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दमकती त्वचा के लिए आलिया खाती हैं यह हेल्दी स्नैक, खुद बताया सीक्रेट


बॉलीवुड अभिनेत्रियों की त्वचा हमेशा चमकती रहती हैं। कोई भी इवेंट हो, पार्टी हो या नो मेकअप लुक हो, सेलेब्स के चेहरे पर हमेशा चमक बनी रहती है। हाल ही में अभिनेत्री आलिया भट्ट कान फिल्म फेस्टिवल 2026 में शामिल हुई थीं। उनके ग्लैमरस लुक ने दर्शकों का दिल जीत लिया था। इस इवेंट में जब आलिया से उनकी स्वस्थ त्वचा का सीक्रेट पूछा गया? उस समय उन्होंने जवाब दिया कि वह घर का बना स्नैक खाती हैं जो उनकी त्वचा और आंत के लिए फायदेमंद होता है। 

 

आलिया ने कहा, ‘घी हमारे आंत के लिए अच्छा होता है साथ ही हमारी त्वचा के लिए फायदेमंद होता है। घी का इस्तेमाल कर आप एक हेल्दी नाश्ता बना सकते हैं। इस डिश को बनाने के लिए आपको घी में थोड़ा सा गुड़ और दर दरा पीसा हुआ मूंगफली मिलना और घीसा हुआ नारियाल मिलाएं। यह एक स्किन स्नैक है। मैं इसे खाती हूं क्योंकि इससे मेरी त्वचा अच्छा लगती है।’

 

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आलिया ने शेयर किया स्किन केयर रूटीन

आलिया अक्सर अपने इंटरव्यू में घरेलू नुस्खों की बात करती है। मेडिकल रिसर्च के मुताबिक स्वस्थ आंत, हेल्दी फैट और त्वचा गुणवत्ता के बीच में सीधा संबंध है। घी में फैट सॉल्युबल विटामिन होता है जैसे कि विटामिन A, E, K पाया जाता है जो त्वचा को रिपेयर करता है और स्किन बैरियर को मेंटेन रखने में मदद करता है।

 

मूंगफली में हेल्दी फैट और एंटी ऑक्सीडेंट पाया जाता है। जबकि गुड़ में जरूर मिनरल्स पाए जाते हैं। जब आपकी आंत स्वस्थ रहती है तो त्वचा ज्यादा निखरी और खूबसूरत दिखती है। अगर आपको आंत संबंधी समस्याएं हैं तो चेहरे पर मुंहासे, रेडनेस और एलर्जी होने का खतरा ज्यादा रहता है।

 

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कैसे पाएं हेल्दी स्किन?

आपको उन चीजों को सेवन करना चाहिए जो पेट के लिए फायदेमंद होती है। अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर, फर्मेंटेड और संतुलित आहार को शामिल करें जो पाचन तंत्र को बेहतर करता है और शरीर को स्वस्थ रखता है। सिर्फ स्वस्थ खान-पान काफी नहीं ग्लोइंग त्वचा को लिए पर्याप्त नींद, तनाव कम लें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, धूप में कम निकलें। दमकती त्वचा के लिए इन सभी बातों का ध्यान रखें।

 

काशी की पंचकोशी यात्रा के कितने पड़ाव हैं? मंदिर से पौराणिक महत्व तक, सब जानिए


सनातन धर्म में उत्तर प्रदेश के काशी नगर को मोक्ष का नगर माना जाता है। माना जाता है कि मृत्यु के बाद इसी काशी में किसी भी व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। साल के अधिकमास महीने में काशी में पंचकोशी तीर्थ यात्रा शुरू होती है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक पंचकोशी यात्रा करने से भक्तों को मोक्ष मिलता है। इस साल यह यात्रा 17 मई से शुरू हो चुकी है, जो 15 जून महीने में खत्म होगी।

 

पंचकोशी यात्रा काशी के मणिकर्णिका घाट से शुरू होती है। उसके बाद भक्तगण पांच धर्म स्थलों के दर्शन करते हैं। ये स्थल कर्दमेश्वर, भीमचंडी, रामेश्वर, शिवपुर और कपिलधारा मंदिर हैं, जहां कई लोग पदयात्रा कर दर्शन करते हैं। यह पांचों पड़ाव लगभग 84 किलोमीटर लंबे मार्ग में स्थित हैं। अब सवाल उठता है कि इस यात्रा से जुड़ी पौराणिक कथा क्या है, साथ ही यह भी कि तीर्थयात्रा में हर पड़ाव का क्या महत्व है।

 

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क्या हैं पांच पड़ाव?


