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17 साल के छात्र सार्थक सिद्धांत ने संसदीय समिति से क्यों की मुलाकात?


CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर उठे विवाद के बीच 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गए हैं। कक्षा 12 के इस छात्र को संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल मामलों की स्थायी समिति के सामने अपनी बात रखने के लिए बुलाया गया। आमतौर पर ऐसी समितियों के सामने वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ पेश होते हैं लेकिन इस बार एक छात्र की प्रस्तुति ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

 

सार्थक सिद्धांत ने CBSE की मूल्यांकन प्रक्रिया और उससे जुड़े टेंडर दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद कई सवाल उठाए थे। उनके दावों और विश्लेषण ने सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छेड़ दी, जिसके बाद संसदीय समिति ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्हें अपनी बात रखने का अवसर दिया।

 

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उत्तर पुस्तिका से शुरू हुई जांच

सार्थक 2025-26 बैच के कक्षा 12 के छात्र हैं। उनका कहना है कि जब उन्हें अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी मिली तो वह धुंधली और अधूरी थी। इसी अनुभव के बाद उन्होंने CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रक्रिया को समझने का फैसला किया। जांच के दौरान उन्होंने सार्वजनिक रूप से उपलब्ध टेंडर दस्तावेजों का अध्ययन शुरू किया और कई जानकारियां जुटाईं।

 

सार्थक का दावा है कि उन्होंने सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध CBSE के 576 टेंडरों की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने अपने निष्कर्ष एक ब्लॉग के माध्यम से सार्वजनिक किए। ब्लॉग में उन्होंने आरोप लगाया कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग से जुड़े टेंडर की कुछ शर्तों में बदलाव कर एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाया गया। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में करीब 15 कथित विसंगतियों का भी उल्लेख किया, जिससे यह मामला और चर्चा में आ गया।

 

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संसदीय समिति ने सुनी छात्र की बात

सार्थक के दावों के बाद संसद की स्थायी समिति ने उन्हें प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया। कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली समिति ने उनकी बात सुनने के साथ-साथ CBSE और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से भी जानकारी ली। अब समिति उपलब्ध दस्तावेजों और अधिकारियों के जवाबों की समीक्षा करेगी। इस पूरे घटनाक्रम ने परीक्षा मूल्यांकन प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

रेंट इकॉनमी का है जलवा, चीजें खरीदना नहीं किराए पर लेना पसंद करते हैं Gen-Z


आजकल के युवाओं की सोच अब पूरी तरह बदल रही है। पुराने जमाने में लोग सोचते थे कि जिंदगी में कामयाब होने का मतलब है अपना खुद का घर, अपनी गाड़ी और बहुत सारा सामान खरीदना लेकिन आज के युवा ऐसा नहीं सोचते। आज के युवाओं को कोई सामान खरीदना पसंद नहीं है बल्कि वे उसे किराए पर लेकर इस्तेमाल करना बेहतर समझते हैं। इसी बदलती सोच को रेंट इकोनॉमी कहते हैं और इसका सबसे बड़ा उदाहरण रेंटोमोजो नाम की कंपनी है जो फर्नीचर और घर के इलेक्ट्रॉनिक सामान किराए पर देती है। यह कंपनी अब इतनी बड़ी हो चुकी है कि शेयर बाजार में अपना 1,100 करोड़ रुपये से लेकर 1,200 करोड़ रुपये का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने जा रही है जो यह साबित करता है कि आज के भारत में किराए का यह बिजनेस कितना सफल हो चुका है।

 

आज के युवाओं की नौकरियां बहुत जल्दी-जल्दी बदलती हैं। वे आज एक शहर में हैं तो कल दूसरे शहर चले जाते हैं। ऐसे में भारी सामान खरीदना और उसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाना बहुत मुश्किल और पैसे खर्च करने वाला काम है। युवा सोचते हैं कि सामान खरीदने में लाखों रुपये फंसाने से अच्छा है कि उसे हर महीने थोड़े से पैसे देकर किराए पर ले लिया जाए। इससे पैसे भी बचते हैं और जब चाहें बिना किसी झंझट के दूसरे शहर शिफ्ट हुआ जा सकता है।

 

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रेंट पर सामान देने वाली कंपनियों की कमाई

युवाओं की इसी बदलती सोच की वजह से इस सेक्टर की कंपनियों को बहुत फायदा हो रहा है और रेंटोमोजो के आंकड़े इसका सीधा सबूत हैं। कंपनी पिछले लगातार तीन सालों से मुनाफे में चल रही है। सितंबर 2025 के आखिर के छह महीनों में कंपनी ने 177 करोड़ रुपये की कमाई की और इसे 61 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ जिसमें 33 करोड़ रुपये का टैक्स क्रेडिट भी शामिल है। हालांकि,  कोरोना महामारी के समय इस बिजनेस को बहुत नुकसान हुआ था। वित्तीय वर्ष 2025 में इसकी कमाई 38% की बढ़ोतरी के साथ 266 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी।

 

किराए पर चीजें मिलने से मीडल क्लास परिवारों और युवाओं को बहुत बड़ी राहत मिली है। अब किसी को भी घर या ऑफिस सेटअप करने के लिए एक साथ लाखों रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती। हर महीने छोटा सा किराया देकर लोग अपनी पसंद का महंगा फर्नीचर और गैजेट्स इस्तेमाल कर लेते हैं। इस वजह से बाजार में रेंट पर देने वाली कंपनियों की मांग दिम प्रतिदिन बढ़ती जा रही है जिससे एक्सेल, चिराते और एडलवाइस जैसे बड़े निवेशक भी इस सेक्टर में भारी पैसा लगा रहे हैं।

