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इंस्टाग्राम पर वायरल ट्रेंड्स को न करें फॉलो, खराब हो सकता है चेहरा


हम में से ज्यादातर लोग अपने खाली समय में इंस्टाग्राम पर रील देखते हैं। आज के समय में ब्यूटी कॉन्टेंट इन्फ्लुएंसर का खास ध्यान ग्लोइंग स्किन केयर रूटीन और ग्लोइंग लिप्स पर होता है। कैमरे पर इन सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की ग्लोइंग स्किन नजर आती हैं। लोग इन इन्फ्लुएंसर्स पर आंख बंद करके भरोसा करते हैं।

 

हम यह भूल जाते हैं कि हम किस तरह के वातावरण में रह रहे हैं। धूप, धूल और प्रदूषण वाली जगह में ग्लोइंग स्किन पाना मुश्किल है। लोग ग्लोइंग स्किन पाने के चक्कर में तरह-तरह के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। बिना ये सोचे-समझें कि इन चीजों का त्वचा पर क्या प्रभाव पड़ेगा। हम आपको उन वायरल ट्रेंड्स के बारे में बता रहे हैं जो सबसे ज्यादा वायरल होते हैं लेकिन इनमें सच्चाई नहीं होती है।

 

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स्किन केयर ट्रेंड जो होते हैं खूब वायरल

ग्लोइंग स्किन

 

कोरियन ब्यूटी स्किन केयर रूटीन का ट्रेंड छाया हुआ है। हर किसी को खूबसूरत और ग्लोइंग स्किन चाहिए। लोग त्वचा को ग्लोइंग रखने के लिए तरह-तरह के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। आप इस तरह की गलती न करें। हमारे यहां पर प्रदूषण, धूप और धूल की समस्या आम है। इस वजह से ऑयल प्रोडक्शन बढ़ जाता है जिसके कारण मुंहासे की समस्या हो सकती है। बहुत ज्यादा प्रोडक्ट्स लगाने से त्वचा की प्राकृतिक नमी खत्म हो जाती है।

 

घरेलू उपाय

 

सोशल मीडिया पर लोग बताते हैं कि मुंहासे हटाने के लिए चेहरे पर टूथपेस्ट, बेकिंग सोडा और नींबू के रस का इस्तेमाल करना चाहिए। आप इस तरह की गलती न करें। इन चीजों को लगाने से त्वचा का नेचुरअल पीएच खराब होता है जिससे जलन, खुजली आदि की समस्या बढ़ जाती है। आप त्वचा विशेषज्ञ से पूछने के बाद ही किसी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें।

 

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एकदम से ग्लो

 

ब्यूटी इन्फ्लुएंस का दावा है कि त्वचा को रोजाना एक्सफोलिएट करने से डर्ट और गंदगी निकल जाती है जिससे त्वचा निखरी और चमकदार नजर आती है। आप इस तरह की गलती न करें। रोजाना एक्सफोलिएशन करने से रेडनेस और सेंसिटिविटी की समस्या बढ़ जाती है। डॉक्टर्स के मुताबिक हफ्ते में दो बार त्वचा को एक्सफोलिएट करना चाहिए।

 

10 स्टेप स्किन केयर रूटीन

 

अपनी त्वचा पर रोजाना अलग-अलग तरह के सीरम और टोनर्स का इस्तेमाल करने से बचें। इन्हें इंडियन स्किन टोन के हिसाब से डिजाइन नहीं किया गया है। इतने सारे प्रोडक्ट्स लगाने की वजह से मुंहासों की समस्या हो सकती है। त्वचा पर कुछ भी लगाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
 

न मिठाई, न फल, यहां देवी को चढ़ता है चाउमीन और मोमोज, वजह जानिए


पश्चिम बंगाल में कई ऐसे मंदिर हैं, जहां काली मां की पूजा-अर्चना की जाती है लेकिन बंगाल की राजधानी कोलकाता के टांगरा में स्थित चाइनीज काली मंदिर बेहद खास है। यहां मां काली की पूजा में दो अलग संस्कृतियों का संगम देखने को मिलता है। टांगरा काली मंदिर में न तो लड्डू चढ़ते हैं और न ही फल। यहां मां काली को चाउमीन, मोमोज और अन्य चाइनीज डिश का भोग लगाया जाता है, जो सुनने में जितना अजीब लगता है, उतना ही दिलचस्प भी है। इस अनोखी प्रसाद परंपरा के पीछे एक खास कहानी छिपी है।


टांगरा में स्थित यह चाइनीज काली मंदिर सिर्फ अपने अनोखे प्रसाद के कारण ही मशहूर नहीं है बल्कि मां काली की महिमा के कारण भी चर्चा में रहता है। कई लोगों का मानना है कि इस मंदिर में दर्शन करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और उनके दुख-दर्द दूर होते हैं। अब सवाल उठता है कि इस मंदिर की खासियत क्या है और यहां चाउमीन व नूडल्स का भोग क्यों लगाया जाता है? आइए जानते हैं।

 

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मंदिर में अनोखे प्रसाद चढ़ने की वजह


मंदिर में चाउमीन का भोग लगाने की परंपरा का संबंध चीन से है। दरअसल, साल 1930 के आसपास चीन में गृहयुद्ध चल रहा था। उस दौरान कई चीनी लोग भारत आकर बस गए थे। उन्हीं में से कुछ लोग बंगाल के टांगरा इलाके में रहने लगे। ये लोग धीरे-धीरे कोलकाता की संस्कृति को अपनाने लगे।


