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लंबे समय तक विटामिन B12 की कमी से हो सकता है कैंसर! स्टडी में दावा


हम सभी ने हमेशा विशेषज्ञों से सुना है कि संतुलित आहार लें, नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। ये दोनों चीजें शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी है। ज्यादातर लोगों को लगता है, हम तो स्वस्थ है। इन चीजों से क्या फर्क पड़ेगा? शरीर के लिए विटामिन और मिनरल्स बहुत जरूरी है। हम आपको एक ऐसे विटामिन के बारे में बता रहे हैं जिसकी कमी की वजह से कैंसर जैसी घातक बीमारी हो सकती है।

 

इसका नाम विटामिन बी12 है। भारत की आबादी के 50 से 75% लोग विटामिन बी12 की कमी से जूझ रहे हैं। ज्यादातर लोगों को इस विटामिन की कमी के बारे में पता नहीं चलता है। थकान, कमजोरी, पाचन संबंधी समस्याएं विटामिन बी12 की कमी के लक्षण है जिसे लोग नजर अंदाज कर देते हैं। इस वजह से सालों तक लोगों को इस विटामिन की कमी के बारे में पता नहीं चलता है। अब वैज्ञानिकों ने अपने शोध में पाया कि लंबे समय तक विटामिन बी12 की कमी से डीएनए प्रभावित होता है, कोशिकाओं का बढ़ना और सूजन है। ये तीनों चीजें कैंसर को बढ़ाने का काम करते हैं।

 

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विटामिन बी12 जरूरी क्यों है?

विटामिन बी12 को कोबालमिन कहा जाता है जो शरीर के लिए जरूरी होता है। ये रेड ब्लड सेल्स को बनाने का काम करता है जो मस्तिष्क के लिए जरूरी है। ये डीएनए को रिपेयर करने में मदद करता है। हर एक सेकेंड में शरीर की कोशकाएं टूटती हैं और नई कोशिकाएं बनती हैं। डीएनए अपने सेल्स को अच्छे से कॉपी करता है और उस प्रकिया के दौरान विटामिन बी12 सपोर्ट सिस्टम की तरह काम करता है।

 

जब शरीर में विटामिन बी12 की कमी होती है तब डीएनए अपने सेल्स को सही से नहीं बना पाता है। इस वजह से शोधकर्ताओं को लगता है कि इसका कैंसर से संबंध है। US National Institutes Of Health के शोधकर्ताओं के मुताबिक विटामिन बी12 डीएनए के बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अभी शोधकर्ता इस बात की पुष्टि करने में असमर्थ है कि विटामिन बी12 की कमी कैंसर होने का कारण हो सकता है। अभी इस तथ्य को साबित करने के लिए और शोध करने की जरूरत है।

 

किन चीजों में होता है विटामिन बी12?

  • मछली
  • अंडा
  • दूध और डायरी प्रोडक्ट
  • चिकन और लीन मीट

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विटामिन बी12 की कमी के लक्षण क्या है?

  • पर्याप्त नींद लेने के बावजूद थकान महसूस होना
  • हाथ और पैर सुन्न होना
  • याददाश्त कमजोर होना
  • चेहरा पीला पड़ना
  • सांस लेने में तकलीफ होना
  • लगातार कमजोरी होना

इस हफ्ते कैसी रहेगी आपकी किस्मत, कब आएंगे अच्छे दिन? पढ़ें साप्ताहिक राशिफल


मई 2026 का यह हफ्ता ग्रहों की चाल के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है। 18 मई से 24 मई 2026 के इस हफ्ते की शुरुआत ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से हो रही है। हफ्ते का मूलांक 9 है, जो मंगल के प्रभाव को दर्शाता है, साथ ही साहस, उत्साह और नई शुरुआत का प्रतीक है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस हफ्ते सूर्य और बुध वृषभ राशि में रहने वाले हैं, जबकि मंगल मीन राशि में और शुक्र अपनी खुद की राशि वृषभ में प्रवेश कर रहे हैं। ग्रहों की यह जुगलबंदी सभी 12 राशियों के जीवन में बड़े बदलाव ला रही है।


इस हफ्ते की ऊर्जा कर्मप्रधान रहने वाली है। हफ्ते की शुरुआत में चंद्रमा और मंगल के प्रभाव से लोगों की निर्णय लेने की क्षमता बढ़ेगी। हालांकि जल्दबाजी में आकर किसी भी बड़े निवेश या विवाद से बचना होगा। इस दौरान पुराने अधूरे कामों को निपटाने के लिए शुभ समय रहेगा, साथ ही नए लक्ष्यों की नींव रखने के लिए भी यह समय अनुकूल रहेगा। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक के जातकों के लिए यह पूरा हफ्ता कैसा रहने वाला है।

 

