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अमेरिका से सीधे बात नहीं करेगा ईरान, अराघची इस्लामाबाद में मौजूद


ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शुक्रवार देर रात अमेरिका-ईरान युद्धविराम पर बातचीत के लिए पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व के साथ चर्चा करने के लिए इस्लामाबाद पहुंचे। पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की बातचीत करवा रहा है। इस बीच विदेश मंत्री अब्बास अराघची के पाकिस्तान दौरे के दौरान अमेरिकी अधिकारियों के साथ किसी भी तरह के सीधे संपर्क से इनकार कर दिया है। जबकि एक दिन पहले तक अराघची व्यापक तौर पर अमेरिकी अधिकारियों से कुटनीतिक वार्ता करने वाले थे।

 

अब्बास अराघची के इस्लामाबाद पहुंचने के तुरंत बाद, ईरान ने अपनी स्थिति साफ कर दी थी। ईरान ने एक बयान में कहा था कि इस बार दौरे के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ कोई आमने-सामने बातचीत नहीं होगी।

 

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मीटिंग होने की योजना नहीं- ईरान

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माएल बाकेई ने X पर कहा कि ईरान और अेमरिका के बीच कोई मीटिंग होने की योजना नहीं है। अमेरिका से सीधे संपर्क के बजाय, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक बिचौलिए के तौर पर काम करेगा, जिससे दोनों पक्षों के बीच बातचीत आसान होगी।

 

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पाकिस्तान की तारीफ की

बाकई ने पाकिस्तानी सरकार को अमेरिका के थोपे गए हमले को खत्म करने के लिए चल रही मध्यस्थता और अच्छे कामों के लिए धन्यवाद दिया। दरअसल, शुक्रवार को व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को पहले संकेत दिया था कि अराघची की यात्रा के दौरान अमेरिकी राजदूत उनसे मिलने वाले हैं।

 

इस बीच, अब्बास अराघची के इस्लामाबाद पहुंचने के बाद उनका पाकिस्तान के डिप्टी PM और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ, फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने स्वागत किया। अराघची आज पाकिस्तान के सीनियर लीडरशिप के साथ बैठक करेंगे।

ट्रंप के घटिया बयान का वैसा जवाब मोदी सरकार क्यों नहीं देती, जैसा ईरान देता है?


डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में भारत और अमेरिका के रिश्ते बेहद शानदार थे। उम्मीद थी कि दूसरा कार्यकाल भी ऐसा ही होगा। 10 मई 2025 की दोपहर तक सबकुछ ठीक चल रहा था। तभी डोनाल्ड ट्रंप ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम करवाने का दावा कर दिया। शाम को विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेसवार्ता की और ट्रंप के दावे को खारिज कर दिया। रात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। उन्होंने भी कहा कि पाकिस्तान की गुहार पर युद्धविराम का फैसला लिया गया है। किसी तीसरे देश का कोई दखल नहीं था।

 

माना जाता है कि यही से ट्रंप ने भारत के खिलाफ बयानबाजी तेज की। पहले ऑपरेशन सिंदूर पर अनाप-शनाप बातें कहीं। 40 से अधिक बार युद्धविराम करवाने का दावा किया। कई बार अलग-अलग संख्या का जिक्र करके यह भी बताने की कोशिश की कि कितने फाइटर जेट गिरे थे। डोनाल्ड ट्रंप को भारत और पाकिस्तान के रिश्तों के बारे में बखूबी पता है। बावजूद इसके कई बार पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर की तारीफ करके भारत को असहज करने का कोई मौका नहीं छोड़ा।

ट्रंप ने भारत चीन को ‘नरक’ कहा

भारत के खिलाफ रुख अख्तियार करने में ट्रंप एक कदम और आगे निकल गए। उन्होंने अपने ट्रूथ सोशल पर ऐसी पोस्ट साझा की, जिसमें चीन और भारत को धरती पर ‘नरक’ कहा गया। यह टिप्पणी अमेरिका के रूढ़िवादी लेखक और रेडियो होस्ट माइकल सैवेज ने जन्मसिद्ध नागरिकता के मामले में की, जिसे बाद में ट्रंप ने शेयर किया तो दुनिया की नजर में उनकी घटिया सोच सामने आ गई।

विदेश मंत्रालय की ठंडी प्रतिक्रिया पर उठे सवाल

ट्रंप के बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया। अपनी साप्ताहिक प्रेसवार्ता में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘हमने कुछ रिपोर्टें देखी हैं…बस इतना ही कहना चाहूंगा।’ 

 

ट्रंप की घटिया बयानबाजी के सामने विदेश मंत्रालय के चार शब्दों को जवाब कहना भी उचित नहीं होगा। ट्रंप जहां एक ओर लगातार भारत की मर्यादा और गरिमा के खिलाफ बयान देने में जुटे हैं तो वहीं मोदी सरकार की प्रतिक्रिया बेहद ठंडी है। ऐसे में सवाल उठा रहा है कि क्या भारत की ठंडी प्रतिक्रिया के कारण ट्रंप मनबढ़ हो रहे हैं?

