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कौन हैं IPS दीपक गहलावत, जिन्हें 3 करोड़ की रिश्वत मामले में CBI ने अरेस्ट किया


केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी 3 करोड़ रिश्वत मामले में हुई है। 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी मौजूदा समय में दिल्ली में ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में तैनात हैं। सीबीआई के मुताबिक आरोपियों ने नकली दवा निर्माण घोटाले की जांच को प्रभावित करने और आरोपियों को राहत दिलाने के बदले रिश्वत मांगी थी। 

 

क्षेत्रीय निदेशक के पद पर तैनात दीपक पर आरोप है कि उन्होंने पुडुचेरी के नकली दवा रैकेट के मुख्य आरोपी को सीबीआई जांच में राहत दिलाने के नाम पर 3 करोड़ की रिश्वत मांगी। सीबीआई ने 8 जून को दिल्ली पुलिस के एक इंस्पेक्टर और दो अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। 

 

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व्यवसायी को भी बनाया गया आरोपी

इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह और एक कथित बिचौलिए राजकुमार को एक करोड़ की पहली किस्त बतौर रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। सीबीआई ने पुडुचेरी के व्यवसायी एन. राजा उर्फ राजशेखर को भी आरोपी बनाया। सीबीआई ने डिजिटल डिवाइस, हार्ड डिस्क और दस्तावेज जब्त किए हैं।

90 लाख की रकम पकड़ी

सीबीआई ने जांच में पाया कि दीपक गहलावत ने गैर-कानूनी तरीके से रिश्वत की मांग की। उसने दावा किया कि वह अपने निजी प्रभाव का इस्तेमाल करके पुडुचेरी में नकली दवाओं की बिक्री से जुड़े सीबीआई के मामले में निजी लोगों को राहत दिला सकता है। सीबीआई ने ट्रैप बिछाकर दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर और 6 अन्य प्राइवेट लोगों को पकड़ा। लगभग करीब 25 लाख रुपये की ट्रैप राशि और 90 लाख रुपये बरामद किए गए। जांच में अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले।

दीपक गहलावत पर क्या आरोप?

आईपीएस दीपक गहलावत पर आरोप है कि उन्होंने अपने कथित संपर्कों का हवाला दिया और रिश्वत मांगी। हवाला नेटवर्क के माध्यम से कुछ राशि पहले ही ट्रांसफर की जा चुकी।  गहन जांच करने के बाद सीबीआई ने आज यानी बुधवार को दीपक गहलावत को गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, आपराधिक साजिश और रिश्वतखोरी के तहत कार्रवाई की जा रही है।

 

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आईपीएस दीपक गहलावत केंद्रीय प्रतिनियुक्त से पहले हरियाणा पुलिस में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वे गुरुग्राम समेत कई जिलों में एसपी और डीसीपी के पद पर तैनात रह चुके हैं। फिटनेस और पावरलिफ्टिंग के शौकीन दीपक को हाल ही में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया था।

मिनोक्सीडिल की जगह बालों में लगाएं ये चीजें, नहीं होगा साइड इफेक्ट!


झड़ते बालों की समस्या से हर कोई परेशान है। फिर चाहें वह व्यक्ति 25 साल का हो या फिर 45 साल का है। खराब खान पान की वजह से बालों का वॉल्यूम धीरे-धीरे कम होने लगता है। लोग पतले और झड़ते बालों की समस्या से परेशान है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए कई लोग मिनोक्सीडिल का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये झड़ते बालों की समस्या को ठीक करता है।

 

क्या आप जानते हैं कि हर व्यक्ति को मिनोक्सीडिल से फायदा नहीं मिलता है। कुछ लोगों को मिनोक्सीडिल लगाने के बाद स्कैल्प में खुजली और इरिटेशन की समस्या होती है। क्या आप जानते हैं कि कई ऐसी चीजें हैं जो बालों में लगाने से फायदा पहुंचता है। आइए उन चीजों को बारे में जानते हैं।

 

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मिनोक्सीडिल की जगह लगाएं ये चीजें

कैफीन बेस्ड सीरम

 

अगर आप जानते हैं कि सुबह की कॉफी में मौजूद कैफीन बालों के लिए बहुत फायदेमंद है। आप बालों को मजबूत रखने के लिए कैफीन बेस्ड सीरम का इस्तेमाल करें। कई स्टडी में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि कैफीन बालों के लिए बहुत फायदेमंद है। कैफीन हेयर फॉलिकल्स को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह एकदम से आपके बालों पर काम नहीं करता है लेकिन धीरे-धीरे आपको असर दिखेगा।