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राशिफल और उपाय


मेष राशि


यह हफ्ता आपके लिए मिले-जुले रहने वाला है। ऑफिस में आपकी ऊर्जा की तारीफ होगी। साथ ही सहकर्मियों के सहयोग से नए प्रोजेक्ट्स पूरे होंगे। बिजनेस में नई डील फाइनल हो सकती है। इस हफ्ते धन कमाने का मौका मिलेगा। जीवनसाथी का साथ मिलेगा।
आज क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें और लाल चंदन का तिलक लगाएं।
आज क्या न करें: किसी भी अनजान व्यक्ति के बहकावे में आकर बड़ा निवेश न करें।


वृषभ राशि


आपकी ही राशि में सूर्य और शुक्र का मिलन होगा। जिस वजह से आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा। नौकरी करने वाले लोगों को प्रमोशन मिलेगा या नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। बिजनेस में मुनाफा बढ़ेगा।
आज क्या करें: मां लक्ष्मी की पूजा करें और सफेद रंग के कपड़े पहनें।
आज क्या न करें: ऑफिस में गुस्सा करने से बचें।


मिथुन राशि


इस हफ्ते आपको सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत है। बेवजह की भागदौड़ की वजह से मन थोड़ा अशांत रह सकता है। नौकरी में काम का दबाव रहेगा। धन की स्थिति सामान्य रहेगी। भाई-बहनों से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। इसी वजह से अपनी जुबान पर लगाम रखें।
आज क्या करें: बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाएं।
आज क्या न करें: किसी को भी उधार देने से बचें।

 

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कर्क राशि


कर्क राशि वालों के लिए यह हफ्ता बेहद पॉजिटिव रहेगा। इच्छाओं को पूरा करने वाला साबित होगा। अटके हुए काम पूरे होंगे। ऑफिस में सीनियर्स का सहयोग मिलेगा। साझेदारी के बिजनेस में बड़ा लाभ हो सकता है। रुका हुआ धन वापस मिलने से आर्थिक पक्ष मजबूत होगा।
आज क्या करें: शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें।
आज क्या न करें: अपनी गुप्त योजनाएं या व्यावसायिक बातें किसी से शेयर न करें।


सिंह राशि


सिंह राशि के जातकों के लिए यह हफ्ता करियर में बड़ी सफलता लेकर आ रहा है। सरकारी क्षेत्र से जुड़े कामों में सफलता मिलेगी। व्यापारियों को कोई बड़ा टेंडर मिल सकता है।
आज क्या करें: प्रतिदिन सुबह सूर्य देव को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें।
आज क्या न करें: अति-आत्मविश्वास में आकर सहयोगियों का अनादर न करें।


कन्या राशि 


इस हफ्ते आपको भाग्य का साथ मिलेगा। धार्मिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। उच्च शिक्षा या विदेश से जुड़े काम करने वालों को अच्छी खबर मिलेगी। बिजनेस के नए काम लाभकारी साबित होंगे।
आज क्या करें: पक्षियों को दाना डालें और जरूरतमंदों की मदद करें।
आज क्या न करें: किस्मत के भरोसे बैठकर अपने जरूरी कामों को कल पर न टालें।


तुला राशि


तुला राशि वालों को इस सप्ताह थोड़ा संभलकर रहने की आवश्यकता है। ग्रहों की स्थिति उतार-चढ़ाव का संकेत दे रही है। ऑफिस में राजनीति का शिकार होने से बचें। बिजनेस के फैसले बहुत सोच-समझकर लें।
आज क्या करें: शुक्रवार को किसी कन्या को मिश्री या मीठी चीज दान करें।
आज क्या न करें: इस सप्ताह किसी भी नए काम की शुरुआत या बड़ा रिस्क न लें।

 

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वृश्चिक राशि


यह हफ्ता आपके वैवाहिक जीवन और व्यापारिक साझेदारियों के लिए अद्भुत रहने वाला है। आपके सोचे हुए काम समय पर पूरे होंगे। नए व्यापारिक संबंध बनेंगे, जो भविष्य में लाभ देंगे। नौकरी में आपके काम की सराहना होगी।
आज क्या करें: मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर में बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं।
आज क्या न करें: किसी भी विवादित मामले में गवाही देने  से बचें।


धनु राशि


धनु राशि वाले लोग अपने दुश्मनों को हरा पाएंगे। साथ ही पुरानी समस्याएं सुलझ सकती हैं। नौकरी करने वाले लोगों को ज्यादा काम करना होगा, जिसके बाद उन्हें मेहनत का मीठा फल मिलेगा।
आज क्या करें: गुरुवार के दिन केले के पेड़ की पूजा करें।
आज क्या न करें: किसी के भी साथ बातचीत में कड़वे शब्दों का प्रयोग न करें।


मकर राशि


मकर राशि के जातकों के लिए यह हफ्ता कला और शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर स्थापित करने वाला रहेगा। कुछ विद्यार्थियों का इस हफ्ते रिजल्ट आएगा।
आज क्या करें: शनिवार के दिन शनि चालीसा का पाठ करें और सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
आज क्या न करें: भावनाओं में बहकर कोई भी व्यावहारिक या व्यावसायिक निर्णय न लें।

