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सेशेल्स ने PM मोदी को दिया सर्वोच्च नागरिक सम्मान, जानिए किन-किन देशों ने नवाजा


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में उनके अहम योगदान के लिए देश के सबसे बड़े राष्ट्रपति सम्मान ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया है। हिंद महासागर में बसे इस खूबसूरत द्वीपीय देश की यात्रा के दौरान उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया। इसके साथ ही पीएम मोदी उन चुनिंदा वैश्विक नेताओं में शामिल हो गए हैं, जिन्हें दुनिया के कई देशों ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा है।

 

सम्मान मिलने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इसे जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे सभी देशों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल आज की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने सेशेल्स की सरकार और वहां की जनता का आभार जताते हुए कहा कि भारत हरित और टिकाऊ विकास के लिए लगातार काम कर रहा है।

 

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पर्यावरण के लिए पहले भी मिल चुके हैं कई बड़े सम्मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह सम्मान पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल डेवलपमेंट (सतत विकास) के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए मिला है। इससे पहले भी उन्हें कई बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है।

 

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  • एग्रिकोला मेडल (मई 2026): संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने उन्हें खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने में योगदान के लिए यह सम्मान दिया था।
  • सियोल शांति पुरस्कार (2018): अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने और समावेशी आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाने के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला था।
  • चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवॉर्ड (2018): जलवायु परिवर्तन से निपटने और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए संयुक्त राष्ट्र (UN) ने उन्हें अपना सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान प्रदान किया था।

30 से ज्यादा देशों ने किया सम्मानित

सेशेल्स से मिला यह सम्मान दिखाता है कि दुनिया में भारत की साख लगातार बढ़ रही है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी पकड़ पहले से ज्यादा मजबूत हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब तक दुनिया के 30 से ज्यादा प्रभावशाली देशों ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है। इनमें रूस का ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू’, फ्रांस का ‘लीजन ऑफ ऑनर’, अमेरिका का ‘लीजन ऑफ मेरिट’, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का ‘ऑर्डर ऑफ जायद’ और सऊदी अरब का ‘ऑर्डर ऑफ किंग अब्दुलअजीज’ जैसे बड़े सम्मान शामिल हैं। इसके अलावा, हाल के वर्षों में स्वीडन, नॉर्वे, स्लोवाकिया, ब्राजील और इजराइल जैसे देशों ने भी प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा है।

जेवर से लखनऊ सिर्फ 100 मिनट में, पूरे प्लान की ABCD


नई दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदलने वाला है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह हाई-स्पीड ट्रेन चलने के बाद उत्तर प्रदेश में यात्रा का समय बहुत कम हो जाएगा। रेल मंत्री ने शनिवार को जेवर में एक कार्यक्रम में बताया कि जेवर से लखनऊ की दूरी बुलेट ट्रेन से सिर्फ एक घंटा 40 मिनट में तय हो जाएगी। 

दिल्ली से लखनऊ का पूरा सफर करीब दो घंटा 10 मिनट में पूरा हो जाएगा। दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर 813 किलोमीटर लंबा होगा। यह 2026-27 के केंद्रीय बजट में घोषित सात नए बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट्स में से एक है। इस बुलेट प्रोजेक्ट का इंतजार अब लोग कर रहे हैं। अगर यह प्रोजेक्ट चालू हुआ तो दिल्ली-NCR के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश का सीधा कनेक्ट होगा। 

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किस रूट पर चलेगी ट्रेन?

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस रूट पर दिल्ली, नोएडा, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, रायबरेली, प्रयागराज, लखनऊ और वाराणसी जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन बनाए जाएंगे। खास बात यह है कि इससे पर्यटन उद्योग में क्रांति आ सकती है। दिल्ली से उत्तर प्रदेश के अंतिम कोने तक लोग आसानी से पहुंच सकेंगे। 

अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय रेल मंत्री:-
जैसे गंगा बहती है, वैसे ही बुलेट ट्रेन भी चलेगी।

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बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से क्या होगा?

