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9 अगस्त राशिफल, कामिका एकादशी पर इन राशियों पर बरसेगी भगवान विष्णु की कृपा?


रविवार का यह दिन कई लोगों के लिए बेहद सकारात्मक रहने वाला है। जहां ग्रहों का प्रभाव लोगों पर पॉजिटिव असर पड़ेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज का दिन आध्यात्मिकता के लिए बेहद खास माना जा रहा है। आज का मूलांक 9 बनता है, जिसका स्वामी मंगल ग्रह है। रविवार और मंगल के मूलांक का यह दुर्लभ संयोग व्यक्ति के अंदर एक नया उत्साह, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाएगा। ग्रहों की स्थिति देखें तो सूर्य और मंगल की स्थिति आज लोगों को अपने रुके हुए काम में सफलता दिलाएगी, वहीं चंद्रमा की स्थिति मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में मददगार साबित होगी।

 

आज का दिन कई लोगों के लिए नए काम की शुरुआत के लिए बहुत ही शुभ रहने वाला है। रविवार का दिन भगवान सूर्य देव की उपासना के लिए बेहद खास है, जो समाज में पद-प्रतिष्ठा, मान-सम्मान और स्वास्थ्य के कारक हैं। मूलांक 9 लोगों का साहस बढ़ाने का काम करेगा। इसके साथ ही लोगों को जल्दबाजी और गुस्से से बचने की जरूरत होगी। करियर में नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत, वित्तीय निवेश और बिगड़े हुए रिश्तों को सुधारने के लिए आज का दिन अत्यंत फलदायी रहेगा।

 

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राशिफल

 

मेष राशि

 

ऑफिस में आपका प्रदर्शन बेहतरीन रहेगा। नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिल सकती है, जो भविष्य में पदोन्नति का कारण बनेगी। लव पार्टनर के साथ रोमांटिक समय बिताने का मौका मिलेगा। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य मजबूत होगा।

आज क्या करें: सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें।

आज क्या न करें: जल्दबाजी में कोई भी वित्तीय फैसला न लें।

 

वृषभ राशि

 

आज आपके पेशेवर जीवन में थोड़ी भागदौड़ रह सकती है, आपकी मेहनत का पूरा फल मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। जीवनसाथी का पूर्ण सहयोग मिलेगा। 

आज क्या करें: किसी जरूरतमंद को गेहूं या गुड़ का दान करें।

आज क्या न करें: क्रोध करने से बचें।

 

मिथुन राशि

 

नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन मिलाजुला रहेगा। सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाकर रखें। व्यापार में नए ग्राहकों से जुड़ने का अवसर मिलेगा और आय के स्रोत बढ़ेंगे। प्रेम संबंधों में नया मोड़ आ सकता है। 

आज क्या करें: गाय को रोटी और गुड़ खिलाएं।

आज क्या न करें: दूसरों के व्यक्तिगत मामलों में दखल देने से बचें।

 

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कर्क राशि

 

दफ्तर में काम का दबाव थोड़ा अधिक हो सकता है, आर्थिक मामलों में समझदारी से काम लें, बेवजह के खर्च तनाव बढ़ा सकते हैं। परिवार और पार्टनर के साथ भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। 

आज क्या करें: भगवान शिव का जलाभिषेक करें।

आज क्या न करें: किसी भी व्यक्ति को उधार पैसा देने से आज बचें।

 

सिंह राशि

 

आज आपका दिन ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरा रहेगा। ऑफिस में आपके निर्णयों की सराहना होगी। आर्थिक रूप से दिन मजबूत है, निवेश से लाभ के योग हैं। लव पार्टनर से कोई प्यारा सरप्राइज मिल सकता है, जिससे आपका मन खुश रहेगा।

आज क्या करें: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।

आज क्या न करें: आत्मविश्वास में आकर कोई फैसला न लें।

 

कन्या राशि

 

व्यापार में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। विरोधी सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए अपनी योजनाओं को गुप्त रखें। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, बजट बनाकर चलें। लव लाइफ में छोटी-मोटी बहस हो सकती है।

आज क्या करें: पक्षियों को दाना-पानी दें और बड़ों का आशीर्वाद लें।

आज क्या न करें: आज नया बड़ा निवेश करने से बचें।

 

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तुला राशि

 

आज का दिन आपके लिए बेहद शुभ है। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी और नए अवसर प्राप्त होंगे। धन लाभ की संभावना है, संपत्ति से जुड़े मामले सुलझेंगे। लव पार्टनर के साथ रिश्ते में मिठास बनी रहेगी।

आज क्या करें: लक्ष्मी-नारायण की पूजा करें।

आज क्या न करें: आलस के कारण अपने काम को टालने की गलती न करें।

 

वृश्चिक राशि

 

आज का मूलांक 9 है, जिसकी ऊर्जा आपकी राशि को विशेष लाभ देगी। ऑफिस में आपके गुणों की तारीफ होगी। शेयर बाजार या व्यापार में लाभ मिल सकता है। लव पार्टनर के साथ संबंधों में गहराई आएगी।

आज क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें और सिंदूर का तिलक लगाएं।

आज क्या न करें: नकारात्मक सोच वाले लोगों की संगति से दूर रहें।

 

धनु राशि

 

आज आपको भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। उच्च अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। धन आगमन के नए रास्ते खुलेंगे और पूर्व में किए गए निवेश से अच्छा रिटर्न मिलेगा। लव लाइफ बेहद खुशनुमा रहेगी।

आज क्या करें: चने की दाल या पीली वस्तुएं मंदिर में दान करें।

आज क्या न करें: किसी को बिना मांगे सलाह न दें।

 

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मकर राशि

 

दफ्तर में सहकर्मियों से सहयोग की अपेक्षा कम रखें, खुद पर भरोसा करें। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी, लेकिन अचानक आए खर्च बजट बिगाड़ सकते हैं। मानसिक तनाव का असर लव लाइफ पर पड़ सकता है।

