 31 जुलाई राशिफल: मेष को धन लाभ, क्या मिथुन वालों को मिलेगा किस्मत का साथ?

 

कर्क राशि

 

इस महीने आर्थिक मामलों में थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता है। संपत्ति से जुड़े विवाद या पारिवारिक जरूरतों पर खर्च बढ़ सकता है। दफ्तर में सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा, लेकिन निर्णय अपने विवेक से लें।

क्या करें: शेयर बाजार में जानकारों की सलाह लेकर धन निवेश करें।

क्या न करें: बिना सोचे-समझे धन खर्च न करें।

 

सिंह राशि

 

इस महीने के पहले दिन का मूलांक 1 है, जिसके कारण सूर्य का प्रभाव आपको आर्थिक मजबूती देगा। आपकी लीडरशिप क्वालिटी की वजह से व्यापार में अच्छा मुनाफा मिलेगा। अगर कोई नया प्रोजेक्ट शुरू करना चाहते हैं, तो यह समय बिल्कुल सही है।

क्या करें: नए व्यापारिक विचारों पर काम शुरू करें।

क्या न करें: अपने भीतर आत्मविश्वास के साथ अहंकार को हावी न होने दें।

 

कन्या राशि

 

आर्थिक स्थिति के लिए यह समय आपके लिए बेहद शानदार रहेगा। ऑफिस में आपकी काम करने की क्षमता की वजह से धन लाभ होगा। पुराने कर्जों को चुकाने में सफलता मिलेगी, जिससे मानसिक तनाव कम होगा।

क्या करें: अपने खातों और निवेशों की नियमित समीक्षा करें।

क्या न करें: बिना पूरी जानकारी के किसी नई स्कीम में पैसा न लगाएं।

 

यह भी पढ़ें: सावन का महीना क्यों है खास? इन धार्मिक घटनाओं ने बढ़ाया इस महीने का महत्व

 

तुला राशि

 

जो लोग पार्टनरशिप में बिजनेस करते हैं, उन्हें कामकाज में जबरदस्त आर्थिक सुधार देखने को मिलेगा। कला, फैशन और मीडिया से जुड़े लोगों को बेहतरीन अवसर मिलेंगे। आपकी आर्थिक स्थिति पहले से अधिक संतुलित और मजबूत होगी।

क्या करें: बिजनेस पार्टनर के साथ संबंध सुधारें।

क्या न करें: दिखावे की वस्तुओं पर अनावश्यक खर्च न करें।

 

वृश्चिक राशि

 

इस महीने आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। नौकरी में स्थान परिवर्तन या जिम्मेदारियों में बदलाव के साथ धन लाभ के योग हैं। कोई भी गुप्त निवेश करने से पहले अनुभवी व्यक्ति की सलाह लें।

क्या करें: केवल सुरक्षित योजनाओं में पैसे लगाएं।

क्या न करें: जोखिम भरे या शॉर्टकट वाले तरीकों से पैसा कमाने का प्रयास न करें।

 

धनु राशि

 

अगस्त का महीना आर्थिक समृद्धि लेकर आएगा। किस्मत का पूरा साथ मिलेगा और पैतृक संपत्ति से लाभ होने की संभावना है। दूर की यात्राएं आपके लिए धन कमाने के नए द्वार खोल सकती हैं।

क्या करें: अपनी आय का कुछ हिस्सा भविष्य की योजनाओं के लिए निवेश करें।

क्या न करें: उत्साह में आकर अपनी वित्तीय योजनाएं किसी से शेयर न करें।

 

यह भी पढ़ें: 30 जुलाई का राशिफल: सावन महीने के पहले दिन क्या आप पर बरसेगी शिव जी की कृपा?

 

मकर राशि

 

इस महीने आपको धन से जुड़े फैसले सोच-समझकर लेने होंगे, वरना आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। आपकी निरंतर मेहनत रंग लाएगी। रियल एस्टेट और धातु के कारोबार से जुड़े लोगों को बड़ा लाभ हो सकता है।

क्या करें: धैर्य के साथ अपनी वित्तीय योजनाओं पर टिके रहें।

क्या न करें: अपने काम को टालने की आदत न अपनाएं।

 

कुंभ राशि

 

नया इनोवेटिव आइडिया आपके लिए धन कमाने का रास्ता बनाएगा। हालांकि शुरुआती लागत थोड़ी अधिक हो सकती है, जिससे बजट में कुछ खिंचाव महसूस होगा। कुल मिलाकर आर्थिक स्थिति नियंत्रण में रहेगी।

