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गुजरात, बिहार और एमपी की इन सीटों पर उपचुनाव, ECI ने किया ऐलान


भारत निर्वाचन आयोग ने तीन राज्यों में तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का ऐलान कर दिया है। 30 जुलाई को बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन सीटों पर वोटिंग होगी। 3 अगस्त को नतीजे आएंगे। बिहार की बांकीपुर, मध्य प्रदेश की दतिया और गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव होंगे।

 

चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 13 जुलाई है। 14 जुलाई को नामांकन जांच की अंतिम तारीख है। 16 जुलाई तक प्रत्याशी अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को मतगणना होगी। 4 जुलाई को चुनाव प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी।

 

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तीन सीटों पर क्यों हो रहे चुनाव?

बांकीपुर विधानसभा सीट बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। वहीं दतिया के विधायक राजेंद्र भारती को अयोग्य ठहराने के बाद यहां चुनाव होंगे। गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट से विधायक योगेशभाई नारनदास पटेल के निधन के बाद से यह सीट खाली थी। 

 

 

 

 

दतिया विधानसभा सीट पर 2023 में कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र भारती ने जीत हासिल की थी। इसी साल अप्रैल में कोऑपरेटिव बैंक घोटाला मामले में अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया और तीन साल की सजा सुनाई। इसके बाद विधायक को अयोग्य घोषित कर दिया गया।

 

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बांकीपुर में किसका दबदबा

बांकीपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी का दबदबा है। 2010 से यहां नितिन नबीन लगातार विधायक रहे। 2010 से पहली बार यहां से चुनाव जीता। 2015 में दूसरी बार और 2020 में तीसरी और हाल ही में पिछले साल चौथी बार विधायक बने। अबकी बार जनसुराज ने भी बांकीपुर सीट से हुंकार भरने का ऐलान किया है। प्रशांत किशोर ने खुद कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह बांकीपुर सीट से चुनाव लड़ सकते हैं।

 

बच्चों ने खराब कर दिए नए कपड़े? घरेलू नुस्खे जो गायब करेंगे जिद्दी दाग


छोटे बच्चे अक्सर अपने कपड़ों पर खाना गिरा देते हैं। दाल, सब्जी, चॉकलेट, जूस या हल्दी जैसे दाग अगर समय पर साफ न किए जाएं तो उनका हटना मुश्किल हो जाता है। कपड़े पर इस दाग को छुटाना किसी झंझट से कम नहीं है। इसी परेशानी को देखते हुए हम आपके लिए कुछ आसान घरेलू उपाय लेकर आए हैं जिनके इस्तेमाल से कपड़े नए जैसे दिखने लगेंगे। बिना महंगे प्रोडक्ट्स के भी इन जिद्दी दागों को हटाया जा सकता है।

 

बच्चों के कपड़ों पर दाग सिर्फ खाने की वजह से ही नहीं लगते, बल्कि खेलते समय मिट्टी, स्कूल में स्याही, पेंट या दूसरी कई चीजों के कारण भी कपड़े गंदे हो जाते हैं। महंगे डिटर्जेंट इस्तेमाल करने के बाद भी दाग पूरी तरह से कपड़ो से नहीं निकलता है जिससे नए कपड़े भी पुराने की तरह दिखने लगते हैं। हालांकि ऐसी कई असरदार चीजें आपके घर की रसोई में ही मौजूद हैं जिनकी मदद से कपड़ों के दाग काफी हद तक साफ किए जा सकते हैं।

 

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1. ठंडे पानी से तुरंत धोएं

दाग लगते ही कपड़े को ठंडे पानी से धो लें। इससे दाग कपड़े के रेशों में गहराई तक नहीं जाता और बाद में साफ करना आसान हो जाता है। गर्म पानी का इस्तेमाल करने से कुछ दाग और ज्यादा पक्के हो सकते हैं।

2. बेकिंग सोडा का पेस्ट लगाएं

एक चम्मच बेकिंग सोडा में थोड़ा पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें। इसे दाग वाली जगह पर 20 मिनट तक लगाकर रखें और फिर हल्के हाथों से रगड़कर धो लें। इससे तेल और खाने के कई तरह के दाग हल्के हो जाते हैं।

3. नींबू का रस और नमक

नींबू के रस में थोड़ा नमक मिलाकर दाग पर लगाएं। 10–15 मिनट बाद कपड़े को धो लें। यह तरीका हल्के रंग के कपड़ों पर ज्यादा असरदार होता है। रंगीन कपड़ों पर पहले किसी छिपी जगह पर टेस्ट जरूर करें।

