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अगर आपके मन में है असमंजस, तो भगवद्गीता के ये उपदेश बदल सकते हैं आपकी सोच


हर व्यक्ति अपने जीवन में एक न एक बार किसी न किसी परिस्थिति में असमंजस महसूस करता है। असमंजस एक ऐसा भाव है, जिसमें व्यक्ति को दो चीजों में से एक को चुनने में कठिनाई होती है। व्यक्ति अक्सर असमंजस की वजह से अशांत और चिंता में रहता है। इसी कारण लोग मन की शांति के लिए असमंजस से दूर होने की कोशिश करते हैं। इस असमंजस को भगवद्गीता के जरिए समझा जा सकता है। भगवद्गीता के उपदेश न केवल यह बताते हैं कि असमंजस क्यों होता है बल्कि यह भी समझाते हैं कि व्यक्ति इससे मुक्ति कैसे पा सकता है।

 

सनातन धर्म में भगवद्गीता बेहद खास ग्रंथ है, जिसमें व्यक्ति के जीवन से जुड़े हर सवाल का जवाब मिलता है। इस धर्म ग्रंथ में महाभारत के प्रसंगों के साथ खास तौर पर भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेशों का वर्णन किया गया है। भगवद्गीता में बताया गया है कि पांडव पुत्र अर्जुन भी असमंजस से जूझ चुके थे। तब भगवान कृष्ण ने उन्हें ऐसे उपदेश दिए, जिन्हें सुनकर अर्जुन का असमंजस के प्रति नजरिया ही बदल गया।

 

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क्यों होता है असमंजस ?

भगवद्गीता के अध्याय 2 के श्लोक 62 और 63 में व्यक्ति के असमंजस भाव के बारे में बताया गया है। इसमें कहा गया है कि व्यक्ति को जीवन में किसी एक चीज को चुनने में तब समस्या आती है, जब उसे चीजों से अत्यधिक लगाव हो जाता है। इसी वजह से व्यक्ति सही चुनाव नहीं कर पाता है।

 

श्लोक 62
ध्यायतो विषयान्पुंसः सङ्गस्तेषूपजायते।
सङ्गात्सञ्जायते कामः कामात्क्रोधोऽभिजायते॥

 

श्लोक 63
क्रोधाद्भवति सम्मोहः सम्मोहात्स्मृतिविभ्रमः।
स्मृतिभ्रंशाद्बुद्धिनाशो बुद्धिनाशात्प्रणश्यति॥

 

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इन दोनों श्लोकों का अर्थ है कि व्यक्ति को असमंजस क्रोध और मोह की वजह से होता है। जब किसी चीज से जरूरत से ज्यादा लगाव हो जाता है, तो व्यक्ति की बुद्धि प्रभावित होने लगती है। बुद्धि के पतन के सात चरण बताए गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप व्यक्ति का पतन भी हो सकता है। अब सवाल उठता है कि असमंजस के ये 7 चरण क्या हैं?

 

असमंजस के 7 चरण

भगवद्गीता के मुताबिक, श्रीकृष्ण ने बताया है कि असमंजस की स्थिति व्यक्ति के पतन का कारण बन सकती है। असमंजस की शुरुआत किसी विषय को चुनने में समस्या से होती है, जो आगे चलकर आसक्ति, कामना, क्रोध, भ्रम और बुद्धिनाश में बदल जाती है। आइए समझते हैं हर चरण क्या कहता है।

 

1. बार-बार सोचना – जब व्यक्ति किसी भोग-विलास की वस्तु के बारे में बार-बार सोचता है, तो वह वस्तु उसके मन में बस जाती है। यानी व्यक्ति को उस चीज से लगाव होने लगता है। यही व्यक्ति के पतन का पहला चरण है।


2. लगाव – जब व्यक्ति बार-बार एक ही वस्तु के बारे में सोचता है, तो उसे उससे लगाव हो जाता है। वह उस वस्तु को अपना समझने लगता है। यही लगाव आगे चलकर दुख का कारण बनता है।
3. कामना – लगाव की वजह से व्यक्ति के मन में इच्छा या कामना जागती है। इसके बाद उसका मन उस वस्तु को पाने के लिए बेचैन हो जाता है।

 

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4. क्रोध– जब व्यक्ति की इच्छा पूरी नहीं होती, तो उसके भीतर क्रोध पैदा होता है।


5. मोह- क्रोध के कारण व्यक्ति का उस वस्तु के प्रति लगाव और बढ़ जाता है। इस स्थिति में वह सही फैसला नहीं कर पाता। व्यक्ति प्रिय और अप्रिय के बीच अंतर करने में असमर्थ हो जाता है। इसी स्थिति में असमंजस पैदा होता है, जिससे वह गलत निर्णय ले सकता है।

 

6. सीख भूल जाना– मोह की वजह से व्यक्ति अपने जीवनभर की सीख भूलने लगता है। इस दौरान वह माता-पिता और गुरुओं द्वारा दी गई शिक्षा को भी नजरअंदाज कर देता है।


7. बुद्धि का नाश- जीवनभर की सीख भूल जाने के कारण व्यक्ति की बुद्धि का नाश होने लगता है और वह सही-गलत का फर्क नहीं कर पाता।

 

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असमंजस से कैसे पाएं मुक्ति?