क्या करें: तकनीक माध्यमों का उपयोग करके व्यवसाय बढ़ाएं।

क्या न करें: बजट से बाहर जाकर किसी नए उद्यम में बड़ा पैसा न फंसाएं।

 

मीन राशि

 

आपका ज्ञान आपको सही वित्तीय निर्णय लेने में मदद करेगा। क्रिएटिव काम से जुड़े लोगों और अध्यात्म से जुड़े लोगों को इस महीने धन लाभ होने की संभावना है। हालांकि फालतू खर्चों पर लगाम लगाने से बचत में वृद्धि होगी।

क्या करें: वित्तीय सलाहकार की मदद से अपना पोर्टफोलियो व्यवस्थित करें।

क्या न करें: भावनाओं में बहकर कोई आर्थिक फैसला न लें।

 

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

उजैर बलोच के भाई जुबैर पर ‘धुरंधर’ अंदाज में फायरिंग, ल्यारी में बवाल


पाकिस्तान के कराची शहर के ल्यारी में एक बार फिर गैंगवार शुरू हो गया है। ल्यारी में कुख्यात गैंगस्टर उजैर बालोच के भाई जुबैर बालोच को दो अज्ञात हमलावरों ने मोटरसाइकिल से आकर गोली मार दी। जुबैर अपने सिंगू लेन वाले घर के बाहर बैठे हुआ था, तभी हमला हुआ। उसकी उम्र 40 साल है।

जुबैर, घर के बाहर था, तभी मास्क लगाए हमलावर मोटरसाइकिल पर आए और उन्होंने उस पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। गोली जुबैर के सीने और पेट में लगी। गंभीर रूप से घायल जुबैर को तुरंत सिविल अस्पताल कराची ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने इमरजेंसी सर्जरी की। 

यह भी पढ़ें: ‘छात्रों को गायब किया जा रहा’, बलोच एक्टिविस्ट ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

अंतिम सांसें गिन रहा है जुबैर?

जुबैर बलोच हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है। इस गोलीबारी में दो आम राहगीर भी घायल हो गए, उनमें से एक की हालत गंभीर है। हमलावर जब भाग रहे थे, तभी पास की एक दुकान के मालिक ने जवाबी फायरिंग की, जिसके बाद वे ओझल हो गए।

किसने की हत्या की कोशश?

घटनास्थल का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। सड़क पर अचानक हुई गोलीबारी और लोगों के भागने का नजर साफ झलक रहा है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। 

 

कराची पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि हमला निजी दुश्मनी की वजह से हुआ है या पुराने गैंगवार के चलते। पुलिस ने कहा कि दोनों संभावनाओं पर गहराई से छानबीन की जा रही है।

यह भी पढ़ें: ’80 पर्सेंट पाकिस्तानी गे हैं, बाकी बाइसेक्शुअल’, हिना बलोच के दावे पर मची खलबली

जुबैर बलोच कौन है?

जुबैर बालोच साल 2012 में कई आपराधिक मामलों में गिरफ्तार हुआ था। वह पिछले साल जेल से रिहा हुआ था। उसका बड़ा भाई उजैर बालोच अभी भी जेल में बंद है। उजैर बलोच को 2012 में पुलिस अधिकारियों पर हमले के मामले में मिलिट्री कोर्ट ने 12 साल की सजा सुनाई थी। बाद में 2020 में उसे जासूसी के आरोप में भी सजा मिली। 

ल्यारी क्या है?

ल्यारी इलाका कई दशकों से ड्रग तस्करी, वसूली और गैंग वॉर का बड़ा केंद्र रहा है। यहां रहमान डकैत के नाम से बदनाम सरदार अब्दुल रहमान बालोच और उनके प्रतिद्वंद्वी अरशद पप्पू जैसे गैंगस्टरों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था। 

 

यह भी पढ़ें: जमील जमाली से उजैर बलोच तक, ‘धुरंधर 2’ में असल जिंदगी से प्रेरित हैं ये 7 किरदार

फिर से ल्यारी में हो रहा गैंगवार?

