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बार-बार धोने के बाद भी कपड़ों से नहीं जा रही पसीने की बदबू? अपनाएं ये घेरलू उपाय


गर्मियों का मौसम आते ही पसीनों का आना आम बात है लेकिन परेशानी तब बढ़ जाती है। जब यह पसीने की बदबू हमारे कपड़ों में बस जाती है। बार-बार धोने के बाद भी कपड़ों में पसीने की बदबू नहीं जाती है। इसके पीछे का कारण कपड़ों के रेशों में फंसे बैक्टीरिया और पसीने के अवशेष हो सकते है। ऐसे में कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाने से कपड़ों में से बदबू को दूर करा जा सकता है।

 

पसीने के आने से न सिर्फ बदबू आती है बल्कि इसकी वजह से कपड़ों में पीलेपन का दाग भी रह जाता है। सिंथेटिक कपड़ों जैसे पॉलिएस्टर में बदबू ज्यादा समय तक बनी रहती है क्योंकि इनमें हवा का सर्कुलेशन कम होता है और बैक्टीरिया आसानी से पनपते हैं। अगर सही तरीकों से कपड़ों की देखभाल न की जाए तो यह समस्या और अधिक बढ़ सकती है। अगर आप इस परेशानी से जूझ रहें हैं तो इसमें घबराने की बात नहीं हैं। कुछ आसान और बेहद असरदार घेरलू उपाय मौजूद हैं जिनकी मदद से आप अपने कपड़ों से जिद्दी बदबू को दूर कर सकते हैं।

 

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बदबू दूर करने के 5 असरदार घेरलू उपाय

1. सफेद सिरके में भिगोएं

एक बाल्टी पानी में आधा कप सफेद सिरका मिलाकर कपड़ों को 30-40 मिनट तक भिगो दें। इसके बाद नॉर्मल डिटर्जेंट से धो लें। इससे बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया कम हो सकते हैं।

2. बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करें

धुलाई से पहले एक बाल्टी पानी में 2-3 चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर कपड़ों को कुछ देर भिगो दें। यह कपड़ों की बदबू को कम करने में मदद करता है और इसके अलावा बेकिंग सोडे की मदद से कपड़ों में पीलेपन भी हट जाता है।

3. धूप में अच्छी तरह सुखाएं

कपड़ों को धोने के बाद खुली धूप में पूरी तरह सुखाएं। नमी रहने पर बदूब दोबारा आने लगती है। इसलिए धूप में सुखाने से बैक्टीरिया मर जाते हैं जिससे कपड़ों में से बदबू भाग जाती है।

 

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4. नींबू का रस लगाएं

जिन जगहों पर पसीना ज्यादा आता है, जैसे अंडर आर्म्स। वहां धोने से पहले थोड़ा नींबू का रस लगाकर 15-20 मिनट तक छोड़ दें। फिर जैसे आप कपड़े धोते है वैसे ही धो लें।

5. कपड़ों को देर तक गीला न छोड़े

धुलाई के बाद कपड़ों को ज्यादा देर तक वॉशिंग मशीन या बाल्टी में न छोड़े। इससे उनमें सीलन और बदबू बनने लगती है। धोने के तुरंत बाद उन्हें खुली जगह फैली दें।

ज्यादा पसीने वाले लोग क्या करें?

बहुत से लोग ऐसे भी हैं जिन्हें सामान्य से ज्यादा पसीना आता है। ऐसे में उनके कपड़ों में बदबू जल्दी बस जाती है क्योंकि उनकी बॉडी में ज्यादा नमी बैक्टीरिया को बढ़ने का मौका देती है। अगर आपको भी बहुत ज्याद पसीना आता है तो दिन में जरूरत पड़ने पर कपड़े बदलें, कॉटन जैसे सांस लेने वाले फैब्रिक पहनें और पसीने वाले कपड़ों को लंबे समय तक बिना धोए न रखें। इन तरीकों को अपनाने से बदबू की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।

केतु और मंगल के प्रभाव से आपके भाग्य में क्या बदलाव आएगा?


