Home Blog

BJP सांसद के आरोप से अखिलेश आगबबूला, 10 मिनट में पोस्ट डिलीट करने की दी चेतावनी


राम मंदिर चढ़ावा और चंदा चोरी का मामले को लेकर जांच चल रही है। इस प्रकरण के मुख्य आरोपी चंपत राय और अनिल मिश्रा का श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने इस्तीफा मंजूर कर लिया है। इन सबके बीच बीजेपी और विपक्षी दलों के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चल निकला है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सोमवार को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

 

दरअसल सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव ने निशिकांत दुबे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए उनकी सोशल मीडिया की पोस्ट 10 मिनट में हटाने के लिए कहा। इससे पहले बीजेपी सांसद ने अयोध्या चढ़ावा मामले में आरोपी रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव के साथ नाम जोड़ दिया। दूबे ने दावा किया कि टिन्नू फोन पर अखिलेश यादव से बात किया करता था। साथ ही आरोप लगाया कि जेल जाने से पहले टिन्नू ने अखिलेश यादव से बात की थी।

 

यह भी पढ़ें: चंपत राय के साथ अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर, ट्रस्ट का बड़ा फैसला

सोशल मीडिया पर लिखी लंबी पोस्ट

निशिकांत दुबे की इसी पोस्ट को लेकर सपा अध्यक्ष ने उन्हें कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबी पोस्ट में दुबे के आरोपों को निराधार बताया और चेतावनी दी कि अगर पोस्ट को तुरंत नहीं हटाया गया तो पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाएगी।

‘सार्वजनिक-सार्वभौमिक वैधानिक चेतावनी’

अखिलेश यादव ने कहा, ‘सार्वजनिक-सार्वभौमिक वैधानिक चेतावनी! जितना सत्ता पक्ष के सांसद का विशेषाधिकार होता है, उतना ही विशेषाधिकार विपक्ष के सांसद का भी होता है। पुरुषोत्तम प्रभु राम जी की मर्यादा एवं सामाजिक शालीनता, सभ्यता और संसदीय परंपरा का मान रखते हुए हम बीजेपी सांसद को 10 मिनट का समय देते हैं कि वह इस झूठे ट्वीट-पोस्ट को हटा दें, अन्यथा उनके खिलाफ तत्काल नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।’

 

 

 

 

उन्होंने आगे कहा, ‘साथ ही यह चेतावनी उन सबको भी है जिन्होंने यह झूठ फैलाया है, वो भी सोशल मीडिया पर तुरंत डिलीट करें और सार्वजनिक माफी मांगें या कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। वे याद रखें भाजपाई किसी के सगे नहीं हैं, जब सालों-साल कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ेंगे तो कोई संगी-साथी भी बचाने नहीं आएगा। जो भगवान के नहीं हुए वो इंसान के क्या होंगे।’

 

यह भी पढ़ें: बंगाल की 3 राज्यसभा सीटों के लिए 24 जुलाई को होंगे उपचुनाव, चुनाव आयोग का एलान

चढ़ावा-चंदा-दान चोर बताया

सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया, ‘पीडीए समाज को कलंकित व अपमानित करने के लिए भाजपाई और उनके संगी-साथी ये कुत्सित झूठ प्रचारित-प्रसारित कर रहे हैं। पीडीए समाज एकजुट होकर इसका जवाब देगा। ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरों’ का गिरोह जनाक्रोश के डर से अब अपने घरों में दुबका बैठा है और षड्यंत्र कर रहा है। अगर मुखबिरों के वंशजों में सत्य का साहस है तो अपने परंपरागत भूमिगत-सुरंगी निवास से बाहर आकर अयोध्यावासियों के सामने सरयू का जल हाथ में उठाकर ये बात कहें।’

 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘संपूर्ण विश्व के रामभक्त संज्ञान लें- दुनिया भर के सनातनी संज्ञान लें- अयोध्या के पूज्य साधु-संत संज्ञान लें- माननीय सर्वोच्च न्यायालय संज्ञान ले- माननीय लोकसभा अध्यक्ष संज्ञान लें- उत्तर प्रदेश-अयोध्या के नागरिक संज्ञान लें- समस्त पीडीए समाज संज्ञान ले।’

निशिकांत दुबे ने क्या कहा था?

वहीं, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने एक्स पर एक पोस्ट तो डिलीट नहीं की लेकिन कहा, ‘जल्दी करिए, इतना परेशान क्यों हैं? प्रश्न ही तो पूछा है? 1990 में राम भक्त पर गोली किसने चलवाई? मैं अदालत जाऊंगा।’ पहले वाली पोस्ट में दूबे ने कहा था, ‘टिन्नू टीपू से ही तो बात कर रहा था?’ उन्होंने इसके साथ ही अयोध्या दान गबन के आरोपी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की अखिलेश यादव के साथ एडिट करके फोटो भी शेयर की थी।

 

 

 

ओवरनाइट फ्लाइट के बाद नहीं महसूस होगी थकान, अपनाएंं ये आसान ट्रैवल टिप्स


अगर आप अक्सर रात की फ्लाइट (Red-eye Flight) से सफर करते हैं, तो अगली सुबह थकान, सुस्ती और सिरदर्द जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि रात के सफर में नींद पूरी नहीं हो पाती। हालांकि कुछ आसान आदतें अपनाकर आप इस थकान को काफी हद तक कम कर सकते हैं। आइए जानते हैं वे 5 स्मार्ट टिप्स, जो आपकी अगली यात्रा को ज्यादा आरामदायक बना सकते हैं।

 

रात की फ्लाइट लेना कई बार समय बचाने का अच्छा विकल्प होता है, लेकिन सही तैयारी न होने पर अगला पूरा दिन थकान में निकल सकता है। अगर आप सफर से पहले थोड़ा आराम करें, हल्का भोजन करें, शरीर को हाइड्रेट रखें और फ्लाइट में अच्छी नींद लेने की कोशिश करें, तो ओवरनाइट यात्रा के बाद भी खुद को काफी फ्रेश महसूस करा सकते हैं।

 

यह भी पढ़ें: बारिश में कपड़ों की सीलन और बदबू से हैं परेशान? अपनाएं ये 8 घरेलू उपाय

1. फ्लाइट से पहले थोड़ी देर आराम करें

अगर आपकी फ्लाइट देर रात की है, तो निकलने से पहले 20-30 मिनट की पावर नैप ले सकते हैं। इससे सफर के दौरान शरीर ज्यादा थका हुआ महसूस नहीं करेगा और यात्रा आसान लग सकती है।