रहमान डकैत की 2009 में पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई थी। उसके चचेरे भाई उजैर बालोच ने उनके गुट की कमान संभाली। इस इलाके में राजनीतिक दलों का भी कथित तौर पर संरक्षण मिलता रहा। यहां अपराध और राजनीति का गहरा गठजोड़ बना। पुलिस ज़ुबैर बालोच पर हुए हमले के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। ल्यारी में एक बार फिर तनाव है।

कारोबारी कैसे बनेंगे युवा? PMEGP योजना में लोन-सब्सिडी मिलने में बीत जा रहा समय


प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत आवेदन करने के बाद लोन और सब्सिडी मिलने में देरी पर लंबे समय से सवाल उठ रहा है। कई लोगों की शिकायत है कि आवेदन से लोन और सब्सिडी की प्रक्रिया में करीब 7 महीने तक का समय लग जाता है। बीती 30 जुलाई 2026 को लोकसभा सांसद श्रेयस एम. पटेल ने भी सरकार से पूछा कि PMEGP के तहत लोगों को मिलने वाले लोन और सब्सिडी में देरी क्यों हो रही है? सरकार का कहना है कि आवेदन को प्रोसेस करने में औसतन 58 दिन, बैंक की ओर से लोन मंजूर करने में 70 दिन और KVIC की ओर से मार्जिन मनी सब्सिडी जारी करने में 84 दिन लगते हैं। यानी आवेदन से लेकर सब्सिडी जारी होने तक पूरी प्रक्रिया में औसतन 212 दिन यानी करीब 7 महीने का समय लगता है। यह समय हर मामले में एक जैसा नहीं होता। बैंक, राज्य और आवेदन की स्थिति के अनुसार इसमें और ज्यादा समय भी लग सकता है। 

 

दूसरी ओर सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 5 साल में 7.36 लाख से ज्यादा आवेदन बैंकों ने रिजेक्ट किए। यह पूरा आंकड़ा 50 फीसदी से ज्यादा है। 2025-26 की बात करें तो इस साल 1,63,205 आवेदन आए, जिनमें से 74,499 आवेदन रिजेक्ट हो गए। यह आंकड़ा 45.65 फीसदी रहा। इसके अलावा, करीब 41,612 आवेदन पेंडिंग ही रह गए। 

 

यह भी पढ़ें: तमिलनाडु की रोक से केरल में घर नहीं बन पाएंगे? समझिए CM के चिट्ठी लिखने की वजह

क्या है PMEGP?

PMEGP (प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम) भारत सरकार की एक योजना है। इसका मकसद देश के बेरोजगार युवाओं को खुद का बिजनेस या उद्योग शुरू करने के लिए आर्थिक मदद लोन और सब्सिडी देना है। इस योजना के तहत मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र में नए उद्यम शुरू करने के लिए वित्तीय मदद दी जाती है, ताकि रोजगार के नए अवसर पैदा हों। इसके तहत सरकार, इसके तहत मैन्युफैक्चरिंग के लिए 50 लाख और सर्विस सेक्टर से जुड़े कारोबार के लिए 20 लाख तक का लोन ले सकते हैं।  

 

इस योजना में लोन लेने वाले लोगों को 2 खास कैटेगरी के भीतर भी 2 भागों में बांटा गया है। पहली कैटेगरी सामान्य वर्ग है, दूसरी कैटेगरी SC/ST/OBC/ महिला और दिव्यांगों के लिए है। इन दोनों की कैटेगरी में ग्रामीण और शहरी लोगों को अलग-अलग सब्सिडी भी दिया जाता है।  शहरी क्षेत्र के सामान्य लोगों को 15% और स्पेशल कैटेगरी को 25% की सब्सिडी दिया जाता है। इसके अलावा, ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देते हुए ग्रामीण सामान्य इन्टरप्रेन्योर को 25% और विशेष श्रेणी के लिए 35% सब्सिडी का प्लान है।

क्या कहते हैं आंकड़े?

सरकार द्वारा जारी पांच सालों के आंकड़ों से पता चलता है कि PMEGP के तहत हर साल बड़ी संख्या में आवेदन लंबित या अस्वीकृत रहे। आंकड़ों पर नजर डालें तो 2021- 22 में 2.63 लाख आवेदन आए, इनमें से केवल 1.08 लाख ही मंजूर हुए। इसी तरह 2022- 23 में 3.39 लाख में से 1.47 लाख और 2023-24 में 3.73 लाख में से 1.62 लाख आवेदन ही मंजूर हुए। वहीं साल 2024-25 में 2.45 लाख में से 1.08 लाख आवेदन ही आगे बढ़े, जबकि लगभग 1.96 लाख आवेदन रिजेक्ट हो गए। देखा जाए तो हर साल लगभग 50 फीसदी से ज्यादा आवेदन मंजूरी तक पहुंच ही नहीं पाए।

 

यह भी पढ़ें: 3 मेगा केमिकल पार्कों को मिली मंजूरी, जानिए कहां बनेंगे और किसे होगा फायदा?