 

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भारी-भरकम लोन और कर्ज से दूरी

आजकल के युवा भारी-भरकम होम लोन या किसी भी तरह के बड़े कर्ज के जाल में फंसना नहीं चाहते। वे अपने जीवन को किसी बड़ी ईएमआई या कर्ज के बोझ से दबाना नहीं पसंद करते क्योंकि इससे वे एक ही जगह बंध जाते हैं। युवा इस लोन और कर्ज के झंझट से पूरी तरह दूर रहना चाहते हैं ताकि उनके पास जब चाहे करियर में नया फैसला लेने और बिना किसी मानसिक तनाव के आजादी से जीने का पूरा मौका रहे।

इन उपायों से मिलेगी बजरंगबली की कृपा, दिन होगा बेहतर


2 जून को मंगलवार है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज नक्षत्र और ग्रहों का अद्भुत संयोग बन रहा है, जो अधूरे पड़े कार्यों को तेज रफ्तार देगा। अंक ज्योतिष के नजरिए से आज का मूलांक 2 है, जो चंद्रमा की सौम्यता और संवेदनशीलता की ऊर्जा को दर्शाता है। आज सूर्य और बुध वृषभ राशि में रहेंगे, जबकि मंगल अपनी स्वराशि मेष में रहेगा। ग्रहों का यह तालमेल मानसिक संतुलन और शारीरिक ऊर्जा का संतुलन पैदा करेगा।

 

आज की ऊर्जा कर्म और धैर्य के बीच संतुलन बनाने की है। मंगलवार का दिन होने के कारण जहां एक तरफ फैसलों में सफलता मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ मूलांक 2 के प्रभाव से मन को शांति मिलेगी। यह दिन नए विचारों को जमीनी स्तर पर उतारने का अवसर देगा। इसलिए आज सोच-समझकर कदम उठाएं, तभी लाभ मिलेगा। वहीं व्यक्तिगत संबंधों में मधुर व्यवहार से बिगड़ते काम भी बन सकते हैं। आइए जानते हैं कि इस दिन का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है।

 

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राशिफल

 

मेष राशि

 

नौकरी में आपका पराक्रम बढ़ जाएगा। सहकर्मियों के सहयोग से नए प्रोजेक्ट पूरे होंगे। आज धन लाभ की संभावना है, हालांकि जल्दबाजी में निवेश करने से बचें। पुराने कर्जों से राहत मिल सकती है। जीवनसाथी के साथ रिश्ते अच्छे रहेंगे।

आज क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
आज क्या न करें: किसी भी काम में जल्दबाजी करने से बचें।

 

वृषभ राशि

 

आपकी राशि में बुधादित्य योग है, जिससे आपकी बुद्धि का लाभ मिलेगा। नौकरी में प्रमोशन या सराहना मिल सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। सुख-सुविधाओं पर खर्च होगा।

आज क्या करें: सुबह उठकर माता-पिता के पैर छुएं।
आज क्या न करें: किसी को भी उधार देने से बचें।

 

मिथुन राशि

 

नौकरी करने वाले लोगों के लिए दिन सामान्य रहेगा। व्यापार में कोई भी बड़ा सौदा करने से पहले दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच कर लें। खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे बजट बिगड़ सकता है। सोच-समझकर ही खर्च करें।

आज क्या करें: गाय को हरी घास या हरी सब्जियां खिलाएं।
आज क्या न करें: किसी भी विवाद में न फंसें।

 

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कर्क राशि

 

आज मूलांक 2 का प्रभाव आपकी राशि के स्वामी चंद्रमा को बल देगा। लेखन के क्षेत्र में काम करने वालों को बड़ी सफलता मिल सकती है। धन कमाने के नए रास्ते खुलेंगे। भविष्य के लिए निवेश की योजना बना पाएंगे।

आज क्या करें: शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें।
आज क्या न करें: पुरानी बातों को सोचकर अपना आज का दिन खराब न करें।

 

सिंह राशि

 

आज ऑफिस में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक मामलों में दिन मिलाजुला रहेगा। आमदनी अच्छी होगी, लेकिन कुछ अनचाहे खर्च भी सामने आ सकते हैं। परिवार में सुखद माहौल रहेगा।

आज क्या करें: सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल चढ़ाएं।
आज क्या न करें: कड़वी भाषा का प्रयोग न करें।

 

कन्या राशि

 

भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। नई नौकरी के प्रस्ताव मिल सकते हैं। व्यापार में नए साझेदार जुड़ने से लाभ होगा। धन के मामले में दिन शुभ है। शेयर बाजार या लॉटरी में सोच-समझकर लगाया गया पैसा लाभ दे सकता है। जीवनसाथी के साथ धार्मिक यात्रा पर जाने के योग हैं। बच्चों की तरफ से कोई शुभ समाचार मिल सकता है।

आज क्या करें: किसी जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न का दान करें।
आज क्या न करें: भाग्य के भरोसे बैठकर अपने प्रयासों को धीमा न होने दें।

 

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तुला राशि

 

आज आप पर काम का दबाव अधिक रह सकता है। विरोधियों से थोड़ा सतर्क रहें। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में उलझन हो सकती है। नया निवेश करने के लिए समय अच्छा नहीं है।