जो जवाब सरकार को देना था, वह ईरान दे रहा

ट्रंप की आपत्तिजनक टिप्पणी पर दुनिया ने जो उम्मीद भारत से लगा रखी थी, उस पर ईरान खरा उतरा। हैदराबाद स्थित ईरानी कॉन्सुलेट ने अपनी एक पोस्ट में भारत का समर्थन किया और लिखा, ‘चीन और भारत सभ्यता के प्रमुख उद्गम स्थल रहे हैं। दरअसल नरक तो वो जगह है, जहां उसका युद्ध-अपराधी राष्ट्रपति ईरान की सभ्यता को मिटा देने की धमकी देता है।’

 

उधर, विपक्षी दलों ने भी मोदी सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाया। कांग्रेस ने कहा कि मोदी सरकार की तरफ से पूरा सन्नाटा है। शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी विदेश मंत्रालय के बयान को खामोशी भरा बताया और मुंबई स्थित ईरानी कॉन्सुलेट के जवाब की जमकर तारीफ की।

ट्रंप दोस्त या दुश्मन… सबसे बड़ा सवाल

टैरिफ मामले में भी ट्रंप ने भारत के साथ दोस्त कम, दुश्मन वाला रवैया ज्यादा अपनाया। दुनिया में सबसे अधिक टैरिफ भारत (50%) पर लगाया। बाद में रूसी तेल न खरीदने का दबाव बनाया। भारत ने काफी तक मॉस्को से तेल खरीदना कम भी किया। पिछले कार्यकाल में भारत ने 2019 से ईरान से तेल खरीदना बंद कर दिया था। अबकी बार युद्ध के बीच 30 दिनों की छूट मिली। मगर इसे बढ़ाने से अमेरिका ने मना कर दिया।

ट्रंप की वजह से चाबहार भी छोड़ना पड़ा

चाबहार बंदरगाह मामले में भारत को मिली छूट को भी ट्रंप प्रशासन ने आगे नहीं बढ़ाया। नतीजा यह हुआ कि भारत को अपने कदम पीछे खींचने पड़े। पिछले साल ही ट्रंप ने भारत के खिलाफ एक बड़ा बयान दिया और कहा कि उसकी अर्थव्यवस्था मरी हुई है। उन्होंने एच-1बी वीजा पर फीस बढ़ा दी। इसका असर सबसे अधिक भारतीयों पर पड़ा, क्योंकि करीब 70 फीसद एच-1बी वीजा धारक भारतीय हैं।

पाकिस्तान को अधिक महत्व

चुनाव से पहले तक भारत के लोग ट्रंप के प्रति बेहद आशावान थे। लोगों को भारत-अमेरिका संबंध में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद थी। यूरोपियन काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशन के एक सर्वे के मुताबिक भारत की 75 प्रतिशत जनता ट्रंप समर्थक थी। पहले कार्यकाल में ट्रंप और पाकिस्तान के रिश्ते अच्छे नहीं थे, लेकिन दूसरे कार्यकाल में ट्रंप ने भारत की तुलना में पाकिस्तान को अधिक महत्व दिया और संबंधों में लगातार सुधार किया। जहां जरूरी था वहां भी और जहां जरूरी नहीं था… वहां भी, असीम मुनीर का न केवल जिक्र किया, बल्कि तारीफ भी की।

रूस के खिलाफ भारत पर बढ़ाया दवाब

ट्रंप प्रशासन ने रूस के खिलाफ दबाव के तौर पर भारत का हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। नई दिल्ली पर भारी दबाव डाला। ट्रंप और उनके मंत्रियों ने टीवी चैनलों और सार्वजनिक मंचों पर भारत पर युद्ध को फंडिंग करने और युद्ध मशीन का समर्थन करने का आरोप लगाया। ट्रंप के कदम और रवैए से संकेत मिलते हैं कि उन्हें नई दिल्ली की भावनाओं की कोई परवाह नहीं। उनके मनमाने व्यवहार के बावजूद मोदी सरकार ने बेहद संयमित और साधा रुख अपनाया। अनाप-शनाप दावों और बयान पर भी नई दिल्ली ने कोई तीखी प्रतिक्रिया नहीं दी। मगर सवाल उठ रहा है कि ऐसा क्यों? 

भारत के आगे क्या चुनौती?

भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि ट्रंप के व्यवहार का अनुमान नहीं लगाया जा सकता है। वह आगे क्या बोलेंगे और क्या करेंगे… यह किसी को नहीं पता है। अभी तक ट्रंप के तमाम आपत्तिजनक बयान पर भारत ने कोई कड़ा रुख नहीं अपनाया। मगर सबसे बड़ी परीक्षा यह है कि भारत कब तक संयम बरतेगा। ट्रंप के व्यवहार से साफ है कि वाशिंगटन पर हद से ज्यादा विश्वास नहीं किया जा सकता है। 

इस वजह से नरम रुख अपना रहा भारत? 