भगवद्गीता में श्रीकृष्ण ने बताया है कि असमंजस पर तभी काबू पाया जा सकता है, जब व्यक्ति अपने मन और भावनाओं पर नियंत्रण रखे। इसी बारे में भगवद्गीता के अध्याय 6 के सातवें श्लोक में बताया गया है।

 

जितात्मनः प्रशान्तस्य परमात्मा समाहितः।
शीतोष्णसुखदुःखेषु तथा मानापमानयोः॥

 

इस श्लोक का अर्थ है कि जिसने अपने मन को जीत लिया, वह असमंजस से मुक्ति पा लेता है। ऐसा व्यक्ति कठिन परिस्थितियों का सामना भी शांत मन से कर सकता है। कुल मिलाकर, हर व्यक्ति को अपने मन पर नियंत्रण रखना चाहिए। तभी वह असमंजस से बाहर निकलकर सही निर्णय ले पाएगा।

पाकिस्तान में अलर्ट, तेल की भीषण कमी; कौन-कौन से कदम उठा रहा पड़ोसी?


पाकिस्तान भीषण ईंधन संकट में फंस चुका है। उसके पास कुछ दिनों का तेल बचा है। यही कारण है कि अब उसे पावर ग्रिड और एयरपोर्ट तक को तेल आपूर्ति ठप होने का अलर्ट देने पड़ रहा है। पाकिस्तान का अधिकांश तेल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब से आता है। इसकी आपर्ति स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होती है। होर्मुज के बंद होने से पाकिस्तान में ईंधन संकट खड़ा हो गया है। 

 

इस बीच पाकिस्तान की अटक रिफाइनरी ने तेल और गैस नियामक प्राधिकरण व पाकिस्तान सरकार को पत्र लिखकर तेल आपूर्ति ठप होने के बारे में आगाह किया है। अटक रिफाइनरी पाकिस्तान की सबसे पुरानी रिफाइनरी है। यहां रोजाना 53,400 बैरल कच्चा तेल प्रसंस्करण करने की क्षमता है। पिछले दो महीने में पाकिस्तान ने करीब 2 अरब डॉलर का तेल खरीदा है। सऊदी अरब यानबू बंदरगाह से पाकिस्तान को कच्चे तेल की आपूर्ति कर रहा है।

 

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ईवी की तरफ भाग रही पाकिस्तानी जनता

तेल आपूर्ति बाधित होने और बढ़ती कीमतों से परेशान पाकिस्तान की जनता तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की तरफ रुख कर रही है। इसके अलावा हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ रही है। मौजूदा समय में पाकिस्तान में 30 से अधिक कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों के विनिर्माण और असेंबलिंग में लगी हैं। सिर्फ अप्रैल महीने में ही 40,000 इलेक्ट्रिक बाइक बिकी हैं। हालांकि पाकिस्तान में इलेक्ट्रिक चारपहिया वाहनों की मांग कुछ खास नहीं है। अभी यहां इसका शुरुआती चरण है। 

रूसी तेल खरीदने पर विचार, लेकिन कैसे करेगा साफ?

पाकिस्तान तेल संकट से निपटने की खातिर हाथ पैर मारने में जुटा है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक इस्लामाबाद रूस से तेल खरीदने पर विचार कर रहा है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान समेत कुछ देशों को अमेरिका रूस से तेल खरीदने की अनुमति दे सकता है। अमेरिका यह कदम वैश्विक तेल आपूर्ति में आई बाधा से निपटने के उद्देश्य से उठा सकता है।

 

मगर पाकिस्तान की दिक्कत यही खत्म नहीं होती है। दरअसल, पाकिस्तानी रिफाइनरियों के पास इतनी उन्नत तकनीक नहीं है कि वह रूसी तेल को साफ कर पाएं। मतलब अमेरिका से छूट मिलने के बावजूद पाकिस्तान सीधे तौर पर इसका कोई लाभ नहीं उठा पाएगा। 

रणनीतिक तेल भंडार बनाना चाहता है पाकिस्तान, दिक्कत क्या है?

पाकिस्तान के पास कोई रणनीतिक तेल भंडार नहीं है। जबकि भारत के पास 60 दिनों से अधिक के रणनीतिक तेल भंडार हैं। अब पाकिस्तान की सरकार रणनीतिक तेल भंडार बनाने पर विचार कर रही है। बुधवार को पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने यह जानकारी दी। दुनियाभर के देश रणनीतिक तेल भंडार इस वजह से बनाते हैं ताकि युद्ध, आपदा और आपूर्ति में बाधा आने पर अर्थव्यवस्था को चलाया जा सके। मगर पाकिस्तान के पास सिर्फ पांच छह दिन का भंडार प्राइवेट कंपनियों के पास है।

कहां से रकम लाएगा पाकिस्तान?

पाकिस्तान में हर महीने करीब 550 मिलियन डॉलर का कच्चा तेल खपता है। अगर रणनीतिक भंडार बनाता है तो उसे करीब 300 मिलियन डॉलर की रकम खर्च करनी होगी। मौजूदा समय में पाकिस्तान 7 अरब डॉलर के आईएमएफ कार्यक्रम के तहत अपनी अर्थव्यवस्था को संभालने में जुटा है। ऐसी स्थिति में रणनीतिक तेल भंडार की स्थापना करना, उसका रख-रखाव करना आसान नहीं होगा।

 

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खाड़ी देशों से क्या चाहता है पाकिस्तान?