 

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4. सफेद सिरके का इस्तेमाल करें

एक कप पानी में थोड़ा सफेद सिरका मिलाकर दाग वाली जगह पर लगाएं। 15 मिनट बाद सामान्य डिटर्जेंट से कपड़ा धो लें। इससे कई तरह के खाने और जूस के दाग आसानी से निकल सकते हैं।

5. लिक्विड डिशवॉश से तेल के दाग हटाएं

अगर दाग घी, मक्खन या तैलीय खाने का है, तो उस पर थोड़ा-सा लिक्विड डिशवॉश लगाकर 10 मिनट छोड़ दें। इसके बाद हल्के हाथों से रगड़कर धो लें।

6. दही से हल्दी के दाग कम करें

हल्दी के दाग हटाने के लिए दाग वाली जगह पर थोड़ा दही लगाकर 20–30 मिनट तक छोड़ दें। इसके बाद सामान्य तरीके से धो लें। इससे हल्दी का रंग काफी हद तक हल्का हो सकता है।

7. धूप में सुखाएं

दाग साफ करने के बाद कपड़ों को हल्की धूप में सुखाएं। नेचुरल धूप कई हल्के दागों को फीका करने में मदद करती है। हालांकि रंगीन कपड़ों को तेज धूप में ज्यादा देर तक न रखें।

ध्यान रखने वाली बातें

  • दाग जितनी जल्दी साफ करेंगे उतनी आसानी से निकलेंगे।
  • कपड़ों पर कोई भी घरेलू उपाय अपनाने से पहले एक छोटे हिस्से पर टेस्ट जरूर करें।
  • बच्चों की त्वचा संवेदनशील होती है। इसलिए कपड़े धोने के बाद उन्हें अच्छी तरह पानी से जरूर निकालें ताकि किसी भी चीज का अवशेष न रह जाए।
  • बहुत पुराने या जिद्दी दागों के लिए कपड़े के फैब्रिक के अनुसार उचित क्लीनिंग प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें।

अकाल मृत्यु के कारण और उससे बचने के उपाय वेद-पुराणों से समझिए


हिंदू धर्म में जीवन और मृत्यु को संसार का परम सत्य माना गया है, जिसे कोई भी व्यक्ति टाल नहीं सकता। कई लोगों की अकाल मृत्यु होती है, यानी किसी दुर्घटना, एक्सीडेंट या उम्र से पहले व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार व्यक्ति को उसके कर्मों की वजह से अकाल मृत्यु मिलती है। गरुड़ पुराण में बताया गया है कि कोई भी व्यक्ति अपने पुण्य कर्मों की वजह से जीवन को खुशहाल बना सकता है, जबकि बुरे कर्म करके व्यक्ति अपने जीवन को कष्टदायी बना देता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को अकाल मृत्यु का भी सामना करना पड़ सकता है।

 

वेदों में अकाल मृत्यु के कारणों का ज्यादा उल्लेख नहीं किया गया है, बल्कि व्यक्ति की आयु बढ़ाने वाले यानी अकाल मृत्यु से बचने के उपाय बताए गए हैं। वेदों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जो व्यक्ति अपने जीवन में कुछ खास कर्म करता है, वह न सिर्फ अपने जीवन के कष्टों को दूर कर सकता है, बल्कि अकाल मृत्यु जैसी स्थिति से भी बच सकता है। आइए जानते हैं कि गरुड़ पुराण में अकाल मृत्यु के क्या कारण बताए गए हैं। उसके बाद जानते हैं अकाल मृत्यु से बचने के क्या उपाय हैं।

 

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अकाल मृत्यु के कारण

 

धर्म का त्याग गरुड़ पुराण में बताया गया है कि जो व्यक्ति धार्मिक कार्य नहीं करता, उसका आचरण दूषित हो जाता है। इससे वह दुष्कर्म करने लगता है, जिसके परिणामस्वरूप व्यक्ति को अकाल मृत्यु प्राप्त हो सकती है।

 

विश्वासघात – जो व्यक्ति अपने रिश्तों में धोखा देता है, यानी यदि पति या पत्नी का किसी अन्य व्यक्ति के साथ प्रेम संबंध हो, तो ऐसे कर्मों को गंभीर पाप माना गया है और इनके कारण अकाल मृत्यु का सामना करना पड़ सकता है।

 

बड़ों और गुरुओं का अपमान-  जो व्यक्ति अपने माता-पिता का अपमान करता है तथा गुरुओं का तिरस्कार करता है, उसके इन कर्मों को पाप कर्म माना गया है।

 