आज क्या करें: पक्षियों के लिए दाना और पानी की व्यवस्था करें।
आज क्या न करें: कोई नया काम या बड़ा व्यापारिक समझौता शुरू न करें।

 

वृश्चिक राशि

 

बिजनेस में जबरदस्त सफलता मिलेगी। नौकरी में आपके काम की तारीफ होगी और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। धन कमाने के बेहतरीन अवसर हाथ आएंगे। व्यापारिक निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद है।

आज क्या करें: हनुमान जी को बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं।
आज क्या न करें: पार्टनर से किसी भी तरह की बात न छुपाएं।

 

धनु राशि

 

नौकरीपेशा लोगों को अपने काम पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। खर्चों पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी है। कर्ज लेने या देने की स्थिति से पूरी तरह बचें। पुराने दोस्तों से मुलाकात हो सकती है, जिससे मन प्रसन्न रहेगा।

आज क्या करें: माथे पर चंदन का तिलक लगाएं।
आज क्या न करें: विवादों में बेवजह पड़ने से बचें।

 

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मकर राशि

 

विद्यार्थियों और युवाओं के लिए दिन बेहतरीन है। परीक्षा या इंटरव्यू में सफलता मिलेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। अचानक किसी पुराने माध्यम से धन की आमद हो सकती है। लव लाइफ में रोमांस बढ़ेगा।

आज क्या करें: भगवान गणेश की आराधना करें।
आज क्या न करें: किसी भी काम को कल पर टालने की आदत से बचें।

 

कुंभ राशि

 

ऑफिस के काम का तनाव हो सकता है। प्रॉपर्टी या रियल एस्टेट से जुड़े लोगों को थोड़ा संभलकर चलना होगा। जमीन खरीदने की योजना बन सकती है, लेकिन बजट का ध्यान रखकर ही आगे बढ़ें।

आज क्या करें: गरीबों को काले चने या भोजन का दान करें।
आज क्या न करें: घर के मामलों में बाहरी लोगों को दखल न करने दें।

 

मीन राशि

 

ऑफिस में आपके साहस में बढ़ोतरी होगी। छोटे भाइयों और दोस्तों के सहयोग से व्यापार का विस्तार होगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। आज के दिन किया गया निवेश लाभ दे सकता है।

आज क्या करें: हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं।
आज क्या न करें: अपनी योजनाओं के बारे में किसी अनजान व्यक्ति से चर्चा न करें।

 

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर बताया गया है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

 

‘भारत ही नहीं, हमने भी उनकी कुछ जगह कब्जाई’, नेपाल पीएम के बयान से बवाल


नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (Balen Shah) के एक बयान ने भारत-नेपाल सीमा विवाद को लेकर नई राजनीतिक और कूटनीतिक बहस खड़ी कर दी है। उन्होंने संसद में कहा कि यह विवाद केवल एकतरफा नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच कुछ क्षेत्रों में जमीन को लेकर विवाद और अतिक्रमण के आरोप मौजूद हैं। इस टिप्पणी के बाद नेपाल और पूरे क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है।

 

प्रधानमंत्री शाह ने रविवार को संसद में जानकारी दी कि काठमांडू और नई दिल्ली के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को हल करने के लिए दोनों देशों ने कूटनीतिक बातचीत शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में इतिहासकारों, सर्वेयरों और विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी ताकि एक निष्पक्ष समाधान तक पहुंचा जा सके।

 

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भारत और नेपाल के बीच कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा क्षेत्रों को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। दोनों देश इन इलाकों पर अपना-अपना दावा करते हैं। भारत का कहना है कि ये क्षेत्र उत्तराखंड का हिस्सा हैं और इस मुद्दे को बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री शाह ने बताया कि नेपाल ने भी भारत को इस विवाद से जुड़ा एक कूटनीतिक नोट भेजा है, जिसका भारत ने जवाब दिया है। दोनों पक्ष अब आपसी सहमति से समाधान निकालने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

दस्तावेजों की मदद से समाधान की कोशिश

PM शाह के अनुसार, दोनों देश अब ऐतिहासिक दस्तावेजों और रिकॉर्ड की गहन जांच करेंगे। इसके साथ ही विशेषज्ञों की एक संयुक्त टीम इस विवाद के समाधान में सहयोग करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह विवाद केवल वर्तमान का नहीं, बल्कि ब्रिटिश भारत के समय से जुड़ा ऐतिहासिक मुद्दा है।

 

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नेपाल में बयान पर शुरू हुई बहस

हालांकि, प्रधानमंत्री के बयान के बाद नेपाल के भीतर ही विरोध और बहस शुरू हो गई है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके बयान को गलत और भ्रामक बताया है। वहीं, नेपाल के पूर्व राजदूतों और विशेषज्ञों ने भी उनके दावे से असहमति जताई है। पूर्व राजदूत नीलाम्बर आचार्य ने कहा कि नेपाल द्वारा भारतीय भूमि पर कब्जे का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। वहीं, दीप कुमार उपाध्याय और सीमा विशेषज्ञ बुद्धि नारायण श्रेष्ठ ने भी स्पष्ट किया कि नेपाल ने कभी भारतीय क्षेत्र पर कब्जा नहीं किया। उनके अनुसार, सीमा पर कुछ तकनीकी और ऐतिहासिक मतभेद हैं, जिन्हें अतिक्रमण नहीं कहा जा सकता।