भारत की निगाह 2048 पर टिकी है। मोदी सरकार ने अगले 22 साल में देश को विकसित भारत बनाने का लक्ष्य तय किया है। एक अनुमान के मुताबिक 2050 तक भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा। सरकार को उम्मीद है कि अगर सबकुछ सही चलता रहा तो दो दशक के भीतर भारत आर्थिक और सैन्य महाशक्ति होगा। यही कारण है कि भारत सरकार अभी संयम का परिचय दे रही है, ताकि आर्थिक विकास पर कोई बाधा न बन सके, क्योंकि भारत की प्रगति के पथ पर अमेरिका और चीन जैसी महाशक्तियां हैं। वह आसानी से नई दिल्ली को आगे निकलने नहीं देंगी। इसी साल मार्च में नई दिल्ली में आयोजित रायसीना डायलॉग में अमेरिका के उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ ने कहा था कि अमेरिका भारत के मामले में वैसी गलती नहीं करेगा जैसा कि 20 साल पहले उसने चीन के साथ की थी।

 

30 की उम्र में त्वचा का कैसे रखें ख्याल? झुर्रियां और फाइन लाइंस होगी कम


महिला हो या पुरुष हर कोई अपनी त्वचा को जवान और खूबसूरत बनाए रखने चाहता है। खूबसूरत त्वचा के लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं। जब हम 20s में होते हैं तो त्वचा प्राकृतिक रूप से खूबसूरत होती है लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है त्वचा में दाग-धब्बे, झाइयां और महीन रेखाएं दिखने लगती है। 

 

उम्र के इस पड़ाव में कोलेजन का उत्पादन कम हो जाता है, हाइड्रेशन कम हो जाता है जिससे त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है। इसके अलावा धूप, प्रदूषण, तनाव और खराब लाइफस्टाइल का असर भी पड़ता है। इस उम्र के लोग अपने स्किन केयर रूटीन को सिंपल रखें ताकि त्वचा निखरी और ग्लोइंग नजर आए।

 

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30 की उम्र में कैसे करें स्किन केयर

सनस्क्रीन लगाएं- इस उम्र के लोगों को सनस्क्रीन जरूर लगाना चाहिए। ये आपकी त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाने का काम करता हैं।

त्वचा को एक्सफोलिएट करें- एक्सफोलिएशन करने से डेड स्किन हटाने में मदद मिलती है। साथ ही त्वचा में निखार आता है। हफ्ते में दो बार एक्सफोलिएशन जरूर करें।

एंटी एजिंग प्रोडक्ट्स लगाएं- अगर स्किन पर झुर्रियां या फाइन लाइंस दिख रही है तो एंटी एजिंग प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें। इन प्रोडक्ट्स में रेटिनोल, विटामिन सी और पेप्टाइड्स मौजूद होता है जो एजिंग की समस्याओं को कम करने में मदद करता है। 

झुर्रियों से कैसे छुटकारा पाएं?

झुर्रियों को कम करने के लिए अपने लाइफस्टाइल में बदलाव करें। इससे त्वचा की इलास्टिसिटी बेहतर होगी और ओवर ऑल लुक में निखार आएगा।

 

पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं– त्वचा में झुर्रियों और फाइन लाइंस को कम करने के लिए नियमित रूप से पानी पिएं। इससे त्वचा हाइड्रेटेड रहती है। पर्याप्त मात्रा में पीने से इलास्टिसिटी बनी रहती है।

 

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एंटी ऑक्सडेंट युक्त चीजें खाएं- एंटी ऑक्सीडेंट वाली चीजों को खाने से शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम होता है। बेरीज, डार्क चॉकलेट, नट्स खाएं।

 

पर्याप्त नींद लें- हर व्यक्ति को 7 से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए। पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं लेने से त्वचा थकी थकी और डल नजर आती है।

मुश्किल हुई केदारनाथ यात्रा, कड़ाके की ठंड, अपनी सेहत कैसे ठीक रखें? तरीका जानिए


उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की शुरुआत हो चुकी है। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल के दिन खोल दिए गए, जिस वजह से हजारों की तादाद में लोग केदारनाथ धाम जा रहे हैं। अप्रैल के महीने में केदारनाथ धाम के आसपास काफी ठंड हो रही है। हर दिन वहां का तापमान गिरता जा रहा है। ऐसे में तीर्थ यात्रियों को कुछ उपाय अपनाने चाहिए, जिससे वे ठंड से बच सकें।

 

इस दौरान कई हजार युवा से लेकर बुजुर्ग केदारनाथ धाम की यात्रा पर गए हैं। हर साल चारधाम यात्रा पर जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस साल भी हजारों लोग केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए पहुंचे हैं। इस यात्रा के दौरान कई लोगों की तबीयत बिगड़ी है और एक युवा शख्स की तबीयत बिगड़ने के कारण मौत हो गई। लोगों को यात्रा पर जाने से पहले अपनी सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए। यात्रा पर जाने से पहले लोगों को अपना हेल्थ टेस्ट कराना चाहिए। 

 

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यात्रा के दौरान युवा की हुई मौत


केदारनाथ धाम जाने से पहले लोगों को ट्रेकिंग करनी पड़ती है। जिन लोगों को ट्रेकिंग यानी ज्यादा समय तक पैदल चलने की आदत नहीं होती, उनके लिए यह यात्रा जोखिम भरी हो सकती है। इससे उनकी तबीयत बिगड़ सकती है और जान का खतरा भी हो सकता है। कुछ ऐसा ही केदारनाथ के कपाट खुलने के पहले दिन हुआ। गुजरात से आए एक युवा की ट्रेकिंग के दौरान मौत हो गई।