पिछले जन्म के बुरे कर्म-  गरुड़ पुराण में बताया गया है कि केवल इस जन्म के कर्मों की वजह से ही व्यक्ति की अकाल मृत्यु नहीं होती, बल्कि पिछले जन्म के बुरे कर्मों के कारण भी अकाल मृत्यु मिल सकती है।

 

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अकाल मृत्यु से बचने के उपाय

 

हिंदू धर्म के धार्मिक ग्रंथ यजुर्वेद और ऋग्वेद में अकाल मृत्यु से बचने के कई उपाय बताए गए हैं, जबकि गरुड़ पुराण में अकाल मृत्यु के कारण बताए गए हैं।

 

1. महामृत्युंजय मंत्र

 

ऋग्वेद में बताया गया है कि महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से व्यक्ति अपने जीवन की रक्षा के लिए भगवान शिव से प्रार्थना कर सकता है। ऋग्वेद में रुद्र यानी शिव भगवान को मृत्यु पर विजय दिलाने वाले देवता माना गया है।इस मंत्र के बारे में परंपरागत मान्यता है कि इसमें आरोग्य प्रदान करने वाली शक्तियां हैं, जिनके जप से ऐसी सकारात्मक तरंगें उत्पन्न होती हैं जो व्यक्ति को मृत्यु के भय से मुक्त करती हैं। इसी कारण इसे मोक्ष मंत्र भी कहा जाता है। इस मंत्र के माध्यम से व्यक्ति भगवान शिव से मृत्यु पर विजय प्राप्त करने का आशीर्वाद मांगता है।

 

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥

 

 इस मंत्अर का अर्थ हे भगवान शिव हमें मृत्यु के बंधन से मुक्त करें। धार्मिक मान्यता है कि इस मंत्र के जाप से व्यक्ति के मन में ऐसी ऊर्जा जागती है, जिससे वह मृत्यु के भय से मुक्त हो जाता है। इसलिए इसे मोक्ष मंत्र भी कहा जाता है।

 

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2. हवन-यज्ञ करें

 

यजुर्वेद में महामृत्युंजय मंत्र के जाप के साथ-साथ हवन-यज्ञ की विधि का भी उल्लेख किया गया है। यजुर्वेद के अनुसार महामृत्युंजय मंत्र के माध्यम से व्यक्ति भगवान शिव का स्मरण कर सकता है। इसके साथ रुद्राभिषेक तथा घी की आहुति देकर हवन करने से भी व्यक्ति अकाल मृत्यु जैसी विपत्तियों से रक्षा की प्रार्थना कर सकता है।

बेल्जियम में 10 मंजिला इमारत में लगी भीषण आग, अब तक 6 की मौत


बेल्जियम के एंटवर्प शहर में एक 10 मंजिला अपार्टमेंट बिल्डिंग में भीषण आग लगने से छह लोगों की जान चली गई। कई अन्य लोगों के झुलसने की आशंका है। बताया जा रहा है कि 10 मंजिला इमारत में कुल 80 अपार्टमेंट हैं। इनमें 200 से ज्यादा लोग रहते हैं। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया कि आग की चपेट में और कितने लोग आए हैं। पुलिस के मुताबिक घटना बुधवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे की है। 

 

यह इमारत एंटवर्प के लिंकरेओवर इलाके में है। एंटवर्प पुलिस ने बताया कि भूतल पर तकनीकी खराबी के कारण लगी। देखते ही देखते अन्य फ्लोर को अपनी चपेट में लिया। आग की सूचना मिलने के तुरंत बाद दमकल की गाड़ियां, एम्बुलेंस और आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचीं। इमारत में धुआं अधिक होने के कारण दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने में काफी समय लगा। 

 

 

 

 

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पुलिस ने बताया कि दस मंजिला इमारत को खाली करा लिया गया। लोगों को चेतावनी दी गई कि वे अपने फ्लैट के खिड़की-दरवाजे बंद रखें। उधर, बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा ‘लिंकरेओवर में लगी भयानक आग के पीड़ितों के साथ उनकी संवेदनाएं हैं। मैं आपातकालीन सेवाओं के कर्मियों की सराहना करना चाहता हूं जो आग पर काबू पाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।’

 

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सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक शख्स इमारत के ऊपरी मंजिल में फंसा है। धुआं से घिरा शख्स बालकनी से लटका था। एक अन्य शख्स ने बताया कि पहले बिजली गई। करीब तीन मिनट बाद फायर अलार्म बजा। तब तक कॉरिडोर में धुआं भर चुका था। हम छत पर मदद का इंतजार करने लगे। करीब 10 मिनट बाद दमकल विभाग की टीम ने सीढ़ी लगाकर छत से उतारा।