कुछ समय बाद वे टांगरा के इस मंदिर में पूजा-पाठ करने लगे लेकिन वे काली मां को भोग में मिठाई या फूल नहीं चढ़ाते थे। इसके बजाय वे अपनी पसंदीदा चाइनीज डिश जैसे चाउमीन और नूडल्स चढ़ाने लगे। यह देखकर स्थानीय भारतीय लोगों ने भी यही परंपरा अपनानी शुरू कर दी। इसी वजह से आज भी इस मंदिर में चाउमीन और नूडल्स का भोग लगाया जाता है।
यह मंदिर अब भारतीय और चीनी परंपराओं के संगम का प्रतीक बन चुका है। इसी कारण इसे चाइनीज काली मंदिर के नाम से जाना जाता है।

 

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यह इलाका कोलकाता का मशहूर चाइनाटाउन है, जहां लंबे समय से चीनी समुदाय के लोग रहते आए हैं। इसी सांस्कृतिक प्रभाव के चलते यहां की आस्था में भी स्थानीय खान-पान की झलक दिखाई देती है। लोगों का मानना है कि मां काली को अपने पसंदीदा भोजन का भोग लगाना ही सच्ची भक्ति है, और इसी सोच के साथ यह परंपरा सालों से चली आ रही है।


मंदिर स्थापना की अनोखी कहानी


कई धार्मिक जानकारों के अनुसार, बहुत साल पहले इस इलाके में एक परिवार रहता था, जिनका बेटा लंबे समय से बीमार था। डॉक्टरों ने उसके ठीक होने की उम्मीद छोड़ दी थी। इसके बाद बच्चे के माता-पिता एक स्थान पर गए, जहां उन्होंने एक पेड़ के पास दो पत्थर रखकर मां काली की श्रद्धा से पूजा शुरू की।


कुछ समय बाद उनका बेटा धीरे-धीरे ठीक होने लगा। इसे चमत्कार मानते हुए उस दंपति ने उसी स्थान पर मां काली का मंदिर बनवा दिया। तभी से यहां बड़ी संख्या में भक्त पूजा-अर्चना करने आते हैं, खासकर नवरात्र के दौरान यहां भारी भीड़ देखने को मिलती है।


कैसे पहुंचें चीनी मां काली मंदिर?


इस मंदिर के दर्शन के लिए सबसे पहले आपको बस, ट्रेन या हवाई जहाज से कोलकाता पहुंचना होगा। इसके बाद मेट्रो, कार या टैक्सी के जरिए फूलबागान जाना होगा। फूलबागान से चाइनीज काली मंदिर लगभग 2.7 किलोमीटर दूर है, जहां आप आसानी से रिक्शा या लोकल ट्रांसपोर्ट के जरिए पहुंच सकते हैं।

बड़ी जंग की तैयारी में अमेरिका, कंपनियों से कहा- कार नहीं… हथियार बनाओ


अमेरिका बड़ी जंग की तैयारी में जुटा है। यही कारण है कि पेंटागन ने 1.5 ट्रिलियन डॉलर का बजट मांगा है। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल से पहले अमेरिका में रक्षा मंत्री होता था। मगर ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद इस पद का नाम बदलकर युद्ध मंत्री कर दिया गया। यह भी एक संकेत है कि अमेरिका बड़ी जंग की तैयारी में है। अमेरिका के युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ अगले सप्ताह कैपिटल हिल जाएंगे। यहां हाउस और सीनेट के शीर्ष सांसदों से मिलेंगे और 1.5 ट्रिलियन डॉलर के बजट पर चर्चा करेंगे।

 

ट्रंप प्रशासन ने 2026 की तुलना में 455 बिलियन डॉलर यानी करीब 40 फीसद अधिक रक्षा बजट मांगा है। बजट के अलावा 200 बिलियन डॉलर का आपातकालीन फंड भी मांगा गया है। यह रकम ईरान के खिलाफ युद्ध में खर्च होगी। डोनाल्ड ट्रंप का तर्क है कि यह भारी भरकम रक्षा बजट अमेरिका के हित में होगा और ड्रीम मिलिट्री बनाने का सपना साकार करेगा। दस्तावेजों में बताया गया कि रक्षा बजट में इजाफा ताकत के माध्यम से शांति स्थापित करने के ट्रंप की नीति को आगे बढ़ाएगा। मतलब साफ है कि ट्रंप ताकत और धमकी के बल पर दुनिया को चलाने की मंशा रखते हैं।

 

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कार नहीं… हथियार बनाओ

अमेरिकी रक्षा विभाग ने कार कंपनियों से हथियार बनाने का अनुरोध किया है। ट्रंप ने ऑटोमोबाइल कंपनियों से हथियार निर्माण में अहम भूमिका निभाने को कहा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल  की रिपोर्ट के मुताबिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने जनरल मोटर्स समेत कई कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की। बैठक में हथियार और अन्य सैन्य सामग्री के उत्पादन पर चर्चा हुई। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद पहली बार है जब अमेरिका कार कंपनियों से हथियार निर्माण करने का अनुरोध कर रहा है।

आठ देशों पर हमला… कहां रुकेंगे ट्रंप? 

ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में अब तक आठ देशों पर हमला कर चुके हैं। तीन देश ऐसे हैं, जिन पर अमेरिकी सेना ने पहली बार हमला किया। यमन में हूती विद्रोहियों पर हमले का आदेश दिया। वेनेजुएला के जहाजों पर बमबारी करवाई। बाद में वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अगवा भी कर लिया। इक्वाडोर में आतंकी संगठनों के खिलाफ अमेरिका ने सैन्य अभियान चलाया। 28 फरवरी को इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर इतिहास का सबसे भीषण हमला किया। पिछले साल 22 जून को भी अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर अटैक किया था। 

 

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क्यूबा पर ट्रंप की निगाह

ईरान के बाद ट्रंप प्रशासन की निगाह क्यूबा पर टिकी है। अमेरिकी नौसेना ने पहले ही तेल नाकाबंदी कर रखी है। डोनाल्ड ट्रंप बार-बार कह चुके हैं कि अगला नंबर क्यूबा है। इसके बाद क्यूबा की सेना युद्धाभ्यास में जुट गई है। ट्रंप प्रशासन क्यूबा में छह दशक पुराने कम्युनिस्ट शासन को खत्म करने का प्लान बना रहा है। उधर, क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने कहा कि उनका देश अमेरिकी हमले के लिए तैयार है।

मलक्का पर ट्रंप की नजर क्यों?