2. फ्लाइट में अच्छी नींद लेने की तैयारी करें

सफर के दौरान आराम से सोने के लिए नेक पिलो, आई मास्क और ईयरप्लग या नॉइज कैंसिलिंग हेडफोन साथ रखें। ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें, ताकि शरीर को आराम मिले और नींद बेहतर आ सके।

3. कैफीन और शराब से दूरी बनाएं

फ्लाइट से पहले या सफर के दौरान ज्यादा कॉफी, चाय, एनर्जी ड्रिंक या शराब पीने से बचें। ये आपकी नींद में रुकावट पैदा कर सकते हैं। इसके बजाय पानी पीते रहें, ताकि शरीर हाइड्रेट रहे।

4. हल्का और हेल्दी खाना खाएं

यात्रा से पहले बहुत ज्यादा तला-भुना या भारी भोजन करने से बचें। हल्का और पौष्टिक खाना खाने से पेट आराम में रहता है और सफर के दौरान नींद आने में भी आसानी होती है।

 

यह भी पढ़ें: पीले दांत से परेशान हैं? ये देसी नुस्खे कम कर सकते हैं आपकी परेशानी

5. पहुंचते ही धूप और हल्की वॉक लें

अगर आप सुबह अपनी मंजिल पर पहुंच जाते हैं, तो कुछ देर खुली धूप में टहलें। इससे शरीर की बॉडी क्लॉक नए समय के अनुसार जल्दी एडजस्ट हो सकती है और थकान भी कम महसूस होती है।

यात्रा के दौरान इन बातों का भी रखें ध्यान

  • सफर के दौरान पर्याप्त पानी पीते रहें।
  • हर 1-2 घंटे में थोड़ा चलने-फिरने की कोशिश करें।
  • मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन देर तक देखने से बचें।
  • अगर संभव हो तो विंडो सीट की बजाय ऐसी सीट चुनें जहां आपको आराम से सोने में आसानी हो।

इस हफ्ते किन 5 राशियों को मिलेगी सुख-सुविधा?


जुलाई 2026 का यह दूसरा सप्ताह ग्रहों की चाल के लिहाज से बेहद पॉजिटिव रहने वाला है। इस हफ्ते की शुरुआत 6 जुलाई को आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी-अष्टमी तिथि से हो रही है। हफ्ते का मुख्य मूलांक 6 बनता है, जो शुक्र का अंक है और जीवन में सुख-समृद्धि, कला तथा भौतिक सुखों की ओर झुकाव को दर्शाता है। ग्रहों की चाल की बात करें तो इस समय सूर्य मिथुन राशि में, मंगल सिंह राशि में और देवगुरु बृहस्पति मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। ग्रहों का यह सुंदर संयोग सभी 12 राशियों के जीवन में बड़े बदलाव और नए अवसर लेकर आएगा।


ऊर्जा के नजरिए से यह हफ्ता कर्म और भाग्य के संतुलन का समय है। सिंह राशि के लोगों के भीतर नया साहस जागेगा, वहीं मिथुन राशि में सूर्य और गुरु की स्थिति बौद्धिक क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति को निखारेगी। यह समय नई योजनाओं को धरातल पर उतारने और पुराने विवादों को सुलझाने के लिए अच्छा है। हालांकि, हफ्ते के मध्य में चंद्रमा के गोचर के कारण कुछ मानसिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं, लेकिन धैर्य और सकारात्मक सोच से हर स्थिति पर जीत पाई जा सकती है। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक के लिए यह हफ्ता कैसा रहेगा।

 

यह भी पढ़ें: अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें? सही तरीका जानिए वरना हो जाएंगे बैन

राशिफल


मेष राशि


इस हफ्ते आपको करियर में नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। ऑफिस में सहकर्मियों के सहयोग से नए प्रोजेक्ट पूरे होंगे। धन लाभ के योग हैं। पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। जीवनसाथी के साथ रिश्ते मजबूत होंगे।
क्या करें: प्रतिदिन सुबह सूर्य को जल अर्पित करें।
क्या न करें: जल्दबाजी में कोई बड़ा व्यावसायिक निर्णय न लें।


वृषभ राशि


व्यापार में नए सौदे लाभकारी सिद्ध होंगे। नौकरीपेशा लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा मौका मिलेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। भौतिक सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है, इसलिए बजट बनाकर चलें।
क्या करें: शुक्रवार के दिन किसी को सफेद मिठाई खिलाएं।
क्या न करें: नौकरी में किसी भी तरह की गॉसिप से दूर रहें।

 

यह भी पढ़ें: कृष्ण के जिन भाइयों को कंस ने मारा था, उनके बारे में क्या कहता है भागवत पुराण?


मिथुन राशि


आपकी राशि में सूर्य और गुरु आमने-सामने रहेंगे, जिससे करियर में बड़ी सफलता के योग बन रहे हैं। नई नौकरी के प्रस्ताव मिल सकते हैं। पैतृक संपत्ति से लाभ होने की संभावना है। भाई-बहनों से पूरा सहयोग मिलेगा। पार्टनर के साथ वैचारिक मतभेद दूर होंगे।
क्या करें: गाय को हरा चारा खिलाएं।
क्या न करें: अपनी योजनाओं को किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें।


कर्क राशि


दफ्तर में काम का दबाव बढ़ सकता है लेकिन आपकी मेहनत रंग लाएगी। सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ होगा। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। अचानक कुछ अनचाहे खर्च सामने आ सकते हैं, जिससे बजट प्रभावित हो सकता है।
क्या करें: सोमवार को शिवलिंग पर कच्चे दूध से अभिषेक करें।
क्या न करें: भावनाओं में बहकर कोई बड़ा आर्थिक फैसला न लें।

 

यह भी पढ़ें: 5 जुलाई राशिफल, सूर्य के प्रभाव से किन लोगों का दिन अच्छा रहेगा और किनका खराब?