पाकिस्तान चाहता है कि खाड़ी देश उसके यहां रणनीतिक तेल भंडार स्थापित करें, ठीक वैसे ही जैसे संयुक्त अरब अमीरात ने भारत में कर रखा है। अटक रिफाइनरी लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आदिल खट्टक का कहना है कि सऊदी अरब, कुवैत और कतर जैसे खाड़ी देश पाकिस्तान में रणनीतिक तेल भंडार की स्थापना करें। संकट में पाकिस्तान जहां इसका इस्तेमाल करेगा, वहीं खाड़ी देश भी निर्यात केंद्र के तौर पर इस भंडार का उपयोग कर सकेंगे।

पाकिस्तान तक तेल की तस्करी

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध के बाद से ईरान से पाकिस्तान में तेल की तस्करी बढ़ी है। अनुमान के मुताबिक रोजाना 60 लाख लीटर तेल की तस्करी हो रही है। बाइक समेत अन्य वाहनों से लोग ईरान से पाकिस्तान तक तेल लेकर आते हैं। हाल ही में पाकिस्तान ने इराक के साथ मिलकर ईरान से एक डील की है। इसके तहत ईरान अब पाकिस्तान और इराकी तेल व एलएनजी जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान करेगा।  

‘अपने नेताओं से कहो पैसे बनाना बंद करें…’, AAP समर्थकों को हरभजन का जवाब


आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में जाने वाले नेताओं में पूर्व भारतीय क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह का नाम भी शामिल है। अपने इस फैसले के बाद हरभजन सिंह चुप्पी साधे हुए थे लेकिन अब उन्होंने सोशल मीडिया पर हो रही ट्रोलिंग का करारा जवाब दिया है। हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी यानी AAP समर्थकों को जवाब देते हुए कई गंभीर आरोप भी लगाए और सवालों का जवाब दिया। 

दरअसल, हाल के दिनों में हरभजन सिंह लगातार पंजाब की कानून व्यवस्था और राजनीतिक हालात को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर रहे थे। उनके कुछ पोस्ट पर AAP समर्थकों ने सवाल उठाए और उन पर राजनीति करने के आरोप लगाए। इसी दौरान एक यूजर के जवाब में हरभजन सिंह ने AAP नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। 

 

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क्या बोले हरभजन?

 

हरभजन सिंह से सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति ने सवाल किया, ‘जब आप AAP में थे तब आपने कभी पंजाब के लिए चिंता क्यों नहीं जाहिर की? पूरे कार्यकाल में आपने सिर्फ सुविधाओं का लाभ उठाया और ना तो कुछ पोस्ट किया और ना ही कुछ किया।’

 

इस पोस्ट के जवाब में हरभजन सिंह ने लिखा, ‘पहले तथ्यों की जांच कर लीजिए कि मैंने कितनी बार राज्यसभा में मुद्दे उठाए हैं। यह रिकॉर्ड में है। मैंने पंजाब सरकार की ओर से दी गई किसी भी सुविधा का लाभ नहीं लिया। भगवान ने मुझे क्रिकेट से बहुत कुछ दिया है। आपके साथ दिक्कत यह है कि अगर कोई मुद्दा उठाए तो आप पूछते हैं कि क्यों उठाया और अगर ना पूछें तो आप बोलते हैं कि चुप क्यों हैं। कमाल है यार।’ 

सोशल मीडिया पर दिया जवाब

हरभजन सिंह ने अपने अलग-अलग पोस्ट में पंजाब की स्थिति को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि पंजाब को बेहतर प्रशासन और साफ राजनीति की जरूरत है। उनके पोस्ट पर कई यूजर्स ने उन्हें ट्रोल करने की कोशिश की, जिसके बाद उन्होंने तीखे अंदाज में जवाब दिया। सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों ने कहा कि हरभजन सिंह सिर्फ अपनी राय रख रहे हैं, जबकि विरोधियों ने इसे राजनीतिक हमला बताया। एक पोस्ट के जवाब में हरभजन सिंह ने लिखा कि सही चीज के साथ खड़े हो जाएं। यह किसी राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं है।

पीएम को जिक्र क्यों?

सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति ने हरभजन सिंह से कहा कि अपने नेता नरेंद्र मोदी से कहें कि वह पंजाब के हिस्से का 1 हजार करोड़ रुपये ग्रामीण विकास फंड (RDF) का जारी करें।’ इसके जवाब में हरभजन सिंह ने कहा कि हां मैं उनसे (पीएम मोदी से) जरूर कहूंगा क्योंकि यह मेरी जिम्मेदारी है। इसके बाद उन्होंने  AAP पर हमला करते हुए कहा, ‘ क्या आप अपने नेता से कह सकते हैं कि पंजाब के मंत्रियों का इस्तेमाल करके पैसा लेना बंद कर दें? और पंजाबियों को झूठे वादों के साथ पागल बनाना बंद कर दें?’ बीजेपी में शामिल होने के बाद हरभजन सिंह अब खुलकर  AAP के विरोध में आ गए हैं। फिलहाल हरभजन सिंह का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। उनको लेकर अटकलें लग रही हैं की बीजेपी में उनकी भूमिका क्या होगी।

गर्मी में काम करना सेहत के लिए खतरनाक, हो सकती हैं ये परेशानियां

देशभर में भीषण गर्मी पड़ रही है। इस समय दिल्ली समेत अन्य राज्यों में तापमान 40 डिग्री के पार चला गया है। लोगों का गर्मी से बुरा हाल है। सुबह 8 बजे से चिलचिलाती धूप और गर्म हवाएं चलने लगती हैं। गर्मी और लू से बचने से लिए लोग तमाम तरह के उपाय कर रहे हैं। 

 

हेल्थ विशेषज्ञों के मुताबिक धूप में घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। ये समय उन लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक है जो बाहर काम करते हैं। इन लोगों को लू और हीट स्ट्रोक होने का खतरा ज्यादा रहता है। बाहर काम करने वाले लोगों को अपनी सेहत का ज्यादा ख्याल चाहिए। आइए जानते हैं जो लोग लगातार धूप में काम कर रहे हैं। उनकी सेहत पर क्या प्रभाव पड़ता है?