आज की ऊर्जा बेहद सकारात्मक रहने वाली है। मंगलवार को आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी-नवमी तिथि का सुंदर संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार आज का मूलांक 7 है, जो केतु का अंक माना जाता है और मानसिक गहराई तथा आध्यात्मिक झुकाव का प्रतीक है। आज का दिन मंगल के स्वामित्व वाले वार के प्रभाव में रहेगा, जिससे ऊर्जा, साहस और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होगी। ग्रहों की स्थिति के अनुसार आज चंद्रमा मीन राशि में प्रवेश कर चुके हैं, जबकि सूर्य और बुध मिथुन राशि में स्थित होकर बौद्धिक कार्यों को बढ़ावा दे रहे हैं।


आज की ऊर्जा सकारात्मक और कर्मप्रधान रहेगी, जो हमें पुराने अधूरे कार्यों को पूरा करने और नई रणनीतियों पर काम करने के लिए प्रेरित करेगी। यह दिन जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय सोच-समझकर कदम बढ़ाने का है। साहस और धैर्य का संतुलन बनाए रखकर आज कई कार्यों में सफलता प्राप्त की जा सकती है। आर्थिक और पारिवारिक मामलों में दिन मिला-जुला रहेगा। आइए जानते हैं कि सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।

 

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राशिफल


मेष राशि


कार्यक्षेत्र में आपकी ऊर्जा की सराहना होगी। व्यापार में नए सौदे मिल सकते हैं। अचानक किसी पुरानी उधारी के रुपये वापस मिल सकते हैं, जिससे बैंक बैलेंस सुधरेगा। परिवार में किसी बात को लेकर छोटी-मोटी बहस हो सकती है।
आज क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
आज क्या न करें: निवेश या बड़े सौदे में जल्दबाजी करने से बचें।


वृषभ राशि


नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन शानदार रहेगा। बॉस आपके काम से प्रभावित होंगे। सुख-सुविधा की वस्तुओं पर खर्च होने की संभावना है, इसलिए बजट का ध्यान रखें। लव पार्टनर के साथ अच्छा समय बीतेगा।
आज क्या करें: गाय को हरी घास या ताजी रोटी खिलाएं।
आज क्या न करें: पैसों के लेनदेन में आंख मूंदकर भरोसा न करें।


मिथुन राशि


नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने के योग हैं। सहकर्मियों के साथ संबंध मजबूत होंगे। आर्थिक स्थिति बेहतर रहेगी। परिवार के सदस्यों का पूरा सहयोग मिलेगा।
आज क्या करें: पक्षियों को दाना डालें और भगवान गणेश की आराधना करें।
आज क्या न करें: आज किसी को भी उधार देने से बचें।

 

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कर्क राशि


नौकरी में काम का दबाव अधिक रह सकता है। व्यापार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। खर्चों में अचानक बढ़ोतरी होने से मानसिक तनाव बढ़ सकता है। जीवनसाथी की भावनाओं का सम्मान करें।
आज क्या करें: शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें।
आज क्या न करें: वाद-विवाद और पुरानी बातों को तूल देने से बचें।


सिंह राशि


आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी। व्यापार में बड़ा मुनाफा होने के योग हैं। आर्थिक लाभ के बेहतरीन अवसर मिलेंगे। वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा और घर में खुशी का माहौल बना रहेगा।
आज क्या करें: सूर्य देव को जल अर्पित करें।
आज क्या न करें: परिवार के सामने कड़वी भाषा का प्रयोग करने से बचें।


कन्या राशि


दफ्तर में सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाकर काम करें। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। पार्टनर के साथ किसी बात पर गलतफहमी हो सकती है। बातचीत के जरिए मसले को सुलझाने का प्रयास करें।
आज क्या करें: जरूरतमंदों को फल का दान करें।
आज क्या न करें: अपनी व्यावसायिक योजनाएं किसी को न बताएं।

 

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तुला राशि


कला, मीडिया और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को बड़ी सफलता मिल सकती है। धन लाभ के योग हैं लेकिन विलासिता और सुख-सुविधा की चीजों पर अधिक खर्च हो सकता है। जीवनसाथी के साथ यादगार समय बिताएंगे।
आज क्या करें: मंदिर में कपूर जलाएं और सफेद मिठाई का भोग लगाएं।
आज क्या न करें: काम को कल पर टालने की आदत से बचें।


