
महराजगंज में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को एक पत्र सौंपा है। प्रदेश उपाध्यक्ष और जिलाध्यक्ष छाया भारती ने यह पत्र दिया है। इसमें 2500 रुपये की प्रोत्साहन राशि को मूल मानदेय में शामिल करने की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार की ओर से मिली पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा और यूनिफॉर्म के लिए 500 रुपये की बढ़ोतरी के फैसले के लिए आभार भी जताया। पत्र में मांग की गई है कि हाल ही में बढ़ाई गई 2500 रुपये की प्रोत्साहन राशि को मूल मानदेय में जोड़ा जाए। इससे इसका भुगतान हर महीने नियमित रूप से हो पाएगा। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पहले से मिल रही प्रोत्साहन राशि का भुगतान कई जिलों में नियमित नहीं होता। कई कार्यकर्ताओं की कई महीनों की राशि अभी भी अटकी हुई है। इसके अलावा, पोषण ट्रैकर के जरिए केंद्र चलाने के लिए लागू की गई जीपीएस व्यवस्था को हटाने की भी मांग की गई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की दिक्कत रहती है। साथ ही, आर्थिक परेशानियों के कारण मोबाइल रिचार्ज कराना भी मुश्किल होता है। विभागीय बैठकों, ट्रेनिंग और दूसरे सरकारी कामों के लिए केंद्र से बाहर रहने पर भी जीपीएस व्यवस्था से दिक्कत होती है। पत्र में यह भी मांग की गई है कि अटकी हुई प्रोत्साहन राशि का जल्द भुगतान किया जाए और जीपीएस व्यवस्था को खत्म किया जाए।
2500 रुपये मूल मानदेय में शामिल करने की मांग:आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने GPS हटाने और लंबित प्रोत्साहन राशि के भुगतान की भी मांग
देवीपाटन मंडल के 4 शिक्षक राज्य पुरस्कार से सम्मानित:श्रावस्ती की अमिता टंडन भी शामिल, खास समारोह में किया गया सम्मान
देवीपाटन मंडल के चारों जिलों के उन शिक्षकों को सम्मानित किया गया, जिन्हें ‘राज्य अध्यापक पुरस्कार 2025’ मिला है। ‘पुरस्कृत शिक्षक वेलफेयर सोसायटी, उत्तर प्रदेश’ की देवीपाटन मंडल इकाई ने एक खास समारोह आयोजित कर यह सम्मान दिया। समारोह में मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी थीं। उन्होंने सम्मानित शिक्षकों को प्रमाण पत्र, शॉल, मेडल और स्मृति चिह्न दिए। उन्होंने कहा कि राज्य अध्यापक पुरस्कार मिलना एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इस सम्मान की गरिमा बनाए रखना उससे भी बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षकों से शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर काम करने को कहा। इन चार शिक्षकों को सम्मान मिला: श्रावस्ती: अमिता टंडन (प्राथमिक विद्यालय राजापुर रानी, विकास क्षेत्र हरिहरपुर) बहराइच: प्रीति मिश्रा (पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय बेलवापदुम, पयागपुर) बलरामपुर: सलमा खान (आदर्श नगर स्थित कंपोजिट विद्यालय) गोंडा: सुनीत मित्र पाण्डेय (प्राथमिक विद्यालय गोकुल, नवाबगंज) समारोह के दौरान राजा पयागपुर ने भी सभी सम्मानित शिक्षकों को भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का चित्र और पेन भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का बेहतरीन संचालन कृष्ण मोहन शुक्ला ने किया। जिला मंत्री पूरनलाल चौधरी ने मेहमानों का स्वागत किया। सोसायटी के संरक्षक बलदेव प्रसाद पाण्डेय ने सभी का धन्यवाद देते हुए इसे पूरे शिक्षक समाज के लिए गर्व की बात बताया। मंडल अध्यक्ष मुनव्वर मिर्ज़ा ने कहा कि यह सम्मान पूरी शिक्षक बिरादरी का सम्मान है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राधा कृष्ण पाठक की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम हुआ। इसमें धर्मेंद्र कुमार सिंह, विवेक पटेल, आशुतोष आजाद, आँचल श्रीवास्तव, केशव राम, काशीनाथ पाण्डेय, सत्यनारायण गुप्त, केशरी कुमार शर्मा, सत्यदेव मिश्रा, शेष कुमार पाण्डेय, दिनेश कुमार, आनन्द मोहन मिश्र और बृजेश तिवारी सहित कई गणमान्य लोग और शिक्षक मौजूद थे।
