डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भीषण चक्रवाती तूफान अर्णब ने बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में लैंडफॉल ने भारी तबाही मचाया है। तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश, तूफानी हवाओं और समुद्र में ऊंची लहरों का प्रचंड रूप देखने को मिला।
विशाखापट्टनम और पड़ोसी राज्य ओडिशा के मल्कानगिरी में कई पेड़ उखड़ गए, जबकि काकीनाडा तट पर तेज हवाओं और अशांत समुद्र ने भारी तबाही मचाई।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, चक्रवात बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश और यानम तट के करीब लगभग ठहरा हुआ था। इस दौरान 120 से 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से निरंतर हवाएं चल रही थीं, जिनकी गति झोंकों के साथ 145 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई। सुबह 7 बजे के बाद से लैंडफॉल की इस प्रक्रिया के अगले तीन घंटों तक जारी रहने का अनुमान जताया गया।
विशाखापट्टनम, काकीनाडा और कोनासीमा में असर
विशाखापट्टनम के आरके बीच पर समुद्र में बहुत ऊंची लहरें उठती देखी गईं, जबकि आंध्र यूनिवर्सिटी के महिला इंजीनियरिंग कॉलेज के पास एक बड़ा पेड़ उखड़ गया। काकीनाडा के कई हिस्सों में भारी बारिश के चलते जलभराव हो गया।
वहीं, आंध्र प्रदेश के कोनासीमा जिले में बिजली के ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, जहां करीब 6,000 बिजली के खंभे गिर गए। प्रशासन ने पगाडाला पेटा सहित सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालकर पुनर्वास केंद्रों में पहुंचाया।
इसके साथ ही अगले कुछ घंटों में सामान्य समुद्री जलस्तर से 1 से 1.5 मीटर ऊंची तूफानी लहरों के निचले इलाकों में घुसने की चेतावनी दी गई।
स्कूल बने राहत शिविर
आंध्र प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्यभर के 609 स्कूलों को राहत शिविरों में बदल दिया, जहां बुधवार तड़के तक 854 लोगों को आश्रय दिया जा चुका था।
27 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे से 28 अक्टूबर की सुबह 4 बजे के बीच अनकापल्ली जिले के कन्नेउरीपालेम में सबसे अधिक 261.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।
इसके अलावा विजयनगरम में 259.74 मिमी और विशाखापट्टनम में 259.06 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
राहत-बचाव के पुख्ता इंतजाम
चक्रवात के मद्देनजर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि राज्य में 2,199 चक्रवात राहत शिविर तैयार किए गए हैं। बचाव कार्यों में बुजुर्गों, बच्चों, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है, जिसके तहत 2360 गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में शिफ्ट किया गया।
सीएम ने बताया कि 12 एनडीआरएफ और 10 एसडीआरएफ टीमों को संवेदनशील जिलों में तैनात किया गया है। इसके अलावा पुलिस, अग्निशमन सेवा, नौसेना और तटरक्षक बल को भी अलर्ट पर रखा गया है।
बिजली आपूर्ति की जल्द बहाली के लिए 8,400 से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, सतर्क रहें और प्रशासन का सहयोग करें।
उन्होंने लोगों को तूफान पूरी तरह शांत होने तक सुरक्षित शिविरों में ही रहने, जरूरी सामान व मोबाइल चार्ज रखने और समुद्र तटों, नदियों, बाढ़ के पानी व गिरे हुए बिजली के तारों से दूर रहने की हिदायत दी है।
ओडिशा में रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने ओडिशा के गंजाम, गजपति, रायगड़ा और नबरंगपुर जिलों के छिटपुट इलाकों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और 80 किमी प्रति घंटे तक के झोंके आने की आशंका है।
ओडिशा के अन्य दक्षिणी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट दिया गया है, जबकि भुवनेश्वर और कटक में 40 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। आईएमडी वैज्ञानिक संजीव द्विवेदी ने कोरापुट क्षेत्र में भूस्खलन और कीचड़ धंसने की आशंका जताते हुए लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है।