ईरान युद्ध के बीच अमेरिका और चीन में भी तनाव बढ़ता जा रहा है। हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने धमकी दी कि अगर चीन ईरान को हथियार देगा तो उस पर 50 फीसद टैरिफ लगाया जाएगा। हाल ही में ईरान से तेल खरीदने पर भी रोक लगा दी। इस बीच अमेरिका ने इंडोनेशिया के साथ रक्षा सहयोग साझेदारी समझौता किया है। माना जा रहा है कि चीन को काउंटर करने के उद्देश्य से ही यह समझौता किया गया है।

 

समझौते के मुताबिक इंडोनेशिया अपने एयरस्पेस से अमेरिकी फाइटर जेट को उड़ान भरने की छूट देगा। इसका अमेरिका को फायदा यह होगा कि वह स्ट्रेट ऑफ मलक्का पर कड़ी निगाह रख सकता है। भविष्य में नाकेबंदी भी कर सकता है।

 

बता दें कि मलक्का स्ट्रेट मलय प्रायद्वीप और इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप के बीच एक संकरा जलमार्ग है। ग्लोबल ट्रेड का लगभग एक चौथाई हिस्सा यही से गुजरता है। वहीं 33 फीसद तेल का परिवहन भी मलक्का के रास्ते होता है। यह चीन का प्रमुख व्यापारिक मार्ग है। अगर अमेरिका मलक्का की घेराबंदी करता है तो चीन के साथ टकराव की संभवाना बढ़ जाएगी। 

लोकसभा में पास नहीं हुआ 131वां संविधान संशोधन बिल, विपक्ष में 230 वोट पड़े


विपक्ष के विरोध के बाद लोकसभा में संविधान (131वां) संशोधन विधेयक धराशायी हो गया। शुक्रवार को कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक- 2026 लोकसभा में पेश किया। संविधान संशोधन विधेयक के तहत 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू करना था। वहीं लोकसभा में सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव था।

 

मोदी सरकार ने संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र में तीन विधेयकों पर करीब 21 घंटे तक चर्चा की। मगर महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक विपक्ष के विरोध के आगे टिक नहीं सके। सबसे पहले संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026 पर मतदान हुआ। विधेयक के पक्ष में 298 और 230 वोट विपक्ष में पड़े। लोकसभा के कुल 528 सदस्यों ने वोटिंग की। अगर यह विधेयक पास हो जाता तो लोकसभा में सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 850 हो जाती। 

 

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विधेयक को पास करने के लिए सरकार को 352 वोट की जरूरत थी। मगर 54 वोट से बिल लोकसभा में गिर गया। संविधान संशोधन विधेयक के गिरने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार बाकी दो विधेयकों को आगे नहीं बढ़ाएगी।

इन विधेयकों पर हुई चर्चा

  • संविधान (131वां संशोधन) विधेयक- 2026 
  • केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक- 2026
  • परिसीमन विधेयक- 2026 

संविधान संशोधन विधेयक पारित होने का प्रावधान क्या है?

संविधान संशोधन विधेयक तभी पारित माना जाता है, जब उसे सदन में उपस्थिति वोट देने वाले सदस्यों का दो तिहाई समर्थन हासिल हो। संविधान के अनुच्छेद 368(2) के मुताबिक सूचीबद्ध अहम मुद्दों को प्रभावित करने वाले संविधान संशोधन विधेयकों को संसद से पास होने के बाद कम से कम आधे राज्यों की विधानसभाओं से भी अनुमोदन की जरूरत पड़ती है।

कांग्रेस का चाल, चरित्र और चेहरा बेनकाब: शेखावत

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि जिस तरह आज महिलाओं के आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक गिरा है। जिस तरह कांग्रेस ने एक बार फिर देश को बांटने के अपने एजेंडे को पूरी तरह से सामने रखा, उससे कांग्रेस की चाल, चरित्र और चेहरा बेनकाब हो गया है। 

महिला आरक्षण, जनगणना और परिसीमन कैसे आपस में जुड़े?

केंद्र सरकार ने 2023 में 106वें संविधान संशोधन अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसद आरक्षण दिया। इसमें कहा गया था कि आरक्षण 2023 में अधिनियम के लागू होने के बाद पहली जनगणना के आधार पर प्रभावी होगा। अगली जनगणना 2027 में प्रस्तावित है। जनगणना के दो साल बाद यानी 2029 में लोकसभा चुनाव होने हैं। सरकार को इस बात की संभावना बेहद कम थी कि 2027 की जनगणना के आधार पर अगले लोकसभा चुनाव से पहले परिसीमन पूरा हो पाएगा। परिसीमन के आधार पर ही महिलाओं को आरक्षण देना था। इन बाधाओं को खत्म करने की खातिर मोदी सरकार 131वां संविधान संशोधन लाई।

 

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यह संविधान संशोधन सरकार को 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करने और बाद में उसी परिसीमन के आधार पर महिला आरक्षण को लागू करने की ताकत देता। वहीं इन्हीं प्रावधानों को केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक के माध्यम से केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जाता। परिसीमन विधेयक- 2026 अगर पास हो जाता तो केंद्र सरकार को परिसीमन आयोग गठित करने का अधिकार मिल जाता।

क्या है 131वां संविधान संशोधन?