आज क्या करें: शनिदेव के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

आज क्या न करें: आज संपत्ति या वाहन की खरीदारी का निर्णय न लें।

 

कुंभ राशि

 

आज का दिन आपके लिए लाभदायक रहेगा। व्यापार करने वाले लोगों को आज बड़ी सफलता मिल सकती है। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। पारिवारिक जीवन में खुशहाली रहेगी। पार्टनर के साथ तालमेल रहेगा।

आज क्या करें: बहते जल में थोड़ा सा गुड़ प्रवाहित करें।

आज क्या न करें: जल्दबाजी में कोई कानूनी कार्रवाई न करें।

 

मीन राशि

 

नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन मेहनत भरा रहेगा लेकिन परिणाम सकारात्मक मिलेंगे। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी, हालांकि फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखना होगा। पार्टनर की स्वास्थ्य स्थिति थोड़ी चिंताजनक हो सकती है।

आज क्या करें: भगवान विष्णु की पूजा करें और केसर का तिलक लगाएं।

आज क्या न करें: स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही न बरतें।

 

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

सऊदी अरब पर हूतियों ने कर दिया हमला, क्या जंग में कूदेंगे तुर्की और पाकिस्तान?


सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए मक्का रक्षा समझौते के दो दिन बाद यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर बड़े हमले का दावा किया है। हूती के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने बताया कि सऊदी अरब के जिजान शहर में स्थित अरामको की एक रिफाइनरी को ड्रोन से निशाना बनाया गया। 

 

उधर, सऊदी अरब ने कहा कि जिजान अरामको प्लांट में लगी आग पर काबू पा लिया गया है। इसमें कोई हताहत नहीं हुआ है। हूती विद्रोहियों ने बताया कि यमन के हज्जा और सादा प्रांत में सऊदी ड्रोन ने एयरस्पेस का उल्लंघन किया। इसके जवाब में ही अरामको प्लांट पर हमला किया गया। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या समझौते के मुताबिक पाकिस्तान और तुर्की जंग में कूदेंगे। यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।

 

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बिल्कुल सटीक हमला किया: हूती

हूती के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने एक पर लिखा, ‘समूह ड्रोन से जिजान में अरामको रिफाइनरी को निशाना बनाने में सफल रहा। हमला सटीक था।’ सऊदी अरब ने भी आग लगने की बात मानी है, लेकिन किसी भी तरह के हमले की पुष्टि नहीं की है। 13 जुलाई को सना एयरपोर्ट पर बमबारी के बाद हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव बिल्कुल चरम पर पहुंच चुका है। पिछले महीने भी अरामको के जिजान प्लांट पर हूतियों ने हमला किया था

सऊदी अरब की समुद्री नाकेबंदी

20 जुलाई को हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब की नाकेबंदी का ऐलान किया था। इसके बाद सऊदी अरब के स्वामित्व वाले कई तेल टैंकरों पर हमला हो चुका है। लाल सागर में समुद्री यातायात भी प्रभावित हुआ है।

 

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हूतियों के निशाने पर अल-मखा बंदरगाह

हूती विद्रोहियों ने पिछले हफ्ते यमन के अल-मखा बंदरगाह पर बड़ा हमला किया था। बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था। अब खबर आ रही है कि हूति विद्रोही अल-मखा बंदरगाह पर दोबारा कब्जा करना चाहते हैं। अगर यहां हूती विद्रोहियों का कब्जा हो जाता है तो यह सऊदी अरब की बड़ी रणनीतिक हार होगी, क्योंकि इस बंदरगाह से लाल सागर और अरब सागर ने आने वाले समुद्री यातायात पर निगाह रखी जा सकती है।

 

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड से डायबिटीज-दिल की बीमारी का खतरा, ICMR की चेतावनी


अगर आप रोजाना चिप्स, पैकेट वाले स्नैक्स, मीठे ड्रिंक या दूसरे अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड खाते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने कहा है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड (UPF) का ज्यादा सेवन करने से सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ सकता है। इसकी वजह से मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, दिल की बीमारियों और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा जोखिम बढ़ता है। हाल ही में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने लोकसभा में यह जानकारी दी है। 

 

केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि दुनिया भर में हुई वैज्ञानिक रिसर्च के आधार पर ICMR ने माना है कि ज्यादा अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड खाने का संबंध मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, दिल की बीमारियों और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बढ़ते खतरे से हो सकता है।  

 

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मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, दिल की बीमारियों का खतरा 

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि दुनिया भर में हुई वैज्ञानिक रिसर्च के आधार पर ICMR ने माना है कि ज्यादा UPF खाने का संबंध मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, दिल की बीमारियों और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बढ़ते खतरे से हो सकता है। हालांकि, इन बीमारियों के पीछे कई कारण होते हैं। ज्यादा अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड खाना उनमें से एक ऐसा कारण है जिसे बदला जा सकता है। ICMR ने लोगों को ज्यादा ल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड  खाने से होने वाले संभावित नुकसान के बारे में जागरूक करने के लिए कई कदम उठाए हैं। 

UPF की पहचान करने का तरीका  

भारतीयों के लिए आहार संबंधी दिशानिर्देश, 2024′ में भी लोगों को ज्यादा चीनी लेने से बचने, मीठे पेय का बार-बार सेवन न करने और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करने की सलाह दी गई है। इन दिशानिर्देशों में पैकेट पर लिखी जानकारी पढ़कर UPF की पहचान करने का तरीका भी बताया गया है, ताकि लोग खाना खरीदते समय बेहतर फैसला ले सकें। 

 

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बरसात का मौसम गर्मी से राहत जरूर दिलाता है लेकिन इस दौरान घर की देखभाल भी बहुत जरूरी हो जाती है। लगातार बारिश होने पर कई घरों में दीवारों में नमी आने लगती है, छत से पानी टपकने लगता है और बिजली से जुड़ी परेशानियां भी बढ़ जाती हैं। अगर इन बातों को समय रहते नजरअंदाज कर दिया जाए तो बड़ा नुकसान होने का खतरा भी बढ़ सकता है।