‘भारत में रहने पर शर्म आती है’, सिब्बल ने ऐसा क्या कहा जो भड़क गई बीजेपी


देश के जाने-माने वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने रविवार को एक ऐसा बयान दिया, जिससे बीजेपी आगबबूला हो गई। सिब्बल ने रविवार को कहा था कि उन्हें ऐसे देश में रहने पर शर्म आती है, जहां सत्तारूढ़ पार्टी लोकतंत्र की नींव को खत्म करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। इसी बयान पर बीजेपी ने सिब्बल पर हमला बोला है।

 

बीजेपी ने अपनी आलोचना करने के लिए वकील कपिल सिब्बल पर तीखा हमला बोला। बीजेपी ने कहा कि कपिल सिब्बल भारत से नफरत करने करते हैं। पार्टी का कहना है कि सिब्बल 2021 में पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा पर चुप थे।

 

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बीजेपी ने प्रतिक्रिया दी

दरअसल, उन्होंने यह बयान तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर दिया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एक वीडियो में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कपिल सिब्बल ने देश के सर्वोच्च न्यायालय में वकालत करके करोड़ों रुपये कमाए हैं, फिर भी वह भारत में रहने पर शर्म महसूस करने की बात करते हैं।

…तब क्यों चुप रहे सिब्बल?

पूनावाला ने कहा, ‘कपिल सिब्बल का कहना है कि उन्हें भारत में रहने पर शर्म आती है। सवाल यह है कि जब 2021 में चुनाव बाद हिंसा हुई और कथित तौर पर 300 से अधिक बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई, तब कपिल सिब्बल ने एक शब्द नहीं कहा। यही कपिल सिब्बल आरजी कर और संदेशखालि जैसे मामलों में भी चुप रहे।’

 

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भारत से नफरत क्यों?

शहजाद पूनावाला ने कहा कि सरकार से राजनीतिक मतभेद होना स्वीकार्य है, लेकिन कुछ विपक्षी नेताओं की प्रवृत्ति बीजेपी विरोध की आड़ में देश को निशाना बनाने की है। उन्होंने कहा, ‘बीजेपी का विरोध करना एक बात है, लेकिन भारत का विरोध क्यों? आप राजनीतिक मतभेद रख सकते हैं, लेकिन भारत से नफरत क्यों?’

 

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बारे में पूनावाला ने कहा कि किसी ने भी उनके साथ हुई बदसलूकी या हमले को सही नहीं ठहराया है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए कुछ लोगों के तृणमूल कांग्रेस से संबंध होने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि जो भी हो, किसी ने भी इस घटना को उचित नहीं ठहराया है।

मन की बात में जिन आमों की खूब हुई तारीफ, उनके बारे में क्या जानते हैं आप?


भारत में गर्मियों का मौसम आते ही हर घर में बस एक ही चर्चा शुरू हो जाती है और वह है फलों के राजा आम की। हमारे देश में शायद ही कोई ऐसा घर होगा जहां गर्मियों के दिनों में आम के स्वाद की बात न होती हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस बात को सामने रखा है कि भारत में मिलने वाली आम की अलग-अलग किस्में हमारे देश की असली शान हैं। उन्होंने बताया कि किस तरह देश के अलग-अलग राज्यों के आमों की अपनी खूबी हैं और क्यों ये इतने खास हैं। जगह बदलने के साथ ही आम का रूप, रंग और स्वाद पूरी तरह बदल जाता है और यही विविधता हमारे देश को सबसे अलग बनाती है।

 

इस सफर में महाराष्ट्र और कोंकण का हापुस यानी अल्फांसो हो या गुजरात का केसर ये सभी आमरस की जान माने जाते हैं। इसी तरह उत्तर प्रदेश का दशहरी, हमारी काशी का लंगड़ा और बिहार का जर्दालु आम, जिसकी खुशबू को लोग दूर से ही पहचान लेते हैं। जब हम दक्षिण भारत की बात करते हैं तो वहां बंगनपल्ली, तोतापरी, नीलम और मालगोवा जैसे आमों का स्वाद मिलता है जबकि बंगाल का हिमसागर और ओडिशा और आंध्र प्रदेश का सुवर्णरेखा आम अपनी मिठास देता है। 

 

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अल्फांसो या हापुस

महाराष्ट्र के कोंकण इलाके से आने वाले अल्फांसो को आमों का राजा कहा जाता है। यह भारत के सबसे महंगे और मशहूर आमों में से एक है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें रेशा बिल्कुल नहीं होता है। इसका चमकीला पीला रंग, तेज मिठास और बेहतरीन खुशबू हर किसी को पसंद आती है। इसके बिना गर्मियों में आमरस का मजा अधूरा रहता है।

केसर आम

गुजरात के जूनागढ़ और अहमदाबाद के इलाकों में होने वाला केसर आम अपनी खास खुशबू के लिए जाना जाता है। इसका नाम ‘केसर’ इसलिए है क्योंकि इसके अंदर का हिस्सा बिल्कुल असली केसर की तरह गहरा पीला और संतरी होता है। इस आम की खुशबू दूर से ही पहचानी जा सकती है और इसका स्वाद शहद की तरह मीठा होता है। लोग इसे भी आमरस बनाने के लिए बहुत खरीदते हैं।

दशहरी आम

उत्तर प्रदेश का दशहरी आम पूरी दुनिया में अपनी पतली गुठली और बेहद मीठे गूदे के लिए लोकप्रिय है। इसे भारत के सबसे पुराने और राजसी आमों में से एक माना जाता है। इसका छिलका बहुत पतला और हरा-पीला होता है। चूसकर खाने के लिए यह आम उत्तर भारत के लोगों की पहली पसंद है।