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से उत्तर प्रदेश में औद्योगिक और आर्थिक विकास को बड़ा बढ़ावा मिल सकता है। जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब शुरू हो चुका है। इस बुलेट ट्रेन से एयरपोर्ट और लखनऊ-वाराणसी जैसी जगहों के बीच कनेक्टिविटी बहुत बेहतर हो जाएगी। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन पर काम पहले से चल रहा है, जबकि ये नई लाइनें आने वाले समय में देश की रेल यात्रा को पूरी तरह बदल सकती हैं।

बारिश में छत टपकने से हैं परेशान? आज ही आजमाएं ये घरेलू उपाय, मिलेगी राहत


बारिश के आने से सुकून तो बहुत मिलता है लेकिन घरों में समस्या भढ़ जाती है। कई घरों की छत से बारिश के कारण पानी टपकने लगता है। इससे दीवारों में सीलन, पेंट खराब होने और घर के सामान को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। हालांकि कुछ ऐसे छोटे-छोटे उपाय हैं जिनकी मदद से आप अपने घर को सुरक्षित रख सकते हैं। ये आसान तरीके न सिर्फ छत को टपकने से रोकते हैं बल्कि घर को लंबे समय तक मजबूत भी बनाए रखने में मदद करते हैं। 

 

बारिश में छत चूने की समस्या भले ही आम लगती हो लेकिन अगर इस पर काबू ना पाया जाए तो घर की छत गिरने का डर रहता है। ज्यादातर यह समस्या पुराने घर या टूटी छतों में देखने को मिलती है। इस परेशानी को नजरअंदाज करना गलत है। सही वॉटरप्रूफिंग, नियमित जांच और ड्रेनेज की सफाई से आप इस परेशानी से बच सकते हैं। ये तरीके सस्ते और कारगर होते हैं जिन्हें आप मानसून से पहले या उसके दौरान आसानी से अपना सकते हैं। आइए जानते हैं इन घरेलू उपायों के बारे में जिनसे घर को बारिश के नुकसान से बचाया जा सकता है।

 

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1. दरारों को सीमेंट और वॉटरप्रूफ पाउडर से भरें

अगर छत में छोटी-छोटी दरारें दिखाई दे रही हैं तो उन्हें सीमेंट में वॉटरप्रूफ पाउडर मिलाकर भर दें। इससे पानी के अंदर आने का रास्ता बंद हो जाता है। 

2. वॉटरप्रूफ टेप का इस्तेमाल करें

छोटी दरारों से पानी आ रहा हो तो वॉटरप्रूफ टेप लगाना एक आसान उपाय है। यह टेप पानी को अंदर आने से रोकने में मदद करती है और कुछ समय तक राहत दे सकती है।

3. छत पर जमा कचरा साफ करें

कई बार छत पर पत्ते, मिट्टी और कचरा जमा होने से पानी रुक जाता है, जिससे छत चूने की समस्या बढ़ जाती है। इसलिए बारिश से पहले और उसके दौरान छत की नियमित सफाई करते रहें।

 

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4. एल्यूमिनियम पेंट या वॉटरप्रूफ कोटिंग लगाएं

छत पर वॉटरप्रूफ कोटिंग या एल्यूमिनियम पेंट लगाने से पानी सीधे सतह में नहीं समाता। इससे छत की सुरक्षा बढ़ती है और सीलन की समस्या कम हो सकती है।

5. छत टपकने वाली जगह पर प्लास्टिक शीट बिछाएं

अगर बारिश के दौरान तुरंत समाधान चाहिए तो छत टपकने वाली जगह पर मोटी प्लास्टिक शीट या तिरपाल बिछा सकते हैं। यह भले ही अस्थायी उपाय है लेकिन पानी को अंदर आने से रोकने में मदद कर सकता है।