 

बता दें कि PMEGP में आवेदन करने से लेकर सब्सिडी मिलने के बीच आवेदन और जरूरी दस्तावेजों की जांच की जाती है। इसके बाद बैंक यह देखता है कि लोन दिया जा सकता है या नहीं। इसके साथ ही बैंक लोन मंजूर होने पर लाभार्थी को अपना हिस्सा जमा करना होता है। इसके अलावा जहां जरूरी हो, वहां EDP प्रशिक्षण पूरा करना पड़ता है। इसके बाद बैंक सरकार से मार्जिन मनी (सब्सिडी) का दावा भेजता है, जिसके बाद सब्सिडी जारी की जाती है। इसी प्रक्रिया में 7 महीने तक का समय लग जाता है। कई मामलों में यह कम समय में भी हुआ है, तो कुछ में सब्सिडी मिलने तक 7 महीने से भी ज्यादा इंतजार करना पड़ा। 

देरी कम करने के लिए क्या कर रही है सरकार?

सरकार का कहना है कि वह PMEGP योजना की लगातार निगरानी कर रही है ताकि लोन मंजूरी और सब्सिडी जारी करने की प्रक्रिया तेज हो सके। इसके लिए लंबित आवेदनों की नियमित समीक्षा की जाती है। इसके लिए बैंकों और सरकारी अधिकारियों के साथ राज्य, जोन और जिला स्तर पर नियमित बैठकें होती हैं। इसके अलावा, आवेदकों की सुविधा के लिए PMEGP पोर्टल पर 1,000 से अधिक तैयार (मॉडल) प्रोजेक्ट रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि उन्हें परियोजना रिपोर्ट (DPR) बनाने में आसानी हो।

 

साथ ही सरकार ने कुछ नियमों में भी राहत दी है। अब मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 10 लाख रुपये तक और सेवा क्षेत्र में 5 लाख रुपये तक की परियोजनाओं के लिए शैक्षणिक योग्यता जरूरी नहीं है। वहीं 2 लाख रुपये तक की परियोजनाओं के लिए EDP प्रशिक्षण की अनिवार्यता भी हटा दी गई है, जिससे लोन मंजूरी की प्रक्रिया तेज हो सके। 

हेल्पडेस्क और जागरूकता अभियान

सरकार ने लोगों की मदद के लिए हर राज्य में PMEGP हेल्पडेस्क शुरू किए हैं। यहां आवेदन भरने, योजना की जानकारी लेने और किसी भी परेशानी में मदद मिलती है। इसके अलावा, लोगों को इस योजना और पैसों के सही इस्तेमाल की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। सरकार ने PMEGP पोर्टल को जन समर्थ पोर्टल से भी जोड़ दिया है। इससे अब आवेदन ऑनलाइन और पहले से आसान भी हो गया है। आवेदन की हर जानकारी मोबाइल पर SMS के जरिए मिलती रहती है। साथ ही, उद्यम (Udyam) रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी अब इसी पोर्टल पर उपलब्ध है। 

क्या चेहर पर रेजर इस्तेमाल करने से महिलाओं में मोटे आते हैं बाल?


महिलाओं को अक्सर कहा जाता है कि चेहरे पर रेजर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। रेजर का इस्तेमाल करने से बाल घने और मोटे आते हैं। इस बात को लड़कियां हमेशा से सुनते आई है। इस वजह से कई महिलाएं फेशियल रेजर का इस्तेमाल नहीं करती हैं। जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि फेशियल रेजर बिल्कुल सुरक्षित होता है। इससे बालों की न ग्रोथ बढ़ती है न ही घनापन आता है।

 

अगर आप सही तरीके से बालों को हटाते है तो मेकअप अच्छे से एब्जॉर्ब होता है और एक्सफोलिएशन भी होता है। हालांकि यह हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होता है। उन महिलाओं को रेजर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जिन्हें स्किन डिसऑर्डर या फिर हार्मोनल समस्या है।

 

यह भी पढ़ें: बचपन में फ्रूट जूस और शुगर ड्रिंक्स पीने से हाई BP का खतरा, स्टडी में दावा

क्या शेव करने से बालों की ग्रोथ ज्यादा होती है?

नहीं। जबकि सच यह है कि शेविंग से बाल त्वचा की सतह से हटता है और इसका त्वचा के नीचे मौजूद बालों से कोई लेना देना है। शुरुआत में शेविंग के बाद तुरंत बाद जो बाल आते हैं तो ऐसा लगता है कि मोटे और घने है। हालांकि बालों की मोटाई, रंग और बढ़ने की रफ्तार में कोई बदलाव नहीं आता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के विशेषज्ञों ने बताया कि शेविंग के बाद बालों की ग्रोथ पर कोई फर्क नहीं पड़ता है।

क्या महिलाओं के लिए शेविंग सुरक्षित है?