लंगड़ा आम

काशी का लंगड़ा आम उत्तर भारत के लोगों को सबसे ज्यादा पसंद आता है। यह आम पकने के बाद भी बाहर से हरे रंग का ही दिखता है लेकिन अंदर से यह बहुत रसीला और मीठा होता है। इसकी खुशबू बेहद तेज होती है और इसका स्वाद सबको बचपन के दिनों की याद दिला देता है।

जर्दालु आम

बिहार का जर्दालु आम अपनी प्यारी खुशबू के लिए जाना जाता है जिसे लोग दूर से ही पहचान लेते हैं। इसका हल्का पीला रंग और खास मिठास इसे बाकी आमों से बिल्कुल अलग बनाती है। इस आम की मांग देश के साथ-साथ विदेशों में भी बहुत ज्यादा है।

चौसा आम

बिहार और उत्तर भारत के इलाकों में पाया जाने वाला चौसा आम अपनी तेज मिठास और रस के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यह आम बाकी आमों के मुकाबले सीजन के थोड़े आखिरी दिनों में आता है। इसका छिलका चमकीला पीला होता है और इसका स्वाद बहुत ही लाजवाब होता है।

मालदा आम

बिहार का मालदा आम अपनी पतली त्वचा और बहुत ज्यादा गूदे के लिए पसंद किया जाता है। इसमें रेशा बिल्कुल नहीं होता जिसके कारण इसका इस्तेमाल चटनी, शेक और जूस बनाने में बहुत ज्यादा होता है। यह खाने में हल्का खट्टा-मीठा और बहुत रसीला होता है।

तोतापरी

दक्षिण भारत का यह आम अपने अलग आकार की वजह से आसानी से पहचान में आ जाता है। इसका नीचे का हिस्सा तोते की चोंच जैसा मुड़ा होता है इसलिए इसे तोतापरी कहते हैं। इसका छिलका थोड़ा मोटा होता है और यह स्वाद में बहुत ज्यादा मीठा नहीं होता। हल्का खट्टा होने की वजह से इसका इस्तेमाल सलाद, अचार और कमर्शियल मैंगो जूस बनाने में सबसे ज्यादा किया जाता है।

बंगनपल्ली 

आंध्र प्रदेश के कर्नूल जिले से आने वाला यह आम आकार में काफी बड़ा और अंडाकार होता है। इसका छिलका बहुत चिकना और हल्के पीले रंग का होता है। बंगनपल्ली की खास बात यह है कि इसका छिलका भी खाया जा सकता है और इसमें बहुत अच्छी महक होती है। दक्षिण भारत के घरों में गर्मियों की शुरुआत इसी आम को खाकर होती है।

सुवर्णरेखा

ओडिशा और आंध्र प्रदेश के इलाकों में मिलने वाला सुवर्णरेखा आम देखने में बहुत सुंदर होता है। इसके छिलके पर हल्के लाल और सुनहरे रंग की लाइनें दिखाई देती हैं जिसकी वजह से इसका नाम सुवर्णरेखा पड़ा है। यह आम स्वाद में बहुत मीठा और रसीला होता है। यह जल्दी खराब नहीं होता इसलिए इसे दूर-दूर के बाजारों में आसानी से भेजा जाता है।

नीलम आम

नीलम आम की खूबी यह है कि यह आकार में थोड़ा छोटा होता है और बाजारों में काफी लंबे समय तक देखने को मिल जाता है। वैसे तो यह गर्मियों में आता है लेकिन बारिश के मौसम में मिलने वाला नीलम आम सबसे ज्यादा स्वादिष्ट होता है। इसका स्वाद मीठे और खट्टे का एक बहुत बढ़िया मिक्स होता है।

 

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मालगोवा

दक्षिण भारत के सबसे अच्छे आमों में गिना जाने वाला मालगोवा आकार में काफी गोल और भारी होता है। इस एक आम का वजन काफी ज्यादा हो सकता है। हरे और पीले रंग की रंगत वाला यह आम अपने गाढ़े और मलाईदार गूदे के लिए मशहूर है जिसका स्वाद बहुत ही शानदार होता है।

हिमसागर

पश्चिम बंगाल का हिमसागर आम अपनी बढ़िया बनावट और तेज मिठास के लिए जाना जाता है। यह बाजार में बहुत कम समय के लिए आता है लेकिन लोग इसका बेसब्री से इंतजार करते हैं। इस आम के अंदर रेशा बिल्कुल नहीं होता जिससे मैंगो शेक और पारंपरिक बंगाली मिठाइयां बहुत स्वादिष्ट बनती हैं।

ग्रहों की चाल से आप होंगे मालामाल? जान लीजिए


1 से 7 जून का यह हफ्ता कई लोगों के लिए बेहद खास और लाभकारी रहने वाला है। हफ्ते की शुरुआत उत्साह और परिवर्तन की सोच को बढ़ावा देगी, जबकि हफ्ते के आखिर में कई लोगों का उत्साह कम हो सकता है। हफ्ते के पहले दिन का मूलांक 1 है, जो आत्मविश्वास और नई शुरुआत का प्रतीक है। इस हफ्ते ग्रहों के गोचर की वजह से लोगों के जीवन में बड़े बदलाव होंगे। देवगुरु बृहस्पति वृषभ राशि में रहेंगे, वहीं सूर्य और बुध मिथुन राशि में विराजमान रहेंगे। इसके अलावा मंगल देव मीन राशि में रहेंगे। ग्रहों की इस स्थिति का 12 राशियों के जीवन पर खास प्रभाव पड़ेगा।