6. पानी की निकासी का ध्यान रखें

छत पर बने ड्रेनेज पाइप या पानी निकलने वाले रास्तों को साफ रखें। जब पानी आसानी से निकल जाता है तो छत पर दबाव कम पड़ता है।

 

एक गवाही ने मचा दिया था महाविनाश, जब भृगु ऋषि के श्राप से गायब हो गए थे अग्निदेव


सनातन धर्म में अग्नि को पांच तत्वों में से एक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार अग्नि के स्पर्श से सब कुछ शुद्ध हो जाता है। इसी वजह से नए घर के गृह प्रवेश के दौरान हवन कराया जाता है, ताकि अग्निदेव के प्रभाव से घर शुद्ध हो जाए और वहां सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बना रहें। इन्हीं अग्निदेव को सच्ची गवाही देने की वजह से श्राप का सामना करना पड़ा था। उस श्राप से अग्निदेव इतने क्रोधित हुए कि धरती लोक ही छोड़कर चले गए।

 

पौराणिक कथा के मुताबिक, जब ऋषि भृगु अपने गुस्से पर काबू नहीं रख पाए, तब उन्होंने अग्निदेव को श्राप दे दिया। इसी श्राप का प्रभाव आज भी अग्निदेव पर माना जाता है। जानकारी के लिए बता दें कि ऋषि भृगु को ब्रह्मा जी का पुत्र माना जाता है। अब सवाल उठता है कि आखिर ऐसी क्या वजह थी, जिसके कारण भृगु ऋषि ने अग्निदेव को श्राप दिया।

 

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अग्निदेव ने क्यों दी गवाही?

 

पौराणिक कथा के मुताबिक, ऋषि भृगु की पत्नी का नाम पुलोमा था, जो बेहद सुंदर थीं। दोनों पति-पत्नी सुखपूर्वक जीवन व्यतीत कर रहे थे। एक दिन ऋषि भृगु संध्या के समय उपासना के लिए गंगा तट पर गए थे।

 

इसी दौरान पुलोम नाम का एक राक्षस साधु का वेश धारण कर ऋषि भृगु के घर पहुंच गया। ऋषि के वेश में आए उस व्यक्ति को पुलोमा ने अतिथि समझकर उसका आदर-सत्कार किया और भोजन कराया। राक्षस पुलोम, पुलोमा को देखकर मोहित हो गया। उसने मन ही मन उनका अपहरण करने की योजना बना ली। भोजन करने के बाद उसने पुलोमा से अपने साथ चलने के लिए कहा, लेकिन पुलोमा ने साफ इनकार कर दिया। तब राक्षस ने दावा किया कि बचपन में उसने पुलोमा को अपनी पत्नी मान लिया था। अपने इस दावे को साबित करने के लिए उसने अग्निदेव को गवाही देने के लिए कहे थे।

 

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अग्निदेव ने दी सच्ची गवाही

 

जब राक्षस ने अग्निदेव से सच्चाई पूछी, तो अग्निदेव ने बताया कि यह बात कुछ हद तक सही है। उन्होंने कहा कि एक समय पुलोमा के पिता ने राक्षस से यह वचन दिया था कि वे अपनी पुत्री का विवाह उससे करेंगे और उस समय अग्निदेव वहां मौजूद थे। हालांकि, वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पुलोमा के वास्तविक पति ऋषि भृगु ही थे।

 

अग्निदेव की यह गवाही सुनते ही राक्षस ने आव देखा न ताव और पुलोमा को जबरदस्ती अपने साथ ले जाने लगा। उस समय पुलोमा गर्भवती थीं। रास्ते में ही उनके पुत्र का जन्म हुआ। नवजात शिशु का तेज इतना प्रचंड था कि उसे देखकर राक्षस पुलोम डरकर भाग गया। बाद में जब ऋषि भृगु को पूरी घटना का पता चला, तो उन्होंने अग्निदेव को श्राप दे दिया।

 

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ऋषि भृगु ने अग्निदेव को दिया श्राप

 