काशी की पंचकोशी यात्रा में सबसे पहले भक्त मणिकर्णिका घाट जाते हैं। उसके बाद पांच अलग-अलग मंदिरों के दर्शन किए जाते हैं। यह यात्रा पांच दिनों की होती है, जिसमें कई भक्त 84 किलोमीटर पैदल चलते हैं। हालांकि जिन लोगों को पैदल चलने में परेशानी हो, वे गाड़ी से भी यह यात्रा कर सकते हैं।


इस यात्रा में भक्त सबसे पहले कर्दमेश्वर मंदिर जाते हैं, जो यात्रा का प्रवेश द्वार माना जाता है। इस मंदिर में लोग महादेव के दर्शन करते हैं। उसके बाद दूसरा मंदिर भीमचंडी है। इस मंदिर में मां भीमचंडी विराजमान हैं, जहां जाकर लोग श्रद्धा भाव से पूजा करते हैं।


इसके बाद यात्रा का तीसरा पड़ाव रामेश्वर मंदिर है। इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां भगवान राम आए थे और शिवलिंग की स्थापना की थी। यात्रा का चौथा पड़ाव शिवपुर है। इस जगह को लेकर मान्यता है कि पांच पांडवों ने यहां शिवलिंग की स्थापना की थी। इसी शिवलिंग के दर्शन के लिए भक्त यहां आते हैं। इस यात्रा का आखिरी पड़ाव कपिलधारा है, जो वरुणा नदी के पास स्थित है।

 

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यात्रा से जुड़ी पौराणिक मान्यता


पौराणिक मान्यताओं के अनुसार एक बार राजा दशरथ जंगल में शिकार करने गए थे। जंगल में राजा दशरथ के वार से श्रवण कुमार की मृत्यु हो गई, जिसके बाद श्रवण कुमार के माता-पिता ने उन्हें श्राप दिया। राजा दशरथ के बड़े पुत्र राम को जब इस श्राप के बारे में पता चला, तब उन्होंने पंचकोशी यात्रा की थी, ताकि राजा दशरथ को श्राप से मुक्ति मिल सके।


नोट- यह लेख धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी की हम पुष्टि नहीं करते

सेक्युलर हो गया पाकिस्तान? इस्लामपुरा बनेगा कृष्ण नगर, हिंदू नामों पर जोर


पाकिस्तान के लाहौर में बंटवारे के करीब 79 साल बाद सड़कों, गलियों और चौकों के पुराने नामों को वापस लाया जा रहा है। वहां की पंजाब सरकार ने फैसला किया है कि 1947 के बंटवारे से पहले जो हिंदू, सिख, जैन और अंग्रेजों के जमाने के नाम थे उन्हें फिर से रखा जाएगा। बंटवारे के बाद इन जगहों के नाम बदलकर जो नए नाम रखे गए थे उन्हें अब हटा दिया जाएगा।

 

इस काम की शुरुआत पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज की कैबिनेट मीटिंग से हुई। इस मीटिंग में सरकार ने लाहौर के पुराने नामों को दोबारा इस्तेमाल करने के प्लान को मंजूरी दे दी। एक अधिकारी ने बताया कि पिछले दो महीनों में लाहौर के कई इलाकों में पुराने नामों वाले नए साइनबोर्ड लगने भी शुरू हो चुके हैं। अब तक ऐसी 9 जगहों को उनका पुराना नाम आधिकारिक रूप से वापस मिल गया है।

 

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किस जगह का नाम बदलकर क्या रखा गया?

सरकारी फैसले के बाद लाहौर की कई मुख्य जगहों के पुराने नाम वापस आ गए हैं जिसके तहत अब इस्लामपुरा को फिर से कृष्ण नगर, बाबरी मस्जिद चौक को जैन मंदिर चौक या जैन मंदिर रोड और सुन्नत नगर को संत नगर कहा जाएगा। इसी तरह मुस्तफाबाद को अब लोग फिर से धर्मपुरा के नाम से जानेंगे जबकि मौलाना जफर अली खान चौक को उसका पुराना और मशहूर नाम लक्ष्मी चौक वापस मिल गया है। इसके अलावा सर आगा खान रोड को बदलकर फिर से डेविस रोड, फातिमा जिन्ना रोड को क्वींस रोड और प्रसिद्ध बाग-ए-जिन्ना को अब उसके पुराने नाम लॉरेंस गार्डन्स के रूप में जाना जाएगा।

लोगों को हमेशा याद रहे ये नाम

भले ही सरकारी कागजों और बोर्ड पर बंटवारे के बाद नाम बदल दिए गए थे लेकिन लाहौर के आम लोगों ने इन नामों को कभी नहीं भुलाया। लाहौर संस्था के पूर्व अधिकारी कामरान लशारी बताते हैं कि वहां के चाय वाले, दुकानदार, रिक्शा चलाने वाले और आम लोग आपस में बातचीत के दौरान हमेशा इन्हीं पुराने नामों का इस्तेमाल करते थे। उनके लिए लक्ष्मी चौक हमेशा लक्ष्मी चौक ही रहा चाहे बोर्ड पर कुछ भी लिखा हो। उन्होंने कहा कि यह कोशिश लाहौर की उस पुरानी पहचान को अपनाने की है जो मुस्लिम, सिख, हिंदू, ईसाई और पारसी सभी से मिलकर बनी थी।

 

अमृतसर से सिर्फ 50 किलोमीटर दूर लाहौर कभी सभी धर्मों का एक साझा घर हुआ करता था। वहां के बाजार, कॉलेज, पार्क, अखाड़े, मंदिर और गुरुद्वारे सबके थे। 1947 के बंटवारे के समय हुई हिंसा के बाद ज्यादातर हिंदू और सिख परिवार वहां से चले गए। इसके बाद धीरे-धीरे उनसे जुड़ी जगहों के नाम बदल दिए गए लेकिन शहर के आम लोगों ने अपनी यादों को कभी मिटने नहीं दिया।