अफगानिस्तान के खिलाफ जीत से मिली राहत, लेकिन इन कमजोरियों ने बढ़ाई चिंता; टीम इंडिया को करना होगा सुधार
दिल्ली में अफगानिस्तान के विरुद्ध खेले गए प्रथम टी20 अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने 7 विकेट से एकतरफा जीत दर्ज की। पहले गेंदबाजी करते हुए भारत ने मेहमान टीम को 20 ओवरों में 8 विकेट पर 156 रनों के स्कोर पर रोक दिया। इसके जवाब में सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की आक्रामक पारी के दम पर भारत ने 13.4 ओवरों में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। अभिषेक ने 32 गेंदों में 82 रन ठोके। यद्यपि भारत ने मुकाबला आसानी से जीत लिया, परंतु इस मैच ने आगामी प्रतियोगिताओं से पूर्व टीम प्रबंधन के सामने पांचवें गेंदबाज और शीर्ष क्रम के संयोजन को लेकर कुछ अहम सवाल खड़े कर दिए हैं।
भारत की पाँच प्रमुख ताकतें
1. चार मुख्य गेंदबाजों की कसी हुई गेंदबाजी भारत के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू चार प्रमुख गेंदबाजों—जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती का प्रदर्शन रहा। इन चारों ने मिलकर 96 गेंदों में 57 डॉट गेंदें फेंकी। बुमराह ने वापसी करते हुए 1/26 का स्पैल डाला, जबकि अर्शदीप ने 3/19 लेकर अफगान बल्लेबाजी की रीढ़ तोड़ दी।
2. विपक्षी बल्लेबाजों के छक्कों पर लगाया अंकुश टी20 प्रारूप में बाउंड्री रोकना बेहद महत्वपूर्ण होता है और भारतीय गेंदबाजों ने अफगानिस्तान की ओर से पूरी पारी में केवल सात छक्के ही लगने दिए। बुमराह की सटीक लेंथ और अर्शदीप की यॉर्कर गेंदों ने बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
3. अभिषेक शर्मा का तूफानी अर्धशतक अभिषेक शर्मा ने मात्र 32 गेंदों पर 82 रनों की आतिशी पारी खेली, जिसमें 7 चौके और 7 छक्के शामिल थे। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने बिना किसी नेट रन रेट के दबाव के लक्ष्य को हासिल कर लिया।
4. लक्ष्य का पीछा करने में आक्रामक दृष्टिकोण 157 रनों के लक्ष्य के सामने भारतीय शीर्ष क्रम ने आक्रामक रवैया अपनाया और शुरू से ही जोखिम उठाने में झिझक नहीं दिखाई, जो आधुनिक टी20 क्रिकेट की मांग है।
5. बुमराह की वापसी से गेंदबाजी को मिली मजबूती लगभग छह महीने बाद टी20 प्रारूप में लौटे जसप्रीत बुमराह की मौजूदगी से गेंदबाजी आक्रमण को अनुभव और विविधता दोनों प्राप्त हुई, जो आगामी बड़े टूर्नामेंटों के दृष्टिकोण से राहत की खबर है।
चार बड़ी कमजोरियां जिन पर सुधार अनिवार्य
1. पांचवें गेंदबाज का विकल्प साबित हुआ बेअसर भारत की मुख्य चिंता पांचवें गेंदबाज को लेकर रही। नीतीश कुमार रेड्डी और शिवम दुबे ने मिलकर 3 ओवरों में 51 रन लुटाए, यानी औसतन 17 रन प्रति ओवर। इसके विपरीत, बाकी चार मुख्य गेंदबाजों का संयुक्त इकॉनमी रेट मात्र 6.56 रहा।
2. शुरुआती झटकों के बाद विरोधी टीम को वापसी का मौका देना एक समय अफगानिस्तान का स्कोर 43 रन पर 5 विकेट था। भारत के पास उन्हें कम स्कोर पर समेटने का अवसर था, किंतु अजमतुल्लाह ओमरजई (64 रन) की पारी के कारण वे 156/8 तक पहुँचने में सफल रहे।
3. अंतिम ओवर में लुटाए 21 रन पारंपरिक रूप से अंतिम ओवर फेंकने आए शिवम दुबे को ओमरजई और मुजीब उर रहमान ने आड़े हाथों लिया और 20वें ओवर में 21 रन बटोर लिए। डैथ ओवरों में यह ढिलाई बड़े मैचों में भारी पड़ सकती है।