ऋषि भृगु ने अग्निदेव को श्राप दिया कि अब से वे सर्वभक्षी कहलाएंगे, अर्थात अच्छी और बुरी हर वस्तु को ग्रहण करेंगे। इस श्राप को सुनकर अग्निदेव अत्यंत नाराज हो गए और धरती लोक छोड़कर चले गए।

 

इस समस्या को देखते हुए ब्रह्मा जी ने अग्निदेव को अपने पास बुलाया और उन्हें समझाया कि उनके बिना धरती लोक का संचालन संभव नहीं है। साथ ही, श्राप का प्रभाव कम करने के लिए ब्रह्मा जी ने अग्निदेव को वरदान दिया कि संसार में कोई भी शुभ कार्य, यज्ञ और हवन के बिना पूर्ण नहीं माना जाएगा।

 

नोट: इस लेख में दी गई कहानी धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक कथाओं पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

शोएब अख्तर के आतंकियों से हैं रिश्ते? लश्कर से भाई के जनाजे में दिखी नजदीकियां


पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर के जनाजे में लश्कर के कई कुख्ताय आतंकी नजर आए हैं। 24 जून को शाहिद अख्तर की मौत हुई थी। उन्हें इस्लामाबाद के एक कब्रिस्तान में दफनाया गया जहां लश्कर से कई बड़े चेहरे पहुंचे थे। 

शाहिद अख्तर की अंतिम यात्रा में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी समेत कई आतंकी खुलकर शामिल हुए। वायरल वीडियो में यह सब साफ झलक रहा है। लश्कर-ए-तैयबा भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों को अंजाम दे चुका है। लश्कर-ए-तैयबा, 26/11 मुंबई हमला और पहलगाम में पर्यटकों की मौत की जिम्मेदारी इसी आतंकी संगठन ने ली थी। 

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पाकिस्तान में आजाद घूमते हैं लश्कर के आतंकी 

अंतिम यात्रा में लश्कर के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी के अलावा, लश्कर की राजनीतिक पार्टी पाकिस्तान मार्कजी मुस्लिम लीग (PMML) के अध्यक्ष इनाम उर रहमान भी मौजूद था। PMML को हाफिज सईद ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने के लिए बनाया था।

कौन है सैफुल्लाह कसूरी?

सैफुल्लाह कसूरी भारत के खिलाफ जमकर बोलता है। पहलगाम हमले के बाद उसने कई वीडियो में भारत को धमकी दी। उसने कहा था कि लश्कर समुद्री रास्ते से फिर 26/11 जैसा हमला कर सकता है। उसने भारत पर ही आतंकवाद चलाने का आरोप भी लगाया। 

सैफुल्लाह ने कहा था कि अगर भारत ने दबाव बढ़ाया तो अपने तरीके से पाकिस्तान जवाब देगा। सैफुल्लाह कसूरी को पाकिस्तानी सेना अपने कार्यक्रमों में बुलाती है और सैनिकों की अंतिम यात्रा में नमाज पढ़वाती है। पाकिस्तान सरकार इस आतंकी पर मेहरबान रहती है। 

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भारत में भी है शोएब अख्तर का फैन बेस

शोएब अख्तर साल 2011 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायर हो चुके हैं, लेकिन पाकिस्तान में कमेंट्री करते हैं। वह IPL में भी कमेंट्री कर चुके हैं। भारत ने पिछले साल पहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर चलाकर लश्कर के ठिकानों को तबाह किया था। 

 

‘लोग रो रहे थे, सिया चुप थी…’, लोहागढ़ में केतन को ढूंढने वाले ने क्या कहा?