 

रोजमेरी ऑयल

 

कुछ सालों से रोजमेरी तेल की डिमांड बढ़ गई है। इस तेल को लगाने से बाल झड़ने की समस्या को कम किया जा सकता है। SKINmed के अध्ययन में पाया गया कि रोजमेरी बालों की ग्रोथ को बढ़ाने का काम करता है। रोजमेरी का तेल लगाने से बालों में खुजली, इरिटेशन की समस्या नहीं होती है, साथ ही ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करने में मदद करता है। आप रोजमेरी तेल को नारियल तेल, बादाम या फिर जोजोबा ऑयल में मिलाकर लगाए।

 

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ट्रॉपिकल मेलाटोनिन

 

ट्रॉपिकल मेलाटोनिन एक प्रकार का एंटीऑक्सीडेंट है जो बालों की ग्रोथ को बढ़ाने में मदद करता है। यह हेयर फॉलिकल्स (जिसमें बाल उगते है) को नुकसान पहुंचाने से बचता है। कई त्वचा विशेषज्ञ भी इस दवाई को देते हैं। कई स्टडी में पाया गया कि मेलेटोनिन बेस्ड स्कैल्प सॉल्यूशन लगाने से बाल के झड़ने की समस्या कम हो जाती है।

 

सीताफल के बीज

 

सीताफल के बीज में कई प्रकार के पौषक तत्व पाए जात हैं लकिन इसमें फाइटोस्ट्रोरल नाम  का कंपाउड भी पाया जाता है जो 5 अल्फा रिडक्टेज एंजाइम की एक्टिविटी की कम करता है। अध्ययनों में भी यह बात सामने आई है कि सीताफल का बीज बालों के लिए फायदेमंद माना जाता है। 

 

बालों की ग्रोथ को बढ़ाने के लिए स्वस्थ खान पान और अच्छी नींद बेहद जरूरी है। इसके अलावा तनाव कम से कम लें। अपने बालों में किसी भी तरह का प्रोडक्ट लगाने से पहले अपने त्वचा विशेषज्ञ से जरूर बात करें।

अमरनाथ यात्रा पर जाना है तो जानें ये बातें, आसानी से होंगे बाबा बर्फानी के दर्शन


हर साल की तरह इस साल भी श्रध्दालु बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए काफी उत्साहित हैं। इस बार अमरनाथ यात्रा पर जा रहे श्रध्दालुओं की यात्रा को सुविधाजनक और ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने कई बड़े इंतजाम किए हैं। अगर आप अमरनाथ यात्रा पर जाने की तैयारी कर रहें हैं तो इस साल की नई सुविधाओं और जरूरी नियमों के बारे में जरूर जान लें। अगर आप पूरी जानकारी लेकर यात्रा के लिए निकलेंगे तो आपका ध्यान भटकने नहीं पाएगा और दर्शन भी आराम से होंगे।

 

अमरनाथ की यात्रा इस साल 3 जुलाई 2026 से शुरू होगी और 28 अगस्त 2026 तक चलेगी। खास बात यह है कि प्रशासन ने इस बार की यात्रा को 57 दिनों तक इसलिए किया ताकि ज्यादा से ज्यादा श्रध्दालु पवित्र गुफा का दर्शन कर सकें। बाबा के दर्शन के लिए कुछ श्रध्दालु पहले ही बेस कैंप पहुंच चुके हैं। 29 जून को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सबसे पहले गुफा पहुंचकर पावन यात्रा की शुरुआत भी कर दी है।

 

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इस बार नया क्या है?

1. पहचान क्यूआर सिस्टम की शुरुआत

इस बार यात्रियों के लिए पहचान क्यूआर सिस्टम लागू किया गया है। इससे हर श्रद्धालु की पहचान और मूवमेंट की पुष्टि जल्दी हो सकेगी जिससे सुरक्षा और बेहतर होगी।

2. टेक्नोलॉजी आधारित सुरक्षा व्यवस्था

यात्रा मार्ग पर मल्टी-लेयर सुरक्षा के साथ ड्रोन, सीसीटीवी और आधुनिक निगरानी तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाया गया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए गए हैं।

3. बेहतर मेडिकल सुविधाएं

पूरे यात्रा मार्ग पर मेडिकल कैंप, एंबुलेंस, ऑक्सीजन सुविधा और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को पहले से ज्यादा मजबूत किया गया है। हाई-एल्टीट्यूड से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

 