4. संजू सैमसन का फिर से असफल होना पारी की शुरुआत करने आए अनुभवी संजू सैमसन केवल 10 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन जैसे विकल्पों की मौजूदगी में सैमसन पर अपनी उपयोगिता साबित करने का दबाव बढ़ गया है।
संतुलन और पांचवें गेंदबाज का चयन बना पहेली
हार्दिक पांड्या की गैरमौजूदगी में पांचवें गेंदबाज के कोटे को पूरा करना टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। यदि नीतीश और दुबे गेंद से निरंतरता नहीं दिखा पाते हैं, तो वॉशिंगटन सुंदर को शामिल करने पर विचार किया जा सकता है। दिल्ली में मिली यह जीत भले ही शानदार हो, परंतु आगामी कठिन मुकाबलों से पूर्व पांचवें गेंदबाज और बल्लेबाजी क्रम के संतुलन को दुरुस्त करना प्रबंधन की प्राथमिकता होगी।
एक साल पहले बनी सड़क पहली बारिश में टूटी:ग्रामीणों में नाराजगी, गुणवत्ता पर उठे सवाल; आधा दर्जन गांवों को जोड़ती है सड़क
श्रावस्ती जिले के जमुनहा ब्लॉक में नासिरगंज से जोगिया को जोड़ने वाली सड़क पिछले साल ही डामर की बनी थी। लेकिन, पहली बारिश के बाद ही सड़क के पत्थर उखड़ने लगे हैं। इससे यह रास्ता धीरे-धीरे पूरी तरह खराब होता जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में काफी नाराजगी है। यह सड़क आधा दर्जन से ज्यादा गांवों को जोड़ती है। यह बाढ़ वाला इलाका होने की वजह से इस रास्ते पर काफी लोग आते-जाते हैं। रोजाना स्कूली बच्चे, किसान और मजदूर इसी रास्ते से गुजरते हैं। सड़क खराब होने से इन सभी लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। स्थानीय राहगीर वसीम, सूरज, अजय और सिराज खान ने सड़क की खराब हालत पर चिंता जताई है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द इसकी मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले साल बनी सड़क का पहली बारिश में ही उखड़ना इसके निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाता है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से सड़क की जांच कराकर अच्छी मरम्मत कराने की मांग की है।
AI के मामले में ट्रंप की राय बदली, चीन से प्रभावित तो कनाडा को बताया मुश्किल
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आयरलैंड से वापसी के दौरान 'एयर फोर्स वन' विमान में पत्रकारों से बातचीत करते हुए चीन, कनाडा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और व्यापारिक नीतियों समेत कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय और कूटनीतिक विषयों पर खुलकर विचार साझा किए।
चीन के साथ संबंध और जासूसी पर बयान
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के व्यवहार को उचित बताते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने भी चीन के साथ उचित व्यवहार किया है। चीन द्वारा अमेरिका की जासूसी किए जाने के सवाल पर उन्होंने बेबाकी से स्वीकार किया कि चीन अमेरिका की जासूसी करता है, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि अमेरिका भी चीन की जासूसी करता है। व्यापारिक मोर्चे पर अपनी टैरिफ नीति का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि चीनी सामानों पर 100 से 150 प्रतिशत तक भारी टैरिफ लगाकर उन्होंने अमेरिकी बाजार को चीनी कारों की बाढ़ से बचाया है, जिससे अमेरिका यूरोप जैसी खराब स्थिति में फंसने से बच गया। बोइंग विमानों के सौदे को लेकर उन्होंने विश्वास जताया कि वे इस डील को भी सफलतापूर्वक पूरा कर लेंगे।
कनाडा के साथ कामकाजी रिश्तों पर नाराजगी