131वां संविधान संशोधन के तहत लोकसभा सीटों की संख्या 850 करना था। वहीं नए परिसीमन को लागू करना और महिला को 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले 33 फीसद आरक्षण देना था। विधेयक के मुताबिक 815 सीटें राज्यों और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों से प्रस्तावित थीं।

कहां फंस गया पेच

मगर इस पूरी प्रक्रिया में एक पेच फंस रहा था। दरअसल, 1976 में 42वां संविधान संशोधन किया गया। इसमें 1971 की जनगणना के आधार पर लोकसभा में हर राज्य की कुल सीटों की संख्या और राज्य विधानसभाओं में कुल सीटों की संख्या को साल 2000 तक स्थिर कर दिया गया। साल 2001 में 84वां संविधान संशोधन करके सीटों की संख्या को 2026 के बाद पहली जनगणना के प्रकाशन तक स्थिर किया गया। इस लिहाज से केंद्र सरकार लोकसभा में सीटों की संख्या बिना संविधान संशोधन के नहीं बढ़ा सकती थी।

 

परिसीमन भी 2027 की जनगणना के बाद होता। जब परिसीमन 2027 के बाद होता तो महिला आरक्षण भी बाद में लागू होता। हालांकि सरकार ने इसकी एक काट निकाली। वह 131वां संविधान संशोधन लाई, ताकि 2011 की जनगणना को परिसीमन और महिला आरक्षण का आधार बनाया जा सके। हालांकि विपक्ष के विरोध के कारण सरकार की उम्मीदों पानी फिर गया। 

 

गर्मियों में भूलकर भी न करें ये गलतियां, खूबसूरती में लग सकता है दाग


गर्मी हो या सर्दी हो, हर मौसम में त्वचा का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है। धूप, धूल और प्रदूषण की वजह से रोजाना स्किन केयर करने की जरूरत होती है। स्वस्थ त्वचा आपके अंदर आत्म विश्वास जगाने का काम करती हैं।

 

कई बार त्वचा संबंधी समस्याएं होने पर हम उसे जल्द ठीक करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। कुछ लोग इस दौरान गलतियां भी करते हैं। हम आपको कुछ सामान्य गलतियां बता रहे हैं जिसे ज्यादातर लोग करते हैं।

 

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स्किनकेयर जुड़ी ये गलतियां न करें

सनस्क्रीन को विकल्प समझना

 

आप इस तरह की गलती न करें। स्किन केयर के लिए सनस्क्रीन बहुत जरूरी है। यह आपको सूरज की हानिकारक किरणों से बचाने का काम करता है। इसके अलावा दाग-धब्बे और एजिंग की समस्या को भी कम करने का काम करता है। रोजाना एसपीएफ युक्त सनस्क्रीन लगाएं। अपने त्वचा टाइप के हिसाब से सनस्क्रीन का चुनाव करें।

 

नींबू का रस या टूथपेस्ट लगाना

 

यह एक ऐसा घरेलू उपाय है जिसे ज्यादातर लोग फॉलो करते हैं। चेहरे पर कभी ये चीजें नहीं लगानी चाहिए। इन चीजों की वजह से पिंपल्स और रेडनेस की समस्या बढ़ने का खतरा रहता है।

 

वायरल स्किन केयर ट्रेंडस पर भरोसा

 

पिंपल्स, दाग-धब्बे और झाइयों को हटाने के लिए वायरल स्किन केयर ट्रेंडस पर भरोसा नहीं करना चाहिए। समस्या होने पर सीधा त्वचा विशेषज्ञ को दिखाएं।

 

हाथ, गले और छाती को नजर अंदाज करना

 

शरीर के इन हिस्सों पर चेहरे से पहले एजिंग की समस्या दिखने लग जाती है। एसपीएफ युक्त सनस्क्रीन और मॉश्चराइजर इन हिस्सों में भी लगाएं ताकि त्वचा सामान्य नजर आए।

 

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ओवर क्लींज

 

गर्मी के मौसम में प्रदूषण और पसीने के वजह से त्वचा चिपचिपी हो जाती है। त्वचा को साफ करने के लिए बार-बार फेसवॉश का इस्तेमाल करते हैं। ऐसा करने से त्वचा रूखी और बेजान नजर आती हैं।

 

तौलिए से मुंह रगड़ना

 

ज्यादातर लोग अपने चेहरे को तौलिए से रगड़कर साफ करते हैं। आप इस तरह की गलती न करें। हमेशा तौलिए को हल्के हाथों से त्वचा पर टैप करें।

 

मोक्ष या मन की शांति, हरिद्वार के ब्रह्मकुंड घाट का अनसुना सच क्या है?


हरिद्वार में गंगा नदी पर स्थित प्रसिद्ध ब्रह्मकुंड घाट का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। माना जाता है कि यहां स्नान करने से मोक्ष मिलता है। धार्मिक कथाओं के मुताबिक, राजा श्वेत की कठोर तपस्या के कारण इस घाट पर भगवान ब्रह्मा जी विराजमान हुए थे। इस स्थान को हर की पौड़ी के नाम से भी जाना जाता है। श्रद्धालुओं के लिए यहां स्नान करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। जहां एक ओर कई लोगों का मानना है कि इस घाट में स्नान करने से मोक्ष मिलता है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग मानते हैं कि यहां स्नान करने से मन को शांति और सुकून मिलता है।


ब्रह्मकुंड घाट में हर साल लाखों लोग स्नान करने आते हैं। कई लोग कांवड़ यात्रा के दौरान भी यहां आकर स्नान करते हैं। इसके अलावा मौनी अमावस्या, कार्तिक पूर्णिमा और कुंभ मेले जैसे अवसरों पर यहां गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि इन दिनों गंगा का जल अमृत के समान हो जाता है। अब सवाल उठता है कि ऐसी क्या वजह है कि ब्रह्मकुंड में स्नान से मोक्ष की प्राप्ति मानी जाती है। आइए, एक अनसुनी कथा के जरिए इस रहस्य को समझते हैं।

 

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ब्रह्मकुंड में स्नान करने से क्यों मिलता है मोक्ष?