वृश्चिक राशि


ऑफिस में आपका प्रभाव बढ़ेगा। व्यापार में किया गया पुराना निवेश आज बड़ा लाभ दे सकता है। नए प्रोजेक्ट शुरू होने के योग हैं। रुका हुआ धन वापस मिलने से कई चिंताएं दूर होंगी।
आज क्या करें: हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं।
आज क्या न करें: रास्ते में किसी से बहस करने से बचें।


धनु राशि


आज आपको किस्मत का पूरा साथ मिलेगा। व्यापार का विस्तार होगा और नौकरी में नए अवसर मिलेंगे। सैलरी बढ़ने की संभावना है। धार्मिक या सामाजिक कार्यों में धन खर्च हो सकता है। भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा।
आज क्या करें: भगवान विष्णु की पूजा करें।
आज क्या न करें: सीनियर्स की सलाह को नजरअंदाज न करें।

 

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मकर राशि


नौकरी में सीनियर्स के साथ तालमेल की कमी महसूस हो सकती है। संयम से काम लें। व्यापार में कोई बड़ा जोखिम लेने से बचें। पैसों के मामले में हाथ थोड़ा तंग रह सकता है। परिवार में किसी बात को लेकर तनाव का माहौल बन सकता है।
आज क्या करें: शनि चालीसा का पाठ करें।
आज क्या न करें: आज किसी भी नए काम की शुरुआत न करें।


कुंभ राशि


नौकरीपेशा लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने के नए अवसर मिलेंगे। धन की स्थिति में सुधार होगा। पुराने कर्ज को चुकाने में सफलता मिलेगी, जिससे मानसिक बोझ हल्का होगा। शाम को परिवार के साथ किसी सामाजिक कार्यक्रम में जा सकते हैं।
आज क्या करें: सुंदरकांड का पाठ करें।
आज क्या न करें: किसी कानूनी दस्तावेज पर बिना सोच-समझे हस्ताक्षर न करें।


मीन राशि


चंद्रमा का आपकी ही राशि में होना आपको मानसिक रूप से मजबूत बनाएगा। नौकरी में आपके काम की सराहना होगी। आर्थिक लाभ के बेहतरीन अवसर मिलेंगे। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी।
आज क्या करें: जरूरतमंदों को पीले अन्न का दान करें।
आज क्या न करें: नकारात्मक विचारों और ईर्ष्यालु लोगों की संगति से दूर रहें।


नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

किस एजेंडे के साथ इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरे पर गए PM मोदी?


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार से छह दिनों के तीन देशों के अहम विदेश दौरे पर निकल गए हैं। उनकी यात्रा की शुरुआत इंडोनेशिया से हुई, जहां जकार्ता एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा करेंगे। इस यात्रा को भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

 

दौरा शुरू करने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी यह यात्रा भारत के ‘महासागर विजन’ को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही, यह मुक्त, खुले और सभी को साथ लेकर चलने वाले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को भी दिखाएगी। उन्होंने कहा कि इस दौरे के दौरान तीनों देशों के साथ भारत के रिश्तों को और मजबूत करने पर जोर रहेगा। इसके अलावा व्यापार, रक्षा और तकनीक जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी खास फोकस किया जाएगा।

 

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इंडोनेशिया में रक्षा, खनिज और डिजिटल साझेदारी पर फोकस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान उनकी इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक होगी। दोनों नेता रक्षा सहयोग, क्रिटिकल मिनरल्स, स्वास्थ्य, दवा उद्योग और दोनों देशों के बीच कारोबार बढ़ाने जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

 

बैठक में भारत, इंडोनेशिया के सैन्य अधिकारियों को NDA और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में ट्रेनिंग देने की योजना पर भी बातचीत करेगा। इसके साथ ही भारत के UPI और इंडोनेशिया के QRIS डिजिटल पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ने की दिशा में भी बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार करना आसान होगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