 

यात्रा से पहले कराएं ये हेल्थ टेस्ट

 

जिन लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं होती हैं, उन्हें तीर्थयात्रा से पहले कुछ मेडिकल टेस्ट जरूर कराने चाहिए। अब सवाल उठता है कि ये टेस्ट कौन से हैं और क्यों जरूरी हैं।

 

ईसीजी (ECG) टेस्ट – इस टेस्ट के जरिए व्यक्ति के दिल की धड़कन की गति को जांचा जाता है, जिससे यह पता चलता है कि व्यक्ति को हार्ट अटैक का कितना खतरा हो सकता है। डॉक्टर यह टेस्ट तब कराने की सलाह देते हैं, जब मरीज को सांस फूलने की दिक्कत हो और दिल तेज धड़कता हो।

 

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टीएमटी (TMT) टेस्ट – इस टेस्ट की मदद से डॉक्टर यह देखते हैं कि तनाव (एक्सरसाइज) के दौरान मरीज का दिल कैसे काम कर रहा है। इसके अलावा इस टेस्ट से दिल की आर्टरी में ब्लॉकेज का भी पता लगाया जाता है। मेडिकल टेस्ट के अलावा लोगों को यात्रा के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।

 

ठंड से कैसे बचें?

 

पानी पिएं – यात्रा के दौरान कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है, इसलिए समय-समय पर पानी पीते रहें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।


गर्म कपड़े पहनें -यात्रा के दौरान गर्म कपड़े पहनना जरूरी है, ताकि शरीर को ठंड से बचाया जा सके।

 

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स्किन केयर करें – ठंड में त्वचा फटने लगती है इसलिए लोशन या मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें।


ट्रेकिंग के दौरान बीच-बीच में आराम करें – लगातार कई घंटों तक पैदल न चलें, बीच-बीच में रुककर आराम करें, ताकि शरीर को थकान से राहत मिल सके।

होर्मुज पार कर रहे जहाज पर ईरानी हमला, 21 भारतीय सवार थे; सरकार का आया बयान


होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान और अमेरिका आमने सामने हैं। अमेरिकी दावों के बीच ईरान होर्मुज पर अपना कब्जा बरकरार रखने के लिए यहां आने वाले जहाजों को लगातार निशाना बना रहा है। इसी बीच ईरान की नेवी ने पनामा के झंडे वाले एक कंटेनर कार्गो जहाज पर गोलीबारी की थी। इस जहाज में 21 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे। हालांकि, हमले के बाद भी इसपर सवार सभी भारतीय सुरक्षित हैं और उन्हें किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। यह जानकारी खुद भारत के शिपिंग मंत्रालय ने दी है।

 

पनामा के झंडे वाले कंटेनर कार्गो का नाम यूफोरिया है। यूफोरिया उन तीन जहाजों में से एक है, जिनपर बुधवार को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने हमला किया था। यह हमला तब हुआ जब ईरान ने होर्मुज पर अमेरिकी रोक का विरोध कर रही है। ईरान होर्मुज पर अपना कंट्रोल बनाए रखना चाहता है। ईरान ने जिन पनामा के जहाज के अलावा जिन जहाजों के ऊपर हमला किया है, उनमें लाइबेरिया का जहाज शामिल है। यह जहाज भारत के मुंद्रा पोर्ट की ओर आ रहा था।

 

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21 भारतीय नाविक सवार थे- मंत्रालय

शिपिंग मंत्रालय के अपर सचिव मुकेश मंगल ने जानकारी देते हुए कहा, ‘यूफोरिया नाम के जहाज पर 21 भारतीय नाविक सवार थे और वे सभी सुरक्षित हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि विदेशी झंडे वाले जहाजों पर हुई फायरिंग में कोई भी भारतीय नाविक घायल नहीं हुआ है।

ईरानी ने क्या कहा?

वहीं, ईरानी मीडिया ने हवाले से कहा गया है कि फ्रांसेस्का जहाज को बंदर अब्बास पोर्ट पर एपामिनोंडास के साथ हिरासत में लिया गया है, उसमें कोई भारतीय क्रू मेंबर नहीं था। ईरानी मीडिया ने बताया था कि हमले के बाद यूफोरिया ईरानी तट पर फंसा हुआ था।

 

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शिपिंग मंत्रालय का बयान

इस बीच, शिपिंग मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि गिलब्राल्टर के झंडे वाला बल्क कैरियर फ्रोसो K, 55,000 मीट्रिक टन सल्फर लेकर बुधवार को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरा और अब भारत के पारादीप पोर्ट के लिए रवाना हो रहा है। फ्रोसो K को फारस की खाड़ी से निकालने के लिए भारत सरकार कड़ी नजर रख रही है। इसके अलावा देश गरिमा नाम का जहाज क्रूड ऑयल टैंकर लेकर 18 अप्रैल को होर्मुज से रवाना हुआ था, जो बुधवार को मुंबई पहुंच गया।

जिन जहाजों को ईरान ने पकड़ा, उनमें 22 भारतीय सवार; सरकार ने क्या कहा?


ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार करने वाले जहाजों पर एक्शन ले रहा है। हाल ही में दो भारतीय जहाजों पर फायरिंग के बाद दो विदेशी जहाजों को जब्त भी किया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर की नौसेना ने इन जहाजों पर समुद्री नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। इस बीच भारत सरकार ने भी एक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि किसी भी भारतीय जहाज पर कोई गोलीबारी नहीं हुई है। हालांकि विदेशी झंडे वाले दो जहाजों पर 22 भारतीय नागरिक सवार हैं। सभी सुरक्षित हैं।

भारत सरकार ने क्या कहा?

बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया, ‘पिछले 24 घंटों में विदेशी झंडे वाले जहाजों पर गोलीबारी की कुछ घटनाएं हुई हैं। हालांकि किसी भी भारतीय जहाज पर फायरिंग नहीं हुई है। मगर हम इन जहाजों पर मौजूद भारतीय नाविकों को लेकर चिंतित हैं। विदेशी झंडे वाले जहाजों पर हुई गोलीबारी में कोई भी भारतीय नाविक घायल नहीं हुआ है। एक जहाज ‘यूफोरिया’ पर 21 भारतीय सवार हैं। यह सभी सुरक्षित हैं। वहीं ‘एपामिनोंडास’ पर एक भारतीय नागरिक सवार है। वह भी सुरक्षित है।’

 

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आईआरजीसी ने जहाजों को क्यों जब्त किया?

आईआरजीसी ने दोनों जहाजों पर समुद्री नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। उसका कहना है कि इन जहाजों ने अपने ट्रैकिंग सिस्टम में हेरफेर किया और नौवहन को खतरे में डाला। इन जहाजों को हिरासत में लेने के बाद ईरान तट पर ले जाया गया है। 

 

बता दें कि सबसे पहले यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने बुधवार को जहाजों पर गोलीबारी की जानकारी सार्वजनिक की। उसने बताया कि ओमान के उत्तर-पूर्व में एक कंटेनर जहाज ने बताया कि आईआरजीसी की एक गनबोट उसके नजदीक आई और बिना रेडियो संपर्क के फायरिंग शुरू कर दी। हमले में जहाज के पुल को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि चालक दल पूरी तरह से सुरक्षित है।

 

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उधर, आईआरजीसी से जुड़ी फार्स न्यूज एजेंसी ने तीन जहाजों को निशाना बनाने की बात कही। उसका कहना है कि ‘यूफोरिया’, ‘एमएससी फ्रांसेस्का’ और ‘एपामिनोंडास’ पर कार्रवाई की गई है। बता दें कि अमेरिकी नाकेबंदी के विरोध में आईआरजीसी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में विदेशी जहाजों को निशाना बना रहा है। वहीं अमेरिकी नौसेना ईरानी जहाजों को बंदरगाहों से बाहर निकलने नहीं दे रही है।

खराब खान-पान के कारण चीन में हृदय रोग से हुईं सबसे ज्यादा मौतें, शोध में खुलासा


हमारे खान-पान का प्रभाव हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। खराब जीवनशैली की वजह से बच्चों में भी बीमारियों का खतरा बढ़ा है। हाल ही एक अध्ययन हुआ है जिसमें बताया गया है कि अधिक मात्रा में सोडियम वाली चीजों को खाने से, फलों की कम मात्रा और साबूत अनाज की कमी वाले आहार के कारण 2023 में विश्व में 59.1 लाख लोगों की हृदय संबंधी रोगों से मौत हुई। यह बात एक अध्ययन में कही गई है।

 

चीन के बीजिंग चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के अनुसंधानकर्ताओं सहित अन्य अनुसंधानकर्ताओं ने ‘ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज स्टडी 2023’ के आंकड़ों का विश्लेषण किया और 33 वर्षों की अवधि में 13 आहार संबंधी जोखिम कारकों का मूल्यांकन किया।

 

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खान-पान के कारण हृदय रोगों से हुई मौतें

खान-पान संबंधी हृदय रोगों से होने वाली मौतों की कुल संख्या चीन में सबसे अधिक 13.6 लाख थी, जबकि भारत में यह संख्या 11.1 लाख थी। ‘इनोवेशन न्यूट्रिशन’ नामक पत्रिका में प्रकाशित विश्लेषण से यह भी पता चला है कि ‘इस्केमिक’ हृदय रोग और ‘स्ट्रोक’ खराब खान-पान की आदतों के प्राथमिक परिणाम हैं।

 

इस अध्ययन में एक स्पष्ट अंतर को भी उजागर किया गया, जिसमें लगभग सभी क्षेत्रों में पुरुषों को महिलाओं की तुलना में आहार संबंधी समस्याओं का अधिक सामना करना पड़ा। बीजिंग चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के बिग डेटा सेंटर के शोधकर्ता गुओशुआंग फेंग ने कहा, ‘हमारे निष्कर्ष इस बात पर जोर देते हैं कि आहार की गुणवत्ता में सुधार वैश्विक हृदय रोग निवारण का एक मुख्य विषय होना चाहिए।’