कौन हैं IPS दीपक गहलावत, जिन्हें 3 करोड़ की रिश्वत मामले में CBI ने अरेस्ट किया


केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी 3 करोड़ रिश्वत मामले में हुई है। 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी मौजूदा समय में दिल्ली में ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में तैनात हैं। सीबीआई के मुताबिक आरोपियों ने नकली दवा निर्माण घोटाले की जांच को प्रभावित करने और आरोपियों को राहत दिलाने के बदले रिश्वत मांगी थी। 

 

क्षेत्रीय निदेशक के पद पर तैनात दीपक पर आरोप है कि उन्होंने पुडुचेरी के नकली दवा रैकेट के मुख्य आरोपी को सीबीआई जांच में राहत दिलाने के नाम पर 3 करोड़ की रिश्वत मांगी। सीबीआई ने 8 जून को दिल्ली पुलिस के एक इंस्पेक्टर और दो अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। 

 

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व्यवसायी को भी बनाया गया आरोपी

इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह और एक कथित बिचौलिए राजकुमार को एक करोड़ की पहली किस्त बतौर रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। सीबीआई ने पुडुचेरी के व्यवसायी एन. राजा उर्फ राजशेखर को भी आरोपी बनाया। सीबीआई ने डिजिटल डिवाइस, हार्ड डिस्क और दस्तावेज जब्त किए हैं।

90 लाख की रकम पकड़ी

सीबीआई ने जांच में पाया कि दीपक गहलावत ने गैर-कानूनी तरीके से रिश्वत की मांग की। उसने दावा किया कि वह अपने निजी प्रभाव का इस्तेमाल करके पुडुचेरी में नकली दवाओं की बिक्री से जुड़े सीबीआई के मामले में निजी लोगों को राहत दिला सकता है। सीबीआई ने ट्रैप बिछाकर दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर और 6 अन्य प्राइवेट लोगों को पकड़ा। लगभग करीब 25 लाख रुपये की ट्रैप राशि और 90 लाख रुपये बरामद किए गए। जांच में अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले।

दीपक गहलावत पर क्या आरोप?

आईपीएस दीपक गहलावत पर आरोप है कि उन्होंने अपने कथित संपर्कों का हवाला दिया और रिश्वत मांगी। हवाला नेटवर्क के माध्यम से कुछ राशि पहले ही ट्रांसफर की जा चुकी।  गहन जांच करने के बाद सीबीआई ने आज यानी बुधवार को दीपक गहलावत को गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, आपराधिक साजिश और रिश्वतखोरी के तहत कार्रवाई की जा रही है।

 

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आईपीएस दीपक गहलावत केंद्रीय प्रतिनियुक्त से पहले हरियाणा पुलिस में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वे गुरुग्राम समेत कई जिलों में एसपी और डीसीपी के पद पर तैनात रह चुके हैं। फिटनेस और पावरलिफ्टिंग के शौकीन दीपक को हाल ही में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया था।

मिनोक्सीडिल की जगह बालों में लगाएं ये चीजें, नहीं होगा साइड इफेक्ट!


झड़ते बालों की समस्या से हर कोई परेशान है। फिर चाहें वह व्यक्ति 25 साल का हो या फिर 45 साल का है। खराब खान पान की वजह से बालों का वॉल्यूम धीरे-धीरे कम होने लगता है। लोग पतले और झड़ते बालों की समस्या से परेशान है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए कई लोग मिनोक्सीडिल का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये झड़ते बालों की समस्या को ठीक करता है।

 

क्या आप जानते हैं कि हर व्यक्ति को मिनोक्सीडिल से फायदा नहीं मिलता है। कुछ लोगों को मिनोक्सीडिल लगाने के बाद स्कैल्प में खुजली और इरिटेशन की समस्या होती है। क्या आप जानते हैं कि कई ऐसी चीजें हैं जो बालों में लगाने से फायदा पहुंचता है। आइए उन चीजों को बारे में जानते हैं।

 

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मिनोक्सीडिल की जगह लगाएं ये चीजें

कैफीन बेस्ड सीरम

 

अगर आप जानते हैं कि सुबह की कॉफी में मौजूद कैफीन बालों के लिए बहुत फायदेमंद है। आप बालों को मजबूत रखने के लिए कैफीन बेस्ड सीरम का इस्तेमाल करें। कई स्टडी में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि कैफीन बालों के लिए बहुत फायदेमंद है। कैफीन हेयर फॉलिकल्स को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह एकदम से आपके बालों पर काम नहीं करता है लेकिन धीरे-धीरे आपको असर दिखेगा।