महिलाओं के लिए फेशियल शेव उतना ही सुरक्षित है जितना शरीर से बाल हटाना है। यह सुरक्षित तब तक है जब तक आप साफ रेजर का इस्तेमाल करते हैं। कई महिलाएं फेशियल हेयर को हटाने के लिए फेशियल रेजर का इस्तेमाल करती हैं। फेशियल रेजर का इस्तेमाल करने से बाल एकदम से निकल जाते हैं, त्वचा मुलायम हो जाती है और एक्सफोलिएट होती है जो डर्ट और गंदगी को हटाने का काम करता है। यह बहुत ही आसान तरीका है जिसमें दर्द भी नहीं होता है और पैसे भी कम खर्च होते हैं।

 

फेशियल रेजर का इस्तेमाल करते हुए कुछ महिलाओं को स्किन इरिटेशन, रेजर बर्न, इनग्रोन हेयर और रेडनेस की समस्या होती है। उन महिलाओं को रेजर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जिन्हें एक्ने, एक्जिमा या स्किन से जुड़ी बीमारी होती है।

 

यह भी पढ़ें: Tai Chi Walking: ताई ची वॉकिंग क्या है? जानें इसके फायदे और करने का सही तरीका

किन बातों का रखें ध्यान?

  • अगर आप शेविंग करने जा रहे हैं तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें।
  • अपने चेहरे को माइल्ड क्लींजर से साफ करें।
  • आप साफ और शार्प रेजर का इस्तेमाल करें।
  • अगर जरूरत लगे तो चेहरे पर फेशियल ऑयल या शेविंग जेल का इस्तेमाल करें।
  • रेजर चलाते समय त्वचा को टाइट रखें।
  • ब्लेड इस्तेमाल होने के बाद अच्छे से धो कर रखें।
  • शेविंग के बाद मॉश्चराइजर का इस्तेमाल करें।

मेष को धन लाभ, क्या मिथुन वालों को मिलेगा किस्मत का साथ?


शुक्रवार का यह दिन मेष, धनु और मिथुन राशि के लिए बेहद खास रहने वाला है। जहां एक तरफ मेष राशि के लोगों के लिए लिए गए फैसले लाभदायक साबित होंगे, वहीं दूसरी तरफ मिथुन राशि के लोगों को किस्मत का साथ मिलेगा। हिन्दू पंचांग के मुताबिक आज श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। पंचांग के अनुसार आज के दिन का मूलांक 4 है, जिसके स्वामी राहु देव हैं। मूलांक 4 का प्रभाव अचानक मिलने वाले नए विचारों, कूटनीतिक फैसलों और जीवन में बदलावों को दर्शाता है। ग्रहों की चाल की बात करें तो चंद्रमा आज कुंभ राशि में विराजमान रहेंगे, जिससे कुंभ राशि के लोगों को समाज में सम्मान मिलेगा। शुक्रवार होने के कारण मां लक्ष्मी की कृपा भी कुछ लोगों पर बनी रहेगी।


आज की ऊर्जा उत्साह और कर्मप्रधान रहेगी। यह दिन पुराने अटके कामों को पूरा करने का अवसर देगा। जहां राहु का मूलांक आपको लीक से हटकर सोचने की प्रेरणा देगा, वहीं चंद्रमा की स्थिति व्यावहारिक निर्णय लेने में मदद करेगी। हालांकि, किसी भी तरह की जल्दबाजी या अति उत्साह से बचना आज आपके हित में रहेगा। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।

 

यह भी पढ़ें: सावन का महीना क्यों है खास? इन धार्मिक घटनाओं ने बढ़ाया इस महीने का महत्व

राशिफल


मेष राशि


आज के दिन ऑफिस मीटिंग में आपकी राय की सराहना होगी। बिजनेस से जुड़े लोगों को आज सुबह 8:15 से 10:15 बजे के बीच निर्णय लेना चाहिए। जीवनसाथी के साथ बातचीत कर पाएंगे।
आज क्या करें: देवी लक्ष्मी की पूजा करें और उन्हें खीर का भोग लगाएं।
आज क्या न करें: जल्दबाजी में कोई भी धन निवेश संबंधी फैसला न लें।


वृषभ राशि


नौकरीपेशा लोगों को मान-सम्मान मिलेगा। व्यापार में रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है, जिससे आर्थिक स्थिति सुधरेगी। प्रेम जीवन में मिठास रहेगी। परिवार के साथ डिनर का प्लान बन सकता है।
आज क्या करें: सफेद रंग के कपड़े पहनें।
आज क्या न करें: किसी भी व्यक्ति से विवाद या कड़वे बोल बोलने से बचें।


मिथुन राशि


आज आपको किस्मत का साथ मिलेगा। बिजनेस पार्टनरशिप में पारदर्शिता रखें, बड़ा फायदा हो सकता है। लव पार्टनर के साथ चल रही अनबन खत्म होगी। रिश्ते में विश्वास और नजदीकियां बढ़ेंगी।
आज क्या करें: गणेश जी को दूर्वा (घास) अर्पित करें और मंत्रों का जाप करें।
आज क्या न करें: दूसरों के मामलों में दखल देने से बचें।

 

यह भी पढ़ें: 30 जुलाई का राशिफल: सावन महीने के पहले दिन क्या आप पर बरसेगी शिव जी की कृपा?