ऐतिहासिक इमारतें

लाहौर में 100 से ज्यादा ऐसी ऐतिहासिक इमारतें हैं जिन्हें सरकार अब सुधार रही है। इस काम के दौरान न सिर्फ सड़कों के नाम बदले जा रहे हैं बल्कि महाराजा रणजीत सिंह के सिख साम्राज्य से जुड़े ढांचों और पुराने चर्चों की मरम्मत भी की जा रही है। लाहौर के किले में सिख राजपरिवार की आखिरी वंशज प्रिंसेस बंबा सदरलैंड की एक पेंटिंग को भी ठीक किया गया है। कामरान लशारी ने बताया कि पहले जब महाराजा रणजीत सिंह की मूर्ति लगाने की कोशिश हुई थी तो उसे नुकसान पहुंचाया गया था लेकिन अब पिछले कुछ सालों में वहां का माहौल बदला है और लोग पुराने इतिहास को अपनाने लगे हैं।

 

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भी लाहौर के खेल के दौर को दोबारा जिंदा करने का सुझाव दिया है। उन्होंने लाहौर के पुराने क्रिकेट मैदानों और मिंटो पार्क जिसे अब ग्रेटर इकबाल पार्क कहते हैं उस पुराने कुश्ती अखाड़े को वापस शुरू करने की बात कही है। बंटवारे से पहले इस मैदान ने दोनों देशों को बड़े खिलाड़ी दिए हैं जैसे पाकिस्तान के इंजमाम-उल-हक और भारत के महान क्रिकेटर लाला अमरनाथ जिन्होंने 1947 से पहले यहीं ट्रेनिंग ली थी।

 

मिंटो पार्क का जो अखाड़ा तोड़ दिया गया था वहां कभी दुनिया के मशहूर गामा पहलवान और इमाम बख्श के कुश्ती मुकाबले हुआ करते थे। बंटवारे से पहले लाहौर के सभी हिंदू परिवार हर साल इसी पार्क में दशहरे का त्योहार मनाने के लिए एक साथ इकट्ठा हुआ करते थे। 

सीढ़ियां, खुदकुशी, CPR, 3 लोग और CCTV…, उलझी ट्विशा शर्मा डेथ केस की गु्त्थी

मध्य प्रदेश के भोपाल में हुई ट्विशा शर्मा की मौत की गु्त्थी अब उलझती जा रही है। ट्विशा शर्मा की सांस और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह का दावा है कि ट्विशा, सिजोफ्रेनिक थी, एक समय में दो पर्सनॉलिटी उसेक अंदर थी इसलिए उसने खुदकुशी की। कटरा हिल्स वाले घर से सामने आया एक CCTV फुटेज कुछ और इशारा कर रहा है। 

पुलिस शुरुआत में इसे आत्महत्या का मामला मान रही थी, लेकिन महिला के परिवार ने दहेज प्रताड़ना, मारपीट और हत्या के आरोप लगाए हैं। CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामला उलझता जा रहा है। एक वीडियो में ट्विशा घर की सीढ़ियां चढ़ रही हैं। वह ऊपर जाते दिखती हैं।

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मौत पर शक क्यों गहराया है?

ट्विशा शर्मा की मौत पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं कि यह हत्या है या आत्महत्या, यह बहुत साफ नहीं है। एक और वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें 3 लोग उन्हें बेसुध हालत में उतारते नजर आ रहे हैं। उनके पति उन्हें कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) दे रहे हैं। दो बार कोशिश करने के बाद भी ट्विशा शर्मा के शरीर में कोई हरकत नजर नहीं आई। 

पति फरार है, पुलिस ने 10 हजार के इनाम का एलान किया

एक वीडियो में ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह भी नजर आ रही हैं। वह कमरे में जाती नजर आ रहीं हैं। ट्विशा की मौत संदिग्ध इसलिए भी है कि मौत के बाद उनका पति फरार हो गया है, अभी तक नहीं आया है। भोपाल पुलिस ने एलान किया है कि जो भी शख्स, उनकी जानकारी देगा, उसे 10 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। 

शक गहरा, फिर भी सास को मिली जमानत

एक तरफ, ट्विशा की मौत की गुत्थी उलझती जा रही है, दूसरी तरफ भोपाल कोर्ट ने सोमवार को महिला की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दे दी। ट्विशा के पति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। 

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ट्विशा शर्मा का परिवार। PhotO Credit: PTI

मौत से पहले ट्विशा ने जताया था डर 

ट्विशा शर्मा ने अपनी मौत से कुछ दिन पहले अपनी मां को बताया था कि वह ससुराल में बुरी तरह फंस गई हैं और वापस मायके आना चाहती हैं। उन्होंने कहा था कि यहां न उन्हें रोने दिया जाता है और न ही मुस्कुराने का मौका मिलता है। 

ट्विशा को सिजोफ्रेनिक बता रही हैं सास

परिवार का आरोप है कि शादी के बाद ट्विशा का वजन 15 किलो कम हो गया था। पति ने अपनी जमानत याचिका में दावा किया है कि उनकी पत्नी मानसिक रूप से बीमार थी और नशे की आदती थी। सास गिरिबाला सिंह ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यही बात कही। गिरिबाला सिंह का कहना है कि वह सिजोफ्रेनिया से पीड़ित थीं और उनका इलाज चल रहा था। पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय SIT गठित की है। 

क्या कह रही है पोस्टमार्टम रिपोर्ट?