 

बरसात में थोड़ी सी लापरवाही शॉर्ट सर्किट, करंट लगने या घर की दीवारों और फर्नीचर को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए जरूरी है कि बारिश के मौसम में घर की बिजली और पानी से जुड़ी छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए। आइए जानते हैं कुछ आसान सेफ्टी टिप्स जो आपके घर और परिवार को सुरक्षित रखने में मदद कर सकती हैं।

 

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1. दीवारों और छत में पानी रिसने पर तुरंत ध्यान दें

अगर दीवारों पर नमी दिखाई दे रही है, पेंट उखड़ने लगा है या छत से पानी टपक रहा है तो इसे नजरअंदाज न करें। समय रहते मरम्मत कराने से बड़ा नुकसान होने से बचा जा सकता है। ज्यादा देर तक नमी रहने से फफूंदी भी लग सकती है।

2. गीले हाथों से बिजली के स्विच या प्लग न छुएं

बरसात के मौसम में हाथ या पैर गीले होने पर कभी भी बिजली के स्विच, प्लग या किसी इलेक्ट्रिक सामान को न छुएं। ऐसा करने से करंट लगने का खतरा बढ़ जाता है। पहले हाथ अच्छी तरह सुखाएं, फिर ही बिजली के उपकरण इस्तेमाल करें।

3. खुले या खराब बिजली के तार तुरंत ठीक कराएं

अगर घर में कहीं तार कटे हुए हैं, वायरिंग ढीली है या स्पार्किंग हो रही है तो उसे तुरंत ठीक करवाएं। बरसात के मौसम में खराब वायरिंग शॉर्ट सर्किट और आग लगने की वजह बन सकती है।

4. बिजली के बोर्ड और प्लग के पास पानी न जमा होने दें

अगर किसी स्विच बोर्ड, प्लग या एक्सटेंशन बोर्ड के पास पानी आ रहा है तो उसे तुरंत साफ करें। कोशिश करें कि बिजली के सामान के आसपास हमेशा सूखी जगह रहे। अगर पानी लगातार आ रहा हो तो उस जगह की बिजली बंद कर दें और इलेक्ट्रीशियन को बुलाएं।

5. इस्तेमाल न होने वाले बिजली के उपकरण बंद रखें

अगर कोई इलेक्ट्रिक उपकरण इस्तेमाल में नहीं है तो उसे बंद करके प्लग निकाल दें। तेज बारिश या बिजली कड़कने के दौरान टीवी, कंप्यूटर और दूसरे महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान को भी जरूरत न होने पर बंद रखना बेहतर होता है।

6. एक ही प्लग में ज्यादा उपकरण न लगाएं

कई लोग एक ही एक्सटेंशन बोर्ड में कई इलेक्ट्रिक उपकरण लगा देते हैं। बरसात के मौसम में ऐसा करने से बिजली का लोड बढ़ सकता है और शॉर्ट सर्किट का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए जरूरत के हिसाब से ही बिजली के उपकरण इस्तेमाल करें।

 

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7. बच्चों को बिजली वाली जगहों से दूर रखें

अगर घर में कहीं नमी है, बिजली की वायरिंग खुली है या पानी जमा है तो बच्चों को उस जगह जाने से रोकें। साथ ही उन्हें यह भी समझाएं कि गीले हाथों से बिजली के किसी भी सामान को नहीं छूना चाहिए।

8. घर की नियमित जांच करते रहें

बारिश के मौसम में हर कुछ दिनों बाद छत, बालकनी, खिड़कियों और बिजली की वायरिंग पर एक नजर जरूर डालें। अगर कहीं कोई दिक्कत दिखे तो उसे तुरंत ठीक करवाएं। छोटी सी समस्या को समय रहते ठीक करने से बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।

10 या 11 अगस्त कब है? सही तारीख से लेकर मुहूर्त जानिए


सावन का महीना भगवान शिव का प्रिय महीना माना जाता है। इसी महीने शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो शिवभक्त इस महीने भगवान शिव की आराधना करता है, साथ ही जो लोग पुण्य काम करते हैं, उन लोगों पर भगवान शिव की कृपा बरसती है। शिवरात्रि महापर्व पर सभी भक्त शिव मंदिर में जाकर जलाभिषेक करते हैं। इसके साथ ही कांवड़िए पवित्र नदियों के जल से जलाभिषेक करते हैं। जिसके प्रभाव से सभी भक्तों की मनोकामना पूरी होती है।

 

इस साल अगस्त महीने में शिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। कई धार्मिक जानकारों का मानना है कि शिवरात्रि पर्व के दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से लोगों को जीवन में सुख-शांति और मनचाहा जीवनसाथी मिलता है। साथ ही पर्व में शिव भक्तों को व्रत भी रखना चाहिए, जिससे उनके जीवन में भगवान शिव का आशीर्वाद मिले। आइए जानते हैं शिवरात्रि की सही तारीख क्या है।

 

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कब है सावन शिवरात्रि?

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। यह शुभ तिथि 11 अगस्त को होगी। यह तिथि 11 अगस्त की सुबह 4 बजकर 54 मिनट पर शुरू होगी, जो कि 12 अगस्त की रात 1 बजकर 52 मिनट पर खत्म होगी। इसी तिथि के अनुसार शिव भक्तों को 11 अगस्त के दिन शिवरात्रि का त्योहार मनाना चाहिए, साथ ही संकल्प लेकर व्रत रखना चाहिए।

सही मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन महीने में शिवरात्रि 11 अगस्त को होगी। हालांकि, इसी दौरान सुबह से ही भद्राकाल शुरू हो जाएगा, जो दोपहर 3 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। इसी वजह से कई शिवभक्तों के मन में सवाल उठता है कि शिवरात्रि के दिन शुभ समय क्या होगा?