 

रोजमेरी ऑयल

 

कुछ सालों से रोजमेरी तेल की डिमांड बढ़ गई है। इस तेल को लगाने से बाल झड़ने की समस्या को कम किया जा सकता है। SKINmed के अध्ययन में पाया गया कि रोजमेरी बालों की ग्रोथ को बढ़ाने का काम करता है। रोजमेरी का तेल लगाने से बालों में खुजली, इरिटेशन की समस्या नहीं होती है, साथ ही ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करने में मदद करता है। आप रोजमेरी तेल को नारियल तेल, बादाम या फिर जोजोबा ऑयल में मिलाकर लगाए।

 

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ट्रॉपिकल मेलाटोनिन

 

ट्रॉपिकल मेलाटोनिन एक प्रकार का एंटीऑक्सीडेंट है जो बालों की ग्रोथ को बढ़ाने में मदद करता है। यह हेयर फॉलिकल्स (जिसमें बाल उगते है) को नुकसान पहुंचाने से बचता है। कई त्वचा विशेषज्ञ भी इस दवाई को देते हैं। कई स्टडी में पाया गया कि मेलेटोनिन बेस्ड स्कैल्प सॉल्यूशन लगाने से बाल के झड़ने की समस्या कम हो जाती है।

 

सीताफल के बीज

 

सीताफल के बीज में कई प्रकार के पौषक तत्व पाए जात हैं लकिन इसमें फाइटोस्ट्रोरल नाम  का कंपाउड भी पाया जाता है जो 5 अल्फा रिडक्टेज एंजाइम की एक्टिविटी की कम करता है। अध्ययनों में भी यह बात सामने आई है कि सीताफल का बीज बालों के लिए फायदेमंद माना जाता है। 

 

बालों की ग्रोथ को बढ़ाने के लिए स्वस्थ खान पान और अच्छी नींद बेहद जरूरी है। इसके अलावा तनाव कम से कम लें। अपने बालों में किसी भी तरह का प्रोडक्ट लगाने से पहले अपने त्वचा विशेषज्ञ से जरूर बात करें।

अमरनाथ यात्रा पर जाना है तो जानें ये बातें, आसानी से होंगे बाबा बर्फानी के दर्शन


हर साल की तरह इस साल भी श्रध्दालु बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए काफी उत्साहित हैं। इस बार अमरनाथ यात्रा पर जा रहे श्रध्दालुओं की यात्रा को सुविधाजनक और ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने कई बड़े इंतजाम किए हैं। अगर आप अमरनाथ यात्रा पर जाने की तैयारी कर रहें हैं तो इस साल की नई सुविधाओं और जरूरी नियमों के बारे में जरूर जान लें। अगर आप पूरी जानकारी लेकर यात्रा के लिए निकलेंगे तो आपका ध्यान भटकने नहीं पाएगा और दर्शन भी आराम से होंगे।

 

अमरनाथ की यात्रा इस साल 3 जुलाई 2026 से शुरू होगी और 28 अगस्त 2026 तक चलेगी। खास बात यह है कि प्रशासन ने इस बार की यात्रा को 57 दिनों तक इसलिए किया ताकि ज्यादा से ज्यादा श्रध्दालु पवित्र गुफा का दर्शन कर सकें। बाबा के दर्शन के लिए कुछ श्रध्दालु पहले ही बेस कैंप पहुंच चुके हैं। 29 जून को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सबसे पहले गुफा पहुंचकर पावन यात्रा की शुरुआत भी कर दी है।

 

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इस बार नया क्या है?

1. पहचान क्यूआर सिस्टम की शुरुआत

इस बार यात्रियों के लिए पहचान क्यूआर सिस्टम लागू किया गया है। इससे हर श्रद्धालु की पहचान और मूवमेंट की पुष्टि जल्दी हो सकेगी जिससे सुरक्षा और बेहतर होगी।

2. टेक्नोलॉजी आधारित सुरक्षा व्यवस्था

यात्रा मार्ग पर मल्टी-लेयर सुरक्षा के साथ ड्रोन, सीसीटीवी और आधुनिक निगरानी तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाया गया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए गए हैं।

3. बेहतर मेडिकल सुविधाएं

पूरे यात्रा मार्ग पर मेडिकल कैंप, एंबुलेंस, ऑक्सीजन सुविधा और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को पहले से ज्यादा मजबूत किया गया है। हाई-एल्टीट्यूड से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

 