सिंह राशि


मंगल ग्रह के आपकी राशि में होने से आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। व्यापार में जोखिम लेने के लिए समय अच्छा है। धन का आगमन अच्छा रहेगा। निवेश के लिए यह सप्ताह विशेष रूप से फलदायी साबित हो सकता है। लव लाइफ में उत्साह बना रहेगा।
क्या करें: हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करें।
क्या न करें: अपने व्यवहार में गुस्सा न आने दें।


कन्या राशि


कला, लेखन और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए समय शानदार है। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता हैं। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। शेयर बाजार या लॉटरी से अचानक धन लाभ की संभावना बन रही है। पार्टनर के साथ अच्छा समय बीतेगा।
क्या करें: बुधवार के दिन गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं।
क्या न करें: सेहत के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें।

 

यह भी पढ़ें: 9 या 10 जुलाई, कब मनाई जाएगी योगिनी एकादशी? सही तारीख जानिए


तुला राशि


ऑफिस में सीनियर अधिकारियों से सराहना मिलेगी। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी, जबकि विलासिता की वस्तुओं पर ज्यादा धन खर्च करने से बचना होगा। वैवाहिक जीवन में रोमांस और नयापन आएगा।
क्या करें: किसी जरूरतमंद व्यक्ति को इत्र दान करें।
क्या न करें: किसी भी विवादित मामले में दखल देने से बचें।


वृश्चिक राशि


नौकरी में काम की सराहना होगी और कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है। विदेश से जुड़े व्यापार में बड़ा लाभ संभव है। पुराने कर्ज से मुक्ति मिल सकती है। रुका हुआ धन वापस मिलने से आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा।
क्या करें: मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करें या सुनें।
क्या न करें: गाड़ी चलाते समय जल्दबाजी या लापरवाही न करें।

 

यह भी पढ़ें: 4 जुलाई का राशिफल, राहु और शनि का प्रभाव किन राशियों के लिए लाएगा अच्छे दिन?


धनु राशि


करियर में भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। उच्च शिक्षा या करियर के सिलसिले में की गई यात्राएं बेहद सफल रहेंगी। संपत्ति में निवेश करने के लिए समय अनुकूल है। धार्मिक कार्यों में परिवार की रुचि बढ़ेगी।
क्या करें: माथे पर हल्दी का तिलक लगाएं।
क्या न करें: दूसरों के बहकावे में आकर काम न छोड़ें।


मकर राशि


ऑफिस में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं लेकिन आपकी रणनीतिक सोच आपको संकटों से बाहर निकाल लेगी। आर्थिक स्थिति मध्यम रहेगी। इस हफ्ते किसी भी तरह के बड़े निवेश या उधार के लेन-देन से बचें।
क्या करें: शनिवार के दिन शनि देव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
क्या न करें: शत्रुओं को कमजोर समझने की भूल न करें।

 

यह भी पढ़ें: कृष्ण के जिन भाइयों को कंस ने मारा था, उनके बारे में क्या कहता है भागवत पुराण?


कुंभ राशि


नए स्टार्टअप या बिजनेस शुरू करने के लिए समय उत्तम है। नौकरीपेशा जातकों को टीम वर्क का शानदार परिणाम मिलेगा। धन लाभ के अच्छे अवसर हाथ आएंगे। आपकी आर्थिक योजनाएं इस सप्ताह सुचारू रूप से आगे बढ़ेंगी।
क्या करें: चींटियों को आटा डालें और पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करें।
क्या न करें: ऑफिस के काम को घर के माहौल पर हावी न होने दें।


मीन राशि


ऑफिस में विरोधियों पर आप भारी पड़ेंगे। आपकी सूझबूझ से बिगड़े हुए काम भी इस हफ्ते बनते नजर आएंगे। फंसा हुआ पैसा वापस मिल सकता है। जीवनसाथी के साथ तालमेल बेहतरीन रहेगा।
क्या करें: विष्णु जी की पूजा करें।
क्या न करें: आलस के कारण किसी भी अच्छे अवसर को हाथ से न जाने दें।


नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

‘नए दुश्मन की तलाश में इजरायल’, क्या तुर्की अगला निशाना? बयानबाजी से बढ़ी टेंशन


इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट का कहना है कि तुर्की नया ईरान बन रहा है। तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान का कहना है कि इजरायल अब नए दुश्मन की तलाश में है। दोनों देशों के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है। इसकी झलक दोनों देशों के नेताओं की बयानबाजी में स्पष्ट तौर दिखाई पड़ती है। ईरान को काफी हद तक सैन्य तौर पर कमजोर करने के बाद इजरायल ने अपना ध्यान तुर्की पर केंद्रित कर दिया है।

 

हाल ही में तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने कहा, ‘हम अपने रुख से पीछे हटने का कोई इरादा नहीं रखते। इजरायल केवल तुर्की के लिए ही नहीं, बल्कि यह पूरी दुनिया के लिए समस्या बन गया है। इजरायली अधिकारी मानवता पर एक ऐसा बोझ बन चुके हैं, जिसे अब और सहन नहीं किया जा सकता।’

 

यह भी पढ़ें: अली खामेनेई के जनाजे में मारे जाएंगे 3000 लोग? ईरान में खोदी जा रहीं कब्रें

 

हाकान फिदान का यह बयान चौंकाने वाला है, क्योंकि तुर्की ने इजरायल के मामले में अभी तक संयमित रुख अपनाया। लेकिन विदेश मंत्री का ताजा बयान उसके उलट है। अभी तक सार्वजनिक मंच से सिर्फ राष्ट्रपति एर्दोगन इजरायल पर, लेकिन प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर अधिक बरसते थे। मगर विदेश मंत्री का इजरायल के प्रति ऐसा बयान, यह साबित करता है कि तुर्की अब हर मोर्चे पर ईरान की घेरेबंदी करने पर जुट गया है।

क्या एक नया दुश्मन खोज रहा इजरायल?

फिदान ने का कहना है कि दुनियाभर के विश्वविद्यालयों से अखबारों और बौद्धिक मंचों तक इजरायल विरोधी भावना उभर रही है, क्योंकि वे खुलेआम नरसंहार कर रहे हैं। वे हर जगह अस्थिरता फैलाने वाली भूमिका निभा रहे हैं। पहले वे कुछ सरल मीडिया हथकंडों से इसे छिपा लेते थे। अब वे इसे छिपा नहीं सकते। इजरायल अब दुनिया में अपनी विनाशकारी और शर्मनाक छवि को बदलने के लिए एक नए दुश्मन खोज रहा है। उधर, इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सा’आर ने फिदान की बयानबाजी को घृणित बताया और कहा कि वे स्पष्ट तौर पर नरसंहार के लिए उकसा रहे हैं।

किसने आग में घी डाला

इजरायल ने हाल ही में अर्मेनियाई नरसंहार को मान्यता दी है। इस घटना ने आग में घी का काम किया है। तुर्की ने इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। एर्दोगन ने कहा, ‘हम उस हत्यारे गिरोह के आरोपों को जरा भी गंभीरता से नहीं लेते हैं, जिसके हाथ 75,000 निर्दोष गाजावासियों, जिनमें से अधिकांश महिलाएं और बच्चे के खून से सने हुए हैं।’

सीरिया और लेबनान से क्यों चिंतिंत तुर्की?