 

इस पूरे सप्ताह ऊर्जा का मिश्रित प्रभाव रहेगा, जो हमें आर्थिक समृद्धि, करियर में नए मौके और पारिवारिक जीवन में संतुलन बनाने का मार्ग दिखाएगा। हफ्ते के शुरुआती दिन नई योजनाओं पर काम करना उत्तम रहेगा। साथ ही इस हफ्ते जुबान और गुस्से पर काबू पाना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक के सभी जातकों के लिए यह समय कैसा रहेगा और कौन से उपाय उनके भाग्य को चमका सकते हैं।

 

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राशिफल 

 

1. मेष राशि

 

ऑफिस में आपकी लीडरशिप क्षमता की तारीफ होगी। धन लाभ के योग हैं। जीवनसाथी के साथ तालमेल बना रहेगा। आप परिवार में किसी मंगल कार्य की रूपरेखा बना सकते हैं। स्वास्थ्य के नजरिए से आपको सिरदर्द या आंखों में थकान महसूस हो सकती है।

आज क्या करें: सुबह तांबे के कलश से सूर्य देव को जल चढ़ाएं।

आज क्या न करें: किसी भी व्यक्ति की बातों में आकर पैसा निवेश न करें।

 

2. वृषभ राशि

 

इस हफ्ते नौकरी करने वाले लोगों को प्रमोशन मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। घर में सुख-शांति का माहौल रहेगा। प्रेम जीवन भी सुखद रहेगा। इस हफ्ते आपकी ऊर्जा सामान्य से ज्यादा रहेगी। साथ ही जंक फूड खाने से बचें।

आज क्या करें: माता लक्ष्मी की पूजा करें।

आज क्या न करें: किसी को भी उधार देने से बचें।

 

3. मिथुन राशि

 

ऑफिस में पूरे हफ्ते काम का बोझ अधिक रहेगा। साथ ही सहकर्मियों के साथ बहस हो सकती है। इस हफ्ते आप फिजूलखर्ची कर सकते हैं, इसलिए बजट बनाकर पैसे खर्च करें। परिवार में गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं। जीवनसाथी का सहयोग आपको संभाल लेगा।

आज क्या करें: पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करें।

आज क्या न करें: इस हफ्ते कोई नया काम शुरू न करें।

 

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4. कर्क राशि

 

यह हफ्ता मीडिया से जुड़े लोगों के लिए शानदार रहेगा। व्यापारियों को लंबी दूरी की यात्रा से लाभ होगा। आमदनी सामान्य रहेगी। माता-पिता का भरपूर आशीर्वाद मिलेगा। दोस्तों के साथ कहीं बाहर घूमने का प्लान बन सकता है।

आज क्या करें: शिवलिंग पर दूध और जल चढ़ाएं।

आज क्या न करें: भावनाओं में आकर फैसला न लें।

 

5. सिंह राशि

 

नौकरी में आपके काम की तारीफ होगी। पैतृक संपत्ति से लाभ होने की संभावना है। सुख-सुविधाओं की चीजों पर धन खर्च हो सकता है। जीवनसाथी के साथ तालमेल बढ़ेगा। इस हफ्ते आपको अपने आलस से बचना होगा।

आज क्या करें: गाय को रोटी खिलाएं।

आज क्या न करें: ऑफिस में किसी पर गुस्सा न करें।

 

6. कन्या राशि

 

यदि आप नौकरी में बदलाव की सोच रहे हैं तो अच्छे प्रस्ताव मिल सकते हैं। इस हफ्ते आप अपना पुराना कर्ज चुकाने में सफल रहेंगे। परिवार में भाई-बहनों के साथ रिश्ते मजबूत होंगे। प्रेम जीवन में कोई सुखद सरप्राइज मिल सकता है।

आज क्या करें: भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाएं।

आज क्या न करें: किसी भी महत्वपूर्ण दस्तावेज पर बिना पढ़े हस्ताक्षर न करें।

 

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7. तुला राशि

 

नौकरीपेशा लोगों को अपने काम पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। इस हफ्ते अपने जीवनसाथी की भावनाओं का सम्मान करें। घर के बुजुर्गों के स्वास्थ्य की चिंता हो सकती है।

आज क्या करें: किसी जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न दान करें।

आज क्या न करें: घरेलू मामलों में किसी बाहरी व्यक्ति का दखल न होने दें।

 

8. वृश्चिक राशि

 

ऑफिस में आपका सम्मान बढ़ेगा। जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें सफलता मिल सकती है। व्यापार में मुनाफा बढ़ेगा। आर्थिक रूप से यह समय उन्नतिदायक है। लॉटरी या सट्टेबाजी से दूर रहें।

आज क्या करें: हनुमान जी के मंदिर जाकर सिंदूर और चोला चढ़ाएं।

आज क्या न करें: इस हफ्ते लड़ाई-झगड़े से बचें।

 

9. धनु राशि

 

शिक्षा और कंसल्टेंसी से जुड़े लोगों के लिए यह हफ्ता बेहद शुभ रहेगा। आप जमीन खरीदने की योजना बना सकते हैं, जो भविष्य के लिए अच्छा निवेश साबित होगा। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।

आज क्या करें: बड़ों का आशीर्वाद लें।

आज क्या न करें: काम के सिलसिले में बहुत ज्यादा जल्दबाजी करने से बचें।

 