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4. संचार व्यवस्था में सुधार

श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान बेहतर मोबाइल नेटवर्क और संचार सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर आसानी से संपर्क किया जा सके।

 

5. ट्रैफिक मैनेजमेंट और तय समय पर काफिले

यात्रा मार्ग पर जाम से बचने के लिए अलग-अलग चेकपॉइंट पर वाहनों के लिए निर्धारित समय (कट-ऑफ टाइम) तय किए गए हैं। बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर काफिलों का संचालन तय शेड्यूल के अनुसार होगा।

6. ठहरने की व्यवस्था

इस बार भक्तों के लिए लगभग 4000 नए सेंटर बने हैं जिसमें श्रध्दालुओं आराम कर सकते हैं। खास बात यह है कि इस सेंटर में ठहरने के लिए एक भी रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं हैं।

7. ग्रुप रजिस्ट्रेशन सुविधा

5 या उससे अधिक लोगों के समूह के लिए ग्रुप रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे एक साथ यात्रा की योजना बनाना आसान हो गया है।

8. घोड़ा-पालकी का रेट तय

कई लोग ऐसे भी होते हैं जो अमरनाथ गुफा तक घोड़ा या पालकी का सहारा लेते हैं। ऐसे में वहां के लोग श्रध्दालुओं को अलग-अलग दाम बताकर उन्हें लूट लेते हैं। इसलिए इस बार सरकार ने सभी घोड़ा-पालकी का एक रेट तय कर दिया है। इन सभी के लिए प्री-पेड काउंटर बने हैं जहां से आप प्री-बुकिंग भी कर सकते हैं।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

  • यात्रा से पहले Compulsory Health Certificate (CHC) बनवाना अनिवार्य है। यह सर्टिफिकेट केवल अधिकृत डॉक्टर या अस्पताल से ही मान्य होगा।
  • सबसे पहले रजिस्ट्रेशन के लिए श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। 
  • Online Services में जाएं।
  • Yatra Permit Registration पर क्लिक करें।
  • अपना नाम, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, यात्रा की तारीख और रूट (बालटाल या पहलगाम) भरें।
  • पासपोर्ट साइज फोटो और CHC अपलोड करें।
  • OTP से मोबाइल नंबर सत्यापित करें।
  • रजिस्ट्रेशन शुल्क का भुगतान करें।
  • भुगतान सफल होने के बाद Yatra Permit डाउनलोड कर लें।

ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए देश भर में चार बैंको की 554 शाखाओं में पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। इनमें जम्मू-कश्मीर बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और यस बैंक शामिल हैं।

जरूरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • Compulsory Health Certificate (CHC)
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • रजिस्ट्रेशन शुल्क

जरूरी बातें

  • यात्रा के लिए 13 से 70 वर्ष की आयु के लोग ही पात्र हैं।
  • 6 सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं है।
  • यात्रा के दौरान मूल फोटो आईडी, CHC और Yatra Permit साथ रखना अनिवार्य है।
  • हर पंजीकृत श्रध्दालु को 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा भी मिलेगा।

ट्रंप को US सुप्रीम कोर्ट से झटका! अमेरिका में जन्मे बच्चों की नागरिकता बरकरार


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनकी इमिग्रेशन नीति पर बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश पर रोक लगा दी है, जिसके जरिए अमेरिका में जन्म लेने वाले कुछ बच्चों को अपने आप मिलने वाली नागरिकता (बर्थराइट सिटिजनशिप) पर रोक लगाने की कोशिश की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि फिलहाल अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को जन्म के आधार पर नागरिकता मिलती रहेगी।

 

डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी 2025 में दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद अपने पहले ही दिन इस आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। इस आदेश में कहा गया था कि अमेरिका में जन्म लेने वाले उन बच्चों को अपने आप अमेरिकी नागरिकता नहीं मिलेगी, जिनके माता-पिता अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे हैं या फिर स्टूडेंट वीजा, वर्क वीजा जैसे अस्थायी वीजा पर वहां मौजूद हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना था कि जन्म से नागरिकता का अधिकार सिर्फ उन्हीं बच्चों को मिलना चाहिए, जिनके माता-पिता में से कम से कम एक अमेरिकी नागरिक या ग्रीन कार्ड होल्डर (स्थायी निवासी) हो।

 

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14वें संशोधन की व्याख्या पर टिका था पूरा विवाद