 

 

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कुंभ राशि


इस हफ्ते आपका पूरा ध्यान सुख-सुविधाओं और पारिवारिक खुशियों पर रहेगा। ऑफिस में प्रोडक्टिव काम करने का मौका मिलेगा। रियल एस्टेट से जुड़े लोगों को बड़ा मुनाफा हो सकता है। घर की मरम्मत या नई गाड़ी खरीदने पर धन खर्च हो सकता है।
आज क्या करें: महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।
आज क्या न करें: घर के मामलों में बाहरी लोगों को दखल न देने दें।


मीन राशि


मीन राशि वालों के लिए यह हफ्ता आत्मविश्वास बढ़ाएगा। आपके बातचीत के कौशल की वजह से बिगड़े हुए काम भी बन जाएंगे। ऑफिस में आपकी प्लानिंग को हरी झंडी मिलेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। दोस्तों और भाइयों के सहयोग से धन कमाने के मौके मिलेंगे। पड़ोसियों और रिश्तेदारों के साथ रिश्ते अच्छे होंगे। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा।
आज क्या करें: भगवान विष्णु की आराधना करें और पीले रंग के फल दान करें।
आज क्या न करें: आलस को अपने ऊपर हावी न होने दें।


नोट: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। अपनी मेहनत पर विश्वास रखें और सकारात्मक सोच के साथ दिन का आनंद लें।

वीडी सतीशन ने ली शपथ, बने केरल के 13वें मुख्यमंत्री, मंत्री कौन हैं?


केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। वह केरल के 13वें मुख्यमंत्री बने हैं। उनके साथ 20 मंत्रियों ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। शपथ ग्रहण समारोह, तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में हुआ है। कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, गठबंधन के साथी, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी भी शपथ ग्रहण समारोह में नजर आए हैं।

केरल में कांग्रेस ने लेफ्ट की अगुवाई वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट को हराकर अपनी सरकार बनाई है। 140 सीटों वाले इस राज्य में यूनाइटेड डेमोक्रोटेटिक फ्रंट को 102 सीटों पर जीत मिली है। कांग्रेस ने सीएम चुनने में ही 10 से ज्यादा दिन लगा दिए थे। 

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शपथ ग्रहण में कौन-कौन शामिल हुआ?

वीडी सतीशन के शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हुईं। दिलचस्प बात यह है कि नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में वाम दल के नेता पिनराई विजयन भी शामिल हुए हैं। 

कांग्रेस खुश क्यों है?

दक्षिण भारतीय राज्यों में कांग्रेस का जनाधार बढ़ा है। एक राज्य में जनाधार खोकर भी कांग्रेस, सत्तारूढ़ गठबंधन हिस्सा बन गई है। कांग्रेस अब तीन दक्षिणी राज्यों में शासन कर रही है। कर्नाटक, तेलंगाना और केरल में कांग्रेस गठबंधन की सरकार है।  

वीडी सतीशन के साथ किन मंत्रियों ने शपथ ली है?

दो दिनों तक चले मंथन के बाद वीडी सतीशन ने शाम को लोक भवन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को 20 मंत्रियों की सूची सौंपी थी। कैबिनेट में रमेश चेन्निथला, के मुरलीधरन और एपी अनिल कुमार के साथ-साथ KPCC प्रमुख सन्नी जोसेफ भी शामिल हैं। रमेश चेन्नीथला भी मुख्यमंत्री पद की रेस में शामिल थे। IUML के वरिष्ठ नेता पीके कुन्हालीकुट्टी, RSP नेता शिबू बेबी जॉन, केरल कांग्रेस के नेता मॉन्स जोसेफ और केरल कांग्रेस (जैकब) के नेता अनूप जैकब भी नई कैबिनेट का हिस्सा हैं। 

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कौन हैं वीडी सतीशन?

वीडी सतीशन, लगातार 6 बार विधायक चुने गए हैं। वह केरल विधानसभा में नेता विपक्ष रह चुके हैं, अब वह मुख्यमंत्री बने हैं। साल 2001 में वह पहली बार विधायक बने, तब से अब तक, लगातार जीतते आए हैं। पारावुर विधानसभा, वीडी सतीशन का गढ़ है। 

दूनागिरी, अग्रय और संशोधक, 3 युद्धपोत जो बढ़ाएंगे नौसेना की ताकत, खूबियां समझिए


भारतीय नौसेना जल्द ही अपने बेड़े में तीन नए स्वदेशी युद्धपोत शामिल करने जा रही है। इनमें डुनागिरी, अग्रय और संशोधक नाम के जहाज शामिल हैं। इन तीनों की खास  बात यह है कि इन्हें पूरी तरह भारत में डिजाइन और तैयार किया गया है। इन युद्धपोतों के शामिल होने से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री ताकत और मजबूत होगी और इन तीनों को अलग-अलग कामों के लिए बनाया गया है। 

 

खास बात यह है कि इन जहाजों का निर्माण कोलकाता की सरकारी कंपनी ‘गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स’ ने किया है। यह कंपनी पिछले कुछ सालों में भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता का बड़ा केंद्र बनकर उभरी है। चीन की बढ़ती समुद्री गतिविधियों और हिंद महासागर में उसके प्रभाव को देखते हुए भारत लगातार अपने नौसैनिक बेड़े को आधुनिक बना रहा है और इसी रणनीति के तहत इन जहाजों को शामिल किया जा रहा है। 

 

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क्या है इन जहाजों की खासियत?