सीरिया में बशर अल असद सरकार के पतन के बाद इजरायल ने कई रणनीतिक स्थानों पर अपना नियंत्रण मजबूत किया है। उधर, दक्षिण लेबनान के एक बड़े हिस्से पर इजरायल की सेना मौजूद है। इन घटनाक्रमों से तुर्की बेहद परेशान है। हाल ही में तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने कहा था कि तुर्की की सुरक्षा देश की सीमाओं से परे सीरिया के दमिश्क और लेबनान की राजधानी बेरूत से शुरू होती है। एर्दोगन ने सीरिया और लेबनान में इजरायली हमलों की निंदा की। उन्हें चिंता है कि इन देशों में अगर इजरायल की स्थिति मजबूत होती है तो इससे तुर्की की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

 

यह भी पढ़ें: अली खामेनेई की अंतिम विदाई, तेहरान से कर्बला तक मातम, किस दिन क्या होगा?

बयानबाजी में दिख रहे युद्ध के संकेत

ईरान के कभी हद तक कमजोर पड़ने के बाद एर्दोगन खुद को मुस्लिम जगह का सबसे बड़ा नेता बनाने में जुटे हैं। यही कारण है कि उन्होंने इजरायल को अपने लक्ष्य के केंद्र में रखा है। वे खुलकर इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को हत्यारा कहते हैं। इजरायल को खत्म करने की बात करते हैं। हाल ही में इजरायल पर अमेरिका-ईरान समझौते को कमजोर करने का आरोप भी लगाया। 

 

  • तुर्की के गृह मंत्री भी इजरायल को तबाह करने का ख्वाब देख चुके हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि जिस तरह हमने दमिश्क और अलेप्पो की मुक्ति देखी, उसी प्रकार एक दिन हम यरुशलम की मुक्ति भी देखेंगे। ये स्थान एक बार फिर हमारे होंगे। एक दिन वे यरुशलम के राज्यपाल के रूप में कार्य करेंगे।

 

  • इजरायल के मौजूदा रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने दो साल पहले कहा था कि एर्दोगन सद्दाम हुसैन के रास्ते पर चल रहे हैं और इजरायल पर हमला करने की धमकी देते हैं। ओटोमन साम्राज्य ढह गया और कभी वापस नहीं आएगा। एर्दोगन तुर्की को अंधकार और पिछड़ेपन के युग में वापस ले जा रहे हैं। 

 

  • इजरायल के संस्कृति और खेल मंत्री मिकी जोहर ने कहा था कि अगर एर्दोगन हमें चुनौती देने की हिम्मत करते हैं तो उनका अंजाम मरते हुए ईरानी शासन से भी बदतर होगा। एक अन्य मंत्री अमिचाई चिकली ने मानना है कि तुर्की से खतरा ईरान से खतरे से अधिक बड़ा है। 

तुर्की के किस रणनीति से इजरायल को खतरा?

तुर्की खुलकर हमास का समर्थन करता है। गाजा युद्ध के बाद इजरायल के साथ सभी व्यापारिक रिश्ते तोड़ लिए थे। इजरायल के पड़ोसी मिस्र में भी उसका काफी दखल है। लीबिया में तुर्की की सेना की मौजूदगी है। तुर्की लगातार सीरिया में अपनी पकड़ को मजबूत बनाने में जुटा है। अब लाल सागर पर उसकी निगाह है। सोमालिया में तुर्की ने एक बेस बना रखा है। वहां से वह लाल सागर पर नियंत्रण चाहता है। उसके यह सभी कदम इजरायल को घेरने के हैं। यही कारण है कि तुर्की की इस रणनीति को इजरायल खतरे के तौर पर देखता है।

 

‘सावधान! इन लोगों से कोई लेना-देना नहीं’, विदेश मंत्रालय ने ऐसा क्यों कहा?


विदेश मंत्रालय ने कुछ फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट के बारे में जनता को आगाह किया है। मंत्रालय ने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ लोग पॉलिसी से जुड़े मामले में सलाह देने का दावा करते हैं, लेकिन उनसे मंत्रालय का कोई लेना-देना नहीं है। विदेश मंत्रालय ने सभी लोगों से ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स से सावधान रहने की अपील की। विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक फैक्ट चेक अकाउंट पर यह सूचना जारी की है। 

 

अपने फैक्ट चेक एक्स अकाउंट पर विदेश मंत्रालय ने लिखा, ‘मंत्रालय के ध्यान में आया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ लोग ऐसी पोस्ट कर रहे हैं, जिनसे लगता है कि वे मंत्रालय को ट्रेड, माइग्रेशन और दूसरे मुद्दों पर नीति से जुड़ी सलाह देते हैं। 

 

 

 

 

इसके अलावा ये अकाउंट्स विदेश मंत्रालय के साथ काम करने के तरीके पर पैसे लेकर सलाह या सेशन देने का भी दावा करते हैं। इन लोगों का मंत्रालय से कोई लेना-देना नहीं है। मंत्रालय सभी से अपील करता है कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी फर्जी पोस्ट से सावधान रहें।’

 

 

यह भी पढ़ें: मामूली विवाद पर पत्नी को तवे से मार डाला, पति ने थाने में जाकर कबूला जुर्म

विदेश मंत्रालय ने क्यों किया आगाह 

  • विदेश मंत्रालय का यह अलर्ट बेहद अहम है, क्योंकि सोशल मीडिया के माध्यम से किसी को भी आसानी से धोखाधड़ी का शिकार बनाया जा सकता है। अगर कोई शख्स आपसे विदेश मंत्रालय से जुड़े होने का दावा करता है तो बिल्कुल सतर्क रहे। विदेश मंत्रालय का यह अलर्ट इसलिए अहम है ताकि कोई व्यक्ति इन जालसाजों के हाथों न फंसे। 

 

  • माइग्रेशन और व्यापार समेत अन्य नीतिगत मामलों से जोड़े होने का दावा करने वालों से भी सतर्क रहे। इन लोगों का मंत्रालय से कोई लेना-देना नहीं है। इन दावों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड आदि में किया जा सकता है।

 

यह भी पढ़ें: हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पर हर दो मिनट में रेल गाड़ी, जान खतरे में डाल रहे अनाड़ी

 