रूस और चीन की तुलना करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनसे निपटना उतना मुश्किल नहीं है, जितना कनाडा के साथ काम करना है। उन्होंने कनाडा को सबसे कठिन देश करार दिया, हालांकि वहां के नागरिकों को शानदार बताते हुए स्पष्ट किया कि असली समस्या कनाडा के नेताओं के साथ है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि कनाडा ने लंबे समय तक अमेरिका का आर्थिक फायदा उठाया है, लेकिन अब उनके नेतृत्व में स्थितियां बदल चुकी हैं और कनाडा समझौता करने के लिए बेहद उत्सुक है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और व्यक्तिगत उपयोग
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र पर बात करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि इस तकनीक में अमेरिका अन्य देशों से काफी आगे है। जब उनसे यह पूछा गया कि क्या वे व्यक्तिगत जीवन में एआई का उपयोग करते हैं, तो उन्होंने इसके इस्तेमाल की बात तो स्वीकार की, लेकिन व्यक्तिगत रूप से वे इसका उपयोग किस काम के लिए करते हैं, यह बताने से साफ इनकार कर दिया।
वाल्टरगंज में गणेश प्रतिमा स्थापित:श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, बक्सई घाट पर होगा विसर्जन
गणेश चतुर्थी के मौके पर सदर ब्लॉक के वाल्टरगंज में भक्तिमय माहौल है। यहां श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम शुरू किए। सोमवार शाम से ही पूजा पंडालों में वैदिक मंत्रोच्चार और आरती के साथ भगवान गणेश का आह्वान किया गया। इसके बाद से ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। प्रतिदिन सुबह-शाम होने वाली आरती में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, महिलाएं और बच्चे शामिल होकर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। भक्ति भजनों और जय श्री गणेश के जयकारों से पूरा वाल्टरगंज भक्तिमय हो उठा है। आयोजन समिति के सदस्य संतोष कुमार वर्मा, ध्रुव गुप्ता, श्याम सोनी, अमन अग्रहरि, अमरजीत पटवा, अभिनाश अग्रहरि, आकाश अग्रहरि और वैभव ने बताया कि गणेश उत्सव को लेकर युवाओं और ग्रामीणों में काफी उत्साह है। पूजा पंडाल को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया गया है। उत्सव के दौरान प्रतिदिन शाम को धार्मिक कार्यक्रम किए जा रहे हैं। उत्सव के समापन पर भगवान गणेश की प्रतिमा की शोभायात्रा गाजे-बाजे के साथ निकाली जाएगी। इसके बाद बक्सई घाट पर प्रतिमा विसर्जित की जाएगी।
भारतीय शेयर बाजार का शानदार प्रदर्शन! सेंसेक्स 75,000 के पार, जानें तेजी की बड़ी वजह
मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने दमदार बढ़त के साथ कारोबार किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों ने निवेशकों के मन में अनिश्चितता उत्पन्न की थी, परंतु इसके बावजूद सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में लगभग 0.8 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई। इस दौरान आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) इंडेक्स 3 प्रतिशत से अधिक की उछाल के साथ शीर्ष पर रहा।
इससे पहले शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को घरेलू बाजारों में गिरावट के साथ शुरुआत हुई थी, लेकिन बाद में चुनिंदा बड़े शेयरों में हुई खरीदारी के बल पर बाजार ने वापसी की। हालांकि, वह तेजी सीमित दायरे तक ही सीमित रही और सूचकांक मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए थे।
भारतीय बाजारों ने चुनौतियों के बीच दिखाया दम
मंगलवार के सत्र में सेंसेक्स 200 से अधिक अंकों की छलांग लगाकर 75,005.46 के स्तर पर पहुँच गया। वहीं, निफ्टी भी मजबूती दिखाते हुए 23,450 के आंकड़े को पार कर 23,450.85 पर बंद हुआ। वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद घरेलू निवेशकों की लिवाली से बाजार में तेजी का माहौल बना रहा।
पिछले सत्र में कैसा था बाजार का प्रदर्शन?