इन तीनों जहाजों की खासियत अलग अलग है और इन्हें अलग सैन्य जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। डुनागिरी एक आधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट है, जो दुश्मन की रडार प्रणाली से बचते हुए लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम है। वहीं अग्रय को समुद्र के उथले इलाकों में पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। संशोधक एक बड़ा सर्वे जहाज है, जिसका इस्तेमाल समुद्री नक्शे तैयार करने, गहराई मापने और नौसेना के लिए जरूरी समुद्री जानकारी जुटाने में होगा। इन तीनों जहाजों का एक साथ शामिल होना भारत की आत्मनिर्भर रक्षा नीति के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। 

डुनागिरी पर तैनात रह सकते हैं 225 सैनिक

डुनागिरी को प्रोजेक्ट 17ए के तहत बनाया गया है, जिसे भारतीय नौसेना का सबसे आधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट प्रोग्राम माना जाता है। करीब 45 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत कई अत्याधुनिक युद्धपोत बनाए जा रहे हैं। डुनागिरी इस सीरीज का पांचवां जहाज है। इसकी लंबाई लगभग 149 मीटर है और इसका वजन करीब 6670 टन है। यह जहाज ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल, बराक 8 एयर डिफेंस सिस्टम और आधुनिक रडार तकनीक से लैस है। यह समुद्र में 28 नॉट की रफ्तार से चल सकता है और इसमें करीब 225 नौसैनिक तैनात रह सकते हैं। युद्ध के दौरान यह जहाज दुश्मन के विमान, मिसाइल और पनडुब्बियों से मुकाबला करने में सक्षम होगा। 

 

भारतीय नौसेना के लिए यह स्टील्थ फ्रिगेट इसलिए भी अहम है क्योंकि इसमें करीब 75 प्रतिशत स्वदेशी उपकरण और तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसका मतलब यह है कि भारत अब युद्धपोत निर्माण में विदेशी तकनीक पर कम निर्भर होता जा रहा है। नौसेना के लिए यह बदलाव रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे न केवल रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी बल्कि भारतीय कंपनियों और इंजीनियरों को भी बड़े स्तर पर अवसर मिलेंगे। हाल के वर्षों में भारत ने युद्धपोत, मिसाइल और रक्षा तकनीक के क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है और डुनागिरी उसी दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। 

अग्रय में क्या खास है?

अग्रय की बात करें तो यह एक एंटी सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट है। इसे खास तौर पर समुद्र के उथले हिस्सों में पनडुब्बियों का पता लगाने और उन पर हमला करने के लिए तैयार किया गया है। यह जहाज करीब 77 मीटर लंबा है और इसमें आधुनिक सोनार सिस्टम, हल्के टॉरपीडो और रॉकेट लॉन्चर लगाए गए हैं। भारत के लिए ऐसे जहाजों की जरूरत इसलिए बढ़ी है क्योंकि हिंद महासागर में चीन की पनडुब्बियों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में अग्रय जैसे जहाज भारत की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे। 

 

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समुद्री सर्वे में मदद करेगा संसोधक

संशोधक एक बड़ा सर्वे जहाज है, जो समुद्री सर्वेक्षण और हाइड्रोग्राफिक मिशनों के लिए इस्तेमाल होगा। इसकी लंबाई करीब 110 मीटर है और यह गहरे समुद्र से लेकर बंदरगाहों तक का सर्वे करने में सक्षम है। इस जहाज में हेलीकॉप्टर संचालन की सुविधा भी दी गई है। जरूरत पड़ने पर इसे राहत और बचाव अभियान, अस्पताल जहाज और मानवीय सहायता मिशनों में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। नौसेना के लिए समुद्री नक्शे और गहराई की सटीक जानकारी बेहद जरूरी होती है और संशोधक इसी काम को और बेहतर बनाएगा। 

गर्मी में कम हो गया है त्वचा का ग्लो? इन तरीकों से लौटेगा चेहरा का नूर


गर्मी के मौसम में धूप, प्रदूषण और घंटों स्क्रीन देखने की वजह से त्वचा बेजान और रूखी नजर आती है। इन चीजों की वजह से त्वचा पर मुंहासे, फाइन लाइंस की समस्या होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इस मौसम में टेनिंग की समस्या होना आम बात है। कुछ लोग इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए घरेलू नुस्खें का इस्तेमाल करते हैं। कुछ लोग केमिकल बेस्ड प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है। इस वजह से किसी भी तरह के प्रोडक्ट के इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट जरूर करवाएं। 