  • बता दें कि सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने दावा किया कि वह ट्रेड और माइग्रेशन समेत विभिन्न मुद्दों पर विदेश मंत्रालय को सलाह देते हैं। कुछ विदेश मंत्रालय के साथ काम करने का तरीका बताने का दावा करते हैं और बदले में पैसा लेते हैं। अब विदेश मंत्रालय स्पष्ट कर दिया कि इन लोगों का मंत्रालय से कोई लेना-देना नहीं है। इन फर्जी पोस्टों से बिल्कुल सावधान रहे। 

कम उम्र में सफेद हो रहे हैं बाल? अपनाएं ये देसी नुस्खे, काले हो जाएंगे


आजकल युवाओं में समय से पहले बाल सफेद होने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। बढ़ता तनाव, खराब खान-पान, विटामिन की कमी, अनहेल्दी लाइफस्टाइल और जेनेटिक कारणों से यह समस्या आम हो गई है। सफेद बालों की वजह से कई जवान लोग भी उम्र से ज्यादा बूढ़े दिखने लगते हैं। बाजार में उपलब्ध केमिकल वाली हेयर डाई से सफेद बालों को कुछ दिनों के लिए काला किया जा सकता है, लेकिन इसका इस्तेमाल बालों को अंदर से कमजोर बना देता है। ऐसे में लोग घरेलू उपायों की ओर रुख कर रहे हैं। 

सही डाइट और कुछ आसान घरेलू नुस्खों से बालों को स्वस्थ रखा जा सकता है और समय से पहले सफेद होने की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। बालों के रोम में मेलानिन नामक पिगमेंट की कमी, थायराइड की समस्या और विटामिन बी की कमी भी सफेद बालों का बड़ा कारण बन रही है। 

इस रिपोर्ट में हम आपको कुछ ऐसे सरल घरेलू उपाय बताएंगे जिनकी मदद से आप घर बैठे ही अपने बालों को स्वस्थ रख सकते हैं और सफेद होने से बचा सकते हैं। सही खान-पान और जीवनशैली अपनाकर इस समस्या से निपटा जा सकता है।

 

यह भी पढ़ें: बच्चों ने खराब कर दिए नए कपड़े? घरेलू नुस्खे जो गायब करेंगे जिद्दी दाग

सफेद बाल रोकने के लिए क्या खाएं?

  • अंडा- बायोटिन और प्रोटीन से भरपूर अंडा बालों को मजबूत रखने में मदद करता है।
  • पालक- इसमें आयरन, फोलेट और विटामिन A व C होते हैं, जो बालों के लिए जरूरी पोषक तत्व हैं।
  • बादाम और अखरोट- इनमें विटामिन E, ओमेगा-3 फैटी एसिड और कॉपर पाया जाता है, जो बालों की सेहत को सपोर्ट करते हैं।
  • काला तिल-  कई आयुर्वेदिक स्रोतों में रोज 1-2 चम्मच काले तिल खाने की सलाह दी जाती है। इसमें में कॉपर और आयरन अच्छी मात्रा में होते हैं। इन्हें सीमित मात्रा में डाइट में शामिल किया जा सकता है।
  • दही और दूध- विटामिन B12 और प्रोटीन की कमी से बाल सफेद हो सकते हैं। ऐसे में दही और दूध इस कमी को पूरा करने में मदद कर सकते हैं।
  • दालें और राजमा- ये प्रोटीन, आयरन और जिंक के अच्छे स्रोत हैं, जो बालों के ग्रोथ और मजबूती के लिए जरूरी हैं।
  • आंवला- रोजाना ताजा आंवला, मुरब्बा या आंवला जूस सीमित मात्रा में लिया जा सकता है। ध्यान रहें कि जूस में चीनी की मात्रा कम हो।

बाल काला करने के घरेलू नुस्खे

1. आंवला और नारियल तेल

  • 4-5 सूखे आंवले या 2 चम्मच आंवला पाउडर लें।
  • 1 कप नारियल तेल में 10-15 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं।
  • ठंडा करके छान लें।
  • सप्ताह में 2-3 बार रात को बालों की जड़ों में मसाज करें और सुबह धो लें।

2. करी पत्ता और नारियल तेल

  • 15-20 करी पत्ते लें।
  • 1 कप नारियल तेल में तब तक उबालें जब तक पत्ते काले न हो जाएं।
  • तेल ठंडा करके छान लें।
  • हफ्ते में 2 बार स्कैल्प पर लगाकर 1-2 घंटे बाद धो लें।

3. मेहंदी + कॉफी + आंवला

  • 4 चम्मच मेहंदी
  • 1 चम्मच आंवला पाउडर
  • 1 चम्मच कॉफी पाउडर
  • जरूरत अनुसार चाय का पानी
  • इसका पेस्ट बनाकर 2-3 घंटे बालों में रखें, फिर धो लें।
  • इससे बालों को नेचुरली भूरा-गहरा रंग मिल सकता है।

यह भी पढ़ें: ऑनलाइन शॉपिंग में कहीं आप भी तो नहीं हो रहे फ्रॉड के शिकार? काम आएंगे ये 8 टिप्स

4. भृंगराज तेल

  • आयुर्वेद में भृंगराज को बालों के लिए लाभकारी माना जाता है।
  • सप्ताह में 2-3 बार इससे मालिश की जा सकती है।

5. प्याज का रस

  • एक प्याज का रस निकालें।
  • कॉटन की मदद से जड़ों में लगाएं।
  • 30-40 मिनट बाद शैंपू कर लें।

6. मेथी दाना और नारियल तेल

  • 2 चम्मच मेथी दाना हल्का भून लें।
  • इसे 1 कप नारियल तेल में 10 मिनट तक गर्म करें।
  • ठंडा करके छान लें।
  • हल्के हाथ से लगाएं और इसे हफ्ते में 2 बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

7. काली चाय (ब्लैक टी) रिंस

  • 2 गिलास पानी में 2-3 चम्मच काली चाय उबालें।
  • ठंडा होने पर बाल धोने के बाद इससे आखिरी रिंस करें।
  • कुछ लोग मानते हैं कि इससे सफेद बालों का रंग थोड़ा गहरा दिख सकता है।

8. गुड़हल (हिबिस्कस) के फूल और पत्ते

  • गुड़हल के फूल और पत्तों का पेस्ट या इन्हें नारियल तेल में पकाकर लगाया जाता है। यह बालों को पोषण देने के लिए लोकप्रिय घरेलू नुस्खा है।

डिस्क्लेमर: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है। विशेष जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से संपर्क करें।

कृष्ण के जिन भाइयों को कंस ने मारा था, उनके बारे में क्या कहता है भागवत पुराण?