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में फांसी लगाकर आत्महत्या बताई गई है, लेकिन परिवार महिला के शरीर पर चोट के निशान बताकर नई पोस्टमॉर्टम की मांग कर रहा है। मामले की जांच चल रही है और पुलिस दहेज और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों पर काम कर रही है।

 

लंबे समय तक विटामिन B12 की कमी से हो सकता है कैंसर! स्टडी में दावा


हम सभी ने हमेशा विशेषज्ञों से सुना है कि संतुलित आहार लें, नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। ये दोनों चीजें शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी है। ज्यादातर लोगों को लगता है, हम तो स्वस्थ है। इन चीजों से क्या फर्क पड़ेगा? शरीर के लिए विटामिन और मिनरल्स बहुत जरूरी है। हम आपको एक ऐसे विटामिन के बारे में बता रहे हैं जिसकी कमी की वजह से कैंसर जैसी घातक बीमारी हो सकती है।

 

इसका नाम विटामिन बी12 है। भारत की आबादी के 50 से 75% लोग विटामिन बी12 की कमी से जूझ रहे हैं। ज्यादातर लोगों को इस विटामिन की कमी के बारे में पता नहीं चलता है। थकान, कमजोरी, पाचन संबंधी समस्याएं विटामिन बी12 की कमी के लक्षण है जिसे लोग नजर अंदाज कर देते हैं। इस वजह से सालों तक लोगों को इस विटामिन की कमी के बारे में पता नहीं चलता है। अब वैज्ञानिकों ने अपने शोध में पाया कि लंबे समय तक विटामिन बी12 की कमी से डीएनए प्रभावित होता है, कोशिकाओं का बढ़ना और सूजन है। ये तीनों चीजें कैंसर को बढ़ाने का काम करते हैं।

 

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विटामिन बी12 जरूरी क्यों है?

विटामिन बी12 को कोबालमिन कहा जाता है जो शरीर के लिए जरूरी होता है। ये रेड ब्लड सेल्स को बनाने का काम करता है जो मस्तिष्क के लिए जरूरी है। ये डीएनए को रिपेयर करने में मदद करता है। हर एक सेकेंड में शरीर की कोशकाएं टूटती हैं और नई कोशिकाएं बनती हैं। डीएनए अपने सेल्स को अच्छे से कॉपी करता है और उस प्रकिया के दौरान विटामिन बी12 सपोर्ट सिस्टम की तरह काम करता है।

 

जब शरीर में विटामिन बी12 की कमी होती है तब डीएनए अपने सेल्स को सही से नहीं बना पाता है। इस वजह से शोधकर्ताओं को लगता है कि इसका कैंसर से संबंध है। US National Institutes Of Health के शोधकर्ताओं के मुताबिक विटामिन बी12 डीएनए के बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अभी शोधकर्ता इस बात की पुष्टि करने में असमर्थ है कि विटामिन बी12 की कमी कैंसर होने का कारण हो सकता है। अभी इस तथ्य को साबित करने के लिए और शोध करने की जरूरत है।

 

किन चीजों में होता है विटामिन बी12?

  • मछली
  • अंडा
  • दूध और डायरी प्रोडक्ट
  • चिकन और लीन मीट

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विटामिन बी12 की कमी के लक्षण क्या है?

  • पर्याप्त नींद लेने के बावजूद थकान महसूस होना
  • हाथ और पैर सुन्न होना
  • याददाश्त कमजोर होना
  • चेहरा पीला पड़ना
  • सांस लेने में तकलीफ होना
  • लगातार कमजोरी होना

इस हफ्ते कैसी रहेगी आपकी किस्मत, कब आएंगे अच्छे दिन? पढ़ें साप्ताहिक राशिफल


मई 2026 का यह हफ्ता ग्रहों की चाल के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है। 18 मई से 24 मई 2026 के इस हफ्ते की शुरुआत ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से हो रही है। हफ्ते का मूलांक 9 है, जो मंगल के प्रभाव को दर्शाता है, साथ ही साहस, उत्साह और नई शुरुआत का प्रतीक है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस हफ्ते सूर्य और बुध वृषभ राशि में रहने वाले हैं, जबकि मंगल मीन राशि में और शुक्र अपनी खुद की राशि वृषभ में प्रवेश कर रहे हैं। ग्रहों की यह जुगलबंदी सभी 12 राशियों के जीवन में बड़े बदलाव ला रही है।


इस हफ्ते की ऊर्जा कर्मप्रधान रहने वाली है। हफ्ते की शुरुआत में चंद्रमा और मंगल के प्रभाव से लोगों की निर्णय लेने की क्षमता बढ़ेगी। हालांकि जल्दबाजी में आकर किसी भी बड़े निवेश या विवाद से बचना होगा। इस दौरान पुराने अधूरे कामों को निपटाने के लिए शुभ समय रहेगा, साथ ही नए लक्ष्यों की नींव रखने के लिए भी यह समय अनुकूल रहेगा। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक के जातकों के लिए यह पूरा हफ्ता कैसा रहने वाला है।

 