 

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गर्मी में रहने से हो सकती हैं ये परेशानियां

डिहाइड्रेशन

 

दोपहर के समय में गर्मी अपने चरम पर होती है। जब हम घर से बाहर निकलते हैं तब शरीर ठंडा रहता है। जैसे ही आप घर से बाहर निकलते हैं तो तुरंत पसीना आने लगता है। इस वजह से प्यास अधिक लगती है और थकान महसूस होती है।

 

थकान और कमजोरी

 

डिहाइड्रेशन की वजह से थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है। कई बार ऐहसास नहीं होता है लेकिन इस वजह से सिरदर्द और चक्कर भी आने लगता है।

 

हीट एग्जॉशन

 

गर्मी की वजह से शरीर का तापमान बढ़ जाता है। इस दौरान शरीर में पानी की कमी हो जाती है। हीट एग्जॉशन के कारण मांस पेशियों में दर्द, ऐंठन, सिर दर्द, चक्कर आने की समस्या होती है। हीट एग्जॉशन से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहे। साथ ही पानी वाली चीजों का भी सेवन करते रहना चाहिए।

 

हीट स्ट्रोक

 

अगर हीट एग्जॉशन ज्यादा देर तक रहता है तो हीट स्ट्रोक में बदल जाता है। अगर किसी व्यक्ति के शरीर का तापमान 104 डिग्री हो जाता है तो उसे हीट स्ट्रोक कहा जाता है। हीट स्ट्रोक होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाए।

 

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डॉक्टर क्या कहते हैं?

दिल्ली के एम्स (AIIMS) अस्पताल के चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर और डॉक्टर नवल विक्रम  के मुताबिक अगर आपको धूप में घर से बाहर निकलना पड़ रहा है तो सिर को टोपी, स्कार्फ, दुपट्टे या गमछे से ढककर रखें।

  • अगर आप बाहर घंटे या 2 घंटे काम कर रहे हैं तो बीच में 15 मिनट का ब्रेक लें ताकि शरीर का तापमान सामान्य हो सके।
  • थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहना चाहिए। पानी पीने से पसीना आता है जिसका मतलब शरीर का तापमान सामान्य है। पसीना नहीं आना परेशानी की बात हो सकती है।
  • मौसमी फल खाएं। इन फलों को खाने से शरीर में पानी की कमी नहीं होगी। साथ ही पोषण भी मिलेगा।

20 मई का राशिफल, विनायक गणेश चतुर्थी के दिन क्या बदलेगा आपका भाग्य? जानिए


20 मई 2026, बुधवार का दिन ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के प्रभाव में रहेगा। आज का मूलांक 2 भावनात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देगा। जहां चंद्रमा का प्रभाव मन को संवेदनशील बनाएगा, वहीं सूर्य और बुध की स्थिति कार्यक्षेत्र में नई योजनाओं को गति देने का संकेत दे रही है। आज का दिन धैर्य और समझदारी से निर्णय लेने वालों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।


ग्रहों की चाल के अनुसार आज कई राशियों को आर्थिक मामलों में राहत मिल सकती है, जबकि कुछ लोगों को रिश्तों में संयम रखने की आवश्यकता होगी। ऑफिस में प्रतियोगिता बढ़ेगी लेकिन मेहनत करने वालों को सकारात्मक परिणाम मिलेगा। कुल मिलाकर यह दिन आत्मविश्वास, योजना और संतुलन के साथ आगे बढ़ने का संकेत देता है।

 

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राशिफल और उपाय


मेष राशि


आज आपको करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, रुका हुआ धन मिलने के संकेत हैं। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी और परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा लेकिन थकान महसूस हो सकती है।
क्या करें – भगवान गणेश की पूजा करना शुभ रहेगा।
क्या न करें – किसी भी निर्णय में जल्दबाजी न करें।


वृषभ राशि


आज आपको नौकरी में मेहनत का परिणाम मिलेगा। सीनियर्स से सराहना मिल सकती है। बिजनेस में निवेश सोच-समझकर करें। आर्थिक मामलों में खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन आय बनी रहेगी। प्रेम जीवन सुखद रहेगा। स्वास्थ्य के लिहाज से पेट संबंधी समस्या परेशान कर सकती है।
क्या करें – आज सफेद वस्तु का दान लाभकारी रहेगा।
क्या न करें –किसी की बातों में आकर विवाद न करें।


मिथुन राशि


आज करियर में नई योजनाएं सफल होंगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। प्रेम जीवन में खुशियां रहेंगी। स्वास्थ्य में ऊर्जा बनी रहेगी, हालांकि नींद पूरी लें।
क्या करें – आज हनुमान चालीसा का पाठ करें।
क्या न करें – काम टालने की आदत छोड़ दें।

 

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कर्क राशि


नौकरीपेशा लोगों को काम का दबाव महसूस हो सकता है, लेकिन परिणाम अच्छे मिलेंगे। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी और अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। परिवार में किसी बात को लेकर चिंता हो सकती है। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य में सिरदर्द या तनाव परेशान कर सकता है।
क्या करें – जरूरतमंद लोगों की मदद करें।
क्या न करें – भावुक होकर फैसले लेने से बचें।


सिंह राशि


आज करियर में सफलता और सम्मान मिलने के संकेत हैं। बिजनेस में नए सौदे लाभ दे सकते हैं। आर्थिक रूप से दिन लाभकारी रहेगा और धन संचय बढ़ेगा। प्रेम संबंधों में रोमांच बना रहेगा।
क्या करें – सूर्यदेव को जल अर्पित करें।
क्या न करें – गुस्से में आकर करीबी रिश्ते न तोड़ें।