 

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ऑस्ट्रेलिया में रणनीतिक संबंधों को मिलेगी नई मजबूती

इंडोनेशिया दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान उनकी मुलाकात ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज से होगी। दोनों नेता रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश, शिक्षा, नई तकनीक और दोनों देशों के लोगों के बीच रिश्तों को और मजबूत बनाने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

 

प्रधानमंत्री मोदी मेलबर्न में भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे। इसके अलावा दोनों देशों के बीच उभरती तकनीकों, खेल और खेल विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर भी बातचीत होगी।

 

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न्यूजीलैंड में व्यापार और भारतीय समुदाय पर रहेगा जोर

अपने दौरे के आखिरी पड़ाव में प्रधानमंत्री मोदी 10 और 11 जुलाई को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में रहेंगे। इस दौरान वह न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के बाद व्यापार और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ऑकलैंड में भारतीय समुदाय के एक बड़े कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे। सरकार का कहना है कि इस दौरे से भारत की विदेश नीति को मजबूती मिलेगी, आर्थिक हितों को बढ़ावा मिलेगा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक भूमिका भी और मजबूत होगी।

BJP सांसद के आरोप से अखिलेश आगबबूला, 10 मिनट में पोस्ट डिलीट करने की दी चेतावनी


राम मंदिर चढ़ावा और चंदा चोरी का मामले को लेकर जांच चल रही है। इस प्रकरण के मुख्य आरोपी चंपत राय और अनिल मिश्रा का श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने इस्तीफा मंजूर कर लिया है। इन सबके बीच बीजेपी और विपक्षी दलों के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चल निकला है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सोमवार को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

 

दरअसल सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव ने निशिकांत दुबे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए उनकी सोशल मीडिया की पोस्ट 10 मिनट में हटाने के लिए कहा। इससे पहले बीजेपी सांसद ने अयोध्या चढ़ावा मामले में आरोपी रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव के साथ नाम जोड़ दिया। दूबे ने दावा किया कि टिन्नू फोन पर अखिलेश यादव से बात किया करता था। साथ ही आरोप लगाया कि जेल जाने से पहले टिन्नू ने अखिलेश यादव से बात की थी।

 

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सोशल मीडिया पर लिखी लंबी पोस्ट

निशिकांत दुबे की इसी पोस्ट को लेकर सपा अध्यक्ष ने उन्हें कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबी पोस्ट में दुबे के आरोपों को निराधार बताया और चेतावनी दी कि अगर पोस्ट को तुरंत नहीं हटाया गया तो पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाएगी।

‘सार्वजनिक-सार्वभौमिक वैधानिक चेतावनी’

अखिलेश यादव ने कहा, ‘सार्वजनिक-सार्वभौमिक वैधानिक चेतावनी! जितना सत्ता पक्ष के सांसद का विशेषाधिकार होता है, उतना ही विशेषाधिकार विपक्ष के सांसद का भी होता है। पुरुषोत्तम प्रभु राम जी की मर्यादा एवं सामाजिक शालीनता, सभ्यता और संसदीय परंपरा का मान रखते हुए हम बीजेपी सांसद को 10 मिनट का समय देते हैं कि वह इस झूठे ट्वीट-पोस्ट को हटा दें, अन्यथा उनके खिलाफ तत्काल नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।’

 

 

 

 

उन्होंने आगे कहा, ‘साथ ही यह चेतावनी उन सबको भी है जिन्होंने यह झूठ फैलाया है, वो भी सोशल मीडिया पर तुरंत डिलीट करें और सार्वजनिक माफी मांगें या कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। वे याद रखें भाजपाई किसी के सगे नहीं हैं, जब सालों-साल कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ेंगे तो कोई संगी-साथी भी बचाने नहीं आएगा। जो भगवान के नहीं हुए वो इंसान के क्या होंगे।’

 