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राशिफल और उपाय


मेष राशि


यह हफ्ता आपके लिए मिले-जुले रहने वाला है। ऑफिस में आपकी ऊर्जा की तारीफ होगी। साथ ही सहकर्मियों के सहयोग से नए प्रोजेक्ट्स पूरे होंगे। बिजनेस में नई डील फाइनल हो सकती है। इस हफ्ते धन कमाने का मौका मिलेगा। जीवनसाथी का साथ मिलेगा।
आज क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें और लाल चंदन का तिलक लगाएं।
आज क्या न करें: किसी भी अनजान व्यक्ति के बहकावे में आकर बड़ा निवेश न करें।


वृषभ राशि


आपकी ही राशि में सूर्य और शुक्र का मिलन होगा। जिस वजह से आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा। नौकरी करने वाले लोगों को प्रमोशन मिलेगा या नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। बिजनेस में मुनाफा बढ़ेगा।
आज क्या करें: मां लक्ष्मी की पूजा करें और सफेद रंग के कपड़े पहनें।
आज क्या न करें: ऑफिस में गुस्सा करने से बचें।


मिथुन राशि


इस हफ्ते आपको सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत है। बेवजह की भागदौड़ की वजह से मन थोड़ा अशांत रह सकता है। नौकरी में काम का दबाव रहेगा। धन की स्थिति सामान्य रहेगी। भाई-बहनों से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। इसी वजह से अपनी जुबान पर लगाम रखें।
आज क्या करें: बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाएं।
आज क्या न करें: किसी को भी उधार देने से बचें।

 

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कर्क राशि


कर्क राशि वालों के लिए यह हफ्ता बेहद पॉजिटिव रहेगा। इच्छाओं को पूरा करने वाला साबित होगा। अटके हुए काम पूरे होंगे। ऑफिस में सीनियर्स का सहयोग मिलेगा। साझेदारी के बिजनेस में बड़ा लाभ हो सकता है। रुका हुआ धन वापस मिलने से आर्थिक पक्ष मजबूत होगा।
आज क्या करें: शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें।
आज क्या न करें: अपनी गुप्त योजनाएं या व्यावसायिक बातें किसी से शेयर न करें।


सिंह राशि


सिंह राशि के जातकों के लिए यह हफ्ता करियर में बड़ी सफलता लेकर आ रहा है। सरकारी क्षेत्र से जुड़े कामों में सफलता मिलेगी। व्यापारियों को कोई बड़ा टेंडर मिल सकता है।
आज क्या करें: प्रतिदिन सुबह सूर्य देव को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें।
आज क्या न करें: अति-आत्मविश्वास में आकर सहयोगियों का अनादर न करें।


कन्या राशि 


इस हफ्ते आपको भाग्य का साथ मिलेगा। धार्मिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। उच्च शिक्षा या विदेश से जुड़े काम करने वालों को अच्छी खबर मिलेगी। बिजनेस के नए काम लाभकारी साबित होंगे।
आज क्या करें: पक्षियों को दाना डालें और जरूरतमंदों की मदद करें।
आज क्या न करें: किस्मत के भरोसे बैठकर अपने जरूरी कामों को कल पर न टालें।


तुला राशि


तुला राशि वालों को इस सप्ताह थोड़ा संभलकर रहने की आवश्यकता है। ग्रहों की स्थिति उतार-चढ़ाव का संकेत दे रही है। ऑफिस में राजनीति का शिकार होने से बचें। बिजनेस के फैसले बहुत सोच-समझकर लें।
आज क्या करें: शुक्रवार को किसी कन्या को मिश्री या मीठी चीज दान करें।
आज क्या न करें: इस सप्ताह किसी भी नए काम की शुरुआत या बड़ा रिस्क न लें।

 

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वृश्चिक राशि


यह हफ्ता आपके वैवाहिक जीवन और व्यापारिक साझेदारियों के लिए अद्भुत रहने वाला है। आपके सोचे हुए काम समय पर पूरे होंगे। नए व्यापारिक संबंध बनेंगे, जो भविष्य में लाभ देंगे। नौकरी में आपके काम की सराहना होगी।
आज क्या करें: मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर में बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं।
आज क्या न करें: किसी भी विवादित मामले में गवाही देने  से बचें।


धनु राशि


धनु राशि वाले लोग अपने दुश्मनों को हरा पाएंगे। साथ ही पुरानी समस्याएं सुलझ सकती हैं। नौकरी करने वाले लोगों को ज्यादा काम करना होगा, जिसके बाद उन्हें मेहनत का मीठा फल मिलेगा।
आज क्या करें: गुरुवार के दिन केले के पेड़ की पूजा करें।
आज क्या न करें: किसी के भी साथ बातचीत में कड़वे शब्दों का प्रयोग न करें।


मकर राशि


मकर राशि के जातकों के लिए यह हफ्ता कला और शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर स्थापित करने वाला रहेगा। कुछ विद्यार्थियों का इस हफ्ते रिजल्ट आएगा।
आज क्या करें: शनिवार के दिन शनि चालीसा का पाठ करें और सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
आज क्या न करें: भावनाओं में बहकर कोई भी व्यावहारिक या व्यावसायिक निर्णय न लें।

 

 