 

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फेंग ने आगे कहा, ‘बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के कारण मृत्यु दर में गिरावट देखने को मिल रही है, लेकिन कुल मिलाकर इसका बोझ बहुत बड़ा है।’ अनुसंधानकर्ताओं ने लिखा कि वैश्विक स्तर पर, सोडियम का अधिक सेवन हृदय संबंधी बीमारियों का प्रमुख कारण था। इसके बाद फलों और साबुत अनाज की कमी वाला आहार था जिसके कारण कई लोग इस बीमारी की चपेट में आ गए हैं।

 गंगा सप्तमी के दिन किन राशियों पर मां गंगा बरसाएंगी अपनी कृपा, जानिए


आज 23 अप्रैल 2026, दिन गुरुवार है। पंचांग के अनुसार आज वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है। आज का मूलांक 5 है, जिसका स्वामी बुध है जबकि गुरुवार का आधिपत्य देवगुरु बृहस्पति के पास है। ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो चंद्रमा आज मिथुन राशि में संचार करेंगे, जिससे बुद्धि और विवेक का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। आज का दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए शुभ है जो शिक्षा, बैंकिंग या प्रबंधन के क्षेत्र से जुड़े हैं।

 

आज की समग्र ऊर्जा सकारात्मकता और विस्तार की ओर संकेत कर रही है। गजकेसरी योग और रवि योग का प्रभाव आज कई राशियों के लिए सफलता के नए द्वार खोलेगा। सामाजिक मेलजोल और रिश्तों में सुधार के लिए आज का समय अत्यंत अनुकूल है। हालांकि, मूलांक 5 के प्रभाव के कारण निर्णय लेने में जल्दबाजी से बचना होगा। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन।

 

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राशिफल और उपाय

 

मेष 

आज आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में नए प्रोजेक्ट्स मिलने की संभावना है, जिससे करियर को नई दिशा मिलेगी। व्यापार में निवेश के लिए समय अच्छा है लेकिन किसी अनुभवी की सलाह जरूर लें। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी, हालांकि अचानक खर्च भी सामने आ सकते हैं। परिवार में खुशहाली रहेगी और जीवनसाथी का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से दिन सामान्य है, बस खान-पान पर नियंत्रण रखें।


आज क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
आज क्या न करें: कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों से विवाद न करें।

 

वृषभ 

वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन आर्थिक लाभ लेकर आएगा। अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में नई साझेदारी फलदायी रहेगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा, किसी मांगलिक उत्सव में शामिल हो सकते हैं। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। आंखों और गले से संबंधित छोटी समस्या हो सकती है, इसलिए सावधानी बरतें।


आज क्या करें: सफेद चंदन का तिलक लगाएं।
आज क्या न करें: आज किसी को उधार न दें।

 

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मिथुन 


चंद्रमा आपकी राशि में होने से मानसिक प्रसन्नता बनी रहेगी। करियर में आपकी रचनात्मकता की सराहना होगी। व्यापारियों के लिए दिन मध्यम रहेगा, नई योजनाओं को लागू करने में देरी हो सकती है। आर्थिक पक्ष संतुलित रहेगा। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य अच्छा रहेगा, पुरानी गलतफहमियां दूर होंगी। ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा, लेकिन खुद को तनाव मुक्त रखने का प्रयास करें।


आज क्या करें: पक्षियों को दाना डालें।
आज क्या न करें: अपनी योजनाओं को दूसरों के साथ साझा न करें।

 

कर्क 


आज खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे मन थोड़ा परेशान रह सकता है। कार्यस्थल पर काम का बोझ रहेगा, लेकिन आपकी मेहनत रंग लाएगी। विदेश से जुड़े व्यापार में लाभ के योग हैं। परिवार के साथ संयम से बात करें, अन्यथा वाद-विवाद की स्थिति बन सकती है। प्रेम जीवन में धैर्य रखने की जरूरत है। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, विशेषकर पेट से जुड़ी समस्याओं का ध्यान रखें।


आज क्या करें: भगवान शिव को जल अर्पित करें।
आज क्या न करें: देर रात तक न जागें।

 

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सिंह 


सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन उपलब्धियों भरा रहेगा। करियर में कोई बड़ी उपलब्धि हासिल हो सकती है। आय के नए स्रोत बनेंगे, जिससे आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। शेयर बाजार या प्रॉपर्टी में निवेश से लाभ मिल सकता है। घर में मेहमानों का आगमन हो सकता है, जिससे वातावरण खुशनुमा रहेगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा और आप खुद को काफी ऊर्जावान महसूस करेंगे।


आज क्या करें: उगते सूर्य को अर्घ्य दें।
आज क्या न करें: अहंकार को अपने रिश्तों पर हावी न होने दें।

 

कन्या 


कार्यक्षेत्र में आज आपकी कार्यक्षमता का परीक्षण हो सकता है। बॉस और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में कुछ नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन आप अपनी बुद्धि से उन्हें हल कर लेंगे। निवेश के मामले में आज का दिन शुभ है। पारिवारिक वातावरण शांत रहेगा और संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है। अपनी थकान को दूर करने के लिए पर्याप्त आराम करें।