यह मामला अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन की ‘सिटिजनशिप क्लॉज’ से जुड़ा था। इस प्रावधान के अनुसार, अमेरिका में जन्म लेने वाला और उसके अधिकार क्षेत्र में आने वाला लगभग हर व्यक्ति अमेरिकी नागरिक माना जाता है। पिछले 150 वर्षों से इसी आधार पर जन्म लेने वाले अधिकांश बच्चों को नागरिकता मिलती रही है। केवल कुछ विशेष मामलों, जैसे विदेशी राजनयिकों के बच्चों, को इससे बाहर रखा गया है।

 

सरकार की ओर से अदालत में कहा गया कि संविधान में लिखे ‘अमेरिका के अधिकार क्षेत्र’ की व्याख्या सीमित तरीके से की जानी चाहिए। प्रशासन ने यह भी दावा किया कि कुछ विदेशी नागरिक अपने बच्चों को अमेरिकी नागरिक बनवाने के लिए अमेरिका आते हैं, जिसे ‘बर्थ टूरिज्म’ कहा जाता है। हालांकि, सुनवाई के दौरान सरकार इस दावे के समर्थन में कोई ठोस आंकड़े पेश नहीं कर सकी।

 

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फैसले का लाखों परिवारों पर पड़ेगा असर

इस पूरे मामले की शुरुआत न्यू हैम्पशायर में रहने वाले कुछ परिवारों की याचिका से हुई थी। उनका कहना था कि अगर डोनाल्ड ट्रंप का यह आदेश लागू हो जाता तो उनके बच्चों की अमेरिकी नागरिकता पर असर पड़ता। ट्रंप के इस फैसले का असर हर साल अमेरिका में जन्म लेने वाले करीब ढाई लाख बच्चों पर पड़ सकता था। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को संविधान के तहत मिलने वाला जन्म से नागरिकता का अधिकार फिलहाल बरकरार रहेगा।

कभी साथ, कभी अलग, AAP और DMK ने CJI को लिखी INDIA गठबंधन की चिट्ठी पर किए दस्तखत


इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (INDIA) गठबंधन की पिछली मीटिंग 23 जून को हुई थी। इस मीटिंग में कुल 21 पार्टियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। आम आदमी पार्टी (AAP) और द्रविड़ मुनेत्र कड़कम (DMK) ने इस मीटिंग से दूरी बनाई थी। अब एक बार फिर से ये दोनों दल INDIA गठबंधन के साथ दिख रहे हैं। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन ( SIR ) और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों पर INDIA गठबंधन की ओर से भारत के चीफ जस्टिस (CJI) को एक चिट्ठी लिखी गई है। INDIA गठबंधन में शामिल कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि इस पर DMK और AAP ने भी दस्तखत किए हैं। यह दिखाता है कि AAP और DMK जैसे दल चाहकर भी INDIA गठबंधन से दूरी नहीं बना पा रहे हैं।

 

फिलहाल, इस चिट्ठी के बारे में जानकारी नहीं दी गई है कि इसमें क्या लिखा गया है और CJI से इसमें क्या मांग की गई है। बस इतना बताया गया है कि यह SIR और चुनावी प्रक्रिया के बारे में है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया है कि CJI को चिट्ठी लिखने का फैसला 8 जून को हुई बैठक में ही लिया गया था। उस मीटिंग में 21 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के अलावा एक निर्दलीय सदस्य भी शामिल हुए थे। अब इस संयुक्त पत्र पर कुल 23 दलों ने दस्तखत किए हैं और इसे CJI को आज भेजा जाएगा।

 

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साथ आई DMK और AAP

जयराम रमेश के इसी X पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए TMC के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने लिखा है, ‘INDIA की ओर अच्छी शुरुआ हुई है और इस बार CJI को लिखी गई चिट्ठी पर AAP और डीएमके ने भी दस्तखत किए हैं।’ इसका मतलब है कि भले ही दोनों गठबंधन खुद को INDIA से अलग बता रहे हों लेकिन मुद्दों के आधार पर वे साथ ही हैं।

 

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इस बारे में DMK के प्रवक्ता सर्वनन अन्नादुराई ने कहा है, ‘DMK ने इस लेटर पर दस्तखत किए हैं क्योंकि SIR की प्रक्रिया एकतरफा है। यह प्रक्रिया लोकतंत्र विरोधी है। यह लोगों को वोटिंग की प्रक्रिया से बाहर करती है जबकि लोगों को इस प्रक्रिया से जोड़ना होता है। यूनिवर्सिसल अडल्ट फ्रैंचाइज के आधार पर ही लोकतंत्र काम करता है लेकिन यहां तो SIR के जरिए मतदाताओं को ही वोटर लिस्ट से बाहर किया जा रहा है। हमने इसके दुष्परिणाम बिहार, बंगाल और कई अन्य राज्यों में देखे भी हैं। इसलिए हमने इस पर दस्तखत किए हैं कि SIR जैसी प्रक्रिया नहीं होनी चाहिए।’