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4. संचार व्यवस्था में सुधार

श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान बेहतर मोबाइल नेटवर्क और संचार सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर आसानी से संपर्क किया जा सके।

 

5. ट्रैफिक मैनेजमेंट और तय समय पर काफिले

यात्रा मार्ग पर जाम से बचने के लिए अलग-अलग चेकपॉइंट पर वाहनों के लिए निर्धारित समय (कट-ऑफ टाइम) तय किए गए हैं। बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर काफिलों का संचालन तय शेड्यूल के अनुसार होगा।

6. ठहरने की व्यवस्था

इस बार भक्तों के लिए लगभग 4000 नए सेंटर बने हैं जिसमें श्रध्दालुओं आराम कर सकते हैं। खास बात यह है कि इस सेंटर में ठहरने के लिए एक भी रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं हैं।

7. ग्रुप रजिस्ट्रेशन सुविधा

5 या उससे अधिक लोगों के समूह के लिए ग्रुप रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे एक साथ यात्रा की योजना बनाना आसान हो गया है।

8. घोड़ा-पालकी का रेट तय

कई लोग ऐसे भी होते हैं जो अमरनाथ गुफा तक घोड़ा या पालकी का सहारा लेते हैं। ऐसे में वहां के लोग श्रध्दालुओं को अलग-अलग दाम बताकर उन्हें लूट लेते हैं। इसलिए इस बार सरकार ने सभी घोड़ा-पालकी का एक रेट तय कर दिया है। इन सभी के लिए प्री-पेड काउंटर बने हैं जहां से आप प्री-बुकिंग भी कर सकते हैं।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

  • यात्रा से पहले Compulsory Health Certificate (CHC) बनवाना अनिवार्य है। यह सर्टिफिकेट केवल अधिकृत डॉक्टर या अस्पताल से ही मान्य होगा।
  • सबसे पहले रजिस्ट्रेशन के लिए श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। 
  • Online Services में जाएं।
  • Yatra Permit Registration पर क्लिक करें।
  • अपना नाम, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, यात्रा की तारीख और रूट (बालटाल या पहलगाम) भरें।
  • पासपोर्ट साइज फोटो और CHC अपलोड करें।
  • OTP से मोबाइल नंबर सत्यापित करें।
  • रजिस्ट्रेशन शुल्क का भुगतान करें।
  • भुगतान सफल होने के बाद Yatra Permit डाउनलोड कर लें।

ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए देश भर में चार बैंको की 554 शाखाओं में पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। इनमें जम्मू-कश्मीर बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और यस बैंक शामिल हैं।

जरूरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • Compulsory Health Certificate (CHC)
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • रजिस्ट्रेशन शुल्क

जरूरी बातें

  • यात्रा के लिए 13 से 70 वर्ष की आयु के लोग ही पात्र हैं।
  • 6 सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं है।
  • यात्रा के दौरान मूल फोटो आईडी, CHC और Yatra Permit साथ रखना अनिवार्य है।
  • हर पंजीकृत श्रध्दालु को 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा भी मिलेगा।

ट्रंप को US सुप्रीम कोर्ट से झटका! अमेरिका में जन्मे बच्चों की नागरिकता बरकरार


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनकी इमिग्रेशन नीति पर बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश पर रोक लगा दी है, जिसके जरिए अमेरिका में जन्म लेने वाले कुछ बच्चों को अपने आप मिलने वाली नागरिकता (बर्थराइट सिटिजनशिप) पर रोक लगाने की कोशिश की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि फिलहाल अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को जन्म के आधार पर नागरिकता मिलती रहेगी।

 

डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी 2025 में दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद अपने पहले ही दिन इस आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। इस आदेश में कहा गया था कि अमेरिका में जन्म लेने वाले उन बच्चों को अपने आप अमेरिकी नागरिकता नहीं मिलेगी, जिनके माता-पिता अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे हैं या फिर स्टूडेंट वीजा, वर्क वीजा जैसे अस्थायी वीजा पर वहां मौजूद हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना था कि जन्म से नागरिकता का अधिकार सिर्फ उन्हीं बच्चों को मिलना चाहिए, जिनके माता-पिता में से कम से कम एक अमेरिकी नागरिक या ग्रीन कार्ड होल्डर (स्थायी निवासी) हो।

 

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14वें संशोधन की व्याख्या पर टिका था पूरा विवाद