 

अगर गर्मी में आपकी त्वचा भी डल और बेजान नजर आती हैं तो हम आपको कुछ टिप्स बता रहे हैं जिसकी मदद से त्वचा ग्लोइंग और चमकदार लगेगी। आपको अपने स्किन केयर रूटीन में इन टिप्स को शामिल करना है।

 

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गर्मी में त्वचा का कैसे रखें ख्याल

स्क्रब लगाना छोड़ें

 

अक्सर लोग त्वचा की डेड स्किन को हटाने के लिए स्क्रब करते हैं। स्क्रब करने से त्वचा में जमी गंदगी हट जाती है और चेहरा साफ हो जाता है लेकिन इससे रेडनेस की समस्या भी हो सकती है। आप त्वचा की चमक को बढ़ाने के लिए एएचए (AHA) और बीएचए (BHA) वाले केमिकल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें। ये चीजें त्वचा को हाइड्रेट रखती हैं। साथ ही ड्राइनेस की समस्या नहीं होती है। आप एचए और बीएचए टोनर या सीरम का इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

एंटी ऑक्सीडेंट का इस्तेमाल करें

 

त्वचा की चमक को बढ़ाने के लिए एंटी ऑक्सीडेंट का इस्तेमाल करें। एंटी ऑक्सीडेंट वाले प्रोडक्ट में विटामिन सी की मात्रा ज्यादा होता है जो काले धब्बे को हटाने में मदद करता है। रोजाना चेहरे पर विटामिन सी वाला सीरम लगा सकते हैं।

 

पर्याप्त नींद लें

 

अगर आप पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं लेते हैं तो चेहरे थका हुआ नजर आता है। पर्याप्त नींद लेने से त्वचा फ्रेश और ग्लोइंग नजर आता है। नींद लेने के दौरान शरीर खुद को रिपेयर मोड में डालता है। हर व्यक्ति को रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए।

 

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सनस्क्रीन लगाना न भूलें

 

सनस्क्रीन लगाना बेहद जरूरी है। सूरज की हानिकारक किरणें त्वचा में कोलेजन को कमजोर करती है और हाइपरपिगमेंटशन की समस्या को बढ़ाती है। आप त्वचा संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए एसपीएफ 30 या 50 युक्त सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।

17 मई से 15 जून अधिकमास रहेगा, विष्णु का यह महीना खास क्यों है?


हिन्दू पंचांग के मुताबिक, 17 मई से 15 जून तक अधिकमास रहने वाला है। इस महीने को पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, ज्येष्ठ मास 30 दिनों की बजाय 60 दिनों तक रहने वाला है, इसी वजह से इस महीने को अधिक मास कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, अधिकमास धार्मिक कार्यों को करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। यानी भगवान विष्णु का जाप और तप करना चाहिए ताकि भक्तों को इन कर्मों का दोगुना फल मिले।

 

अधिक मास का पूरा महीना भगवान विष्णु का महीना माना जाता है। इस महीने भगवान विष्णु का सिर्फ नाम लेने से ही भक्तों को दोगुना लाभ मिलता है। अब सवाल उठता है कि इस महीने भक्तों को क्या करना चाहिए, साथ ही सवाल उठता है कि इस महीने से जुड़ी पौराणिक मान्यता क्या है?

 

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अधिक मास से जुड़ी पौराणिक कथा

 

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, बहुत पहले इस महीने का कोई स्वामी नहीं था। इसी वजह से पहले लोग इस महीने कोई भी शुभ कार्य करने से बचते थे। जिस वजह से इस महीने को मलमास कहा जाता था, जिसका अर्थ नीरस होता है। हर महीने की तुलना में इस महीने को सबसे ज्यादा नकारात्मक माना जाता था।

 

जिसे देखकर मलमास बेहद दुखी था। उसने अपनी समस्या विष्णु जी को सुनाई, तो भगवान विष्णु ने उन्हें आशीर्वाद दिया। भगवान विष्णु ने कहा कि आगे से इस महीने को मलमास नहीं बल्कि पुरुषोत्तम मास कहा जाएगा। जो भी भक्त इस महीने सच्चे मन से पूजा-पाठ करेगा, उसे दोगुना फल मिलेगा।

 

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अधिकमास में क्या करें?