धार्मिक कथाओं के अनुसार जब देवताओं और राक्षसों के सहयोग से समुद्र मंथन हुआ, तब वासुकी नाग की पूंछ देवताओं के हाथ में थी और उसका सिर राक्षसों के पास था। इस समुद्र मंथन से कुल 14 रत्न निकले थे, जिनमें अमृत का कलश भी शामिल था।


कथा के अनुसार जब अमृत कलश को राक्षसों से बचाकर ले जाया जा रहा था, तब उसकी कुछ बूंदें पृथ्वी पर विभिन्न स्थानों पर गिरीं। इन्हीं स्थानों में एक हरिद्वार का ब्रह्मकुंड भी माना जाता है। इसी वजह से कुंभ, मौनी अमावस्या, कार्तिक पूर्णिमा, गंगा दशहरा और गंगा सप्तमी जैसे पवित्र दिनों में ब्रह्मकुंड का जल अमृत के समान माना जाता है। इन दिनों पर यहां स्नान करने से मोक्ष की मिलती है यह माना जाता है।

 

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कैसे पड़ा हर की पौड़ी का नाम ब्रह्मकुंड?


पौराणिक कथाओं के अनुसार हर की पौड़ी के पास राजा श्वेत भगवान ब्रह्मा को प्रसन्न करने के लिए तपस्या कर रहे थे। उनकी कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान ब्रह्मा प्रकट हुए और उनसे वरदान मांगने को कहा था। तब राजा श्वेत ने इच्छा जताई कि इस स्थान को भगवान का दर्जा मिले। उनकी इस कामना को स्वीकार करते हुए भगवान ब्रह्मा यहां विराजमान हुए। तभी से इस स्थान को ब्रह्मकुंड के नाम से जाना जाने लगा। इस घाट पर लोग अपने पूर्वजों की अस्थियां भी विसर्जित करते हैं क्योंकि मान्यता है कि गंगा में अस्थि विसर्जन से मृत आत्मा को मोक्ष प्राप्त होता है।कैसे जाएं ब्रह्मकुंड घाट?


ब्रह्मकुंड पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को सबसे पहले अपने राज्य के नजदीकी रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट या बस अड्डे से देहरादून या हरिद्वार पहुंचना होता है। इसके बाद वहां से बस, टैक्सी या निजी वाहन के माध्यम से आसानी से हर की पौड़ी स्थित ब्रह्मकुंड घाट तक पहुंचा जा सकता है।

 

डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि नहीं की जाती है।

लेबनान और इजरायल के बीच 10 दिनों का युद्धविराम, ट्रंप ने किया ऐलान


इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों के युद्धविराम पर सहमति बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर यह घोषणा की। उन्होंने लिखा कि अभी-अभी मेरी लेबनान के बेहद सम्मानित राष्ट्रपति जोसेफ आउन और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बेहतरीन बातचीत हुई।

 

ट्रंप ने आगे लिखा कि दोनों नेताओं ने अपने देशों के बीच शाम पांच बजे से औपचारिक रूप से 10 दिनों के सीजफायर पर सहमति जताई है। मंगलवार को 34 वर्षों में पहली बार इन दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने यहां वाशिंगटन डीसी में हमारे महान विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ मुलाकात की।

 

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ट्रंप ने बताया कि मैंने उपराष्ट्रपति जेडी वैंस और विदेश मंत्री रूबियो को जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैन रेजिन केन के साथ मिलकर इजरायल और लेबनान के साथ काम करने का निर्देश दिया है, ताकि एक स्थायी शांति स्थापित की जा सके। दुनिया भर में नौ युद्धों को सुलझाना मेरे लिए एक सम्मान की बात है। यह मेरा 10वां प्रयास होगा तो चलिए इसे पूरा करके दिखाते हैं।

1983 के बाद इजरायल और लेबनान के बीच होगी बैठक

इजरायली मीडिया ने बताया कि पूर्वी मानक समय के मुताबिक युद्धविराम शाम 5 बजे जबकि इजरायली समयानुसार गुरुवार-शुक्रवार रात 12 बजे से लागू होगा। डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि वह प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ औन को व्हाइट हाउस में 1983 के बाद इजरायल और लेबनान के बीच पहली सार्थक वार्ता के लिए आमंत्रित करेंगे। दोनों पक्ष शांति चाहते हैं और मुझे विश्वास है कि ऐसा जल्द ही होगा!

 

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नेतन्याहू ने बुलाई सुरक्षा कैबिनेट की आपात बैठक

युद्धविराम के ऐलान के तुरंत बाद नेतन्याहू ने सुरक्षा कैबिनेट की फोन पर ही आपात बैठक बुलाई। बताया जा रहा है कि युद्धविराम पर मतदान के बिना सीधे मीडिया से जानकारी मिलने पर मंत्रियों ने अपनी नाराजगी जताई।

 

बता दें कि 28 फरवरी को इजरायल ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर इतिहास का सबसे भीषण हमला किया। दो दिन बाद यानी 2 मार्च को हिजबुल्लाह भी जंग में कूद गया। उसने उत्तर इजरायल पर सैकड़ों मिसाइल और रॉकेट से हमला किया। जवाब में इजरायली सेना ने पूरे लेबनान में स्थित हिजबुल्लाह के ठिकानों को तबाह किया।