यह मामला अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन की ‘सिटिजनशिप क्लॉज’ से जुड़ा था। इस प्रावधान के अनुसार, अमेरिका में जन्म लेने वाला और उसके अधिकार क्षेत्र में आने वाला लगभग हर व्यक्ति अमेरिकी नागरिक माना जाता है। पिछले 150 वर्षों से इसी आधार पर जन्म लेने वाले अधिकांश बच्चों को नागरिकता मिलती रही है। केवल कुछ विशेष मामलों, जैसे विदेशी राजनयिकों के बच्चों, को इससे बाहर रखा गया है।

 

सरकार की ओर से अदालत में कहा गया कि संविधान में लिखे ‘अमेरिका के अधिकार क्षेत्र’ की व्याख्या सीमित तरीके से की जानी चाहिए। प्रशासन ने यह भी दावा किया कि कुछ विदेशी नागरिक अपने बच्चों को अमेरिकी नागरिक बनवाने के लिए अमेरिका आते हैं, जिसे ‘बर्थ टूरिज्म’ कहा जाता है। हालांकि, सुनवाई के दौरान सरकार इस दावे के समर्थन में कोई ठोस आंकड़े पेश नहीं कर सकी।

 

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फैसले का लाखों परिवारों पर पड़ेगा असर

इस पूरे मामले की शुरुआत न्यू हैम्पशायर में रहने वाले कुछ परिवारों की याचिका से हुई थी। उनका कहना था कि अगर डोनाल्ड ट्रंप का यह आदेश लागू हो जाता तो उनके बच्चों की अमेरिकी नागरिकता पर असर पड़ता। ट्रंप के इस फैसले का असर हर साल अमेरिका में जन्म लेने वाले करीब ढाई लाख बच्चों पर पड़ सकता था। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को संविधान के तहत मिलने वाला जन्म से नागरिकता का अधिकार फिलहाल बरकरार रहेगा।

कभी साथ, कभी अलग, AAP और DMK ने CJI को लिखी INDIA गठबंधन की चिट्ठी पर किए दस्तखत


इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (INDIA) गठबंधन की पिछली मीटिंग 23 जून को हुई थी। इस मीटिंग में कुल 21 पार्टियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। आम आदमी पार्टी (AAP) और द्रविड़ मुनेत्र कड़कम (DMK) ने इस मीटिंग से दूरी बनाई थी। अब एक बार फिर से ये दोनों दल INDIA गठबंधन के साथ दिख रहे हैं। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन ( SIR ) और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों पर INDIA गठबंधन की ओर से भारत के चीफ जस्टिस (CJI) को एक चिट्ठी लिखी गई है। INDIA गठबंधन में शामिल कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि इस पर DMK और AAP ने भी दस्तखत किए हैं। यह दिखाता है कि AAP और DMK जैसे दल चाहकर भी INDIA गठबंधन से दूरी नहीं बना पा रहे हैं।

 

फिलहाल, इस चिट्ठी के बारे में जानकारी नहीं दी गई है कि इसमें क्या लिखा गया है और CJI से इसमें क्या मांग की गई है। बस इतना बताया गया है कि यह SIR और चुनावी प्रक्रिया के बारे में है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया है कि CJI को चिट्ठी लिखने का फैसला 8 जून को हुई बैठक में ही लिया गया था। उस मीटिंग में 21 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के अलावा एक निर्दलीय सदस्य भी शामिल हुए थे। अब इस संयुक्त पत्र पर कुल 23 दलों ने दस्तखत किए हैं और इसे CJI को आज भेजा जाएगा।

 

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साथ आई DMK और AAP

जयराम रमेश के इसी X पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए TMC के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने लिखा है, ‘INDIA की ओर अच्छी शुरुआ हुई है और इस बार CJI को लिखी गई चिट्ठी पर AAP और डीएमके ने भी दस्तखत किए हैं।’ इसका मतलब है कि भले ही दोनों गठबंधन खुद को INDIA से अलग बता रहे हों लेकिन मुद्दों के आधार पर वे साथ ही हैं।

 

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इस बारे में DMK के प्रवक्ता सर्वनन अन्नादुराई ने कहा है, ‘DMK ने इस लेटर पर दस्तखत किए हैं क्योंकि SIR की प्रक्रिया एकतरफा है। यह प्रक्रिया लोकतंत्र विरोधी है। यह लोगों को वोटिंग की प्रक्रिया से बाहर करती है जबकि लोगों को इस प्रक्रिया से जोड़ना होता है। यूनिवर्सिसल अडल्ट फ्रैंचाइज के आधार पर ही लोकतंत्र काम करता है लेकिन यहां तो SIR के जरिए मतदाताओं को ही वोटर लिस्ट से बाहर किया जा रहा है। हमने इसके दुष्परिणाम बिहार, बंगाल और कई अन्य राज्यों में देखे भी हैं। इसलिए हमने इस पर दस्तखत किए हैं कि SIR जैसी प्रक्रिया नहीं होनी चाहिए।’