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10. मकर राशि

 

इस हफ्ते आपको मेहनत का फल मिलेगा। पैसों के लेन-देन में सावधानी बरतें। उधार दिया हुआ पैसा वापस मिलने में थोड़ी कठिनाई आ सकती है। व्यस्तता के कारण परिवार को कम समय दे पाएंगे, जिससे जीवनसाथी थोड़ा नाराज हो सकता है। बैठकर बात सुलझाएं।

आज क्या करें: शनि चालीसा का पाठ करें और पीपल के वृक्ष के नीचे दीया जलाएं।

आज क्या न करें: किसी भी काम को कल पर टालने की आदत से बचें।

 

11. कुंभ राशि

 

ऑफिस में आपकी योजनाओं को बड़ी सफलता मिलेगी। शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। अविवाहित लोगों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं। वहीं विवाहित लोगों के लिए भी यह हफ्ता सुखद रहेगा।

आज क्या करें: दिव्यांग लोगों की मदद करें।

आज क्या न करें: अपने लक्ष्यों को दूसरों के साथ साझा न करें।

 

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12. मीन राशि

 

नौकरी में सीनियर्स का पूरा सहयोग मिलेगा। प्रॉपर्टी के व्यवसाय से जुड़े लोगों को बड़ा मुनाफा हो सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। सुख-साधनों पर खर्च बढ़ सकता है, जिससे मन खुश रहेगा। पार्टनर के साथ डिनर पर जाने का प्लान बना सकते हैं।

आज क्या करें: भगवान विष्णु की पूजा करें।

आज क्या न करें: बिना सोचे-समझे किसी को सलाह न दें।

 

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर बताया गया है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

चीनी सीमा के पास दहला म्यांमार; 100 से ज्यादा घर उड़े, 45 से अधिक मौतें, 70 घायल


म्यांमार के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में रविवार को हुए एक भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। इस हादसे में अब तक 45 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 70 लोग घायल बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक 100 से ज्यादा घर तबाह हो गए हैं। राहत और बचाव दलों के अनुसार, यह धमाका उस इमारत में हुआ, जहां खनन कार्यों में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक पदार्थ रखे गए थे।

 

यह घटना काउंगटुप गांव, नामखाम टाउनशिप में दोपहर के समय हुई। विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास के कई घर तबाह हो गए। यह इलाका चीन की सीमा से लगभग तीन किलोमीटर दूर है और यहां ताआंग नेशनल लिबरेशन आर्मी (TNLA) का नियंत्रण माना जाता है, जो म्यांमार की केंद्रीय सरकार के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष में शामिल है।

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राहत और बचाव कार्य जारी

न्यूज एजेंसी पीटीआई में छपे खबर में राहतकर्मियों के अनुसार रविवार शाम तक 46 शव बरामद किए जा चुके थे, जिनमें छह बच्चे भी शामिल हैं। सभी शवों को अंतिम संस्कार के लिए भेजा गया है। वहीं 74 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर बचाव कार्य लगातार जारी है और आशंका है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।

 

स्थानीय राहत दलों के मुताबिक धमाके के आसपास 100 से अधिक घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई इलाकों में भारी मलबा और धुआं देखा गया है। कुछ रिपोर्ट्स में मृतकों की संख्या 50 से 55 के बीच बताई जा रही है, जिससे स्थिति की गंभीरता और बढ़ गई है।

 

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विस्फोटक भंडारण को बताया जा रहा कारण

चीनी सरकारी मीडिया CCTV के अनुसार शुरुआती जांच में सामने आया है कि धमाका उस स्थान पर हुआ जहां खनन के लिए इस्तेमाल होने वाले बड़े पैमाने पर विस्फोटक रखे गए थे। TNLA ने भी स्वीकार किया है कि उनके आर्थिक विभाग द्वारा जेलिग्नाइट (Gelignite) खनन कार्यों के लिए रखा गया था और घटना की जांच जारी है।

 

म्यांमार 2021 के सैन्य तख्तापलट के बाद से लगातार राजनीतिक और सुरक्षा संकट से जूझ रहा है। देश के कई हिस्सों में सशस्त्र संघर्ष और विद्रोही समूहों की गतिविधियां जारी हैं। TNLA भी इन्हीं समूहों में से एक है, जो लंबे समय से क्षेत्रीय स्वायत्तता की मांग करता रहा है। फिलहाल स्थानीय प्रशासन राहत और पुनर्वास कार्यों में जुटा हुआ है, जबकि विस्फोट के कारणों की गहन जांच की जा रही है।

लद्दाख में 10 गुना बढ़ेंगी दुकानें, होटलों में भी पी सकेंगे शराब


केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर विनय कुमार सक्सेना ने लद्दाख की नई एक्साइज पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। इस नई एक्साइज पॉलिसी आने से लद्दाख में कई चीजों में बदलाव होगा, जिससे प्रदेश का रेवेन्यू बढ़ेगा।

 

लद्दाख में आबकारी नीति लाने का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ती नशीले पदार्थों और ड्रग्स पर निर्भरता को नियंत्रित करना और लोगों को कम अल्कोहल सामग्री वाले पेय पदार्थों के अधिक विकल्प उपलब्ध कराना है। इसके अलावा इसके जरिए लद्दाख में आबकारी नीति का मकसद पारदर्शी, जवाबदेही और रेगुलेटेड तरीके से एक्साइज रेवेन्यू को अनुकूलन बनाना है।

 

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सरकारी बयान में क्या है?