महाराष्ट्र के पुणे जिले के लोहागढ़ किले में केतन अग्रवाल की हत्या पर देशभर में चर्चा हो रही है। 25 साल के इस युवक की हत्या का आरोप, युवक के मंगेतर सिया पर है। 18 जून को लोहागढ़ के किले से गिरकर केतन की मौत हो गई थी। अब हर दिन इस केस में नए खुलासे हो रहे हैं। 

बचाव टीम के एक सदस्य सुनील गायकवाड़ ने आंखों देखी बताई, जब नीचे जाकर केतन की लाश ढूंढने में वह कामयाब हुए। जब वह घटनास्थल पर पहुंचे तो केतन का सिर कुचला हुआ था और उनके हाथ-पैरों पर कई चोटों के निशान थे। 

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सुनील गायकवाड़ ने कहा, ‘हमने एक मृत युवक को जमीन पर देखा। उसके सिर पर गंभीर चोटें थीं। वह मौके पर ही मर चुका था।’

सब रो रहे थे, सिया शांत थी

केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी पर इस हत्या की साजिश रचने का आरोप है। सुनील गायकवाड़ ने बताया कि शव निकालते समय कई लोग घबराए हुए थे और रो रहे थे, लेकिन सिया बिल्कुल शांत दिख रही थी। उसमें कोई खास भावना नहीं दिखी।

सुनील गायकवाड़:-
सिर दबा हुआ था। हाथ-पैर पर चोट के निशान थे। साथ के लोगों ने बताया कि शव निकालने के दौरान सिया मौजूद थी, लोग जोर-जोर से रो रहे थे, परेशान थे, सिया शांत और भावहीन नजर आ रही थी।

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चेतन कौन था?

पुलिस जांच में पता चला कि सिया और चेतन पिछले छह महीनों से लगातार संपर्क में थे। दोनों के बीच 2004 बार फोन पर बात हुई है। हत्या वाले दिन दोनों एक कैफे में मिले और किले में ठीक कहां धक्का देना है, इसकी प्लानिंग की। 

 

 

पुलिस क्या कह रही है?

पुलिस का कहना कि दोनों आरोपियों ने घटना से पहले और बाद में अपने फोन के सारे चैट इतिहास और रीसायकल बिन भी डिलीट कर दिए थे। सिया के भाई साहिल से भी पूछताछ की जा रही है।

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साहिल ने क्या बताया है?

साहिल ने पुलिस को बताया कि उसे सिया और चेतन के रिश्ते की जानकारी थी और उसने सिया को यह रिश्ता खत्म करने की सलाह दी थी। केतन की मौत शुरू में दुर्घटना लग रही थी, लेकिन बाद में सिया और चेतन की साजिश सामने आने पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। केस की छानबीन चल रही है।

 

प्याज के रस और रोजमेरी से क्या बालों को होता है फायदा? स्टडी में खुलासा


बालों की ग्रोथ के लिए लोग तरह-तरह के हेयर ट्रीटमेंट्स का इस्तेमाल करते हैं। सोशल मीडिया पर ब्यूटी इन्फ्लुएंसर भी अपने हेयर केयर रूटीन की जानकारी देते हैं। आम लोगों से लेकर बॉलीवुड अभिनेत्रियां तक बालों को लंबे, घने और खूबसूरत बनाएं रखने के लिए घरेल उपायों का इस्तेमाल करती है। 

 

हम अक्सर सुनते हैं कि झड़ते बालों की समस्या से छुटकारा पाने के लिए प्याज का रस, रोजमेरी का तेल या चावल का पानी लगाना चाहिए। क्या आप जानते हैं कि इन सभी चीजों में से साइंस किसे मानता है? किस चीज को बाल में लगाने से बाल झड़ने की समस्या कम होती है? आइए इस बारे में जानते हैं।

 

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बालों के लिए फायदेमंद है ये चीजें

प्याज का रस

 

प्याज का रस सुनने में अजीब लगता है लेकिन यह बालों के लिए सच में फायदेमंद होता है। The Journal of Dermatology की स्टडी में बताया गया कि प्याज का रस उन लोगों के लिए फायदेमंद होता है जिनके जगह-जगह से बाल झड़ रहे है। इसमें सल्फर की भरपूर मात्रा होती है जो स्कैल्प को स्वस्थ रखने में मदद करता है और हेयर फॉलिकल्स को बढ़ाने का काम करता है। बाल पतले होने या हेयर फॉल को रोकने में ज्यादा प्रभावी नहीं माना जाता है।