दरअसल, लोकसभा चुनाव 2024 के बाद ही आम आदमी पार्टी (AAP) ने एलान कर दिया था कि अब वह INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं है। वहीं, तमिलनाडु में चुनाव नतीजे आने के तुरंत बाद ही DMK और कांग्रेस का गठबंधन टूट गया। इसके बाद से DMK कांग्रेस से नाराज है और उसने लोकसभा में अपने सांसदों को कांग्रेस से अलग बैठाने का भी इंतजाम कर लिया है। इस बीच दोनों दलों का इस लेटर पर दस्तखत करने का मतलब है कि अभी भी थोड़ी बहुत उम्मीद बाकी है और आगे आने वाले समय में भी इन दलों के साथ रहने की गुंजाइश बची हुई है।

 

मोटापे और डायबटीज के जोखिम को बढ़ाता है रात में देर से खाने की आदत, आज ही छोड़ें


हमारे खानपान का सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। यह बात हम सब जानते हैं। क्या आप यह जानते हैं कि रात को देर से खाने की आदत सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। कई लोगों के घर में रात में देर से खाना होता है। कुछ लोगों के ऑफिस से लेट होते हैं, कुछ के अपने निजी कारण होते हैं। भले ही हमें यह बात सामान्य लगती है। इसका कोई नुकसान नहीं दिखाई देता है लेकिन इसका प्रभाव आपके शरीर पर पड़ता है। हमारा शरीर बॉडी क्लॉक के हिसाब से चलता है। यही क्लॉक नींद, हार्मोन और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करती है।

 

सोने से ठीक पहले भारी खाना खाने से शरीर की इंटरनल क्लॉक बिगड़ सकती है जो मेटाबॉलिज्म, हार्मोन और अंगों के कामकाज को कंट्रोल करती है। शोध में पता चला है कि रात को लेट खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल खराब हो सकता है, इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ सकता है, मोटापा बढ़ सकता है और ब्लड प्रेशर भी बढ़ सकता है। ये परिस्थितियां क्रोनिक किडनी बीमारी के मुख्य जोखिम में से एक है।

 

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किडनी को पहुंचता है नुकसान

किडनी में लाखों छोटी छोटी नसें होती हैं। हाई ब्लड शुगर और हाई ब्लड प्रेशर इन नाजुक फिल्टरों को नुकसान पहुंचाते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान कोई लक्षण नहीं दिखाई देता है। जब लक्षण दिखाई देते हैं तब तक नुकसान पहुंच चुका होता है। रात में 10. 30 या 11 बजे के बाद खाने से सिर्फ पाचन पर ही प्रभाव नहीं पड़ता है बल्कि ये लंबे समय में मेटाबॉलिज्म को भी प्रभावित करता है। इसक अलावा किडनी पर भी ज्यादा प्रेशर डालता है।

 

National Library of Medicine की जर्नल के मुताबिक रात के समय में पाचन की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। जब आप रात में भारी खाना खाते हैं तो शरीर को ज्यादा काम करना पड़ता है। इस दौरान ब्लड शुगर और ट्राइग्लिसराइड का लेवल बढ़ जाता है। इस वजह से मोटापा, टाइप 2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है। रात में हमारा शरीर काम करता है लेकिन उतने प्रभावी तरीके से नहीं करता है।

 

Pubmed की स्टडी के मुताबिक खराब मेटाबॉलिक हेल्थ और किडनी के बीच में सीधा संबंध है। जिन लोगों को डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी है उन्हें किडनी संबंधी बीमारियां का खतरा सबसे ज्यादा रहता है इसलिए डॉक्टर का कहना है अच्छा गट हेल्थ मतलब किडनी का स्वस्थ रहना।

 

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डिनर में किन चीजो को शामिल करें?