हिंदू धर्म में कई ऐसे ग्रंथ और पुराण हैं, जिनमें देवी-देवताओं से जुड़ी कहानियां और प्रसंग बताए गए हैं। इसी तरह भागवत पुराण भी एक महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है, जिसमें बताए गए कथाओं से हमें जीवन की कई सीख मिलती है। इस ग्रंथ में माता देवकी के पुत्रों से जुड़ी एक खास कहानी का उल्लेख किया गया है। माता देवकी ने भगवान कृष्ण को जन्म देने से पहले 6 पुत्रों को जन्म दिया था, जिन्हें कंस ने मार दिया था। भागवत पुराण के मुताबिक, कंस ने भगवान कृष्ण के 6 भाइयों को जन्म के कुछ ही समय बाद पत्थर पर पटक-पटककर मार दिया था। देवकी माता के 6 पुत्रों की मृत्यू सिर्फ कंस के वजह से नहीं बल्कि उनके पिछले जन्मों के कर्म के वजह से हुआ था। 

 

भागवत पुराण के मुताबिक, एक बार माता देवकी ने भगवान कृष्ण और बलराम जी के सामने अपने 6 पुत्रों से मिलने की इच्छा जताई थी। तब भगवान कृष्ण और बलराम अपने 6 भाइयों को लेने सुतल लोक गए थे, जहां राजा बलि ने भगवान कृष्ण को बताया कि माता देवकी के 6 पुत्र कोई साधारण बालक नहीं थे, बल्कि वे देवता थे। अब सवाल उठता है कि भगवान कृष्ण के 6 भाई कौन थे? साथ ही यह भी सवाल उठता है कि अगर वे देवता थे, तो जन्म के बाद उनकी हत्या क्यों कर दी गई?

 

यह भी पढ़ें: 9 या 10 जुलाई, कब मनाई जाएगी योगिनी एकादशी? सही तारीख जानिए

 

कौन थे भगवान कृष्ण के 6 भाई?

 

भागवत पुराण की कथा के मुताबिक, एक बार माता देवकी अपने 6 पुत्रों को याद कर दुखी हो गई थीं। उन्होंने भगवान कृष्ण के सामने इच्छा जाहिर की कि वे अपने पुत्रों को एक बार फिर देखना चाहती हैं। इसके बाद भगवान कृष्ण और बलराम सुतल लोक उन्हें वापस लाने के लिए गए।

 

सुतल लोक में राजा बलि ने भगवान कृष्ण के 6 भाइयों के बारे में रोचक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे 6 बालक साधारण इंसान नहीं थे, बल्कि देवताओं के पुत्र थे। राजा बलि ने बताया कि वे ब्रह्मा जी के मानस पुत्र प्रजापति मरीचि और ऊर्णा देवी के पुत्र थे, जिन्हें पिछले जन्म में ब्रह्मा जी का श्राप मिला था। इसी श्राप के कारण अगले जन्म में कंस ने उनका वध किया था।

 

यह भी पढ़ें: 4 जुलाई का राशिफल, राहु और शनि का प्रभाव किन राशियों के लिए लाएगा अच्छे दिन?

 कृष्ण के 6 भाइयों को ब्रह्मा जी ने श्राप क्यों दिया?

 

एक बार ब्रह्मा जी को देखकर मरीचि के 6 पुत्र जोर-जोर से हंसने लगे थे। यह देखकर ब्रह्मा जी को क्रोध आ गया। उनका मजाक उड़ाना मरीचि के 6 पुत्रों पर भारी पड़ गया, क्योंकि ब्रह्मा जी ने उन्हें श्राप दे दिया। ब्रह्मा जी ने श्राप दिया कि मरीचि के 6 पुत्र असुर योनि में जन्म लेंगे, जिसके बाद वे देवकी के गर्भ से जन्म लेंगे। हालांकि, जन्म के कुछ ही समय बाद उनकी हत्या कर दी जाएगी। इसी श्राप के कारण माता देवकी के 6 पुत्रों का वध हुआ था।

 

नोट- यह लेख धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

 

5 शहर, 3 करोड़ लोग; खामेनेई के जनाज़े पर ईरान को कौन सा डर सता रहा?


ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम विदाई का छह दिवसीय कार्यक्रम शुरू हो चुका है। 9 जुलाई को उन्हें दफनाया जाएगा। इससे पहले उनके पार्थिव शरीर को इराक के कर्बला और नजफ समेत पांच शहरों में ले जाया जाएगा। उम्मीद है कि खामेनेई के जनाज़े में लगभग 3 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं। दुनिया भर के नेता, अधिकारी और प्रमुख हस्तियां भी तेहरान पहुंच रही हैं।

 

ईरान की सरकार छह दिनों तक चलने वाले आयोजन से चिंतित भी है। उसे हमले और भगदड़ का डर सता रहा है। यही कारण है कि तेहरान के अलावा उन शहरों में भी सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद की गई है, जहां से खामेनेई का जनाज़ा निकलना है। बासिज फोर्स को अलर्ट पर रखा गया है। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की तैनाती है।

 

यह भी पढ़ें: रूस खुद तेल बेचता है फिर भारत से क्यों मंगवा रहा है? समझिए क्या है पूरा मामला

ईरान का तीसरा सबसे बड़ा कार्यक्रम

तेहरान स्थित ग्रैंड मोसल्ला में अली खामेनेई के पार्थिव शरीर को रखा है, लेकिन ईरान की सरकार ने लोगों से मस्जिद में अधिक देर तक न रुकने की अपील की है, ताकि भगदड़ जैसी स्थिति से बचा जा सके। अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी और कासिम सुलेमानी के बाद यह ईरान के इतिहास का तीसरा सबसे बड़ा जनाज़ा कार्यक्रम है। माना जा रहा है कि पिछले कार्यक्रमों से भी बड़ी भीड़ जुटेगी।

गलती दोहराना नहीं चाहता ईरान

उधर, कार्यक्रम आयोजन से पहले ही ईरान ने अभूतपूर्व सुरक्षा अभियान चलाया, ताकि साल 1989 में अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी और हाल ही में 2020 में कासिम सुलेमानी के जनाज़े में हुई घटनाओं को दोहराया न जा सके। बता दें कि ईरान में अंतिम विदाई कार्यक्रमों में हादसों का पुराना इतिहास है। 

भीड़ प्रबंधन पर सबसे अधिक फोकस

ईरान की सरकार का सबसे अधिक फोकस भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा पर है। अली खामेनेई का ताबूत पड़ोसी देश इराक भी जाएगा। वहां भी सुरक्षा संबंधी चुनौतियां है। यही कारण है कि हाल ही में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सीमा पार जुलूस के संबंध में इराकी अधिकारियों के साथ बगदाद में बैठक भी की।