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कुंभ राशि


इस हफ्ते आपका पूरा ध्यान सुख-सुविधाओं और पारिवारिक खुशियों पर रहेगा। ऑफिस में प्रोडक्टिव काम करने का मौका मिलेगा। रियल एस्टेट से जुड़े लोगों को बड़ा मुनाफा हो सकता है। घर की मरम्मत या नई गाड़ी खरीदने पर धन खर्च हो सकता है।
आज क्या करें: महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।
आज क्या न करें: घर के मामलों में बाहरी लोगों को दखल न देने दें।


मीन राशि


मीन राशि वालों के लिए यह हफ्ता आत्मविश्वास बढ़ाएगा। आपके बातचीत के कौशल की वजह से बिगड़े हुए काम भी बन जाएंगे। ऑफिस में आपकी प्लानिंग को हरी झंडी मिलेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। दोस्तों और भाइयों के सहयोग से धन कमाने के मौके मिलेंगे। पड़ोसियों और रिश्तेदारों के साथ रिश्ते अच्छे होंगे। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा।
आज क्या करें: भगवान विष्णु की आराधना करें और पीले रंग के फल दान करें।
आज क्या न करें: आलस को अपने ऊपर हावी न होने दें।


नोट: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। अपनी मेहनत पर विश्वास रखें और सकारात्मक सोच के साथ दिन का आनंद लें।

वीडी सतीशन ने ली शपथ, बने केरल के 13वें मुख्यमंत्री, मंत्री कौन हैं?


केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। वह केरल के 13वें मुख्यमंत्री बने हैं। उनके साथ 20 मंत्रियों ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। शपथ ग्रहण समारोह, तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में हुआ है। कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, गठबंधन के साथी, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी भी शपथ ग्रहण समारोह में नजर आए हैं।

केरल में कांग्रेस ने लेफ्ट की अगुवाई वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट को हराकर अपनी सरकार बनाई है। 140 सीटों वाले इस राज्य में यूनाइटेड डेमोक्रोटेटिक फ्रंट को 102 सीटों पर जीत मिली है। कांग्रेस ने सीएम चुनने में ही 10 से ज्यादा दिन लगा दिए थे। 

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शपथ ग्रहण में कौन-कौन शामिल हुआ?

वीडी सतीशन के शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हुईं। दिलचस्प बात यह है कि नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में वाम दल के नेता पिनराई विजयन भी शामिल हुए हैं। 

कांग्रेस खुश क्यों है?

दक्षिण भारतीय राज्यों में कांग्रेस का जनाधार बढ़ा है। एक राज्य में जनाधार खोकर भी कांग्रेस, सत्तारूढ़ गठबंधन हिस्सा बन गई है। कांग्रेस अब तीन दक्षिणी राज्यों में शासन कर रही है। कर्नाटक, तेलंगाना और केरल में कांग्रेस गठबंधन की सरकार है।  

वीडी सतीशन के साथ किन मंत्रियों ने शपथ ली है?

दो दिनों तक चले मंथन के बाद वीडी सतीशन ने शाम को लोक भवन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को 20 मंत्रियों की सूची सौंपी थी। कैबिनेट में रमेश चेन्निथला, के मुरलीधरन और एपी अनिल कुमार के साथ-साथ KPCC प्रमुख सन्नी जोसेफ भी शामिल हैं। रमेश चेन्नीथला भी मुख्यमंत्री पद की रेस में शामिल थे। IUML के वरिष्ठ नेता पीके कुन्हालीकुट्टी, RSP नेता शिबू बेबी जॉन, केरल कांग्रेस के नेता मॉन्स जोसेफ और केरल कांग्रेस (जैकब) के नेता अनूप जैकब भी नई कैबिनेट का हिस्सा हैं। 

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कौन हैं वीडी सतीशन?

वीडी सतीशन, लगातार 6 बार विधायक चुने गए हैं। वह केरल विधानसभा में नेता विपक्ष रह चुके हैं, अब वह मुख्यमंत्री बने हैं। साल 2001 में वह पहली बार विधायक बने, तब से अब तक, लगातार जीतते आए हैं। पारावुर विधानसभा, वीडी सतीशन का गढ़ है। 

दूनागिरी, अग्रय और संशोधक, 3 युद्धपोत जो बढ़ाएंगे नौसेना की ताकत, खूबियां समझिए


भारतीय नौसेना जल्द ही अपने बेड़े में तीन नए स्वदेशी युद्धपोत शामिल करने जा रही है। इनमें डुनागिरी, अग्रय और संशोधक नाम के जहाज शामिल हैं। इन तीनों की खास  बात यह है कि इन्हें पूरी तरह भारत में डिजाइन और तैयार किया गया है। इन युद्धपोतों के शामिल होने से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री ताकत और मजबूत होगी और इन तीनों को अलग-अलग कामों के लिए बनाया गया है। 

 

खास बात यह है कि इन जहाजों का निर्माण कोलकाता की सरकारी कंपनी ‘गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स’ ने किया है। यह कंपनी पिछले कुछ सालों में भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता का बड़ा केंद्र बनकर उभरी है। चीन की बढ़ती समुद्री गतिविधियों और हिंद महासागर में उसके प्रभाव को देखते हुए भारत लगातार अपने नौसैनिक बेड़े को आधुनिक बना रहा है और इसी रणनीति के तहत इन जहाजों को शामिल किया जा रहा है। 

 

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क्या है इन जहाजों की खासियत?