डिनर करने का कोई ऐसा एक समय नहीं है जो सबके लिए फिट बैठता हो। हालांकि डॉक्टर का कहना है कि जल्दी खाना शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। अपनी डाइट में साबूत आनाज, हरी सब्जियां, प्रोटीन और हेल्दी फैट को शामिल करें। 

 

इसके अलावा प्रोसेस्ड फूड, अधिक नमक, शुगर वाली ड्रिंक्स और रात को देर से खान की आदत को छोड़ दें।  ये चीजें आपके किडनी को एकदम से नुकसान नहीं पहुंचाएंगी। धीरे-धीरे ये चीजें बीमारियों का मुख्य कारण बनती है।

क्या है भगवान जगन्नाथ की महास्नान परंपरा? देव स्नान पूर्णिमा के बारे में जानिए


हिंदू पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ महीने की पूर्णिमा है। इस दिन ओडिशा में बेहद अनोखे तरीके से ज्येष्ठ पूर्णिमा मनाई जाती है, जहां पुरी के जगन्नाथ मंदिर में भगवान के महास्नान यात्रा की परंपरा निभाई जाती है। इसे ओडिशा में देव स्नान पूर्णिमा कहा जाता है। पुरी का महास्नान देखने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ओडिशा पहुंचे। लाखों लोग भगवान के दर्शन के लिए जगन्नाथ मंदिर पहुंचे। देव स्नान पूर्णिमा के दिन भगवान जगन्नाथ के अलावा उनके भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा का भी स्नान कराया जाता है। साथ ही आज के दिन कई भक्त यात्रा के दौरान ढोल-नगाड़े बजाकर देव स्नान का उत्सव मना रहे हैं।


इस साल स्नान यात्रा की शुरुआत सुबह 5 बजकर 15 मिनट से हुई थी। यह यात्रा देवी-देवताओं की पारंपरिक पाहंडी यानी शोभायात्रा के साथ शुरू हुई, जिसके बाद सुबह 8 बजे तक यात्रा संपन्न हो गई। यात्रा के दौरान धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद थे। स्कंद पुराण के मुताबिक देव स्नान की परंपरा 12वीं शताब्दी में राजा इंद्रद्युम्न ने शुरू की थी। तभी से हर साल ज्येष्ठ महीने में देव स्नान की परंपरा चली आ रही है।

 

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108 कलशों से कराया जाता है स्नान

ज्येष्ठ पूर्णिमा पर 108 कलशों में जल भरकर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा का स्नान कराया जाता है। इसमें 35 कलशों के जल से भगवान जगन्नाथ का स्नान कराया जाता है, जबकि 33 कलशों के जल से भगवान बलभद्र का स्नान कराया जाता है। इसके अलावा देवी सुभद्रा को 22 कलशों के जल से स्नान कराया जाता है। इसके बाद बचे हुए 18 कलशों के जल से सुदर्शन चक्र का स्नान कराया जाता है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक जो भक्त महास्नान यात्रा में शामिल होता है, वह रोग और दुख से मुक्ति पाता है।


महास्नान के बाद देवी-देवताओं का एक खास प्रकार का श्रृंगार किया जाता है। इस दिन भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा को गज वेश में सजाया जाता है। इसके बाद भक्त देवी-देवताओं की पूजा करते हैं। महास्नान के बाद जगन्नाथ मंदिर का गर्भगृह बंद कर दिया जाता है, जिस दौरान कोई भी भक्त भगवान के दर्शन नहीं कर सकता।

 

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महास्नान के बाद क्यों बंद होता है गर्भगृह?

सनातन धार्मिक मान्यता के मुताबिक महास्नान के बाद भगवान जगन्नाथ की तबीयत खराब हो जाती है। इसलिए भगवान को आराम कराने के लिए गर्भगृह बंद कर दिया जाता है। इस दौरान कोई भी भक्त भगवान के दर्शन नहीं कर सकता। करीब दो सप्ताह बाद गर्भगृह के द्वार दोबारा खोले जाते हैं।

अयातुल्ला खामेनेई के जनाजे में शामिल होगा भारत, ईरान जाएंगे बिहार के राज्यपाल


ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार और दफन समारोह में भारत भी शामिल होगा। भारत की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी ईरान सरकार की ओर से निमंत्रण भेजा गया था लेकिन पहले से तय विदेश दौरे के कारण वह इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे।

 

प्रधानमंत्री मोदी जुलाई की शुरुआत में इंडोनेशिया, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया की यात्रा पर रहेंगे। ऐसे में भारत सरकार ने आधिकारिक प्रतिनिधित्व के लिए बिहार के राज्यपाल और विदेश राज्य मंत्री को ईरान भेजने का फैसला किया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री मोदी को अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण दिया था।

 

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4 जुलाई से शुरू होंगे अंतिम संस्कार के कार्यक्रम

ईरान में अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार की शुरुआत 4 जुलाई से होगी। तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद राजधानी तेहरान और धार्मिक शहर कोम में सार्वजनिक शोक यात्राएं निकाली जाएंगी। वहीं, इराक के पवित्र शहर नजफ और कर्बला में भी विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पूरे कार्यक्रम को कई चरणों में आयोजित किया जा रहा है।