विधिवत पूजा – इस महीने भगवान विष्णु जी की विधि-विधान के अनुसार पूजा-पाठ करना चाहिए।
व्रत रखें – इस महीने भगवान विष्णु की खास कृपा सभी लोगों पर पड़ती है। इसी वजह से इस महीने सभी लोगों को एकादशी का व्रत रखना चाहिए।
मंत्रों का जाप – हिन्दू धर्म में मंत्रों का जाप बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस महीने मंत्रों का जाप करने से भक्तों के पाप मिट जाते हैं।
हर रोज दीपदान – इस महीने हर रोज सुबह-शाम अपने मंदिर में घी के दीपक जलाएं।
धार्मिक ग्रंथों का पाठ – धार्मिक ग्रंथों को पढ़ने से व्यक्ति का धार्मिक ज्ञान बढ़ता है।
दान दें – गरीबों और जरूरतमंद लोगों को दान देना चाहिए।


इस महीने क्या न करें?

अधिकमास आध्यात्म के लिए शुभ माना जाता है। फिर भी इस महीने कुछ कार्यों को करने से बचना चाहिए।
मांगलिक कार्य न करें – इस महीने मुंडन, गृह प्रवेश, शादी या नया घर खरीदने से बचना चाहिए।
मांस-मदिरा का सेवन वर्जित – इस महीने लोगों को मांसाहारी भोजन से बचना चाहिए। साथ ही जो लोग शराब पीते हैं, उन्हें इस पवित्र महीने में शराब का सेवन नहीं करना चाहिए।


डिस्क्लेमर – यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है। इसकी पुष्टि खबरगांव नहीं करता है।

‘कुंवारी लड़की चुप तो शादी के लिए हां है…’, तालिबान का नया फरमान


अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने एक नया कानून पास किया है। इस 31 आर्टिकल वाले कानून में सबसे बड़ी बात यह है कि अगर कोई ‘वर्जिन’ लड़की, प्यूबर्टी पर पहुंचने के बाद शादी के फैसले पर चुप रहती है तो उसकी इस खामोशी को ही उसकी सहमति यानी हां मान लिया जाएगा। तालिबान के सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने इस कानून को मंजूरी दी है। इसे मई के महीने के बीच में सरकारी गजट में छापा गया है। इस कानून का नाम ‘प्रिंसिपल्स ऑफ सेपरेशन बिटवीन स्पौसेस’ जिसका मतलब है कि पति-पत्नी के अलग होने के नियम में रखा गया है।

 

‘आमू टीवी’ के मुताबिक, चुप्पी को ‘हां’ मानने का यह नियम सिर्फ कुंवारी लड़कियों पर ही लागू होगा। अगर कोई लड़का शादी के प्रस्ताव पर चुप रहता है या फिर कोई ऐसी महिला चुप रहती है जिसकी पहले शादी हो चुकी हो तो उनकी चुप्पी को सहमति नहीं मानी जाएगा। इस कानून में ‘खियार अल-बुलूग’ नियम का भी जिक्र है। इसके तहत अगर किसी बच्चे की शादी बचपन में हुई थी तो वह बड़ा होने पर उसे खारिज करने की मांग कर सकता है लेकिन इसके लिए उसे तालिबान की अदालत से आदेश लेना होगा।

 

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रिश्तेदारों के अधिकार क्या हैं?

कानून के आर्टिकल 5 में लिखा है कि अगर पिता या दादा को छोड़कर परिवार का कोई दूसरा रिश्तेदार किसी नाबालिग बच्चे की शादी कराता है तो वह शादी तभी मानी जाएगी जब लड़का-लड़की का स्टेटस यानी दर्जा एक जैसा हो और शादी की रकम बिल्कुल सही तय हुई हो। अगर स्टेटस बराबर नहीं है या शादी की रकम में कोई गड़बड़ी है तो वह शादी कैंसल मानी जाएगी।

 

पिता और दादा को शादी कराने के बड़े अधिकार हैं लेकिन अगर ये गार्जियन बच्चों के साथ बुरा बर्ताव करते हैं दिमागी रूप से बीमार हैं या उनका खुद का कैरेक्टर ठीक नहीं है, तो उनके जरिए तय की गई शादी को कोर्ट रद्द कर सकता है।

कोर्ट के नियम क्या हैं?

यह कानून तालिबान के जजों को पति-पत्नी के पर्सनल मामलों में दखल देने के बड़े अधिकार देता है। अगर कोई इस्लाम छोड़ता है या कोई पति लंबे समय तक गायब रहता है तो जज उनके अलग होने का फैसला सुना सकते हैं। इसके अलावा अवैध संबंध के आरोपों और जिहार यानी पत्नी की तुलना मां-बहन से करने की प्रथा जैसे मामलों में भी जजों को फैसला सुनाने और सजा देने का पूरा हक है।

 

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दुनिया क्या कह रही है?