इन तीनों जहाजों की खासियत अलग अलग है और इन्हें अलग सैन्य जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। डुनागिरी एक आधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट है, जो दुश्मन की रडार प्रणाली से बचते हुए लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम है। वहीं अग्रय को समुद्र के उथले इलाकों में पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। संशोधक एक बड़ा सर्वे जहाज है, जिसका इस्तेमाल समुद्री नक्शे तैयार करने, गहराई मापने और नौसेना के लिए जरूरी समुद्री जानकारी जुटाने में होगा। इन तीनों जहाजों का एक साथ शामिल होना भारत की आत्मनिर्भर रक्षा नीति के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। 

डुनागिरी पर तैनात रह सकते हैं 225 सैनिक

डुनागिरी को प्रोजेक्ट 17ए के तहत बनाया गया है, जिसे भारतीय नौसेना का सबसे आधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट प्रोग्राम माना जाता है। करीब 45 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत कई अत्याधुनिक युद्धपोत बनाए जा रहे हैं। डुनागिरी इस सीरीज का पांचवां जहाज है। इसकी लंबाई लगभग 149 मीटर है और इसका वजन करीब 6670 टन है। यह जहाज ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल, बराक 8 एयर डिफेंस सिस्टम और आधुनिक रडार तकनीक से लैस है। यह समुद्र में 28 नॉट की रफ्तार से चल सकता है और इसमें करीब 225 नौसैनिक तैनात रह सकते हैं। युद्ध के दौरान यह जहाज दुश्मन के विमान, मिसाइल और पनडुब्बियों से मुकाबला करने में सक्षम होगा। 

 

भारतीय नौसेना के लिए यह स्टील्थ फ्रिगेट इसलिए भी अहम है क्योंकि इसमें करीब 75 प्रतिशत स्वदेशी उपकरण और तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसका मतलब यह है कि भारत अब युद्धपोत निर्माण में विदेशी तकनीक पर कम निर्भर होता जा रहा है। नौसेना के लिए यह बदलाव रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे न केवल रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी बल्कि भारतीय कंपनियों और इंजीनियरों को भी बड़े स्तर पर अवसर मिलेंगे। हाल के वर्षों में भारत ने युद्धपोत, मिसाइल और रक्षा तकनीक के क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है और डुनागिरी उसी दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। 

अग्रय में क्या खास है?

अग्रय की बात करें तो यह एक एंटी सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट है। इसे खास तौर पर समुद्र के उथले हिस्सों में पनडुब्बियों का पता लगाने और उन पर हमला करने के लिए तैयार किया गया है। यह जहाज करीब 77 मीटर लंबा है और इसमें आधुनिक सोनार सिस्टम, हल्के टॉरपीडो और रॉकेट लॉन्चर लगाए गए हैं। भारत के लिए ऐसे जहाजों की जरूरत इसलिए बढ़ी है क्योंकि हिंद महासागर में चीन की पनडुब्बियों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में अग्रय जैसे जहाज भारत की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे। 

 

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समुद्री सर्वे में मदद करेगा संसोधक

संशोधक एक बड़ा सर्वे जहाज है, जो समुद्री सर्वेक्षण और हाइड्रोग्राफिक मिशनों के लिए इस्तेमाल होगा। इसकी लंबाई करीब 110 मीटर है और यह गहरे समुद्र से लेकर बंदरगाहों तक का सर्वे करने में सक्षम है। इस जहाज में हेलीकॉप्टर संचालन की सुविधा भी दी गई है। जरूरत पड़ने पर इसे राहत और बचाव अभियान, अस्पताल जहाज और मानवीय सहायता मिशनों में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। नौसेना के लिए समुद्री नक्शे और गहराई की सटीक जानकारी बेहद जरूरी होती है और संशोधक इसी काम को और बेहतर बनाएगा। 

गर्मी में कम हो गया है त्वचा का ग्लो? इन तरीकों से लौटेगा चेहरा का नूर


गर्मी के मौसम में धूप, प्रदूषण और घंटों स्क्रीन देखने की वजह से त्वचा बेजान और रूखी नजर आती है। इन चीजों की वजह से त्वचा पर मुंहासे, फाइन लाइंस की समस्या होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इस मौसम में टेनिंग की समस्या होना आम बात है। कुछ लोग इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए घरेलू नुस्खें का इस्तेमाल करते हैं। कुछ लोग केमिकल बेस्ड प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है। इस वजह से किसी भी तरह के प्रोडक्ट के इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट जरूर करवाएं। 

 

अगर गर्मी में आपकी त्वचा भी डल और बेजान नजर आती हैं तो हम आपको कुछ टिप्स बता रहे हैं जिसकी मदद से त्वचा ग्लोइंग और चमकदार लगेगी। आपको अपने स्किन केयर रूटीन में इन टिप्स को शामिल करना है।

 

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गर्मी में त्वचा का कैसे रखें ख्याल

स्क्रब लगाना छोड़ें

 