 

अंतिम दफन समारोह 9 जुलाई को ईरान के मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में होगा। मशहद अयातुल्ला खामेनेई का पैतृक शहर भी है। इससे पहले यह समारोह मार्च में आयोजित होना था लेकिन क्षेत्रीय संघर्ष और सुरक्षा कारणों के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था। अब अंतिम संस्कार के कार्यक्रम कई दिनों तक अलग-अलग शहरों में आयोजित किए जाएंगे।

 

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भारत की ओर से दो वरिष्ठ नेता करेंगे प्रतिनिधित्व

प्रधानमंत्री मोदी की अनुपस्थिति में बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा भारत सरकार का आधिकारिक प्रतिनिधित्व करेंगे। दोनों नेता अंतिम संस्कार और दफन समारोह में शामिल होकर भारत की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसे भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे राजनयिक संबंधों और आपसी सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है।

11 के बदले 2 ही नंबर दिए! अब CBSE से क्यों भिड़े वेदांत श्रीवास्तव?


CBSE 12वीं के छात्र वेदांत श्रीवास्तव ने अपनी कॉपियों को दोबारा चेक करवाने के बाद मिले नंबरों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। वेदांत का कहना है कि 11 सवालों को दोबारा चेक करवाने पर उन्हें सिर्फ 2 नंबर मिले हैं। CBSE बोर्ड ने इसे झूठ बताते हुए कहा है कि छात्र के फिजिक्स के पेपर में पहले ही 9 नंबर बढ़ाए जा चुके हैं। वेदांत श्रीवास्तव ने एक वीडियो में बताया कि उन्होंने 11 सवालों के लिए री-इवैल्यूएशन यानी दोबारा कॉपी चेक करवाने का आवेदन किया था। उनका कहना है कि इस पूरे प्रोसेस के बाद उनके रिजल्ट में सिर्फ 2 नंबर ही बढ़कर आए हैं। इसमें से 1 नंबर गणित के पेपर में और 1 नंबर कंप्यूटर साइंस के पेपर में बढ़ा है।

 

CBSE ने वेदांत के दावों को गलत और झूठ बताया है। बोर्ड के मुताबिक, वेदांत के फिजिक्स के पेपर में 9 नंबर बढ़ाए गए हैं। बोर्ड ने यह भी बताया है कि 12वीं के री-इवैल्यूएशन के लिए आए 99.7 प्रतिशत आवेदनों पर काम पूरा हो चुका है। बाकी बची हुई कॉपियों की जांच भी जल्द खत्म हो जाएगी।

 

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CBSE के जवाब के बाद वेदांत ने फिर से अपनी बात रखी। उन्होंने साफ किया कि फिजिक्स में जो 9 नंबर बढ़े हैं वह री-इवैल्यूएशन से नहीं मिले हैं। वेदांत के मुताबिक, ये 9 नंबर उनके असली नंबर थे जो बोर्ड ने पहले उन्हें नहीं दिए थे क्योंकि उनकी फिजिक्स की असली कॉपी ही बदल दी गई थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोबारा कॉपी चेक करवाने की जो सरकारी प्रोसेस होती है, उसमें उन्हें सिर्फ वही 2 नंबर मिले हैं जिनका उन्होंने पहले जिक्र किया था।

मामला शुरू कैसे हुआ?

यह सब 13 मई को 12वीं का रिजल्ट आने के बाद शुरू हुआ। 19 मई को वेदांत ने देखा कि उन्हें फिजिक्स में उनकी उम्मीद से बहुत कम नंबर मिले हैं। जब उन्होंने अपनी कॉपी की फोटोकॉपी निकलवाई, तो उन्हें पता चला कि वह कॉपी उनकी थी ही नहीं। इसके बाद 23 मई को वेदांत ने इंटरनेट पर ‘एक्स’ यानी ट्विटर पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि उन्होंने पूरे साल पढ़ाई में बहुत मेहनत की थी, नींद छोड़ दी थी लेकिन अब उन्हें यह भी नहीं पता कि क्या उनकी असली कॉपी चेक हुई थी या नहीं।

 

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जब वेदांत ने यह बात इंटरनेट पर शेयर की तो उन्हें बहुत ज्यादा ट्रोल किया गया। इस मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी शामिल हुए। राहुल गांधी ने वेदांत का साथ देते हुए कहा कि एक 17 साल का लड़का जब न्याय मांग रहा था तो उसे मदद मिलने के बजाय इंटरनेट पर ट्रोल किया गया और बीजेपी की आईटी सेल ने उन्हें गलत नाम दिए जैसे ‘राष्ट्र-विरोधी’ या ‘पाकिस्तानी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करके।