आज क्या करें: भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाएं।
आज क्या न करें: अजनबियों पर आंख बंद करके भरोसा न करें।

 

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तुला 


किस्मत का पूरा साथ आज आपको मिलने वाला है। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और आप किसी तीर्थ यात्रा की योजना बना सकते हैं। करियर में तरक्की के अवसर मिलेंगे। व्यापारिक यात्राएं लाभदायक रहेंगी। पैतृक संपत्ति से लाभ होने के योग हैं। वैवाहिक जीवन में प्रेम और सम्मान बना रहेगा। जोड़ों के दर्द या कमर दर्द की समस्या हो सकती है, इसलिए भारी वजन उठाने से बचें।


आज क्या करें: किसी जरूरतमंद को पीले वस्त्र दान करें।
आज क्या न करें: आलस्य के कारण जरूरी काम न टालें।

 

वृश्चिक 


आज का दिन सावधानी बरतने का है। कार्यक्षेत्र में गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें। व्यापार में लाभ कम और मेहनत अधिक रहेगी। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी में निर्णय न लें। परिवार में किसी बात पर तनाव हो सकता है, वाणी पर नियंत्रण रखें। प्रेम संबंधों में शक को जगह न दें। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखें। मानसिक शांति के लिए ध्यान या योग का सहारा लेना उचित रहेगा।


आज क्या करें: हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं।
आज क्या न करें: आज कोई नया निवेश शुरू न करें।

 

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धनु 


व्यावसायिक क्षेत्र में आज का दिन बहुत सफल रहेगा। साझेदारी के काम में बड़ा मुनाफा होने के योग हैं। नौकरी में आपके काम की तारीफ होगी। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी और आप सुख-सुविधाओं पर खर्च करेंगे। जीवनसाथी के साथ प्रेम संबंध मधुर होंगे और आप भविष्य की योजनाएं बनाएंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आज आप सामाजिक रूप से काफी सक्रिय रहेंगे।


आज क्या करें: माथे पर केसर का तिलक लगाएं।
आज क्या न करें: कड़वे शब्दों का प्रयोग न करें।

 

मकर 


प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए आज का दिन शुभ है। करियर में कुछ रुकावटें आ सकती हैं, लेकिन धैर्य से काम लें। व्यापार में स्थिति सामान्य रहेगी, मेहनत जारी रखें। आर्थिक लेनदेन में सतर्क रहें। परिवार के किसी बुजुर्ग की सेहत की चिंता हो सकती है। अपने खान-पान में अनुशासन रखें और मौसमी बीमारियों से बचाव करें।


आज क्या करें: शनि चालीसा का पाठ करें।
आज क्या न करें: आज किसी से बहस में न उलझें।

 

कुंभ 


आज आपकी बौद्धिक क्षमता का विकास होगा। रचनात्मक कार्यों में रुचि रखने वालों को आज बड़ा मंच मिल सकता है। नौकरी में परिवर्तन के विचार आ सकते हैं। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। प्रेम संबंधों के लिए आज का दिन बहुत रोमांटिक रहेगा। पुराने दोस्तों से मुलाकात मन को ताजगी देगी। पैर में चोट या दर्द की संभावना है, इसलिए संभलकर चलें।


आज क्या करें: जरूरतमंदों को काली वस्तुएं दान करें।
आज क्या न करें: आज उधार लेने या देने से बचें।

 

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मीन 


भूमि और वाहन सुख के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में आपको टीम का नेतृत्व करने का मौका मिल सकता है। व्यापार में विस्तार की योजनाएं सफल होंगी। धन संचय करने में सफल रहेंगे। घर में माता के साथ समय बिताएं, उनका आशीर्वाद फलदायी होगा। वैवाहिक जीवन में खुशियां रहेंगी। माइग्रेन या सिरदर्द की समस्या हो सकती है, ज्यादा तनाव न लें।


आज क्या करें: विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
आज क्या न करें: नकारात्मक विचारों को मन में न आने दें।

 

नोट: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। अपनी मेहनत पर भरोसा रखें और सकारात्मकता के साथ दिन का आनंद लें

 

‘लश्कर और जैश को कंट्रोल करे पाकिस्तान’, अमेरिकी सांसद ने दे डाली नसीहत


ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव को शांत कराने के लिए पाकिस्तान मध्यस्थ बना हुआ है। पाकिस्तान में एक बातचीत भी शुरू होने वाली थी और अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वैंस भी इसके लिए आने वाले थे लेकिन यह वार्ता टल गई है। इस बीच भारत में हुए पहलगाम हमले की बरसी के मौके पर अमेरिकी सांसदों और नेताओं ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को नसीहत दे डाली है। अमेरिका में भारतीय दूतावास की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में अमेरिकी सांसद ब्रैड शेरमन ने कहा है कि पाकिस्तानी सरकार को लश्कर-ए-तैयबा को कंट्रोल करना चाहिए।

 

इस कार्यक्रम में आए अमेरिकी सांसदों और अन्य नेताओं ने आतंकवाद के मुद्दे पर एकमत होकर राय रखी कि आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़नी होगी। ईरान-अमेरिका के टकराव पर भी नेताओं ने अपनी राय रखते हुए कहा कि इसे जल्द से जल्द खत्म होना चाहिए। 

 

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क्या बोले ब्रैड शेरमन?