अगस्त 2021 में सत्ता में आने के बाद से तालिबान ने लड़कियों की पढ़ाई यानी छठी क्लास से आगे और महिलाओं के नौकरी करने या अकेले बाहर घूमने पर पहले से ही रोक लगा रखी है। अंतरराष्ट्रीय संगठन इसे जैंडर अपार्थाइड कह रहे है यानी कानून और नियमों के जरिए महिलाओं को उनके हकों से पूरी तरह अलग कर देना।

 

गर्ल्स नॉट ब्राइड्स के मुताबिक अफगानिस्तान में करीब वन-थर्ड लड़कियों की शादी 18 साल से कम उम्र में होती है। पॉलिटिकल कमेंटेर फहीमा मोहम्मद ने न्यूज कॉर्प से कहा कि बच्चे सही फैसला नहीं ले सकते इसलिए बच्चों की शादी गलत है और लड़की की चुप्पी को हां समझना उनकी आवाज को दबाना है। उन्होंने यह भी कहा कि कुराण महिलाओं के साथ ऐसी जबरदस्ती की इजाजत नहीं देता इसलिए इस्लामी कानून को नहीं मानना चाहिए।

6 राज्य, कई रेड, गिरफ्तारी, NEET पेपर लीक में NTA नेटवर्क का पर्दाफाश कैसे हुआ?


NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने NTA की पेपर सेटिंग कमिटी की दूसरी सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है। पुणे की सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मांढरे को गिरफ्तार किया गया है। CBI के अनुसार, NTA नेमनीषा मंधारे को एक्सपर्ट के रूप में नियुक्त किया था। उनके पास बॉटनी और जूलॉजी के सवालों की पूरी जानकारी थी। 

अप्रैल महीने में उन्होंने अपने पुणे स्थित घर पर कोचिंग क्लासेस चलाई। को-आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से छात्रों को इकट्ठा किया और परीक्षा के सवाल उन्हें बता दिए। CBI ने कहा कि क्लास में जो सवाल पढ़ाए गए, उनमें से ज्यादातर असली NEET पेपर में आए।

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किसने लीक किया NTA का पेपर?

रिटायर्ड केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया गया था, अब उन्हें 10 दिनों की रिमांड पर भेजा गया है। मनीषा मंधारे ने भी उसी तरीके का इस्तेमाल किया। अब तक की जांच में पता चला है कि केमिस्ट्री का पेपर कुलकर्णी ने लीक किया और बॉटनी-जूलॉजी का पेपर मंधारे ने। दोनों NTA के आंतरिक समिति के ही लोग थे।

CBI ने अब तक क्या किया है?

CBI की टीम अब पूरी पेपर सेटिंग कमिटी और NTA के सीनियर अधिकारियों की जांच कर रही है। अगले कुछ दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। मनीषा वाघमारे, पुणे की ब्यूटी पार्लर चलाती है, छात्रों को कोचिंग के लिए भर्ती करती थीं। 

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6 राज्यों तक फैला पेपर लीक

पेपर लीक 27 अप्रैल से पहले हो चुका था, जबकि परीक्षा 3 मई को हुई। लीक हुए पेपर हैंडरिटेन और टाइप्ड दोनों रूपों में बाहर आए। इसके बाद यह मध्यस्थों के जरिए 6 राज्यों तक फैला। 

लाखों रुपये देकर हासिल किए सवाल

छात्रों ने लाखों रुपये देकर ये सवाल हासिल किए। अब तक 9 लोगों को पांच राज्यों से गिरफ्तार किया जा चुका है। CBI ने कहा है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से चल रही है। इस लीक के कारण 22 लाख से ज्यादा छात्रों को परीक्षा दोबारा देनी पड़ सकती है।

हर 2 घंटे पर खाने की आदत, सेहत के लिए नुकसानदायक है समझिए कैसे?


हमने अक्सर सुना है कि हर व्यक्ति को हर 2 से 3 घंटे पर थोड़ा-थोड़ा खाना चाहिए। ऐसा करने से आपका पेट भी लंबे समय तक भरा रहता है और दिन भर एनर्जी भी महसूस होती है। ऑफिस जाने वाले स्नैक बॉक्स लेकर जाते हैं, जिम जाने वाले अपने पास प्रोटीन बार रखते हैं ताकि शरीर में दिन भर एनर्जी रहे। साथ ही मेटाबॉलिज्म भी बूस्ट होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं हर कुछ देर पर खाने की आदत सेहत के लिए नुकसानदायक है। 

 

विशेषज्ञों के मुताबिक ज्यादातर लोगों को नहीं पता है कि वे कितनी मात्रा में क्या खा रहे हैं? बार-बार खाने से शरीर में शुगर का लेवल बढ़ता है, पेट संबंधी समस्या बढ़ती है और वजन घटाने में भी दिक्कत महसूस होता है। 

 

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हर 2 घंटे पर खाना कितना फायदेमंद?