सुबह की भागदौड़ से बचना है? रात में ऐसे तैयार करें स्कूल बैग


सुबह के समय बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करना हर घर में एक बड़ी चुनौती बन जाता है। जल्दबाजी में बच्चे अपनी किताबें, नोटबुक या जरूरी सामान घर पर भूल जाते हैं। ऐसे में स्कूल बैग को रात में ही तैयार कर लेना एक बेहतरीन उपाय है। माता-पिता को सिर्फ 10 मिनट का समय निकालकर बच्चे का बैग सुकून से व्यवस्थित करना चाहिए। इससे सुबह का काम आसान हो जाता है और बच्चा बिना किसी परेशानी के समय पर स्कूल पहुंच पाता है। 

रात में बैग पैक करने से माता-पिता को भी सुबह की भागदौड़ में राहत मिलती है।यह छोटी सी आदत न सिर्फ समय बचाती है बल्कि बच्चों को जिम्मेदारी सिखाती भी है। विशेषज्ञों के अनुसार, रात में बैग तैयार करने की आदत बच्चों में अनुशासन विकसित करती है। 

लगभग हर घर में सुबह की बिजी लाइफ में यही समस्या देखी जाती है।अगर आप भी सुबह की हड़बड़ी से परेशान हैं तो रात में बैग तैयार करने की आदत डाल लें। इससे न केवल आपका समय बचेगा बल्कि बच्चे भी खुशी-खुशी स्कूल जा सकेंगे। यह छोटा बदलाव पूरे दिन की शुरुआत अच्छी कर सकता है।

 

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10 मिनट में कैसे करें बैग तैयार?

  • टाइम-टेबल जरूर देखें

बैग तैयार करने से पहले स्कूल का टाइम-टेबल एक बार ध्यान से देख लें। इससे आपको पता चल जाएगा कि अगले दिन किन कौन सी किताब और कॉपियां रखनी है। टाइम-टेबल देखकर बैग तैयार करने से बैग का वजन भी कम रहता है और जरूरी सामान भी नहीं छूटता।

  • होमवर्क और असाइनमेंट पहले ही रख लें

अगर बच्चे को अगले दिन कोई होमवर्क, प्रोजेक्ट, चार्ट या असाइनमेंट जमा करना है तो उसे रात में ही बैग में रख दें। सुबह की जल्दी में अक्सर बच्चे इन जरूरी चीजों को रखना भूल जाते हैं जिससे स्कूल में परेशानी हो सकती है। 

  • पेंसिल बॉक्स चैक करें

कई बार बच्चे स्कूल पहुंचने के बाद देखते हैं कि पेंसिल, पेन या रबर खत्म हो गया है। इसलिए रात में ही पेंसिल बॉक्स चेक कर लें। उसमें पेन, पेंसिल, रबर, शार्पनर, स्केल और अन्य जरूरी स्टेशनरी पूरी होनी चाहिए। इससे बच्चे को स्कूल में किसी से सामान मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

  • बैग की सभी पॉकेट्स व्यवस्थित करें

स्कूल बैग में अलग-अलग पॉकेट्स का सही इस्तेमाल करें। किताबें एक जगह, स्टेशनरी दूसरी जगह और टिफिन या पानी की बोतल के लिए अलग स्थान रखें। जब सामान व्यवस्थित रहता है तो बच्चे को स्कूल में भी कोई चीज ढूंढ़ने में परेशानी नहीं होती और बैग साफ-सुथरा बना रहता है।

 

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  • यूनिफॉर्म और जरूरी सामान भी तैयार रखें

सिर्फ बैग ही नहीं, बल्कि स्कूल यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, बेल्ट और आईडी कार्ड भी रात में ही एक जगह निकालकर रख दें। इससे सुबह बच्चे को किसी चीज की तलाश नहीं करनी पड़ेगी और वह समय पर स्कूल के लिए तैयार हो सकेगा।

  • बैग को एक बार अंतिम रूप से चेक करें

बैग तैयार होने के बाद उसे एक बार फिर से खोलकर देख लें। यह कंफर्म करें कि सभी किताबें, कॉपियां, होमवर्क और स्टेशनरी मौजूद हैं। यह छोटी सी आदत सुबह होने वाली कई परेशानियों से बचा सकती है और बच्चे का दिन बेहतर तरीके से शुरू हो सकता है।