 

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धार्मिक जानकारों के मुताबिक, सावन महीने की शिवरात्रि पर 4 मुहूर्त सबसे शुभ माने जाते हैं, जो कि ब्रह्म मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त, गोधूलि मुहूर्त और निशिता काल हैं। आइए जानते हैं चारों मुहूर्त का समय क्या है।

 

ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 5 बजकर 23 मिनट से शुरू होकर 6 बजे तक है।

अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:06 बजे से शुरू होकर 12:58 बजे खत्म होगा।

गोधूलि मुहूर्त – रात 9:13 बजे से शुरू होकर 9:32 मिनट तक रहेगा।

निशिता काल – रात 12:05 बजे से शुरू होकर 12:48 तक रहेगा।

क्या करें?

सावन शिवरात्रि पर भक्तों को सुबह उठकर स्नान करना चाहिए, जिसके बाद साफ कपड़े पहनकर पूजा-पाठ करना चाहिए। पूजा के दौरान भक्तों को सबसे पहले व्रत का संकल्प लेना चाहिए। उसके बाद पूजा के दौरान भक्तों को धतूरा, बेलपत्र और फूल चढ़ाना चाहिए। फल और मिठाई का प्रसाद चढ़ाकर आरती करें।

 

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शिवरात्रि में क्या न करें?

इस दिन लोगों को पूजा-पाठ करते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। धार्मिक जानकारों के मुताबिक, भक्तों को शिवलिंग पर तुलसी का पत्ता, हल्दी और सिंदूर अर्पित नहीं करना चाहिए। साथ ही बेलपत्र के पत्ते टूटे हुए हैं, तो उन्हें भी नहीं चढ़ाना चाहिए।

 

नोट: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

होर्मुज समझौते के करीब ओमान-ईरान, इसमें क्या खास; इसकी सफलता ट्रंप पर क्यों टिकी


अगर सब सही रहा तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर जहाजों का आवागमन जल्द ही शुरू हो सकता है। ओमान और ईरान समझौते के बेहद करीब हैं। जल्द ही समझौते का ऐलान भी हो सकता है। यह जलमार्ग बेहद अहम है। दुनिया का करीब 20 फीसद तेल और गैस यही से गुजरता है।

 

28 फरवरी को शुरू हुई जंग के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद था। 60 दिनों का सीजफायर हुआ, लेकिन अमेरिका ने इसे बीच में ही तोड़ दिया। दुनियाभर में कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हुई। कई देशों में ऊर्जा संकट गहराया। कच्चे तेल की कीमतें सर्वाधिक ऊंचाई पर पहुंच गईं। आइये समझते हैं कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ा नया समझौता क्या है। इसमें क्या-क्या शामिल है और क्या ये टिक पाएगा?

 

सबसे पहले समझते हैं कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज कहां पर स्थित है? अगर नक्शे पर नजर दौड़ाएंगे तो मध्य पूर्व में फारस की खाड़ी में एक बेहद संकरा रास्ता दिखेगा। इसके एक तरफ ईरान है, जबकि दूसरी तरफ ओमान और संयुक्त अरब अमीरात है। बंदर अब्बास के ठीक सामने स्थित संकरा जलमार्ग ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है।

 

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नए समुद्री गलियार पर फोकस

समझौते के तहत ईरान और ओमान एक नए वाणिज्यिक जहाजरानी गलियारे पर बातचीत करने में जुटे हैं। हाल ही में कुछ जहाजों ने ओमान के तट के किनारे से गुजरने की कोशिश की तो ईरान ने उन पर हमला किया। इसके बाद विवाद और गहरा गया था। ईरान का कहना था कि जहाज उसके ही निर्धारित रास्ते का पालन करे। हालांकि नए समझौते में दोनों देश एक नए जलमार्ग पर विचार कर रहे हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने बातचीत की पुष्टि की और बताया कि नए शिपिंग कॉरिडोर के तकनीकी, कानूनी, सुरक्षा और पर्यावरणीय पहलुओं पर वार्ता चल रही है।

नए समझौते में क्या है?

ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने समझौते के बारे में कुछ अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तेहरान और मस्कट के बीच यह समझौता हुआ है कि जलमार्ग का बड़ा हिस्सा ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुजरेगा। कुछ ही हिस्सा ओमान के जलक्षेत्र में होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अभी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अस्थायी मार्ग बंद रहेंगे। नए शिपिंग मार्गों का इस्तेमाल दो से चार महीने या इससे अधिक समय तक किया जा सकता है। उधर, न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि यहां से गुजरने वाले जहाजों पर तेहरान का नियंत्रण होगा। इसके अलावा शुल्क लगाने पर भी विचार किया जा रहा है। 

होर्मुज: ईरान का सबसे बड़ा हथियार

दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका ने जब ईरान पर हमला किया तो अधिकांश लोगों का मानना था कि तेहरान कुछ दिनों ही ढह जाएगा। लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ने ईरान को अपनी ताकत दिखाने का मौका दिया। 

 

ईरान की सेना और आईआरजीसी ने इस अहम समु्द्री मार्ग को बंद कर अमेरिका को दो बार बातचीत के मेज पर लौटने पर विवश किया। ट्रंप ने होर्मुज को खुलवाने का खूब दबाव बनाया। ईरान की समुद्री नाकेबंदी की। बुशहर से चाबहार तक दो हफ्ते भीषण बमबारी की। लेकिन अमेरिका होर्मुज को खुलवा नहीं पाया। आज भी पूरी तरह से यहां ईरान का कंट्रोल है।  

सबसे बड़ा सवाल: क्या पूरी तरह से खुल जाएगा होर्मुज?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि समझौते होने के बाद क्या ट्रैफिक सामान्य हो जाएगा। ईरान ने स्पष्ट किया है कि यह अमेरिका पर काफी हद तक निर्भर करेगा। ईरान ने कहा कि अगर अमेरिका की आक्रामकता दिखाई, ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखी और ईरान के हितों को नुकसान पहुंचाया तो यह द्विपक्षीय समझौता भी खटाई में पड़ सकता है। मतलब साफ है कि ईरान किसी भी तरह से होर्मुज पर अपना नियंत्रण छोड़ना नहीं चाहता है।