कन्या राशि


आज नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है और सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। बिजनेस में नए प्लान पर काम करना फायदेमंद रहेगा। आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी। परिवार में शांति बनी रहेगी और प्रेम संबंध मजबूत होंगे।
क्या करें – आज हरे रंग का प्रयोग शुभ रहेगा।
क्या न करें – छोटी बातों पर अधिक चिंता न करें।

 

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तुला राशि


आज करियर में रुके हुए काम पूरे होंगे और नए अवसर सामने आ सकते हैं। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। प्रेम जीवन में रिश्तों में मधुरता आएगी और परिवार का सहयोग मिलेगा।
क्या करें – मां लक्ष्मी की पूजा करना शुभ रहेगा।
क्या न करें – किसी भी कानूनी मामले में लापरवाही न करें।


वृश्चिक राशि


आज नौकरी में बदलाव के संकेत मिल सकते हैं। व्यापार में साझेदारी सोच-समझकर करें। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, लेकिन बचत पर ध्यान देना जरूरी है। प्रेम जीवन में भावनात्मक संतुलन बनाए रखें।
क्या करें – आज शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।
क्या न करें – दोस्तों पर जरूरत से ज्यादा भरोसा न करें।

 

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धनु राशि


आज के दिन करियर में सफलता और नई उपलब्धियां मिल सकती हैं। व्यापार में लाभदायक सौदे हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति शानदार रहेगी और धन लाभ के संकेत हैं। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा।
क्या करें – पीली वस्तु का दान करें।
क्या न करें – बिना सोचे बड़े वादे करने से बचें।


मकर राशि


आज आपको नौकरी में मेहनत अधिक करनी पड़ सकती है, लेकिन परिणाम संतोषजनक रहेंगे। व्यापार में धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। परिवार में किसी बुजुर्ग की सलाह लाभकारी साबित होगी।
क्या करें – आज शनि मंत्र का जाप करें।
क्या न करें – नकारात्मक सोच से दूरी बनाएं।


कुंभ राशि


आज करियर में क्रिएटिव काम करने पर सफलता मिलेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रुका हुआ धन मिलने की संभावना है। प्रेम जीवन में रिश्ते बेहतर होंगे। स्वास्थ्य में ताजगी बनी रहेगी लेकिन पानी अधिक पिएं।
क्या करें – आज जरूरतमंद की सहायता करना शुभ रहेगा।
क्या न करें – जल्दबाजी में निवेश करने से बचें।

 

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मीन राशि


नौकरी और व्यापार दोनों में प्रगति के संकेत हैं। आर्थिक मामलों में लाभ मिलने की संभावना है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। प्रेम संबंध मजबूत होंगे।
क्या करें – आज भगवान विष्णु की पूजा करें।
क्या न करें – किसी भी अफवाह या भ्रम में आकर निर्णय न लें।


नोट: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। अपनी मेहनत पर विश्वास रखें और सकारात्मक सोच के साथ दिन का आनंद लें।

‘बोलने की कीमत चुकाई’, हेले लेंग का अकाउंट सस्पेंड, क्या-क्या कहा?


नॉर्वे की पत्रकार हेले लेंग एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछकर सुर्खियां बटोरी थीं, वहीं अब हेले लेंग अपने सोशल मीडिया अकाउंट सस्पेंड होने को लेकर चर्चाओं में हैं। जब हेले लेंग ने नरेंद्र मोदी से सवाल पूछा था, तब उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। उस वीडियो को देखकर कई लोगों ने उन्हें ट्रोल किया, जिन्हें वह जवाब देना चाहती थीं लेकिन तब तक उनका अकाउंट ही सस्पेंड हो चुका था। हेले लेंग का दावा है कि उनका अकाउंट इसलिए सस्पेंड हुआ क्योंकि वह निर्भीक सवाल पूछ रही थीं। 

हेले लेंग ने नॉर्वे के एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान नरेंद्र मोदी से सवाल पूछा था। उसी वजह से वह सोशल मीडिया पर मशहूर हो गईं। हेले लेंग के एक्स अकाउंट पर पहले 400 फॉलोअर्स थे, जो बढ़कर 45 हजार हो गए। हेले लेंग ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट सस्पेंड होने की जानकारी एक्स अकाउंट पर दी थी।

 

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हेले ने नरेंद्र मोदी से क्या सवाल पूछा?

 

पीएम नरेंद्र मोदी हाल ही में नॉर्वे में एक संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में गए थे। जहां कार्यक्रम खत्म होने के बाद वह हॉल से बाहर निकल रहे थे, तभी हेले लेंग ने चिल्लाकर सवाल पूछा, ‘आप दुनिया के नंबर 1 स्वतंत्र प्रेस से सवाल क्यों नहीं लेते?’ इस सवाल पर नरेंद्र मोदी ने कोई जवाब नहीं दिया। कई लोग अंदाजा लगा रहे हैं कि मोदी को सवाल सुनाई दिया होगा। इसी दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।

 

इस घटना के बाद हेले लेंग ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर कहा, ‘नरेंद्र मोदी ने मेरे सवालों का जवाब नहीं दिया, मुझे पहले से पता था। नॉर्वे का प्रेस फ्रीडम इंडेक्स नंबर 1 पर है, जबकि भारत 157वें नंबर पर है।’ इस पोस्ट को लेकर कई लोगों ने कमेंट कर विरोध किया था।

 

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हेले लेंग का इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट हुआ सस्पेंड

 