जब जनाज़े में हुए हादसे

अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी का जनाज़ा: तीन जून 1989 को मौजूदा इस्लामिक ईरान के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी को सुपुर्द-ए-खाक किया जाना था। उनका भी पार्थिव शरीर तेहरान के मोसल्ला में रखा गया। जब उनके पार्थिव शरीर को दफनाने की खातिर ले जाया जाने लगा तो उस वक्त लगभग 10 लाख लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।

 

लोगों ने तबूत छूने की कोशिश की। सुरक्षा बलों ने बल प्रयोग किया तो भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। खुमैनी का ताबूत टूट गया। कफन फट गया। नतीजा यह हुआ कि हेलीकॉप्टर से शव को निकालना पड़ा। एक दिन सुपुर्द-ए-खाक को टालना पड़ा। भगदड़ में बड़ी संख्या में लोगों को जान गंवाना पड़ा, लेकिन ईरान ने कभी वास्तविक संख्या सार्वजनिक नहीं की।

 

जब सुलेमानी के जनाज़े में हुई भगदड़: अमेरिका ने 3 जनवरी 2020 को इराक के बगदाद एयरपोर्ट के पास एक ड्रोन हमले में कासिम सुलेमानी को मारा था। 1989 में खुमैनी के अंतिम यात्रा के बाद ईरान में सबसे बड़ा सुपुर्द-ए-खाक सुलेमानी का आयोजित किया गया। उनके शव को भी इराक और ईरान के कई शहरों में घूमाया गया। बाद में सुलेमानी के गृहनगर करमान ले जाया गया। यहां बैरियर गिरने से भगदड़ मच गई। इसमें कम से कम 56 लोगों की जान गई और 200 से अधिक लोग घायल हुए। 

ईरान को कितना बड़ा डर सता रहा?

गोपनीय दस्तावेज और तेहरान नगर पालिका के सूत्रों के हवाले जर्मन अखबार डाई वेल्ट ने बड़ा दावा किया। उसने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि ईरानी अधिकारियों ने दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम विदाई समारोह के दौरान 1,500 से 3,000 लोगों की मौत की आशंका जताई है। इससे निपटने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।

मोजतबा की हत्या का भी डर

ईरान को यह भी डर सता रहा है कि अगर मोजतबा खामेनेई समारोह में शामिल होते हैं तो उन्हें निशाना बनाया जा सकता है। अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने समारोह में शामिल होने का अनुरोध किया था, लेकिन सुरक्षा बलों ने इसे खारिज कर दिया है। उन्हें आशंका है कि इजरायल मोजतबा की हत्या कर सकता है या उनके गुप्त ठिकाने तक पहुंच सकता है।

खामेनेई का एक भी बेटा नहीं पहुंचा

शुक्रवार को राजधानी तेहरान में आयोजित कार्यक्रम में न तो मोजतबा खामेनेई पहुंचे और न ही तीन अन्य भाई। सिर्फ परिवार के प्रतिनिधि के तौर पर मोजतबा के ससुर गुलाम-अली हद्दाद आदेल ही पहुंचे। उधर, ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि तेहरान, कोम और मशहद में अली खामेनेई के सुपुर्द-ए-खाक में होने वाली नमाज की अगुवाई मोजतबा की जगह वरिष्ठ धर्मगुरु करेंगे।

37 साल के शासन का हुआ अंत

अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को भीषण बमबारी में अली खामेनेई को निशाना बनाया था। करीब चार महीने बाद उनको सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। कहा जा रहा है कि सुरक्षा कारणों से जनाज़े में देरी हुई है। 1939 में मशहद में जन्मे अली खामेनेई ने लगभग 37 वर्षों तक ईरान में शासन किया।

 

यह भी पढ़ें: 150 परिवार, फिर भी मंदिर बनाने को नहीं मिली जमीन, मुस्लिम और ईसाईयों को मिली जीत

कब-कहां पहुंचेगा अली खामेनेई का जुलूस?

तेहरान: अली खामेनेई का आखिरी विदाई समारोह 3 जुलाई से शुरू हो चुका है। तीन दिनों तक उनका पार्थिव शरीर राजधानी तेहरान में ही रखा जाएगा। 

 

कोम: 6 जुलाई को तेहरान से एक जुलूस में उनका पार्थिव शरीर करीब 120 किमी दूर स्थित कोम शहर ले जाया जाएगा। अली खामेनेई ने कोम के ही मदरसे से अपनी पढ़ाई की थी। यह शिया मुसलमानों की विद्वत्ता का सबसे बड़ा केंद्र है। सात जुलाई तक खामेनेई का पार्थिव शरीर यहां रहेगा।

 

नजफ: आठ जुलाई को पार्थिव शरीर को इराक ले जाया जाएगा। नजफ इंटरनेशल एयपोर्ट पर एक समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके बाद जुलूस नजफ शहर ले जाया जाएगा। बता दें कि इमाम अली का मकबरा नजफ में ही स्थित है। 

 

कर्बला: यहां पैगंबर मुहम्मद के पोते इमाम हुसैन और अब्बास शहीद हुए थे। यहीं पर ही इमाम हुसैन और उनके सौतेले भाई अब्बास के मकबरे हैं। यहां हर साल लाखों शिया मुस्लिम आते हैं। यह शिया इस्लाम की धार्मिक आस्था का सबसे बड़े केंद्र में से एक है।

 

मशहद: 9 जुलाई को अली खामेनेई की जन्मस्थली मशहद में उन्हें दफनाया जाएगा। मशहद को ईरान का सबसे पवित्र शहर माना जाता है। अली खामेनेई शुरुआती जीवन इसी शहर में बीता।

उमर खालिद और शरजील इमाम को लगा झटका, जमानत याचिका हुई खारिज


दिल्ली दंगों की साजिश रचने के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को शनिवार को एक और झटका लगा। अदालत ने दोनों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने दोनों पक्षों की दलाल सुनी और दोनों आरोपियों को राहत देने से इनकार कर दिया।

 

बता दें कि साल 2020 के फरवरी महीने में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगे भड़के थे। इसमें 53 लोगों की जान गई थी और 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। उमर खालिद और शरजील इमाम पर दंगे की साजिश रचने का आरोप है। इन दोनों के अलावा कई अन्य लोगों के खिलाफ यूएपीए और भारतीय दंड संहिता की तमाम धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

 