 

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बातचीत में अमेरिका शामिल नहीं

होर्मुज समझौते की खास बात यह है कि पूरी बातचीत ओमान और ईरान के बीच चल रही है। इसमें सीधे तौर पर अमेरिका का कोई दखल नहीं है। अभी तक यह साफ नहीं है कि समझौता स्थायी है या अस्थायी। ईरान ने ओमान से कहा कि दोनों देशों के अपने-अपने जलक्षेत्र में स्ट्रेट का प्रबंधन करना चाहिए, ताकि नौवहन पर नियंत्रण बनाए रखा जा सके। 

क्या ईरान के नियंत्रण को स्वीकारेगा अमेरिका?

अमेरिका शुरुआत से ही कहता आया है कि होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण नहीं होगा। आवागमन स्वतंत्र होगा। उसने यह भी कहा कि ईरान को कोई शुल्क नहीं लगाने देंगे। अब खतरा यह है कि शुल्क लगाने और नियंत्रण नहीं छोड़ने पर अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है। नौसैनिक नाकेबंदी बढ़ा सकता है। इससे स्थिति सुधारने की जगह और बिगड़ सकती है, क्योंकि ईरान का स्पष्ट कहना है कि जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाएगा तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दोबारा नहीं खुलेगा।

एथेनॉल की तरह CNG, PNG में बायोगैस मिलाने की तैयारी, गोबरधन मिशन की ABCD समझिए

पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने का मुद्दा देशभर में चर्चा में बना हुआ है। सरकार ने इससे किसी भी तरह के नुकसान से इनकार किया है। अब केंद्रीय कैबिनेट ने एक फैसला लिया है जिसके तहत CNG और PNG में बायोगैस मिलाई जाएगी। शुरुआत 3 प्रतिशत से होगी और 2028-29 तक इसे 5 प्रतिशत तक पहुंचाया जाना है। केंद्र सरकार ने इसके लिए 23,731 करोड़ की लागत वाली गोबरधन योजना को मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोग आत्मनिर्भर बनेंगे, स्वच्छ ऊर्जा मिलेगी और ऊर्जा के मामले में देश आगे बढ़ेगा। साथ ही, ऊर्जा सुरक्षा के मामले में देश के किसान भी साझेदार बन जाएंगे। 

 

इस योजना के तहत कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) का उत्पादन बढ़ाने और उसे CNG-PNG में मिलाने की योजना है। सरकार चाहती है कि गैस के आयात में थोड़ी कमी लाई जा सके और गोबर जैसी चीजों का इस्तेमाल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में किया जा सके। इससे पशुपालक, किसान और अन्य छोटे कामगारों को भी मदद मिल सकती है। यही वजह है कि सरकार इससे जुड़े उद्योगों के लिए लोन देने को तैयार है। साथ ही,  कचरा प्रबंधन, आय के स्रोत विकसित करने और खाद उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया जा सकता है।

क्या है गोबरधन योजना?

जैसा कि योजना के नाम से स्पष्ट है कि गोबर को धन में बदलने जैसा कुछ प्लान है। सरकार का कहना है ऑर्गेनिक संपदा को स्वच्छ ऊर्जा, ग्रामीण संपन्नता और आर्थिक प्रगति के लिए इस्तेमाल किया जाए। कुल मिलाकर ऐसा करना है कि हरा कचरा और गोबर जैसी चीजें जो खराब हो जाती हैं या यूं ही कहीं फेंक दी जाती हैं। उसका इस्तेमाल बायोगैस यानी CBG बनाने में किया जाए। इस गैस का उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों से गोबर खरीदा जा सकता है, हरा कचरा खरीदा जा सकता है, कुछ कारोबारी इससे जुड़े व्यवसाय स्थापित कर सकते हैं।

 

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सरकार का मानना है कि जब सरकार लोन देगी, CBG का उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य 10 गुना होगा, 200 CBG प्लांट लगेंगे, बनने वाली गैस को CNG-PNG में मिलाने से खपत बढ़ेगी तो स्थानीय स्तर पर लोगों को आर्थिक लाभ होगा और स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा।

कैसे बनती है बायोगैस?

इसके लिए खेती से निकलने वाले कचरे जैसे कि पराली और भूसा, जानवरों के गोबर, सुगर मिलों से निकलने वाले कचरे और अन्य ऑर्गेनिक कचरे का इस्तेमाल होता है। इन कचरों को इकट्ठा करके साफ किया जाता है, बड़े कचरों को काटकर या तोड़कर छोटा किया जाता है। फिर उन्हें एक ऐसे टैंक में डाला जाता है जहां ऑक्सीजन ना हो। वहां मौजूद बैक्टीरिया जब इस कचरे को तोड़ते हैं तो बायोगैस बनती है। यह गैस मुख्य तौर पर मीथेन और कार्बन डाइऑक्साइड का मिश्रण होती है। साथ ही, खाद भी निकलती है।

 

इसका मतलब है कि गैस बनाने के लिए जो कचरा डाला जाएगा, वह गैस तो बनाएगा ही साथ में अच्छी-खासी खाद भी निकलेगी। आमतौर जो गोबर गैस प्लांट लगाए जाते हैं, वे इसी पर काम करते हैं। घर के पास बनाए गए प्लांट से गैस का इस्तेमाल सीधे किचन में या फिर लाइट जलाने के लिए किया जाता रहा है। 

सरकार क्या करेगी?