इससे पूर्व 11 सितंबर 2026 को शेयर बाजार गैप-डाउन खुलने के बाद संभलने में सफल रहा था। दिग्गज कंपनियों के शेयरों में निचले स्तरों पर हुई खरीदारी ने शुरुआती नुकसान को काफी हद तक कम कर दिया था। इसके बावजूद समग्र बाजार में मिला-जुला रुझान बना रहा और बैंक निफ्टी मामूली बढ़त दर्ज करने में सफल रहा था।
वैश्विक बाजारों की स्थिति
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। एशियाई और अमेरिकी वायदा बाजारों में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव दर्ज नहीं किया गया। जापान का टॉपिक्स सूचकांक लगभग स्थिर बना रहा, जबकि ऑस्ट्रेलिया के एसएंडपी/एएसएक्स 200 में 0.9 प्रतिशत और हांगकांग के हैंग सेंग में 0.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। शंघाई कंपोजिट में सीमित दायरे में कारोबार हुआ, वहीं यूरोपीय बाजारों (यूरो स्टॉक्स 50 वायदा) में 0.3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
ग्वालियर में लंपी का खौफ, 16 गायों की मौत के बाद प्रशासन की तैयारियों पर सवाल
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में लंपी वायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे पशुपालकों और स्थानीय लोगों में गहरी चिंता का माहौल है। इस वायरस की चपेट में आने से मवेशियों की लगातार हो रही मौतों ने नगर निगम की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वृंदावन गौशाला में गोवंश की मौत
यह पूरा मामला ग्वालियर के रतनगढ़ स्थित वृंदावन गौशाला का है। यहां लंपी वायरस की चपेट में आने से अब तक 16 गोवंश की मौत हो चुकी है, जबकि आइसोलेशन सेंटर में भी 42 मवेशियों के दम तोड़ने की जानकारी सामने आई है। सनातन सेना ने नगर निगम प्रशासन पर आरोप लगाया है कि बीमार गोवंश को समय पर उचित इलाज और देखभाल नहीं मिलने के कारण उनकी स्थिति लगातार गंभीर हो रही है।
नगर निगम हुआ सक्रिय
गोवंश की लगातार हो रही मौतों के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया है। निगम द्वारा बीमार गायों को तुरंत आइसोलेशन सेंटर तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त गाड़ियों की व्यवस्था की गई है। नगर निगम के उपायुक्त का कहना है कि स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए वे रोजाना गौशाला का दौरा कर रहे हैं और वहां की व्यवस्थाओं, इलाज तथा देखभाल की कड़ी निगरानी रख रहे हैं।
लंपी वायरस के मुख्य लक्षण
पशुओं में लंपी वायरस के संक्रमण को समय रहते पहचानने के लिए निम्नलिखित लक्षणों पर विशेष ध्यान देना चाहिए:
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तेज बुखार
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त्वचा पर गांठें या चकत्ते उभरना
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पशु की नाक और आंख से पानी बहना
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अत्यधिक सुस्ती और कमजोरी आना
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दूध उत्पादन में भारी कमी होना
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मुंह में छाले पड़ना और लगातार लार टपकना
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गर्भवती पशुओं में गर्भपात की आशंका होना
बाबर आजम को बचाएगा PCB या होगी टीम की सफाई? 0-3 की हार के बाद पाकिस्तान में मंथन तेज
इंग्लैंड के विरुद्ध हालिया टेस्ट शृंखला में 0-3 से मिली करारी शिकस्त के बाद पाकिस्तान के लिए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल में पहुँचने के सभी रास्ते लगभग बंद हो चुके हैं। जब से डब्ल्यूटीसी प्रारूप की शुरुआत हुई है, तब से पाक टीम तालिका के शीर्ष-तीन में भी स्थान नहीं बना पाई है। इंग्लैंड के हाथों क्लीन स्वीप होने के पश्चात टीम अंक तालिका में सबसे निचले यानी नौवें स्थान पर खिसक गई है, जिससे उसके टेस्ट क्रिकेट के भविष्य और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।