कर्क राशि


आज चंद्रमा आपकी राशि के आठवें भाव में विराजमान रहेंगे, इसलिए गाड़ी चलाते समय लापरवाही न बरतें। साथ ही धन के लेन-देन में सतर्कता रखें। लव पार्टनर की बातों को ठंडे दिमाग से समझें।
आज क्या करें: शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित करें।
आज क्या न करें: स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें।


सिंह राशि


आज का दिन आपके लिए बेहद शुभ और फलदायी रहेगा। नए सौदे फाइनल हो सकते हैं और नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। लव लाइफ में खुशहाली रहेगी। सिंगल लोगों को आज कोई नया और खास प्रस्ताव मिल सकता है।
आज क्या करें: सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें।
आज क्या न करें: अपने भीतर ओवर कॉन्फिडेंस को जगह न दें।


कन्या राशि


दफ्तर में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा, जिससे ऑफिस में आपके अटके काम पूरे होंगे। खर्चों में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। जीवनसाथी के साथ किसी बात को लेकर गलतफहमी हो सकती है।
आज क्या करें: गाय को हरी घास या पालक खिलाएं।
आज क्या न करें: लेन-देन के मामलों में किसी पर भरोसा न करें।

 

यह भी पढ़ें: 29 जुलाई का राशिफल: गुरु पूर्णिमा पर बृहस्पति जी के आशीर्वाद से काम बनेगा?


तुला राशि


कला, मीडिया और डिजाइनिंग से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन शानदार रहेगा। धन लाभ के अच्छे अवसर मिलेंगे। लव लाइफ भी बेहद बढ़िया रहेगी। पार्टनर के साथ यादगार पल बिताने का मौका मिलेगा।
आज क्या करें: मां दुर्गा की पूजा करें और मंदिर में लाल फूल चढ़ाएं।
आज क्या न करें: अपने जरूरी काम कल पर टालने की भूल न करें।


वृश्चिक राशि


प्रॉपर्टी या प्रॉपर्टी से जुड़े कामों में सफलता मिलेगी। नौकरी में अपने विचारों को खुलकर सामने रखें, सराहना मिलेगी। परिवार में किसी मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है। अपनों का पूरा सहयोग और प्यार मिलेगा।
आज क्या करें: चमेली के तेल का दीपक जलाएं।
आज क्या न करें: घर के सदस्यों के साथ बहस न करें।

 

धनु राशि


आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। छोटी दूरी की व्यावसायिक यात्राएं फायदेमंद साबित होंगी। साथ ही धन कमाने के साधन बढ़ेंगे। परिवार में भाई-बहनों और दोस्तों के साथ रिश्ते मजबूत होंगे। पार्टनर के साथ अच्छा समय बीतेगा।
आज क्या करें: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
आज क्या न करें: बिना सोचे-समझे किसी कागजात पर साइन न करें।

 

यह भी पढ़ें: भगवान शिव का प्रिय महीना, फिर भी सावन में क्यों नहीं होती शादी?


मकर राशि


आपके लिए आर्थिक रूप से यह दिन लाभकारी रहेगा। फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है। नौकरी में अधिकारियों से प्रोत्साहन और सम्मान मिलेगा। आपकी वाणी में सौम्यता रहेगी, जिससे लोग आपकी ओर आकर्षित होंगे।
आज क्या करें: शनिदेव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
आज क्या न करें: किसी को कड़वे शब्द न कहें।


कुंभ राशि


चंद्रमा आज आपकी राशि में विराजमान रहेंगे, इसलिए नए विचार और योजनाएं आपको सफलता की दिशा में ले जाएंगी। लव पार्टनर के साथ प्रेम बढ़ेगा और पुराना तनाव खत्म होगा।
आज क्या करें: पक्षियों के लिए पानी और अनाज की व्यवस्था करें।
आज क्या न करें: अपनी क्षमता से अधिक जिम्मेदारियां अपने ऊपर न लें।


मीन राशि


विदेशी कारोबार या कंपनियों से लाभ के योग हैं। हालांकि, आज बेवजह की भागदौड़ और बजट से बाहर जाकर खर्च हो सकता है। प्रेम जीवन में एक-दूसरे की निजता का सम्मान करें। शांत रहकर बात करने से रिश्ते संभलेंगे।
आज क्या करें: मंदिर में चने की दाल या बेसन के लड्डू का दान करें।
आज क्या न करें: किसी भी तरह के गैर-कानूनी काम से दूर रहें।


नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

समुद्र में तैरकर स्पेन में घुसी भीड़, मोरोक्को से सटे सेउता में क्या हो रहा है?