अकाउंट सस्पेंड होने के बाद हेले लेंग ने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर कहा, ‘जो लोग मुझसे इंस्टाग्राम और फेसबुक पर संपर्क कर रहे हैं, उन्हें बता दूं कि मेरा अकाउंट सस्पेंड हो चुका है।’ इसके बाद हेले ने कहा, ‘मैं ज्यादा से ज्यादा भारतीय लोगों को जवाब देना चाहती थी, अब उन्हें कुछ समय बाद ही जवाब दे पाऊंगी।’

इसके अगले पोस्ट में हेले लेंग ने कहा, ‘एक स्वतंत्र प्रेस के लिए अकाउंट सस्पेंड होना एक छोटी सी कीमत है।’ साथ ही उन्होंने कहा कि उनके साथ ऐसा पहली बार हुआ है।

चंडीगढ़ टू अंबाला सफर होगा आसान, जीरकपुर वाले जाम का पंगा खत्म, हिमाचल को फायदा


लंबे समय से चर्चा में चल रहे अंबाला-चंडीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे को लेकर अब बड़ा अपडेट आया है। प्रशासन की तरफ से इस हाईवे के लिए स्पीड नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इसके बाद अब इस रूट पर सफर पहले के मुकाबले काफी तेज और आसान हो जाएगा। इस बीच इस प्रोजेक्ट का एक हिस्सा बनकर पूरी तरह से तैयार हो गया है। मोहाली-कुराली बायपास को आम लोगों के लिए भी खोल दिया गया है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद पंजाब हिमाचल और जम्मू-कश्मीर से दिल्ली जाने वालों के लिए सफर आसान हो जाएगा।

 

यह हाईवे केंद्र सरकार की तरफ से बनाया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक हाईवे पूरी तरह शुरू होने के बाद लोग अंबाला से चंडीगढ़ तक का सफर करीब 40-50 मिनट में पूरा कर सकेंगे। अभी तक इस रूट पर लोगों को भारी ट्रैफिक और पुराने हाईवे की वजह से काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी। खासकर ऑफिस टाइम में लंबा जाम लगना आम बात बन चुकी थी।

 

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इसी साल पूरा हो सकता है काम

इस सड़क का कुछ हिस्सा बनना अभी रहता है। इसके लिए  मोहाली के डेराबस्सी इलाके में जमीन अधिग्रहण की नई अधिसूचना जारी की गई। इस जमीन का इस्तेमाल 5 से 25 किलोमीटर तक सड़क बनाने के लिए किया जाएगा। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि सरकार का टारगेट इस प्रोजेक्ट को इसी साल के अंत तक पूरा करने का है। 

अंबाला से चंडीगढ़ सफर होगा आसान

अंबाला-चंडीगढ़ रूट हरियाणा और पंजाब के लिए बेहद अहम माना जाता है। रोजाना हजारों लोग नौकरी, कारोबार और दूसरे कामों के लिए इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में ग्रीनफील्ड हाईवे शुरू होने से सबसे ज्यादा राहत रोजाना सफर करने वाले लोगों को मिलने वाली है। एक अनुमान के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से रोजाना लगभर 80 हजार गाड़ियों को सीधा फायदा मिलेगा।  प्रशासन का कहना है कि हाईवे को इस तरह डिजाइन किया गया है ताकि वाहन बिना शहर के ट्रैफिक में फंसे सीधे तेज रफ्तार से सफर कर सकें।

दिल्ली का सफर होगा आसान

इस हाईवे का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। अभी तक अंबाला और जीरकपुर के आसपास भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। शाम के समय इस रास्ते पर घंटों तक लोग फंस रहते हैं। छुट्टियों और वीकेंड पर तो हालात और भी खराब हो जाते हैं। इसी रूट से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के लोग दिल्ली जाते हैं। ऐसे में इस रूट पर काफी ज्यादा दबाव था। जीरकपुर से अंबाला पहुंचने में ही काफी ज्यादा समय लग जाता था। अब ग्रीनफील्ड हाईवे बनने के बाद लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

 

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ट्राइसिटी के लिए अहम

इस हाईवे को इसे ट्राईसिटी रिंग रोड योजना के तहत 2020-21 में मंजूरी दी गई थी। ट्राइसिटी में चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली शामिल हैं। इस हाईवे से इन तीन शहरों के साथ-साथ अंबाला को भी काफी ज्यादा फायदा होगा। इस प्रोजेक्ट को हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर अपडेट माना जा रहा है। अंबाला, पंचकूला, चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह हाईवे गेमचेंजर साबित हो सकता है।

दमकती त्वचा के लिए आलिया खाती हैं यह हेल्दी स्नैक, खुद बताया सीक्रेट


बॉलीवुड अभिनेत्रियों की त्वचा हमेशा चमकती रहती हैं। कोई भी इवेंट हो, पार्टी हो या नो मेकअप लुक हो, सेलेब्स के चेहरे पर हमेशा चमक बनी रहती है। हाल ही में अभिनेत्री आलिया भट्ट कान फिल्म फेस्टिवल 2026 में शामिल हुई थीं। उनके ग्लैमरस लुक ने दर्शकों का दिल जीत लिया था। इस इवेंट में जब आलिया से उनकी स्वस्थ त्वचा का सीक्रेट पूछा गया? उस समय उन्होंने जवाब दिया कि वह घर का बना स्नैक खाती हैं जो उनकी त्वचा और आंत के लिए फायदेमंद होता है। 

 

आलिया ने कहा, ‘घी हमारे आंत के लिए अच्छा होता है साथ ही हमारी त्वचा के लिए फायदेमंद होता है। घी का इस्तेमाल कर आप एक हेल्दी नाश्ता बना सकते हैं। इस डिश को बनाने के लिए आपको घी में थोड़ा सा गुड़ और दर दरा पीसा हुआ मूंगफली मिलना और घीसा हुआ नारियाल मिलाएं। यह एक स्किन स्नैक है। मैं इसे खाती हूं क्योंकि इससे मेरी त्वचा अच्छा लगती है।’