शृंखला समाप्त होते ही बिखरी टीम, खिलाड़ियों के रास्ते हुए अलग
इंग्लैंड में मिली करारी हार के तुरंत बाद पाकिस्तानी दल पूरी तरह बिखर गया है। कुछ खिलाड़ी कैरिबियन टी20 लीग में भाग लेने चले गए हैं, तो कुछ इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलने में व्यस्त हो गए हैं। वहीं दिग्गज बल्लेबाज बाबर आजम वर्षों बाद घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वापसी करने की तैयारी कर रहे हैं। इंग्लैंड दौरे के दो सप्ताह के भीतर ही आधी टीम बदल गई; कार्यवाहक कप्तान को बाहर कर दिया गया, विकेटकीपर को कानूनी जांच हेतु स्वदेश बुला लिया गया और सपोर्ट स्टाफ को भी बदल दिया गया है।
भविष्य की टीम संरचना को लेकर गहराया अनिश्चितता का संकट
इंग्लैंड दौरे के पश्चात पाकिस्तान के सामने सबसे बड़ी चुनौती एक संतुलित टेस्ट टीम का गठन करना है। यह अभी तक अस्पष्ट है कि बाहर किए गए खिलाड़ियों में से कितनों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई और कितनों को खराब फॉर्म के कारण हटाया गया। मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक के निकट भविष्य में टीम की योजनाओं से बाहर रहने की संभावना है।
सलमान अली आगा का उदाहरण पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट के गिरते स्तर के अंतर को दर्शाता है। इंग्लैंड दौरे पर फ्लॉप रहने के बाद टीम से बाहर किए गए सलमान ने स्वदेश लौटते ही घरेलू मैच में नाबाद तिहरा शतक जड़ दिया। यह स्थिति दर्शाती है कि पाक के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर के बीच भारी अंतर आ चुका है।
अजान अवैस और सऊद शकील से कुछ उम्मीदें बाकी
टीम के इस निराशाजनक दौर में भी कुछ युवा खिलाड़ियों ने उम्मीदें जगाई हैं। अजान अवैस ने मिले सीमित अवसरों में अपनी तकनीक से प्रभावित किया। वहीं सऊद शकील ने शॉर्ट गेंदों के विरुद्ध अपने खेल में सुधार के संकेत दिए हैं। इसके अलावा अब्दुल्ला शफीक के घरेलू आंकड़े बेहतरीन रहे हैं, जो संघर्षरत मध्यक्रम को मजबूती प्रदान कर सकते हैं।
बाबर आजम के प्रदर्शन पर बहस जारी, परंतु विकल्प का अभाव
पूर्व कप्तान बाबर आजम की फॉर्म बीते चार वर्षों से बहस का केंद्र बनी हुई है, क्योंकि वे टेस्ट में शतक लगाने में नाकाम रहे हैं। हालांकि, आंकड़े बताते हैं कि अक्तूबर 2024 के बाद वापसी करते हुए बाबर ने 22 पारियों में 8 अर्धशतकों की मदद से लगभग 39 का औसत बनाए रखा है, जो इस अवधि में किसी भी अन्य पाकिस्तानी बल्लेबाज से बेहतर है। घरेलू क्रिकेट में भी उनके स्तर का कोई ठोस विकल्प फिलहाल नजर नहीं आता, जिससे उन्हें बाहर करने के बजाय मध्यक्रम में उपयोग करने की रणनीति अधिक व्यावहारिक दिखती है।
मोहम्मद अब्बास की भूमिका और घरेलू पिचों की रणनीति पर संशय
इंग्लैंड में सफल रहे तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास की भूमिका पर भी सवाल कायम हैं। पाकिस्तान में उनका रिकॉर्ड बहुत प्रभावी नहीं रहा है। यदि पाकिस्तान आगामी घरेलू शृंखलाओं में धीमी और टर्निंग पिचों का निर्माण करता है, तो अब्बास का प्लेइंग-11 में चयन कठिन हो जाएगा। हालांकि, नवंबर में श्रीलंका और उसके बाद न्यूजीलैंड के विरुद्ध होने वाले मुकाबलों में केवल स्पिन-फ्रेंडली पिचों पर निर्भर रहना घातक सिद्ध हो सकता है, जैसा कि हाल ही में भारत में देखने को मिला था।
नए मुख्य कोच का चयन और खिलाड़ियों के अस्तित्व की लड़ाई
टीम के आगामी पुनर्गठन में नए टेस्ट कोच की भूमिका निर्णायक होगी। माइक हेसन ने इस पद के लिए अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है। इंग्लैंड की हार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि केवल चेहरे बदलने से संकट दूर नहीं होगा। खिलाड़ियों के लिए अब व्यक्तिगत अस्तित्व से ऊपर उठकर एक एकजुट टीम के रूप में प्रदर्शन करना अनिवार्य हो गया है। आगामी घरेलू सत्र में पाकिस्तान को यह साबित करना होगा कि वह केवल खिलाड़ियों का समूह नहीं, बल्कि एक प्रतिस्पर्धी टेस्ट टीम है।