यूरोप और अफ्रीका को जोड़ने अलग करने वाले स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर के उत्तरी ओर स्पेन है और दक्षिण दिशा में मोरोक्को है। स्पेन का जो इलाका इस सीमा पर पड़ता है उसका नाम सेउता (Ceuta) है। अब पड़ोसी देश मोरोक्को से हजारों प्रवासी लोग अचानक स्पेन के सेउता में घुसने लगे हैं। इसका नतीजा यह हुआ है कि स्पेन ने सेउता में आर्मी तैनात करने का एलान कर दिया है। गुरुवार को सीमा पर तैनात सुरक्षाकर्मी बेबस हो गए और हजारों अवैध प्रवासी जबरन स्पेन में घुसने लगे। यह घटना बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि पहले ही प्रवासियों की समस्या से परेशान स्पेन के सामने इस बार थोक में लोग आ गए हैं। अवैध तरीके से घुस रहे इन लोगों को रोकने की कोशिश में स्पेन की ओर से फायरिंग भी की गई है और अभी तक कम से कम 9 लोगों की मौत भी हो चुकी है। 

 

स्थिति काबू में करने के लिए स्पेन की ओर से हजारों सैनिकों को सेउता भेजा जा रहा है। स्थानीय अधिकारियों ने मदद की मांग की है क्योंकि मोरोक्को की ओर से आ रहे अवैध प्रवासियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कोई पानी में कूदकर सेउता में घोषित कर रहा है तो कोई दीवार फांदकर। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई लोगों की मौत पानी में डूब जाने की वजह से भी हुई है। अब स्पेन की सरकार ने कहा है कि सेना अब सिविल गार्ड की मदद करेगी ताकि सेउता में सुरक्षा व्यवस्था बरकरार रखी जा सके। वहां के हालात देखने के लिए स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज और आंतरिक मामलों के मंत्री फर्नांडो ग्रांड-मरलास्का शुक्रवार को सेउता पहुंचे।

कैसे शुरू हुआ हंगामा?

दरअसल, इसी महीने स्पेन की सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि सेउता या मेलिला पहुंचने की कोशिश करने वाले जिन प्रवासियों को समुद्र के पास रोका गया है, उन्हें यूं ही मोरोक्को नहीं भेजा जा सकता है। इसके बाद से ही धीरे-धीरे पिछले कई दिनों सेउता पहुंचने वाले लोगों को संख्या बढ़ने लगी थी। हालांकि, गुरुवार को घटना इसी वजह से हुई या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। इन लोगों को सीमा पर रोका गया तो ये वहीं जमा होने लगे। देखते ही देखते कई सारे लोग समुद्र में उतकर स्पेन की सीमा में दाखिल होने लगे।

 

यह भी पढ़ें: नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा, तीन जिलों में कर्फ्यू; अब तक तीन की मौत

यह तरीका आसान लगा तो गुरुवार को हजारों लोग समुद्र में कूद गए और तैरकर या नाव लेकर स्पेन (सेउता) में दाखिल हो गए। कुछ की समय में सेउता के बीच पर रबर रिंग और फ्लिपर के सहारे लोग घुसते दिखने लगे। हजारों लोगों के अचानक घुसने से सेउता की कानून व्यवस्था खतेर में पड़ गई है। इसके बारे में सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि एक सीमा के बाद बॉर्डर पोस्ट को संभाला नहीं जा सका। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि स्पेन की सरकार फैसले लेने में देरी कर रही है जिसके चलते स्थिति बिगड़ रही है।