‘भ्रम फैलाया जा रहा’, परिसीमन पर विपक्ष के एक-एक सवाल का शाह ने दिया जवाब


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर विपक्ष के एक-एक सवाल का जवाब दिया। गुरुवार को लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि पूरी तरह से झूठा नैरेटिव फैलाया जा रहा है कि महिला आरक्षण और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के लागू होने के बाद लोकसभा की सीटें बढ़कर 816 हो जाएंगी तो दक्षिण के राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा।

 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि असलियत यह है कि सीटों की संख्या बढ़ेगी और ताकत भी बढ़ेगी। शाह ने प्रियंका गांधी के सवाल के जवाब में कहा कि हमने परिसीमन आयोग अधिनियम में कोई बदलाव नहीं किया है। आपके के ही डिलिमिटेशन कानून को हमने रिपीट किया है। अगर आपने उस वक्त मैनुपुलेशन किया है तो मैं इतना कर सकता हूं कि हम नहीं करेंगे।  

 

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मौजूदा चुनाव पर परिसीमन का कोई असर नहीं होगा: शाह

शाह ने आगे बताया कि मोदी कैबिनेट ने जाति जनगणना कराने का फैसला किया है। मौजूदा जनगणना जाति जनगणना के आधार पर ही की जा रही है। इस बारे में कोई गलत जानकारी नहीं फैलाई जानी चाहिए। परिसीमन आयोग का कानून पूरी तरह से पुराने कानून के अनुरूप है। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसका मौजूदा चुनावों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। 

 

 

 

‘घटेगी नहीं, बल्कि बढ़ेगी दक्षिण के राज्यों की ताकत’

अमित शाह ने कहा कि सबसे बड़ा नैरेटिव खड़ा किया जा रहा है और भ्रांति फैलाई जा रही है कि ये तीन बिल- संविधान संशोधन बिल, परिसीमन पर दो कानून, निर्वाचन क्षेत्र चुनाव कानून में बदलाव के आने से दक्षिण की क्षमता लोकसभा में बहुत कम हो जाएगी और हमारे दक्षिण के राज्यों को बहुत बड़ा नुकसान होगा। अमित शाह ने लोकसभा में बताया कि 50 फीसद का इजाफा होने के बाद दक्षिण के राज्यों की ताकत संसद में घटेगी नहीं, बल्कि और बढ़ेगी। उन्होंने सदन पटन के आगे राज्यवार आंकड़ा रखा और यह बताने की कोशिश कि नए परिसीमन के बाद दक्षिण के पांच राज्यों का प्रतिनिधित्व और बढ़ेगा।

शाह ने राज्यवार विपक्ष के आरोपों का दिया जवाब

अमित शाह ने बताया कि कर्नाटक में कुल 28 लोकसभा सीटें हैं। सदन की कुल संख्या 543 के 5.15 फीसद सदस्य कर्नाटक से आते हैं। विधेयक पारित होने के बाद कर्नाटक में सांसदों की संख्या 28 से बढ़कर 42 हो जाएगी। लोकसभा में 816 में उसका प्रतिशत बढ़कर 5.44% हो जाएगा। कर्नाटक का जरा भी नुकसान नहीं होगा।

 

आंध्र प्रदेश में 25 सीटें हैं। अभी लोकसभा में उसकी 4.60 फीसद हिस्सेदारी है। विधेयक पारित होने के बाद सांसदों की संख्या 25 से बढ़कर 38 हो जाएगी। वहीं हिस्सेदारी भी 4.65 प्रतिशत हो जाएगी।

 

तेलंगाना में 17 सीटें हैं, जो लोकसभा का 3.13 प्रतिशत है। बिल पास होने के बाद सांसदों की संख्या 17 से बढ़कर 26 हो जाएगी। उसकी हिस्सेदारी भी 3.18 प्रतिशत उनकी क्षमता होगी।

 

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शाह ने कहा कि मैं तमिलनाडु की जनता को आश्वास्त करना चाहता हूं कि आपकी शक्ति कम नहीं होगी, बल्कि बढ़ रही है। अभी 39 सांसद तमिलनाडु राज्य से चुनकर यहां आते हैं। 543 के सदन में उसकी हिस्सेदारी 7.118 फीसद है। अब 50 फीसद की वृद्धि के बाद लोकसभा सदस्यों की संख्या 59 हो जाएगी। 816 के सदन में तमिलनाडु की हिस्सेदारी 7.23 फीसद हो जाएगी। तमिलनाडु को भी कोई नुकसान नहीं होगा।

 

केरल में अभी 20 सांसद हैं। इनकी क्षमता 3.68 फीसद है। विधेयक के पास होने के बाद सांसदों की संख्या 20 की जगह 30 होगी और सदन में इनकी क्षमता 6.67 इनकी हिस्सेदारी होगी। शाह ने कहा कि दक्षिण का जो नैरेटिव बनाया गया है अगर उसे हम सुनते हैं तो 543 सीटों में से वर्तमान में इस सदन में 129 सांसद बैठते हैं। यह लगभग 23.76%  दक्षिण के सांसदों की स्ट्रेंथ है। अब 50 फीसद वृद्धि होने के बाद 129 की जगह 195 सांसद बैठेंगे और उनकी शक्ति 23.97% होगी।

 

परिसीमन आयोग का जिक्र किया गया था, यह कहते हुए कि आप परिसीमन आयोग में अपने लोगों को रखेंगे। यह करेंगे और वह करेंगे। मैं प्रियंका गांधी से कहना चाहता हूं कि हमने परिसीमन आयोग में कोई बदलाव नहीं किया है। हमने आपके परिसीमन आयोग अधिनियम को ही दोहराया है। अगर आपने इसमें कोई छेड़छाड़ की है तो मैं कह सकता हूं कि हम ऐसा नहीं करेंगे। अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री। 

गर्मी में हीट वेव से बचने के लिए क्या करें, क्या न करें?