अमेरिका में भारतीय दूतावास की ओर से वॉशिंगटन डीसी में आयोजित खास प्रदर्शनी ‘द ह्यूमन कॉस्ट ऑफ टेररिज्म’ में पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए अमेरिकी सांसद ब्रैड शेरमन ने कहा, ‘उन आतंकियों ने लिंग और धर्म के आधार पर लोगों को अलग किया और मार डाला। यह निश्चित तौर पर मानवता की हत्या थी। जैसे कि अभी पूरी दुनिया का फोकस पाकिस्तान पर है कि वहां बातचीत हो पाएगी कि नहीं हो पाएगी। हम इसी मौके का फायदा उठाकर मांग करनी चाहिए कि पाकिस्तान की सरकार लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद पर नकेल कसे।

भारत और अमेरिका के संबंधों में ब्रैड शेरमन ने कहा, ‘हम नैचुरल पार्टनर हैं। एक दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र है तो दूसरा सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यह पार्टनशिप इकनॉमिक होनी चाहिए और हमें आतंकवाद से छुटकारा पाना होगा। हमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलना होगा। चाहे वह अमेरिका की तरफ से की गई नाकेबंदी हो या फिर ईरान की तरफ से। हमें उन आतंकी संगठनों से भी लड़ना होगा जिन्होंने 22 अप्रैल 2025 को आपके देश में लोगों को उनके धर्म के आधार पर मार डाला है। हमारी इंटेलिजेंस सर्विसेज को साथ आकर काम करना होगा और हमें मांग करनी होगी कि पाकिस्तान जैसे तमाम देश जो आतंकवाद को शरण देते हैं, वे इस पर नकेल कसें।’

 

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उन्होंने पहलगाम हमले में मारे गए नेवी के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल का भी जिक्र किया और कहा कि उन्हें उनकी शादी के सिर्फ 6 दिन बाद उनकी ही पत्नी के सामने मार डाला गया। मिशिगन की प्रतिनिधि लीजा मैकलेन ने इस मौके पर कहा कि आतंकवाद एक तरह की नफरत है और हम इसका समर्थन नहीं करते।

PM मोदी को ‘आतंकवादी’ कहने पर EC ने जारी किया नोटिस, 24 घंटे में देना होगा जवाब


भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘आतंकवादी’ कहने वाले बयान पर गंभीर नोटिस लिया है। चुनाव आयोग ने खड़गे को शो-कॉज नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा है।

 

आयोग ने अपने पत्र में कहा कि एक अनुभवी राजनेता द्वारा संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ इतने अपमानजनक और अपमानित करने वाले शब्दों का इस्तेमाल सार्वजनिक चर्चा के स्तर के अनुरूप नहीं है। इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचती है। खड़गे को 24 घंटे के अंदर अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा, नहीं तो आयोग आगे उचित कार्रवाई करेगा।

 

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क्या हुआ था?

मंगलवार को चेन्नई में पत्रकारों से बात करते हुए खड़गे ने एआईएडीएमके पार्टी को बीजेपी के साथ जुड़ने पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था, ‘मोदी आतंकवादी हैं। उनकी पार्टी समानता और न्याय में विश्वास नहीं करती।’ उन्होंने एआईएडीएमके पर आरोप लगाया कि वह बीजेपी की ‘गुलाम’ बन गई है और तमिलनाडु के हितों की रक्षा नहीं कर पाएगी।

 

इस बयान से बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। BJP ने इसे प्रधानमंत्री और पूरे 1.4 अरब भारतीयों का अपमान बताया। आज BJP के तीन केंद्रीय मंत्रियों (जिनमें निर्मला सीतारमण भी शामिल हैं) की एक टीम चुनाव आयोग पहुंची और खड़गे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

 

क्या बोले खड़गे

बाद में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने बयान को स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को आतंकवादी नहीं कहा। उनका मतलब था कि मोदी हमेशा लोगों और राजनीतिक दलों को ‘डराते-धमकाते’ हैं।

 

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नोटिस में क्या है?

नोटिस में लिखा है, ‘चूंकि, आयोग की प्रथम दृष्टया यह राय है कि मल्लिकार्जुन खड़गे, जो तमिलनाडु विधानसभा के आम चुनावों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्टार प्रचारक भी हैं, ने MCC के प्रावधानों और आयोग द्वारा जारी निर्देशों का उल्लंघन किया है, जिनका उल्लेख क्रमशः पैरा 9 और 11 में किया गया है… आयोग आपको इस नोटिस के जारी होने के 24 घंटों के भीतर उपरोक्त मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करने का अवसर देता है। कृपया ध्यान दें कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर आपकी ओर से कोई जवाब नहीं आता है, तो यह मान लिया जाएगा कि इस मामले में आपको कुछ नहीं कहना है और चुनाव आयोग, आपसे आगे कोई संदर्भ लिए बिना, इस मामले में उचित कार्रवाई या निर्णय लेगा।’