 

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आलिया ने शेयर किया स्किन केयर रूटीन

आलिया अक्सर अपने इंटरव्यू में घरेलू नुस्खों की बात करती है। मेडिकल रिसर्च के मुताबिक स्वस्थ आंत, हेल्दी फैट और त्वचा गुणवत्ता के बीच में सीधा संबंध है। घी में फैट सॉल्युबल विटामिन होता है जैसे कि विटामिन A, E, K पाया जाता है जो त्वचा को रिपेयर करता है और स्किन बैरियर को मेंटेन रखने में मदद करता है।

 

मूंगफली में हेल्दी फैट और एंटी ऑक्सीडेंट पाया जाता है। जबकि गुड़ में जरूर मिनरल्स पाए जाते हैं। जब आपकी आंत स्वस्थ रहती है तो त्वचा ज्यादा निखरी और खूबसूरत दिखती है। अगर आपको आंत संबंधी समस्याएं हैं तो चेहरे पर मुंहासे, रेडनेस और एलर्जी होने का खतरा ज्यादा रहता है।

 

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कैसे पाएं हेल्दी स्किन?

आपको उन चीजों को सेवन करना चाहिए जो पेट के लिए फायदेमंद होती है। अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर, फर्मेंटेड और संतुलित आहार को शामिल करें जो पाचन तंत्र को बेहतर करता है और शरीर को स्वस्थ रखता है। सिर्फ स्वस्थ खान-पान काफी नहीं ग्लोइंग त्वचा को लिए पर्याप्त नींद, तनाव कम लें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, धूप में कम निकलें। दमकती त्वचा के लिए इन सभी बातों का ध्यान रखें।

 

काशी की पंचकोशी यात्रा के कितने पड़ाव हैं? मंदिर से पौराणिक महत्व तक, सब जानिए


सनातन धर्म में उत्तर प्रदेश के काशी नगर को मोक्ष का नगर माना जाता है। माना जाता है कि मृत्यु के बाद इसी काशी में किसी भी व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। साल के अधिकमास महीने में काशी में पंचकोशी तीर्थ यात्रा शुरू होती है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक पंचकोशी यात्रा करने से भक्तों को मोक्ष मिलता है। इस साल यह यात्रा 17 मई से शुरू हो चुकी है, जो 15 जून महीने में खत्म होगी।

 

पंचकोशी यात्रा काशी के मणिकर्णिका घाट से शुरू होती है। उसके बाद भक्तगण पांच धर्म स्थलों के दर्शन करते हैं। ये स्थल कर्दमेश्वर, भीमचंडी, रामेश्वर, शिवपुर और कपिलधारा मंदिर हैं, जहां कई लोग पदयात्रा कर दर्शन करते हैं। यह पांचों पड़ाव लगभग 84 किलोमीटर लंबे मार्ग में स्थित हैं। अब सवाल उठता है कि इस यात्रा से जुड़ी पौराणिक कथा क्या है, साथ ही यह भी कि तीर्थयात्रा में हर पड़ाव का क्या महत्व है।

 

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क्या हैं पांच पड़ाव?


काशी की पंचकोशी यात्रा में सबसे पहले भक्त मणिकर्णिका घाट जाते हैं। उसके बाद पांच अलग-अलग मंदिरों के दर्शन किए जाते हैं। यह यात्रा पांच दिनों की होती है, जिसमें कई भक्त 84 किलोमीटर पैदल चलते हैं। हालांकि जिन लोगों को पैदल चलने में परेशानी हो, वे गाड़ी से भी यह यात्रा कर सकते हैं।


इस यात्रा में भक्त सबसे पहले कर्दमेश्वर मंदिर जाते हैं, जो यात्रा का प्रवेश द्वार माना जाता है। इस मंदिर में लोग महादेव के दर्शन करते हैं। उसके बाद दूसरा मंदिर भीमचंडी है। इस मंदिर में मां भीमचंडी विराजमान हैं, जहां जाकर लोग श्रद्धा भाव से पूजा करते हैं।


इसके बाद यात्रा का तीसरा पड़ाव रामेश्वर मंदिर है। इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां भगवान राम आए थे और शिवलिंग की स्थापना की थी। यात्रा का चौथा पड़ाव शिवपुर है। इस जगह को लेकर मान्यता है कि पांच पांडवों ने यहां शिवलिंग की स्थापना की थी। इसी शिवलिंग के दर्शन के लिए भक्त यहां आते हैं। इस यात्रा का आखिरी पड़ाव कपिलधारा है, जो वरुणा नदी के पास स्थित है।

 

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यात्रा से जुड़ी पौराणिक मान्यता


पौराणिक मान्यताओं के अनुसार एक बार राजा दशरथ जंगल में शिकार करने गए थे। जंगल में राजा दशरथ के वार से श्रवण कुमार की मृत्यु हो गई, जिसके बाद श्रवण कुमार के माता-पिता ने उन्हें श्राप दिया। राजा दशरथ के बड़े पुत्र राम को जब इस श्राप के बारे में पता चला, तब उन्होंने पंचकोशी यात्रा की थी, ताकि राजा दशरथ को श्राप से मुक्ति मिल सके।


नोट- यह लेख धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी की हम पुष्टि नहीं करते