सरकार ने नेशनल सर्कुलर बायोएनर्जी स्कीम यानी GOBARdhan के लिए 23,731 करोड़ का बजट रखा है। 2026-27 से शुरू होने वाली यह योजना 2035-36 तक चलेगी। आमतौर पर निकलने वाली गोबर या बायोगैस उतनी स्वच्छ नहीं होती है। साथ ही, इसे सीधे घरों में इस्तेमाल किया जाता है। गोबरधन योजना के तहत इस गैस को साफ करके, अपग्रेड किया जा जाएगा और कंप्रेस करके टैंक में भरा जाएगा। इस तरह जो CBG तैयार होगी वह मीथेन से भरपूर होगी और इसे CNG और PNG में मिलाया जा सकेगा।

 

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इसके लिए लक्ष्य रखा है कि शहरों में गैस की सप्लाई करने वाली कंपनियां 2026-27 में 3 प्रतिशत, 2027-28 में 4 प्रतिशत और 2028-29 में CBG खरीदकर ट्रांसपोर्ट के लिए CNG में और घरेलू इस्तेमाल के लिए PNG में इसका मिश्रण करेंगी। यानी अभी तक यह योजना है कि जिन गाड़ियों में CNG डाली जाती है उनमें इसी साल से 3 प्रतिशत CBG भी मिलाई जाएगी।

 

सरकार इसके लिए एक ऐसा फ्रेमवर्क लाई है जिसके तहत CBG की कीमतों को 2110 रुपये प्रति मीट्रिक मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (MMBTU) पर स्थिर रखा जाएगा। इसके लिए सरकार भी समर्थन देगी। यह फ्रेमवर्क 10 साल के लिए लागू होगा ताकि ग्राहकों के लिए दाम न बढ़ें और राजस्व का भी घाटा न हो।

प्लांट लगाने वालों को क्या मिलेगा?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि ग्रीनफील्ड CBG प्रोजेक्ट लगाने वालों को 2 करोड़ रुपये प्रति टन प्रति दिन तक की आर्थिक मदद की जाएगी। यह मदद सिर्फ प्लांट लगाने तक के लिए नहीं है। कच्चा माल खरीदने, कचरे की साफ-सफाई करने और अन्य काम के लिए भी यह आर्थिक मदद मिलेगी। साथ ही, जो प्रोजेक्ट ब्राउनफील्ड हैं और वे अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाना चाहते हैं तो उन्हें भी आर्थिक मदद दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे कारोबारियों पर शुरुआती आर्थिक बोझ कम हो जाएगा और लोग इसमें उत्साह से काम शुरू करेंगे।

 

 

सरकार की योजना है कि इस तरह के ज्यादा प्लांट लगें ताकि उसे सिटी गैस डिस्ट्रब्यूशन नेटवर्क की पाइपलाइन से सीधे जोड़ा जा सके। ऐसे करने से गैस को भरने, लाने ले जाने और स्टोर करने की जरूरत नहीं होगी और कीमतों को स्थिर रखा जा सकेगा। सरकार ने MSME बेस्ड प्रोजेक्ट्स को आर्थिक सहायता देना, सस्ता लोन उपलब्ध कराने, पहली बार प्लांट लगाने वालों को वरीयता देने और अन्य जरूरतों में मदद करने का वादा किया है।    

क्या है लक्ष्य?

पहला लक्ष्य है कि अभी जितनी CBG का उत्पादन हो रहा है, उसे कम से कम 10 गुना बढ़ाया जाएगा। ऐसा करके आयात को कम करने का लक्ष्य है। प्राइवेट प्लेयर इस सेक्टर में उतरें तो सरकारी लागत की आवश्यकता नहीं होगी और उद्यम बढ़ेगा। सरकार आर्थिक मदद देगी तो किसान, पशुपालक और अन्य सहकारी संगठनों को भी मदद मिलेगी। कचरे का निष्पादन होगा, स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा और इससे स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन बढ़ेगा।

 

योग करने से स्पर्म क्वॉलिटी होगी बेहतर, AIIMS के वैज्ञानिकों की स्टडी में दावा


योग सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह बात तो हम सब जानते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि योग करने से पुरुषों की फर्टिलिटी बेहतर होती है। इससे स्पर्म क्वॉलिटी बेहतर होती है, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और डीएनए डैमेज होने का खतरा कम होता। यह स्टडी ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ योग’ में पब्लिश हुई है।

 

दुनियाभर में 15% से ज्यादा कपल्स पुरुष इनफर्टिलिटी से प्रभावित है और इनफर्टिलिटी के लगभग आधे मामलों में पुरुषों से जुड़े कारण ही जिम्मेदार होते हैं। इस स्टडी को एम्स के रिसर्च ने किया है। डॉक्टर प्रभाकर तिवारी, डॉक्टर राजीव कुमार, डॉक्टर रीमा दादा और अंजलि यादव ने प्राइमरी इनफर्टिलिटी वाले पुरुषों पर 12 हफ्ते के व्यवस्थित योग प्रोग्राम के प्रभाव का विशलेषण किया। इसमें रिसर्चर्स ने पाया कि योग करने वाले पुरुषों में सीमिनल ऑक्सीडेटव स्ट्रेस, स्पर्म की क्वालिटी और डीएनए के फ्रेग्मेंटेंशन पर असर देखने को मिला है।

 

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पुरुषों में इनफर्टिलिटी के मुख्य कारण

स्टडी में डॉक्टर रीमा दादा ने बताया, ‘पुरुषों में इनफर्टिलिटी के मुख्य कारण अनहेल्दी लाइफस्टाइल, मोटापा, स्मोकिंग, शराब का सेवन, तनाव, प्रदूषण, माइक्रो नैनो प्लास्टिक, लेट शादी करना और लेट बच्चे करना है। इन सभी चीजों के वजह से माइटोकांड्रिया का नुकसान पहुंचता है जिससे ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है जो स्पर्म को नुकसान पहुंचाता है।

 