दिल्ली-एनसीआर में तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भी गर्मी से राहत नहीं मिलने वाली है। इस मौसम में लू लगने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। इस मौसम में सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है। इस मौसम में हीट स्ट्रोक और हीट वेव के चपेट में आने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। खासतौर से बच्चों और बुजुर्गों को अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए।

 

डिहाइड्रेशन की वजह से हीट स्ट्रोक होता है। इस वजह से शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहना चाहिए। पानी पीने से शरीर में एनर्जी बनी रहती है। आइए जानते हैं इस मौसम में क्या खाना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए?

 

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क्या करना चाहिए?

शरीर को हाइड्रेटेड रखें

 

गर्मी में पसीना ज्यादा निकलता है। इस वजह से हर थोड़ी-थोड़ी देर पर पानी पीते रहना चाहिए। एक व्यक्ति को दिन भर में 2 से 3 लीटर पानी पीना चाहिए। पानी पीने से शरीर में एनर्जी रहती है। आप पानी के अलावा नारियल पानी, नींबू पानी या ओआरएस आदि का सेवन कर सकते हैं। शरीर में पानी और नमक की कमी नहीं होनी चाहिए।

 

 मौसमी फलों को शामिल करें

 

अपनी डाइट में मौसमी फलों को शामिल करें। मौसमी फल में तरबूज, खरबूज, खीरा आदि खाना चाहिए। इन चीजों को खाने से शरीर को पोषक तत्व मिलते हैं। साथ ही पानी की कमी भी नहीं होती है।

 

कॉटन के कपड़े पहनें

 

गर्मी के मौसम में कॉटन के कपड़े पहनें। कॉटन पसीने को सोखने का काम करता है और शरीर को ठंडा रखता है। इस मौसम में सिथेंटिक या पॉलीस्टर वाले कपड़े पहनने से बचना है।

 

छाता लेकर निकलें

 

घर से बाहर निकलते समय स्कार्फ या छाता लेकर निकलें। इसके अलावा सनस्क्रीन जरूर लगाएं। सनस्क्रीन लगाने से टेनिंग और सनबर्न की समस्या नहीं होगी।

 

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क्या न करें?

बाहर का जंक फूड न खाएं

 

बाहर का जंक फूड खाने से परहेज करना चाहिए। तली-भूनी चीजों में फैट की मात्रा अधिक होती है। अधिक फैट वाली चीजें पाचन तंत्र को धीमा कर देती है। इस वजह से पेट में जलन और पेट फूलने की समस्या हो सकती है।


कॉफी और शुगर वाली ड्रिंक्स से बचें

 

गर्मी के मौसम में कॉफी और सोडा वाली शुगरी ड्रिंक्स को पीने से बचना चाहिए। ज्यादा चीनी को पचाने के लिए शरीर को अधिक पानी की जरूरत होती है। इस वजह से शरीर में पानी कम हो जाता है।

 

जरूरत पड़ने पर ही घर से निकलें

 

दोपहर 12 से 4 बजे तक घर से बाहर न निकलें। जरूरत हो तभी घर से बाहर जाएं।

 

बृहस्पति और केतु के संयोग से आपके भाग्य में क्या बदलेगा? पढ़ें राशिफल


आज 16 अप्रैल 2026, दिन गुरुवार है। पंचांग के अनुसार आज वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। आज का मूलांक 7 है, जो केतु का अंक माना जाता है और यह दिन आध्यात्मिक गहराई, अंतर्ज्ञान और आत्म-मंथन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। ग्रहों की स्थिति को देखें तो आज चंद्रमा मीन राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे जल तत्व की प्रधानता रहेगी। देवगुरु बृहस्पति का प्रभाव होने के कारण आज का दिन ज्ञानार्जन और बड़े निर्णयों के लिए अनुकूल है, हालांकि केतु के मूलांक के कारण मानसिक भटकाव से बचने की आवश्यकता होगी।

 

आज की समग्र ऊर्जा मिश्रित लेकिन सकारात्मकता की ओर झुकी हुई है। आज का दिन धैर्य और विवेक से काम लेने का है। व्यापारिक दृष्टिकोण से नई योजनाओं पर विचार करना लाभकारी रहेगा, जबकि व्यक्तिगत जीवन में रिश्तों को समय देना सुखद परिणाम लाएगा। उत्तर दिशा की यात्रा में सावधानी बरतें और दिन को संतुलित बनाने के लिए योग व ध्यान का सहारा लें। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक के जातकों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।

 

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आज का राशिफल

 

मेष राशिफल 


आज का दिन आपके लिए ऊर्जा से भरपूर रहेगा। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं, विशेषकर सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ होगा। व्यापार में जोखिम लेने से बचें। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें। प्रेम जीवन में मधुरता रहेगी और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से सिरदर्द या थकान महसूस हो सकती है।

आज क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।

आज क्या न करें: जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें।

 

वृषभ राशिफल 


वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन सुख-सुविधाओं में वृद्धि वाला है। व्यापार में लंबे समय से रुका हुआ काम बन सकता है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति के संकेत मिल सकते हैं। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा और धन लाभ के योग हैं। पारिवारिक जीवन में किसी पुराने विवाद का अंत होगा। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, लेकिन खान-पान का ध्यान रखें।

आज क्या करें: सफेद वस्तुओं का दान करें।

आज क्या न करें: किसी से कर्ज लेने से बचें।

 

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मिथुन राशिफल 


मिथुन राशि के जातकों को आज वाणी पर संयम रखने की सलाह दी जाती है। करियर में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन आपकी बुद्धिमत्ता से सब ठीक हो जाएगा। व्यापार में नए निवेश से अभी बचें। आर्थिक स्थिति मध्यम रहेगी। परिवार में छोटे भाई-बहनों के साथ मतभेद हो सकता है। स्वास्थ्य में गले या छाती से जुड़ी समस्या हो सकती है।