सेक्युलर हो गया पाकिस्तान? इस्लामपुरा बनेगा कृष्ण नगर, हिंदू नामों पर जोर


पाकिस्तान के लाहौर में बंटवारे के करीब 79 साल बाद सड़कों, गलियों और चौकों के पुराने नामों को वापस लाया जा रहा है। वहां की पंजाब सरकार ने फैसला किया है कि 1947 के बंटवारे से पहले जो हिंदू, सिख, जैन और अंग्रेजों के जमाने के नाम थे उन्हें फिर से रखा जाएगा। बंटवारे के बाद इन जगहों के नाम बदलकर जो नए नाम रखे गए थे उन्हें अब हटा दिया जाएगा।

 

इस काम की शुरुआत पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज की कैबिनेट मीटिंग से हुई। इस मीटिंग में सरकार ने लाहौर के पुराने नामों को दोबारा इस्तेमाल करने के प्लान को मंजूरी दे दी। एक अधिकारी ने बताया कि पिछले दो महीनों में लाहौर के कई इलाकों में पुराने नामों वाले नए साइनबोर्ड लगने भी शुरू हो चुके हैं। अब तक ऐसी 9 जगहों को उनका पुराना नाम आधिकारिक रूप से वापस मिल गया है।

 

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किस जगह का नाम बदलकर क्या रखा गया?

सरकारी फैसले के बाद लाहौर की कई मुख्य जगहों के पुराने नाम वापस आ गए हैं जिसके तहत अब इस्लामपुरा को फिर से कृष्ण नगर, बाबरी मस्जिद चौक को जैन मंदिर चौक या जैन मंदिर रोड और सुन्नत नगर को संत नगर कहा जाएगा। इसी तरह मुस्तफाबाद को अब लोग फिर से धर्मपुरा के नाम से जानेंगे जबकि मौलाना जफर अली खान चौक को उसका पुराना और मशहूर नाम लक्ष्मी चौक वापस मिल गया है। इसके अलावा सर आगा खान रोड को बदलकर फिर से डेविस रोड, फातिमा जिन्ना रोड को क्वींस रोड और प्रसिद्ध बाग-ए-जिन्ना को अब उसके पुराने नाम लॉरेंस गार्डन्स के रूप में जाना जाएगा।

लोगों को हमेशा याद रहे ये नाम

भले ही सरकारी कागजों और बोर्ड पर बंटवारे के बाद नाम बदल दिए गए थे लेकिन लाहौर के आम लोगों ने इन नामों को कभी नहीं भुलाया। लाहौर संस्था के पूर्व अधिकारी कामरान लशारी बताते हैं कि वहां के चाय वाले, दुकानदार, रिक्शा चलाने वाले और आम लोग आपस में बातचीत के दौरान हमेशा इन्हीं पुराने नामों का इस्तेमाल करते थे। उनके लिए लक्ष्मी चौक हमेशा लक्ष्मी चौक ही रहा चाहे बोर्ड पर कुछ भी लिखा हो। उन्होंने कहा कि यह कोशिश लाहौर की उस पुरानी पहचान को अपनाने की है जो मुस्लिम, सिख, हिंदू, ईसाई और पारसी सभी से मिलकर बनी थी।

 

अमृतसर से सिर्फ 50 किलोमीटर दूर लाहौर कभी सभी धर्मों का एक साझा घर हुआ करता था। वहां के बाजार, कॉलेज, पार्क, अखाड़े, मंदिर और गुरुद्वारे सबके थे। 1947 के बंटवारे के समय हुई हिंसा के बाद ज्यादातर हिंदू और सिख परिवार वहां से चले गए। इसके बाद धीरे-धीरे उनसे जुड़ी जगहों के नाम बदल दिए गए लेकिन शहर के आम लोगों ने अपनी यादों को कभी मिटने नहीं दिया।

ऐतिहासिक इमारतें

लाहौर में 100 से ज्यादा ऐसी ऐतिहासिक इमारतें हैं जिन्हें सरकार अब सुधार रही है। इस काम के दौरान न सिर्फ सड़कों के नाम बदले जा रहे हैं बल्कि महाराजा रणजीत सिंह के सिख साम्राज्य से जुड़े ढांचों और पुराने चर्चों की मरम्मत भी की जा रही है। लाहौर के किले में सिख राजपरिवार की आखिरी वंशज प्रिंसेस बंबा सदरलैंड की एक पेंटिंग को भी ठीक किया गया है। कामरान लशारी ने बताया कि पहले जब महाराजा रणजीत सिंह की मूर्ति लगाने की कोशिश हुई थी तो उसे नुकसान पहुंचाया गया था लेकिन अब पिछले कुछ सालों में वहां का माहौल बदला है और लोग पुराने इतिहास को अपनाने लगे हैं।

 

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भी लाहौर के खेल के दौर को दोबारा जिंदा करने का सुझाव दिया है। उन्होंने लाहौर के पुराने क्रिकेट मैदानों और मिंटो पार्क जिसे अब ग्रेटर इकबाल पार्क कहते हैं उस पुराने कुश्ती अखाड़े को वापस शुरू करने की बात कही है। बंटवारे से पहले इस मैदान ने दोनों देशों को बड़े खिलाड़ी दिए हैं जैसे पाकिस्तान के इंजमाम-उल-हक और भारत के महान क्रिकेटर लाला अमरनाथ जिन्होंने 1947 से पहले यहीं ट्रेनिंग ली थी।

 

मिंटो पार्क का जो अखाड़ा तोड़ दिया गया था वहां कभी दुनिया के मशहूर गामा पहलवान और इमाम बख्श के कुश्ती मुकाबले हुआ करते थे। बंटवारे से पहले लाहौर के सभी हिंदू परिवार हर साल इसी पार्क में दशहरे का त्योहार मनाने के लिए एक साथ इकट्ठा हुआ करते थे।