दरअसल, लोकसभा चुनाव 2024 के बाद ही आम आदमी पार्टी (AAP) ने एलान कर दिया था कि अब वह INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं है। वहीं, तमिलनाडु में चुनाव नतीजे आने के तुरंत बाद ही DMK और कांग्रेस का गठबंधन टूट गया। इसके बाद से DMK कांग्रेस से नाराज है और उसने लोकसभा में अपने सांसदों को कांग्रेस से अलग बैठाने का भी इंतजाम कर लिया है। इस बीच दोनों दलों का इस लेटर पर दस्तखत करने का मतलब है कि अभी भी थोड़ी बहुत उम्मीद बाकी है और आगे आने वाले समय में भी इन दलों के साथ रहने की गुंजाइश बची हुई है।

 

मोटापे और डायबटीज के जोखिम को बढ़ाता है रात में देर से खाने की आदत, आज ही छोड़ें


हमारे खानपान का सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। यह बात हम सब जानते हैं। क्या आप यह जानते हैं कि रात को देर से खाने की आदत सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। कई लोगों के घर में रात में देर से खाना होता है। कुछ लोगों के ऑफिस से लेट होते हैं, कुछ के अपने निजी कारण होते हैं। भले ही हमें यह बात सामान्य लगती है। इसका कोई नुकसान नहीं दिखाई देता है लेकिन इसका प्रभाव आपके शरीर पर पड़ता है। हमारा शरीर बॉडी क्लॉक के हिसाब से चलता है। यही क्लॉक नींद, हार्मोन और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करती है।

 

सोने से ठीक पहले भारी खाना खाने से शरीर की इंटरनल क्लॉक बिगड़ सकती है जो मेटाबॉलिज्म, हार्मोन और अंगों के कामकाज को कंट्रोल करती है। शोध में पता चला है कि रात को लेट खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल खराब हो सकता है, इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ सकता है, मोटापा बढ़ सकता है और ब्लड प्रेशर भी बढ़ सकता है। ये परिस्थितियां क्रोनिक किडनी बीमारी के मुख्य जोखिम में से एक है।

 

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किडनी को पहुंचता है नुकसान

किडनी में लाखों छोटी छोटी नसें होती हैं। हाई ब्लड शुगर और हाई ब्लड प्रेशर इन नाजुक फिल्टरों को नुकसान पहुंचाते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान कोई लक्षण नहीं दिखाई देता है। जब लक्षण दिखाई देते हैं तब तक नुकसान पहुंच चुका होता है। रात में 10. 30 या 11 बजे के बाद खाने से सिर्फ पाचन पर ही प्रभाव नहीं पड़ता है बल्कि ये लंबे समय में मेटाबॉलिज्म को भी प्रभावित करता है। इसक अलावा किडनी पर भी ज्यादा प्रेशर डालता है।

 

National Library of Medicine की जर्नल के मुताबिक रात के समय में पाचन की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। जब आप रात में भारी खाना खाते हैं तो शरीर को ज्यादा काम करना पड़ता है। इस दौरान ब्लड शुगर और ट्राइग्लिसराइड का लेवल बढ़ जाता है। इस वजह से मोटापा, टाइप 2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है। रात में हमारा शरीर काम करता है लेकिन उतने प्रभावी तरीके से नहीं करता है।

 

Pubmed की स्टडी के मुताबिक खराब मेटाबॉलिक हेल्थ और किडनी के बीच में सीधा संबंध है। जिन लोगों को डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी है उन्हें किडनी संबंधी बीमारियां का खतरा सबसे ज्यादा रहता है इसलिए डॉक्टर का कहना है अच्छा गट हेल्थ मतलब किडनी का स्वस्थ रहना।

 

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डिनर में किन चीजो को शामिल करें?

डिनर करने का कोई ऐसा एक समय नहीं है जो सबके लिए फिट बैठता हो। हालांकि डॉक्टर का कहना है कि जल्दी खाना शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। अपनी डाइट में साबूत आनाज, हरी सब्जियां, प्रोटीन और हेल्दी फैट को शामिल करें। 

 

इसके अलावा प्रोसेस्ड फूड, अधिक नमक, शुगर वाली ड्रिंक्स और रात को देर से खान की आदत को छोड़ दें।  ये चीजें आपके किडनी को एकदम से नुकसान नहीं पहुंचाएंगी। धीरे-धीरे ये चीजें बीमारियों का मुख्य कारण बनती है।