 

चावल का पानी

 

चावल का पानी सोशल मीडिया पर काफी पॉपुलर है। लोगों का कहना है कि ये बालों की ग्रोथ को बढ़ाने में मदद करता है क्योंकि इसमें एमिनो एसिड, एंटी ऑक्सीडेंट, इनोसिटोल होता है जो बाल का झड़ना कम करता है और बालों के टेक्सचर को बेहतर करता है। अधिक मात्रा में इसका इस्तेमाल करने से ड्राईनेस की समस्या बढ़ती है। ये बालों को मजबूत बनाने का काम करता है लेकिन इन बातों का कोई वैज्ञानिक परिणाम नहीं है।

 

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रोजमेरी ऑयल

 

बालों के लिए रोजमेर ऑयल का इस्तेमाल करना चाहिए। 2015 में क्लीनिक्ल ट्रायल हुआ था जिसमें रोजमेरी ऑयल और मिनोक्सिडिल के बीच में तुलना हुई थी। अध्ययन में पाया गया कि अगर आप 6 महीने तक रोजमेरी का तेल इस्तेमाल करते हैं तो बालों की ग्रोथ बढ़ती है। यह आपके स्कैल्प में सर्कुलेशन को बढ़ता है। इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते है जो स्कैल्प में इरिटेशन को कम करता है और बालों के लिए फायदमेंद होता है। आपको इसे हमेशा नारियल तेल के साथ मिलाकर लगाना है। इस तेल को सीधा सिर में नहीं लगाना चाहिए।

 

अगर आप प्राकृतिक रूप से बालों की ग्रोथ को बढ़ाने चाहते हैं तो रोजमेरी का तेल सबसे ज्यादा फायदेमंद है। प्याज का रस कुछ लोगों के लिए फायदमेंद हो सकता है या नहीं भी। वहीं चावल का पीन बालों के लिए लिए कंडीशनर की तरह काम करता है।

उज्जैन में महाकाल दर्शन कैसे करें? VIP प्रोटोकॉल से आरती तक, सब जानिए


मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर मंदिर सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है, जहां देश-विदेश से भक्त दर्शन करने आते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार महाकालेश्वर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इस मंदिर में कई लोग वीआईपी (VIP) दर्शन करते हैं। वीआईपी  टिकट लोग ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं। अब भक्त डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दान भी दे सकते हैं। यह सुविधा मध्य प्रदेश सरकार ने मंदिर में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए शुरू की है।

 

महाकालेश्वर के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर वीआईपी टिकट, मंदिर के दर्शन का समय और भस्म आरती की जानकारी दी जाएगी। साथ ही इस ऐप के जरिए भक्तों को यह भी पता चल पाएगा कि उन्हें मंदिर में किस प्रकार के कपड़े पहनकर जाना चाहिए। अब सवाल उठता है कि मंदिर के टिकट कितने रुपये में मिलेंगे, साथ ही यह भी कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग कैसे करें?

 

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कितने रुपये में मिलेगा वीआईपी टिकट?

 

उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में वीआईपी दर्शन के लिए 250 रुपये की टिकट मिलेगी। जो भक्त मंदिर के गर्भगृह में जाकर शिवलिंग के दर्शन करना चाहते हैं, उन्हें गर्भगृह की 750 रुपये की टिकट खरीदनी पड़ेगी। इसके अलावा सामान्य भस्म आरती की टिकट 100 रुपये में मिलेगी, जबकि वीआईपी भस्म आरती की टिकट 200 रुपये में मिलेगी।

 

महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती एक पवित्र सुबह की आरती है, जो सुबह 4 बजे से शुरू होकर 6 बजे समाप्त होती है। इस आरती में भगवान शिव की पूजा भस्म (राख) से की जाती है। भस्म आरती में जाने वाले पुरुषों को धोती और महिलाओं को साड़ी पहनकर ही जाना चाहिए।

 

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भस्म आरती की टिकट कैसे बुक कराएं?