लद्दाख प्रशासन के एक बयान के मुताबिक, लद्दाख में अधिकृत हार्ड शराब की उपलब्धता सीमित होने की वजह से नशीले पदार्थों की ओर झुकाव बढ़ रहा था। नई नीति इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। नई आबकारी नीति का फोकस हाई अल्कोहल सामग्री वाली शराब की जगह कम अल्कोहल सामग्री वाले पेय पदार्थों को बढ़ावा देना है, जिससे उपभोक्ताओं के बीच एक सुरक्षित और नियंत्रित विकल्प उपलब्ध हो सके।

 

 

 

किए गए कई महत्वपूर्ण सुधार

इसके अलावा नीति में कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं, जिनका मकसद अवैध शराब व्यापार पर रोक लगाना, नियमन को मजबूत करना और पारदर्शी तरीके से आबकारी राजस्व को बढ़ाना है। सरकार का मानना है कि यह नीति न केवल राजस्व को सुव्यवस्थित करेगी बल्कि पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा देगी, क्योंकि अब पर्यटकों और स्थानीय लोगों को एक नियंत्रित और विविध विकल्प उपलब्ध होगा।

 

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ई-ऑक्शन के जरिए 20 शराब की दुकानें खुलेंगी

लद्दाख सरकार ने अपने पत्र में कहा है कि लोगों तक शराब की पहुंच को बेहतर बनाने और लगातार उपलब्धता पक्का करने के लिए, ई-ऑक्शन के जरिए 20 शराब की दुकानें खोली जाएंगी। पहले, लद्दाख में सिर्फ दो शराब की दुकानें ही चालू थीं। इसके मुताबिक, अब नए जिलों- नुब्रा, चांगथांग, शाम और जांस्कर में शराब मिलेगी, जिससे टूरिस्ट को ज्यादा आसानी होगी। पहले, शराब सिर्फ लेह शहर में ही मिलती थी।

 

इसमें कहा गया है कि अब होटल के कमरों सहित होटल के अंदर शराब पीने की इजाजत है। पहले, शराब सिर्फ बार में ही पी जा सकती थी। आबकारी नीति लाइसेंस लेने के लिए जरूरी दस्तावेजों की संख्या घटाकर सिर्फ 6 कर दी गई है। पहले, 16 दस्तावेजों की जरूरत होती थी।

गर्मी में क्यों बढ़ जाती है दाग-धब्बे और झाइयों की समस्या, कैसे करें बचाव?


गर्मी के मौसम में टैनिंग, अनइवन स्किन टोन, मुंहासे, दाग धब्बे और झाइयों की समस्या बढ़ जाती है। लोगों को लगता है कि गर्मी में सनस्क्रीन लगाने से सब ठीक हो जाएगा। यह हमारे स्किन केयर रूटीन के लिए जरूरी चीज है लेकिन इससे दाग-धब्बे ठीक नहीं होते हैं। ये त्वचा के दाग-धब्बों को नियंत्रित करता है।

 

दाग-धब्बे त्वचा में तब होते हैं जब शरीर अधिक मात्रा में मेलेनिन प्रोड्यूस करता है। ये पिगमेंट ही हमारी त्वचा की रंगत के लिए जिम्मेदार होता है। गर्मी के मौसम में मेलेनिन की मात्रा ज्यादा होती है जिसकी वजह से दाग-धब्बे ज्यादा दिखते हैं। कई लोगों को लगता है कि सिर्फ सनस्क्रीन लगाने से त्वचा सुरक्षित रहती है। ऐसा नहीं है। पिगमेंटेशन के बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं।

 

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सूरज की किरणें

सूरज से हानिकारक किरणें निकलती है जो पिगमेंटेशन को बढ़ाने का काम करती है। लंबे समय तक धूप में रहने से शरीर में मेलेनिन का उत्पादन बढ़ता है। कई लोग सीधा धूप में जाने से बचते हैं लेकिन गर्म टेंपरेचर में काम करते हैं। इस वजह से पिगमेंटेशन और टैनिंग की समस्या बढ़ जाती है।

 

सिर्फ वातावरण ही नहीं हार्मोनल असंतुलन, थायराइड डिसऑर्डर और तनाव वजह से भी पिगमेंटेशन का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा अनहेल्दी लाइफस्टाइल की वजह से भी त्वचा में रेडनेस, मुंहासे, दाग-धब्बे बढ़ते हैं।

सनस्क्रीन लगाते समय न करें ये गलती

ज्यादातर लोग सिर्फ सुबह के समय में सनस्क्रीन लगाते हैं और सोचते हैं कि दिन भर सूरज की हानिकारक किरणों से बचे रहेंगे। आप इस तरह की गलती न करें।

 

सनस्क्रीन कैसे लगाएं?

  • हमेशा एसपीएफ 30 या उससे ज्यादा का सनस्क्रीन लगाएं।
  • हमेशा सही मात्रा में सनस्क्रीन लगाएं।
  • हर 2 से 3 घंटे के बाद सनस्क्रीन लगाना जरूरी होता है।

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त्वचा का ध्यान कैसे रखें?

  • घर से बाहर निकलते समय छाता या टोपी लेकर निकलें।
  • धूप में चश्मा लगाकर निकलें।
  • जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें।
  • स्किन केयर रूटीन फॉलो करें।
  • दाग-धब्बों को दूर करने के लिए हमेशा त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेने के बाद ही दवा लें।