उन्होंने बताया कि इस स्टडी में बांझपन की समस्या से जूझ रहे हैं 78 पुरुषों को शामिल किया गया था जिनकी उम्र 25 से 40 साल के बीच में थी। इनमें से 42 पुरुषों ने ही 12 हफ्ते का योगा प्रोग्राम पूरा किया है। इन लोगों को हफ्ते में 5 दिन एक घंटे का योग करना था जिसमें योगा पॉश्चर, ब्रीथिंग एक्सरसाइज, मेडिटेशन और रिलैक्सेशन तकनीक शामिल था। स्टडी में पाया गया कि इन लोगों को योग करने से फायदा मिला है। इनका ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस और ऑक्सिडेटिव डीएनए डैमेज कम हो गया था। इसके अलावा डीएनए फ्रेग्मेंटेशन इंडेक्स भी कम पाया गया। 

 

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योग करने के फायदे

स्ट्रेस हार्मोन का कम होना
एंटी ऑक्सीडेंट डिफेंस सिस्टम को बेहतर करना
ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करना
सूजन का कम होना

 

डॉक्टर रीमा दादा के मुताबिक ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस की वजह से स्पर्म की क्वॉलिटी खराब होती है और डीएनए डैमेज होता है। अगर आप 6 महीने तक योग करेंगे तो ऑक्सिडेविट स्ट्रेस को कम किया जा सकता है। योग के साथ हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करें। संतुलित आहार लें, पर्याप्त मात्रा में नींद लें और स्मोकिंग और शराब छोड़ें।

तुला और सिंह राशि की लगेगी लॉटरी, आपको धन लाभ होगा या नहीं?


आज मां लक्ष्मी की कृपा से लाखों लोगों का दिन शुभ रहेगा, जिससे सिंह और तुला राशि के जातकों के जीवन में खुशहाली आएगी। पंचांग और ग्रहों की चाल लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव और नई ऊर्जा लेकर आ रही है। आज श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। शुक्रवार का दिन धन, वैभव, आकर्षण और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। यह दिन मां लक्ष्मी और शुक्र देव को समर्पित होता है। मूलांक की बात करें तो आज का मूलांक 07 है, जिसका स्वामी ग्रह केतु माना गया है। केतु का प्रभाव व्यक्ति को आध्यात्मिक बनाकर गहरे आत्म-विश्लेषण की ओर ले जाता है। मूलांक 7 और शुक्रवार के योग से आज का दिन भौतिक और आध्यात्मिक, दोनों मामलों में संतुलन बनाने का संकेत दे रहा है।

 

आज चंद्रमा की चाल कई लोगों के मन और भावनाओं पर सीधा असर डालेगी। शुक्र और चंद्रमा के तालमेल से कला, मीडिया, डिजाइनिंग और व्यापार से जुड़े लोगों को विशेष लाभ होगा। आज की ऊर्जा शांति, धैर्य और रणनीतिक योजनाएं बनाने के लिए बेहद अच्छी है। किसी नए विचार पर काम शुरू करना या आर्थिक मामलों में स्थिरता लाना आज आसान रहेगा। कुल मिलाकर, आज का दिन साहस के साथ निर्णय लेने और रिश्तों को संवारने का बेहतरीन अवसर लेकर आया है। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।

 

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राशिफल

 

मेष राशि

 

आज आपको बिजनेस डील करते समय सतर्क रहना चाहिए। किसी एक्सपर्ट की सलाह पर ही बिजनेस डील करें। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। जीवनसाथी के साथ आपसी तालमेल बेहतरीन रहेगा। 

आज क्या करें: मां लक्ष्मी को लाल फूल चढ़ाएं।

आज क्या न करें: काम में जल्दबाजी या क्रोध करने से बचें।

 

वृषभ राशि

 

व्यापार के लिए आज का दिन लाभदायक है। नया निवेश करने से पहले अनुभवी लोगों की सलाह अवश्य लें। लव पार्टनर से बातचीत करें, क्योंकि किसी पुरानी गलतफहमी का समाधान बातचीत से संभव है।

आज क्या करें: किसी जरूरतमंद को सफेद मिठाई या दूध का दान करें।

आज क्या न करें: बेवजह के खर्चों पर नियंत्रण रखें, दिखावे से बचें।

 

मिथुन राशि

 

आप अपनी बुद्धि के जरिए काम में सफलता पाएंगे। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नए अवसर मिल सकते हैं। लव लाइफ में मिठास बनी रहेगी। पार्टनर आपकी भावनाओं का पूरा सम्मान करेगा।

आज क्या करें: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।

आज क्या न करें: किसी भी दस्तावेज पर बिना पढ़े साइन न करें।

 

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कर्क राशि

 

ऑफिस में आप पर काम का बोझ थोड़ा बढ़ सकता है। धैर्य से काम लें, दोपहर के बाद परिस्थितियां आपके पक्ष में होंगी। प्रेम संबंधों में भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।

आज क्या करें: पक्षियों को दाना और पानी दें।

आज क्या न करें: नकारात्मक सोच वाले लोगों से दूर रहें।

 

सिंह राशि

 

आज आपका आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। सरकारी या अटके हुए कामों में सफलता मिलेगी। आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत होगी। लव पार्टनर के साथ यात्रा की योजना बन सकती है। प्रेम जीवन में ताजगी महसूस होगी।

आज क्या करें: सूर्य देव को जल अर्पित करें।

आज क्या न करें: अपने व्यवहार में अहंकार को बिल्कुल न आने दें।

 

कन्या राशि

 

अगर आप आज प्लानिंग के साथ काम करेंगे तो सफलता मिलेगी। रुका हुआ धन वापस मिलने के योग बन रहे हैं। जीवनसाथी आपकी बात मानेगा। दोनों के बीच विश्वास मजबूत होगा।

आज क्या करें: तुलसी के पौधे में जल चढ़ाएं और दीपक जलाएं।

आज क्या न करें: स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें।

 

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तुला राशि

 

कला, मीडिया और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन शानदार है। वित्तीय मामलों में बड़ा लाभ हो सकता है। जीवनसाथी के साथ रोमांटिक शाम बिताएंगे। नए रिश्तों की शुरुआत के लिए दिन शानदार है।