 

महाकालेश्वर मंदिर में सुबह की भस्म आरती देखना सबसे सुखद अनुभवों में से एक माना जाता है। इसके दर्शन करने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति मिलती है। भस्म आरती की टिकट भक्त ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से बुक करा सकते हैं। आइए समझते हैं कि टिकट कैसे खरीदें।

 

ऑफलाइन टिकट बुकिंग

 1.महाकालेश्वर मंदिर के एंट्री गेट पर स्थित टिकट काउंटर पर जाएं।
 2.वहां से भस्म आरती का रजिस्ट्रेशन फॉर्म लें।
 3.फॉर्म भरने के बाद रुपये जमा करें और टिकट लें।

 

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ऑनलाइन टिकट बुकिंग

1. मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/services/login पर जाएं।
2. उसके बाद भस्म आरती के विकल्प पर क्लिक करें।
3. जिस दिन आपको भस्म आरती देखनी है, वह तारीख चुनें।
4. फॉर्म में अपनी जानकारी भरें और अपना पहचान पत्र अपलोड करें।
5. भुगतान करने के बाद आपको ईमेल के जरिए टिकट बुक होने की जानकारी मिल जाएगी।

‘ये श्राप है’, फीफा विश्व कप में हारा अमेरिका तो कमला हैरिस पर भड़के फैंस


फीफा विश्व कप 2026 में ग्रुप स्टेज के मैच में तुर्की ने मेजबान अमेरिका को हरा दिया है। आखिरी क्षणों में काआन आयहान ने गोल दागकर 3-2 से जीत दिलाई। हालांकि इससे कुछ बदलने वाला नहीं। अमेरिका पहले ही राउंड ऑफ 32 में पहुंच गया है। मगर तुर्की के हाथों मिली यह हार अमेरिकी फैंस को पसंद नहीं आ रही है। इसका ठीकरा उन्होंने देश की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस पर फोड़ा है। सोशल मीडिया पर कमला हैरिस की एक तस्वीर के बाद लोग उन्हें मनहूस बताने में जुटे हैं। उनका तर्क है कि मैच में मिली हार कमला हैरिस का श्राप है। 

 

माना जा रहा है कि कमला हैरिस विवाद की शुरुआत न्यूयॉर्क पोस्ट के एक लेख से हुआ। मीडिया आउटलेट ने ‘कमला हैरिस के पति द्वारा पूर्व उपराष्ट्रपति की विश्व कप मैच की तस्वीर पोस्ट करने के बाद टीम यूएसए 2-1 से हार गई’ शीर्षक से एक लेख लिखा। 

 

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पोस्ट ने लिखा लॉस एंजिल्स में तुर्की और अमेरिका के बीच अंतिम ग्रुप स्टेज मैच खेला गया। कमला हैरिस के पति डग एमहॉफ ने एक फोटो शेयर की और कैप्शन में ‘गोल’ लिखा। इसके बाद ही अमेरिका 2-1 से पिछड़ गया। अब लोगों का मानना है कि कमला हैरिस की फोटो सामने आने के बाद ही अमेरिकी टीम हारी है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनकी आलोचना की और पूछा कि वे वहां कैसे आईं?

 

 

 

 

एक व्यक्ति ने न्यूयॉर्क पोस्ट के लेख को शेयर किया और लिखा ‘कमला का श्राप’। एक अन्य ने लिखा कि कमला हैरिस मनहूस है। टीम को मिला हार में कोई आश्यर्य नहीं है। एक अन्य यूजर्स ने लिखा कि उन्हें मैच में किसने आने दिया? कमला हैरिस वहां मौजूद थीं, इसलिए अमेरिका हारा है। उन्होंने टीम को श्राप दिया है। एक अन्य शख्स ने लिखा कि मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि कमला हैरिस की वजह से आज रात यूएसएमएनटी हार गई।

 

रूस के सरकारी मीडिया आरटी ने भी एक पोस्ट लिखा और उसमें श्राप का जिक्र किया। आरटी ने लिखा, ‘टीम यूएसए 2-1 से पिछड़ गई और फिर कमला के तस्वीर लेने और विश्व कप में पोस्ट करने के बाद 3-2 से हार गई। क्या यह अमेरिका का नया अभिशाप है?’