यह भी पढ़ें: ऊर्जा संकट से कैसे भारत उबरा? पीएम मोदी ने राजस्थान की धरती से बताया

‘लगातार जेल में रखना मौलिक अधिकार का उल्लंघन’

अपनी याचिका में उमर खालिद और शरजील इमाम ने कहा कि अभी तक मुकदमा शुरू नहीं हुआ है। उसके बिना जेल में लगातार रखना स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। उमर खालिद ने अपनी याचिका में तर्क दिया कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत भी ‘जमानत ही नियम है’।

‘छह साल से हिरासत में हूं, अभी आरोप तय नहीं हुए’

बता दें कि इसी साल पांच जनवरी को दिल्ली हाई कोर्ट ने यूएपीए मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उमर खालिद और शरजील इमाम ने नई याचिकाएं दाखिल कीं। शरजील इमाम ने दलील दी कि हाई कोर्ट से जमानत न मिलने के छह महीने बाद भी इस मामले की कार्यवाही में कोई खास प्रगति नहीं हुई है। लगभग छह साल से हिरासत में हूं। अभी तक मामले में आरोप भी तय नहीं किए गए।

 

यह भी पढ़ें: प्रेमी के लिए बच्चों के साथ टावर पर चढ़ी, इलाके में मचा हंगामा, 9 घंटे बाद उतरी

उमर खालिद ने कहा- मेरी याचिका सुनवाई योग्य है

उमर खालिद ने 18 मई को की गई हाईकोर्ट की एक टिप्पणी का उल्लेख किया। बताया गया कि दो न्यायाधीशों की पीठ ने कहा था कि आतंकवाद-रोधी कानून का इस्तेमाल अनिश्चित काल तक हिरासत में रखने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उमर खालिद ने तर्क दिया कि भले ही हाई कोर्ट से पिछली जमानत याचिका खारिज कर दी गई। लेकिन बाद में हुई न्यायिक घटनाओं से ‘हालात में बदलाव’ आया है। इस वजह से उनकी मौजूदा जमानत याचिका सुनवाई योग्य है।

दिनभर फोन देखता है बच्चा? मां-बाप पहले बदलें ये 7 आदतें


आज के समय में मोबाइल, टैबलेट और टीवी बच्चों की जिंदगी का बड़ा हिस्सा बन चुके हैं। ज्यादातर माता-पिता अपने बच्चों को कम स्क्रीन टाइम देना चाहते हैं, लेकिन खुद पूरे दिन फोन में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में बच्चों से स्क्रीन की आदत छुड़ाना मुश्किल हो जाता है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर माता-पिता खुद स्क्रीन टाइम के नियमों का पालन करें, तो बच्चे भी उन्हें आसानी से अपना लेते हैं। 

बच्चों को बार-बार डांटने की बजाय खुद अच्छा उदाहरण बनना सबसे प्रभावी तरीका है।जब पूरा परिवार एक जैसे नियम बनाता है और माता-पिता सोच-समझकर मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं तो बच्चे स्वाभाविक रूप से उनकी नकल करने लगते हैं।

छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर बच्चों की स्क्रीन लत को काफी हद तक कम किया जा सकता है।इस रिपोर्ट में बताए गए आसान टिप्स की मदद से आप धीरे-धीरे अपने बच्चे का स्क्रीन टाइम कम कर सकते हैं। माता-पिता अगर खुद संतुलित आदतें अपनाएंगे, तो बच्चों को स्वस्थ आदतें सिखाना आसान हो जाएगा।

 

यह भी पढ़ें: मानसून में चटपटा खाने का कर रहा है मन? शेफ रणवीर ने बताई पालक चाट की रेसिपी

बच्चे बड़ों को देखकर सीखते हैं

बच्चे वही आदतें जल्दी अपनाते हैं जो वे अपने घर में देखते हैं। अगर माता-पिता हर समय फोन चलाते हैं और बच्चे को मोबाइल से दूर रहने की सलाह देते हैं, तो बच्चा इस बात को गंभीरता से नहीं लेता है। इसलिए सबसे पहले बड़ों को अपनी स्क्रीन की आदतों पर ध्यान देना चाहिए।

घर में स्क्रीन टाइम का नियम बनाएं

पूरे परिवार के लिए एक समय तय करें कि कब मोबाइल या टीवी का इस्तेमाल होगा और कब नहीं। इससे बच्चे भी समझेंगे कि नियम सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि सभी के लिए हैं।

खाना खाते समय मोबाइल से दूरी रखें

खाने की टेबल पर फोन या टीवी का इस्तेमाल न करें। इस दौरान परिवार के साथ बातचीत करें। इससे बच्चों का ध्यान स्क्रीन से हटेगा और परिवार के साथ समय भी अच्छा बीतेगा।

 

यह भी पढ़ें: एक हफ्ते में किस दिन क्या खाना चाहिए? तमन्ना भाटिया के फिटनेस कोच से समझिए

सोने से पहले स्क्रीन बंद करें

सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल, टैबलेट और टीवी बंद कर दें। इससे बच्चों की नींद बेहतर हो सकती है और सुबह वे तरोताजा महसूस कर सकते हैं।

बच्चों को दूसरे कामों में व्यस्त रखें

अगर बच्चा बार-बार मोबाइल मांगता है, तो उसे ड्रॉइंग, कहानी की किताब, पजल, ब्लॉक्स या आउटडोर गेम खेलने के लिए प्रेरित करें। इससे उसका ध्यान स्क्रीन से हट सकता है।

खुद भी फोन कम चलाएं

अगर माता-पिता खाली समय में हर बार मोबाइल उठाने की बजाय बच्चों के साथ खेलें, बातें करें या कोई एक्टिविटी करें, तो बच्चे भी धीरे-धीरे फोन पर कम समय बिताने लगते हैं।

स्क्रीन टाइम के लिए प्यार से समझाएं

बच्चे से फोन अचानक छीनने की बजाय उसे प्यार से समझाएं कि ज्यादा स्क्रीन देखने से आंखों, नींद और पढ़ाई पर असर पड़ सकता है। जब बच्चे वजह समझते हैं, तो नियम मानना उनके लिए आसान हो जाता है।

किन बातों का रखें ध्यान?

  • 2 साल से छोटे बच्चों को स्क्रीन से जितना हो सके दूर रखें।
  • बड़े बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम की समय सीमा तय करें।
  • पढ़ाई के अलावा मस्ती के लिए मोबाइल का समय सीमित रखें।
  • छुट्टी के दिन परिवार के साथ आउटिंग या खेलकूद की योजना बनाएं।