सेउता के नेता जुआन जीसस विवास ने भी मांग की है कि स्पेन सरकार इसमें तुरंत हस्तक्षेप करे। सेउता में सिविल गार्ड ऑफिसर्स के प्रतिनिधि राचिद सबीही ने कहा है, ‘स्थिति बेहद खराब है। व्यवस्था ध्वस्त हो गई है।’ हालांकि, स्पष्ट तौर पर संख्या नहीं बताई गई है लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि कम से कम 3 हजार लोग कुछ घंटों में ही स्पेन में घुस चुके हैं।  सेउता के नेता जुआन जीसस विवास ने कहा था कि पहले ही लगभग 300 प्रवासी हर दिन सेउता आ रहे थे जिसके चलते रिसेप्शन सेंटर पर भीड़ लगी रहती थी। अब वह मांग कर रहे हैं कि नेशनल इमरजेंसी घोषित की जाए और सेना लगाकर इन लोगों से निपटा जाए।

 

यह भी पढ़ें: मिस्र तक पहुंची जंग, क्या दूसरा होर्मुज बनेगा लाल सागर, दुनिया टेंशन में क्यों?

भौगोलिक स्थिति है बड़ा कारण

साल 1884 में जब अफ्रीका के कई हिस्सों को यूरोप के देशों में आपस में बांट लिया तभी कई स्पेन के कब्जे में आ गए। इसी क्रम में सेउता और मेलिला जैसे इलाके स्पेन के हिस्सा आए लेकिन ये स्पेन के मूल भूभाग से अलग हैं। नक्शे को देखेंगे तो भले ही सेउता स्पेन का हिस्सा हो लेकिन उसके और स्पेन के मेनलैंड के बीच में  स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर है। इसी तरह मेलिला भी भौगोलिक तौर पर स्पेन से अलग है लेकिन मोरोक्को से सटा हुआ है।

 

इन दोनों शहरों को मोरोक्को से अलग करने के लिए स्पेन ने तगड़ी बाड़बंदी कर रखी है लेकिन ऐसे कई घटनाएं हो चुकी हैं जिनमें यह देखा गया है कि ये इंतजाम नाकाफी साबित हुए हैं और हजारों लोग स्पेन में घुस गए हैं।

स्पेन में क्यों घुसने लगते हैं मोरोक्को के लोग?

स्पेन के लिए यह समस्या नई नहीं है। वह दशकों से अवैध प्रवासियों से परेशान रहा है। इसका एक बड़ा कारण दोनों देशों की आर्थिक स्थिति है। स्पेन एक अच्छी अर्थव्यवस्था वाला देश है तो मोरोक्को उशकी तुलना में गरीब देश है। स्पेन में प्रति व्यक्ति GDP लगभग 38 हजार डॉलर है तो मोरोक्को में की प्रति व्यक्ति GDP 5 हजार डॉलर से भी कम है। मोरोक्को में सिर्फ 39.1 प्रतिशत लोग ही कुछ न कुछ काम करते हैं। उस काम के लिए भी मोरोक्को में लगभग 613 डॉलर हर महीने मिलते हैं जबकि स्पेन में औसत सैलरी लगभग 2800 डॉलर है। 

 

समुद्र में तैरकर सेउता (स्पेन) में घुसते अवैध प्रवासी, Photo Credit: PTI 

 

ये कुछ कारण हैं जिनके चलते लोग मोरोक्को छोड़कर स्पेन में बस जाना चाहते हैं। नौकरी और जीवन के बेहतर मौके, बेहतर सुरक्षा और कई अन्य कारणों के चलते हर साल मोरोक्को के हजारों लोग स्पेन में घुसने की कोशिश करते रहते हैं।  

स्पेन और मोरोक्को के बीच समझौता

स्पेन ने अब यह भी बताया है कि अवैध रूप से सेउता में घुसे प्रवासियों को वापस भेजने के लिए मोरोक्को से उसका एक समझौता हुआ है। हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि इन लोगों को कब तक भेजा जाना है। स्पेन की राजधानी मैड्रिड में स्थित मोरोक्को के दूतावास ने कहा है कि कई क्रिमिनल नेटवर्क ऐसे हैं जो प्रवासियों को जबरन भेज रहे हैं और इसी की आड़ में इंसानों की तस्करी कर रहे हैं। मोरोक्को का कहना है कि वह इस तरह की गतिविधि का बिल्कुल समर्थन नहीं करता है। 

 

यह भी पढ़ें: न न करते कैसे जंग में कूदा सऊदी अरब? कूटनीति और पाकिस्तान… कुछ भी नहीं आया काम

 

बता दें कि साल 2021 में भी सेउता में इसी तरह की एक घटना हुई थी। तब सिर्फ 2 दिन में 8 हजार से ज्यादा अवैध प्रवासी सेउता में घुस गए थे। तब आरोप लगे थे कि स्पेन से चल रहे तनाव के चलते मोरोक्को ने सीमा पर नियंत्रण कम कर दिया था जिससे अवैध प्रवासियों के घुसने में आसानी हुई थी।