 

 

 

 

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टूर्नामेंट से तुर्की हुआ बाहर

अमेरिका को हराने वाला तुर्की पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुका है। ग्रुप मैच में ऑस्ट्रेलिया और पैराग्वे ने तुर्की को शिकस्त दी थी। अब तुर्की को ग्रुप स्टेज के सभी मैच खेलने होंगे। अमेरिका का अगला मैच बोस्निया-हर्जेगोविना से होगा। अमेरिका ने ग्रुप स्टेज में पैराग्वे और ऑस्ट्रेलिया को हराया है।

कौन हैं हरप्रीत तलवार जिसे मुंद्रा ड्रग केस में ED ने गिरफ्तार किया?


प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मुंद्रा पोर्ट पर सितंबर 2021 में जब्त हुई करीब 3000 किलो हीरोइन के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के हरप्रीत सिंह तलवार को गिरफ्तार किया है। ED की टीम ने 24 और 25 जून को दिल्ली में 6 जगहों पर छापेमारी की। 24 जून को हरप्रीत तलवार को गिरफ्तार करके स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया गया।

हरप्रीत तलवार उर्फ कबीर तलवार इस केस का मुख्य आरोपी है। अगस्त 2022 में भी NIA ने इसी केस में उसे गिरफ्तार किया था। हरप्रीत तलवार अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दुबई के एक बड़े ड्रग तस्करी गिरोह के साथ मिलकर काम कर रहा था। इस गिरोह का मास्टरमाइंड वितायश कोसर उर्फ राजू दुबई है।

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पाउडर में छिपाकर भारत भेजा गया ड्रग

हेरोइन सेमी-प्रोसेस्ड टाल्क पाउडर के अंदर छिपाकर मुंद्रा पोर्ट के जरिए भारत लाया गया था। जांच में पता चला है कि ड्रग बेचने से मिले करीब 74 करोड़ रुपये हवाला के जरिए अफगानिस्तान भेजे गए, जिनका इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों में किया गया। 

1.65 करोड़ की अवैध कमाई के आरोप

हरप्रीत तलवार को काम के बदले नकद पैसे और सूखे मेवे, खजूर, परफ्यूम जैसी चीजें इनाम में मिलीं। ED के अनुसार, तलवार ने इस तरह 1.65 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की। ED ने आगे बताया कि तलवार अपने कर्मचारियों और दोस्तों के नाम पर कई कंपनियां चलाते थे। इनमें से एक कंपनी ‘मैग्नेट इंडिया’ के नाम पर हेरोइन वाली दो खेपें आई थीं।

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कहां-कहां लगे थे हरदीप तलवार के पैसे?

हरदीप तलवार और उसके साथियों ने दिल्ली के कई नाइट क्लबों में पैसे लगाए थे, जिनमें प्लेबॉय क्लब, व्हाइट क्लब, RSVP नाइट क्लब शामिल है। उन्होंने अपने बिजनेस शेयर अपने सहयोगियों को ट्रांसफर कर दिए। छापेमारी के दौरान ED ने तलवार के पास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। 

बरामद क्या हुआ है?

पुलिस की ओर से जब्त की गईं गाड़ियों में रेंज रोवर, टोयोटा फॉर्च्यूनर, मर्सिडीज-बेंज और किया सेल्टोस। इन गाड़ियों की कुल कीमत करीब 2 करोड़ रुपये है। ये गाड़ियां बेनामी नामों पर रजिस्टर्ड थीं। ED का कहना है कि यह कार्रवाई ड्रग तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला नेटवर्क को तोड़ने के लिए सरकार की पूरी ताकत से की जा रही कोशिश का हिस्सा है।