अक्सर लोग त्वचा की डेड स्किन को हटाने के लिए स्क्रब करते हैं। स्क्रब करने से त्वचा में जमी गंदगी हट जाती है और चेहरा साफ हो जाता है लेकिन इससे रेडनेस की समस्या भी हो सकती है। आप त्वचा की चमक को बढ़ाने के लिए एएचए (AHA) और बीएचए (BHA) वाले केमिकल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें। ये चीजें त्वचा को हाइड्रेट रखती हैं। साथ ही ड्राइनेस की समस्या नहीं होती है। आप एचए और बीएचए टोनर या सीरम का इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

एंटी ऑक्सीडेंट का इस्तेमाल करें

 

त्वचा की चमक को बढ़ाने के लिए एंटी ऑक्सीडेंट का इस्तेमाल करें। एंटी ऑक्सीडेंट वाले प्रोडक्ट में विटामिन सी की मात्रा ज्यादा होता है जो काले धब्बे को हटाने में मदद करता है। रोजाना चेहरे पर विटामिन सी वाला सीरम लगा सकते हैं।

 

पर्याप्त नींद लें

 

अगर आप पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं लेते हैं तो चेहरे थका हुआ नजर आता है। पर्याप्त नींद लेने से त्वचा फ्रेश और ग्लोइंग नजर आता है। नींद लेने के दौरान शरीर खुद को रिपेयर मोड में डालता है। हर व्यक्ति को रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए।

 

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सनस्क्रीन लगाना न भूलें

 

सनस्क्रीन लगाना बेहद जरूरी है। सूरज की हानिकारक किरणें त्वचा में कोलेजन को कमजोर करती है और हाइपरपिगमेंटशन की समस्या को बढ़ाती है। आप त्वचा संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए एसपीएफ 30 या 50 युक्त सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।

17 मई से 15 जून अधिकमास रहेगा, विष्णु का यह महीना खास क्यों है?


हिन्दू पंचांग के मुताबिक, 17 मई से 15 जून तक अधिकमास रहने वाला है। इस महीने को पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, ज्येष्ठ मास 30 दिनों की बजाय 60 दिनों तक रहने वाला है, इसी वजह से इस महीने को अधिक मास कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, अधिकमास धार्मिक कार्यों को करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। यानी भगवान विष्णु का जाप और तप करना चाहिए ताकि भक्तों को इन कर्मों का दोगुना फल मिले।

 

अधिक मास का पूरा महीना भगवान विष्णु का महीना माना जाता है। इस महीने भगवान विष्णु का सिर्फ नाम लेने से ही भक्तों को दोगुना लाभ मिलता है। अब सवाल उठता है कि इस महीने भक्तों को क्या करना चाहिए, साथ ही सवाल उठता है कि इस महीने से जुड़ी पौराणिक मान्यता क्या है?

 

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अधिक मास से जुड़ी पौराणिक कथा

 

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, बहुत पहले इस महीने का कोई स्वामी नहीं था। इसी वजह से पहले लोग इस महीने कोई भी शुभ कार्य करने से बचते थे। जिस वजह से इस महीने को मलमास कहा जाता था, जिसका अर्थ नीरस होता है। हर महीने की तुलना में इस महीने को सबसे ज्यादा नकारात्मक माना जाता था।

 

जिसे देखकर मलमास बेहद दुखी था। उसने अपनी समस्या विष्णु जी को सुनाई, तो भगवान विष्णु ने उन्हें आशीर्वाद दिया। भगवान विष्णु ने कहा कि आगे से इस महीने को मलमास नहीं बल्कि पुरुषोत्तम मास कहा जाएगा। जो भी भक्त इस महीने सच्चे मन से पूजा-पाठ करेगा, उसे दोगुना फल मिलेगा।

 

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अधिकमास में क्या करें?


विधिवत पूजा – इस महीने भगवान विष्णु जी की विधि-विधान के अनुसार पूजा-पाठ करना चाहिए।
व्रत रखें – इस महीने भगवान विष्णु की खास कृपा सभी लोगों पर पड़ती है। इसी वजह से इस महीने सभी लोगों को एकादशी का व्रत रखना चाहिए।
मंत्रों का जाप – हिन्दू धर्म में मंत्रों का जाप बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस महीने मंत्रों का जाप करने से भक्तों के पाप मिट जाते हैं।
हर रोज दीपदान – इस महीने हर रोज सुबह-शाम अपने मंदिर में घी के दीपक जलाएं।
धार्मिक ग्रंथों का पाठ – धार्मिक ग्रंथों को पढ़ने से व्यक्ति का धार्मिक ज्ञान बढ़ता है।
दान दें – गरीबों और जरूरतमंद लोगों को दान देना चाहिए।


इस महीने क्या न करें?

अधिकमास आध्यात्म के लिए शुभ माना जाता है। फिर भी इस महीने कुछ कार्यों को करने से बचना चाहिए।
मांगलिक कार्य न करें – इस महीने मुंडन, गृह प्रवेश, शादी या नया घर खरीदने से बचना चाहिए।
मांस-मदिरा का सेवन वर्जित – इस महीने लोगों को मांसाहारी भोजन से बचना चाहिए। साथ ही जो लोग शराब पीते हैं, उन्हें इस पवित्र महीने में शराब का सेवन नहीं करना चाहिए।


डिस्क्लेमर – यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है। इसकी पुष्टि खबरगांव नहीं करता है।