आज क्या करें: छोटी कन्याओं को टॉफी या फल बांटें।

आज क्या न करें: लेन-देन में लापरवाही न बरतें।

 

वृश्चिक राशि

 

आज आपको मेहनत के हिसाब से परिणाम मिलने में थोड़ा समय लग सकता है। दफ्तर में सहकर्मियों का सहयोग लेते रहें। लव पार्टनर से किसी बात पर अनबन हो सकती है। अपनी वाणी पर संयम रखें।

आज क्या करें: हनुमान जी के दर्शन करें ।

आज क्या न करें: आज किसी भी बड़े निवेश से बचें।

 

धनु राशि

 

आज आपकी योजनाएं सफल होंगी। नए प्रोजेक्ट या व्यापारिक सौदे से भविष्य में बड़ा लाभ मिलेगा। लव पार्टनर के साथ आपसी समझ गहरी होगी। खुशियों भरा दिन रहेगा।

आज क्या करें: भगवान विष्णु के मंदिर में चने की दाल चढ़ाएं।

आज क्या न करें: काम को टालने की आदत से बचें।

 

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मकर राशि

 

नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, जिन्हें आप बखूबी निभाएंगे। संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक समाचार मिलेगा। जीवनसाथी के साथ तालमेल अच्छा रहेगा। किसी पारिवारिक मुद्दे का मिलकर समाधान निकालेंगे।

आज क्या करें: शनिदेव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

आज क्या न करें:  विवादित मामलों में दखल देने से बचें।

 

कुंभ राशि

 

आपके नए विचार और रचनात्मकता आपको भीड़ से अलग बनाएंगे। आय के अतिरिक्त स्रोत बन सकते हैं। प्रेम संबंधों में नयापन अनुभव होगा। पार्टनर से कोई प्यारा सरप्राइज मिल सकता है।

आज क्या करें: किसी असहाय व्यक्ति की आर्थिक मदद करें।

आज क्या न करें: उत्साह में आकर कोई गलत निर्णय न लें।

 

मीन राशि

 

विदेश से जुड़े काम या ऑनलाइन कारोबार में अच्छा लाभ होगा। हालांकि पैसों के लेन-देन में सतर्कता बरतें। जीवनसाथी की छोटी-मोटी गलतियों को नजरअंदाज करें। प्रेम में सहिष्णुता बनाए रखना जरूरी है।

आज क्या करें: बहते जल में थोड़ा-सा कच्चा दूध या सफेद तिल बहा दे।

आज क्या न करें: भावुक होकर कोई बड़ा फैसला न लें।

 

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

एक पर हमला… सभी पर माना जाएगा, पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब ने की डिफेंस डील


सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने शुक्रवार को एक संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता यमन के हूती विद्रोहियों के साथ रियाद के बढ़ते तनाव के बीच हुआ है। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मक्का में त्रिपक्षीय बैठक की। इसके बाद तीनों नेताओं ने रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। मक्का में बैठक आयोजित होने के कारण इस समझौते को ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौता’ नाम दिया गया है।

 

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि  इस रक्षा समझौते का उद्देश्य क्षेत्र और उसके बाहर शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देना है, ताकि एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य का निर्माण किया जा सके।

 

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ऐतिहासिक और भाईचारे पर आधारित समझौता

बयान में आगे कहा गया कि यह समझौता तीनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक संबंध, भाईचारे और इस्लामिक एकजुटता के मजबूत बंधनों और उनके साझा रणनीतिक हितों व लंबे समय से चले आ रहे डिफेंस सहयोग पर आधारित है।

एक देश पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा

मंत्रालय ने यह भी बताया, ‘इस समझौते का मकसद किसी भी तरह की आक्रामकता के खिलाफ सामूहिक प्रतिरोध को मजबूत करना है और इसमें यह प्रावधान भी है कि अगर तीनों देशों में से किसी एक पर भी कोई सशस्त्र हमला होता है तो उसे सभी पर हमला माना जाएगा।

पहले भी समझौता कर चुका पाकिस्तान

बता दें कि पाकिस्तान इस तरह का रक्षा समझौता सऊदी अरब के साथ पहले भी कर चुका है। इसे ‘स्ट्रैटेजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट’ के नाम से जाना जाता है। हालांकि इस समझौते के बावजूद अफगान तालिबान ने पाकिस्तान पर हमला किया था। तब सऊदी अरब पाकिस्तान के समर्थन में खुलकर नहीं आया था। 

 

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समझौता किसी पक्ष के खिलाफ नहीं

टाइम्स ऑफ इजरायल ने तुर्की के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि यह रक्षा समझौता रक्षात्मक है। तीनों देशों ने सिर्फ रक्षा के लिए ही एक-दूसरे का समर्थन देने का वादा किया है। मतलब अगर किसी देश ने हमला किया तो बाकी दो देश सिर्फ उसे बचाने ही आएंगे, न कि हमलावर देश के खिलाफ जंग शुरू करेंगे। तुर्की के अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह समझौता किसी पक्ष के खिलाफ नहीं है।  

सऊदी अरब को हूतियों की खुली धमकी

रक्षा समझौते के बीच हूती विद्रोहियों ने सऊदी सेना और उसका समर्थन करने वालों को खुली धमकी दी। हूती विद्रोहियों के पॉलिटिकल ब्यूरो के सदस्य हिजाम अल-असद ने एक्स पर लिखा, ‘हमलावर सऊदी सेना, उनके किराये के सैनिकों और हमारी जमीन पर बने उनके कैंपों के लिए कोई सुरक्षा नहीं है।’

 

आगे कहा, ‘जो कोई भी हमारी सशस्त्र सेना के ऑपरेशनों की निंदा करता है, उसे सऊदी कैंप बनाने के लिए अपने देश और इलाके को खोल देना चाहिए। अपने ही लोगों में से किराये के सैनिकों की भर्ती और उन्हें शामिल करने की अनुमति देनी चाहिए।’