ज्यादातर लोगों को लगता है कि हर 2 घंटे पर खान से ओवरईटिंग की समस्या नहीं होती है, एनर्जी बनी रहती है और आपको बार-बार भूख नहीं लगती है। ऐसा करने से मेटाबॉलिज्म भी बूस्ट होता है। US National Institutes of Health के मुताबिक हम कितनी कैलोरी ले रहे हैं और किस तरह का खाना खा रहे हैं। ये चीजें ज्यादा प्रभावित करती है। कई रिसर्च में इस बात की पुष्टि हुई है कि बार-बार खाना ज्यादातर लोगों के लिए फायदेमंद नहीं होता है। आपको अपनी डाइट में नट्स, फ्रूट्स, घर का बना खाना शामिल करना चाहिए। जबकि ज्यादातर लोग पैकेट वाले स्नैक्स, शुगर वाली ड्रिंक्स, बिस्किट और प्रोसेस्ड फूड को शामिल करते हैं। ये चीजें सेहत के लिए नुकसानदायक है।

बार-बार खाने से कैलोरी बढ़ती है

अगर आप बार-बार खाना खाते हैं तो शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ती है। इस कैलोरी की वजह से वजन बढ़ाता है। ओवरईटिंग का कारण माइंडलेस ईटिंग है।

इंसुलिन को ब्रेक नहीं मिलने पर क्या होता है

जब भी कार्बोहाइड्रेट और शुगर वाली चीजों  को खाने से शुगर का लेवल बढ़ता है। तब शरीर इंसुलिन की मदद से शुगर को कोशिकाओं में भेजता है। यहां पर इंसुलिन मुद्दा नहीं है लेकिन दिक्कत तब होती है जब आप बार-बार ऐसा करते हैं। 

 

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पाचन तंत्र को भी आराम चाहिए

बार-बार खाने की वजह से पेट फूलना, पेट दर्द की समस्या हो सकती है। हमारे शरीर को खाना खाने के बाद आराम की जरूरत होती है ताकि खाना अच्छे से पच सके। अगर बार-बार खाना खाएंगे तो पेट संबंधी बीमारियां हो सकती हैं।

कोर्ट के फैसले के बाद कैसे हुई ‘भोजशाला’ में पूजा, लोगों ने क्या कहा?


मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला मंदिर में हजारों भक्त दर्शन करने पहुंचे हैं। आज से मंदिर में विधि-विधान से पूजा होगी। यह मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के बाद संभव हो पाया है। पिछले कई सालों से मंदिर को लेकर विवाद चल रहा था, जहां एक तरफ हिन्दू पक्ष के लोगों का दावा था कि यह मां सरस्वती जी यानी वाग्देवी का प्राचीन मंदिर है, वहीं दूसरी तरफ मुस्लिम पक्ष का दावा था कि यह कमाल मौला मस्जिद है। इसी विवाद को लेकर 15 मई को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया। इस फैसले के तहत भोजशाला परिसर को मां सरस्वती जी का मंदिर माना गया है। वहीं मुस्लिम पक्ष को दूसरी जमीन दिए जाने की बात कही गई है।

 

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले के मुताबिक अब भोजशाला मंदिर में केवल पूजा की जाएगी। जानकारी के लिए बता दें कि साल 2003 में एएसआई (Archaeological Survey of India) ने फैसला लिया था कि इस परिसर में पूजा और नमाज दोनों होंगी। इससे दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बनी रहती थी। इसी वजह से अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एएसआई के उस फैसले को रद्द कर दिया।

 

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भोजशाला मंदिर को लेकर विवाद

 

साल 2000 में एएसआई (Archaeological Survey of India) ने मंदिर परिसर की खुदाई की थी ताकि इसके इतिहास का पता लगाया जा सके। एएसआई (ASI) को खुदाई में मूर्तियां, संस्कृत और प्राकृत शिलालेख, साथ ही अरबी-फारसी अभिलेख मिले थे। इसके बाद साल 2003 में एएसआई ने फैसला लिया था कि मंगलवार के दिन हिन्दू पक्ष पूजा कर सकेगा, जबकि शुक्रवार के दिन मुस्लिम पक्ष नमाज अदा कर सकेगा।

 

इसके बाद साल 2022 में हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस और भोज उत्सव समिति ने कोर्ट में याचिका दायर की। इस याचिका में मांग की गई थी कि एएसआई (ASI) की वैज्ञानिक जांच दोबारा कराई जाए। इसके बाद 2024 में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एएसआई (ASI) सर्वे का आदेश दिया। इसी सर्वे के आधार पर कोर्ट ने भोजशाला परिसर को मंदिर माना है।

 

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कोर्ट के फैसले पर लोगों की प्रतिक्रिया


इस फैसले के बाद हिन्दू और मुस्लिम पक्ष की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। एक तरफ हिन्दू भक्त मंदिर परिसर में बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं। साथ ही कई महिलाएं मंदिर में पूजा-अर्चना कर रही हैं।

 

दूसरी तरफ कई मुस्लिम लोग कोर्ट के फैसले से खुश नहीं हैं। एक व्यक्ति ने कहा, ‘हम लोग कोर्ट के इस फैसले से सहमत नहीं हैं। कोर्ट ने एएसआई की जांच के आधार पर फैसला सुनाया है, जबकि हमें पहले से ही उस जांच पर भरोसा नहीं था।’