आज क्या करें: पक्षियों को दाना डालें।

आज क्या न करें: अजनबियों पर भरोसा न करें।

 

कर्क राशिफल 


आज आप मानसिक रूप से काफी शांति महसूस करेंगे। करियर में रचनात्मक कार्यों से आपको पहचान मिलेगी। व्यापार में मुनाफे के अच्छे योग बने हुए हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और पुराना उधार वापस मिल सकता है। परिवार में कोई मांगलिक कार्य होने की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, मन प्रसन्न रहेगा।

आज क्या करें: शिवलिंग पर जल अर्पित करें।
आज क्या न करें: पुराने नकारात्मक विचारों को हावी न होने दें।

 

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सिंह राशिफल 


सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन थोड़ा भागदौड़ वाला रह सकता है। कार्यक्षेत्र में काम का बोझ बढ़ेगा, जिससे तनाव हो सकता है। व्यापार में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, बड़े निवेश के लिए धैर्य रखें। प्रेम संबंधों में आपसी समझ बढ़ेगी। स्वास्थ्य में आंखों की समस्या हो सकती है।

आज क्या करें: सूर्य देव को अर्घ्य दें।
आज क्या न करें: किसी का अनादर न करें।

 

कन्या राशिफल 


आज का दिन आपके लिए सफलताओं भरा हो सकता है। करियर में आपकी एकाग्रता आपको लक्ष्य प्राप्ति में मदद करेगी। व्यापार में नई तकनीक का प्रयोग लाभदायक रहेगा। आर्थिक स्थिति में मजबूती आएगी। प्रेम जीवन में नया मोड़ आ सकता है। सामाजिक रूप से आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन पेट की खराबी से बचें।

आज क्या करें: गाय को हरी घास खिलाएं।
आज क्या न करें: अपनी योजनाएं किसी के साथ साझा न करें।

 

तुला राशिफल 


तुला राशि वालों के लिए आज का दिन संतुलन बनाने का है। कार्यक्षेत्र में अधिकारियों से तालमेल बनाकर रखें। व्यापार में स्थिरता रहेगी। आर्थिक लेन-देन में सावधानी बरतें, अन्यथा नुकसान हो सकता है। प्रेम संबंधों में थोड़ी कड़वाहट आ सकती है, संवाद बनाए रखें। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, जोड़ों में दर्द हो सकता है।

आज क्या करें: इत्र का प्रयोग करें और मंदिर जाएं।

आज क्या न करें: अनावश्यक विवाद में न पड़ें।

 

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वृश्चिक राशिफल 


आज का दिन साहस और आत्मविश्वास से भरा रहेगा। करियर में आप कठिन कार्यों को भी आसानी से पूरा कर लेंगे। व्यापार में साझेदारी लाभदायक रहेगी। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी और आप नया वाहन या संपत्ति खरीदने की सोच सकते हैं। प्रेम जीवन रोमांचक रहेगा। स्वास्थ्य मजबूत रहेगा, पुरानी बीमारी से राहत मिलेगी।

आज क्या करें: हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं।

आज क्या न करें: उधार देने से बचें।

 

धनु राशिफल 


धनु राशि वालों के लिए आज का दिन ज्ञान और आध्यात्मिक प्रगति का है। करियर में वरिष्ठों का मार्गदर्शन मिलेगा। व्यापार में विस्तार की योजनाएं सफल हो सकती हैं। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी, दान-पुण्य पर खर्च हो सकता है। पारिवारिक माहौल शांत रहेगा और जीवनसाथी के साथ तीर्थ यात्रा पर जा सकते हैं। स्वास्थ्य में सुधार होगा।

आज क्या करें: पीले वस्त्र धारण करें।
आज क्या न करें: झूठ बोलने से बचें।

 

मकर राशिफल 


मकर राशि के जातकों को आज मेहनत के अनुसार ही परिणाम मिलेंगे। करियर में बदलाव की इच्छा जाग सकती है लेकिन अभी समय अनुकूल नहीं है। व्यापार में घाटा होने की संभावना है, सावधानी बरतें। आर्थिक स्थिति तंग रह सकती है। प्रेम संबंधों में धैर्य रखें। स्वास्थ्य में घुटनों का दर्द या पैरों में सूजन हो सकती है।

आज क्या करें: शनि चालीसा का पाठ करें।

आज क्या न करें: किसी से कड़वा न बोलें।

 

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कुंभ राशिफल 


आज आप काफी ऊर्जावान महसूस करेंगे और नए प्रयोग करने के इच्छुक रहेंगे। करियर में आपकी नवीन सोच आपको आगे ले जाएगी। व्यापार में मध्यम लाभ होगा। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी, बचत पर ध्यान दें। प्रेम जीवन में तालमेल बना रहेगा। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह न रहें, मौसमी बीमारियों से बचाव करें।

आज क्या करें: किसी गरीब को भोजन कराएं।

आज क्या न करें: किसी का मजाक न उड़ाएं।

 

मीन राशिफल 


चंद्रमा आपकी राशि में होने के कारण आज आप भावुक रहेंगे। करियर में आपको संवेदनशीलता और तर्क के बीच संतुलन बनाना होगा। व्यापार में कोई बड़ी डील होते-होते रुक सकती है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। प्रेम जीवन में पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें। स्वास्थ्य में अनिद्रा या बेचैनी हो सकती है।

आज क्या करें: भगवान विष्णु की पूजा करें।
आज क्या न करें: दूसरों की बातों में आकर अपना नुकसान न करें।

 

नोट: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। अपनी मेहनत पर भरोसा रखें और सकारात्मकता के साथ दिन का आनंद लें