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चढ़ावा-चंदा-दान चोर बताया

सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया, ‘पीडीए समाज को कलंकित व अपमानित करने के लिए भाजपाई और उनके संगी-साथी ये कुत्सित झूठ प्रचारित-प्रसारित कर रहे हैं। पीडीए समाज एकजुट होकर इसका जवाब देगा। ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरों’ का गिरोह जनाक्रोश के डर से अब अपने घरों में दुबका बैठा है और षड्यंत्र कर रहा है। अगर मुखबिरों के वंशजों में सत्य का साहस है तो अपने परंपरागत भूमिगत-सुरंगी निवास से बाहर आकर अयोध्यावासियों के सामने सरयू का जल हाथ में उठाकर ये बात कहें।’

 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘संपूर्ण विश्व के रामभक्त संज्ञान लें- दुनिया भर के सनातनी संज्ञान लें- अयोध्या के पूज्य साधु-संत संज्ञान लें- माननीय सर्वोच्च न्यायालय संज्ञान ले- माननीय लोकसभा अध्यक्ष संज्ञान लें- उत्तर प्रदेश-अयोध्या के नागरिक संज्ञान लें- समस्त पीडीए समाज संज्ञान ले।’

निशिकांत दुबे ने क्या कहा था?

वहीं, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने एक्स पर एक पोस्ट तो डिलीट नहीं की लेकिन कहा, ‘जल्दी करिए, इतना परेशान क्यों हैं? प्रश्न ही तो पूछा है? 1990 में राम भक्त पर गोली किसने चलवाई? मैं अदालत जाऊंगा।’ पहले वाली पोस्ट में दूबे ने कहा था, ‘टिन्नू टीपू से ही तो बात कर रहा था?’ उन्होंने इसके साथ ही अयोध्या दान गबन के आरोपी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की अखिलेश यादव के साथ एडिट करके फोटो भी शेयर की थी।

 

 

 

ओवरनाइट फ्लाइट के बाद नहीं महसूस होगी थकान, अपनाएंं ये आसान ट्रैवल टिप्स


अगर आप अक्सर रात की फ्लाइट (Red-eye Flight) से सफर करते हैं, तो अगली सुबह थकान, सुस्ती और सिरदर्द जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि रात के सफर में नींद पूरी नहीं हो पाती। हालांकि कुछ आसान आदतें अपनाकर आप इस थकान को काफी हद तक कम कर सकते हैं। आइए जानते हैं वे 5 स्मार्ट टिप्स, जो आपकी अगली यात्रा को ज्यादा आरामदायक बना सकते हैं।

 

रात की फ्लाइट लेना कई बार समय बचाने का अच्छा विकल्प होता है, लेकिन सही तैयारी न होने पर अगला पूरा दिन थकान में निकल सकता है। अगर आप सफर से पहले थोड़ा आराम करें, हल्का भोजन करें, शरीर को हाइड्रेट रखें और फ्लाइट में अच्छी नींद लेने की कोशिश करें, तो ओवरनाइट यात्रा के बाद भी खुद को काफी फ्रेश महसूस करा सकते हैं।

 

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1. फ्लाइट से पहले थोड़ी देर आराम करें

अगर आपकी फ्लाइट देर रात की है, तो निकलने से पहले 20-30 मिनट की पावर नैप ले सकते हैं। इससे सफर के दौरान शरीर ज्यादा थका हुआ महसूस नहीं करेगा और यात्रा आसान लग सकती है।

2. फ्लाइट में अच्छी नींद लेने की तैयारी करें

सफर के दौरान आराम से सोने के लिए नेक पिलो, आई मास्क और ईयरप्लग या नॉइज कैंसिलिंग हेडफोन साथ रखें। ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें, ताकि शरीर को आराम मिले और नींद बेहतर आ सके।

3. कैफीन और शराब से दूरी बनाएं

फ्लाइट से पहले या सफर के दौरान ज्यादा कॉफी, चाय, एनर्जी ड्रिंक या शराब पीने से बचें। ये आपकी नींद में रुकावट पैदा कर सकते हैं। इसके बजाय पानी पीते रहें, ताकि शरीर हाइड्रेट रहे।

4. हल्का और हेल्दी खाना खाएं

यात्रा से पहले बहुत ज्यादा तला-भुना या भारी भोजन करने से बचें। हल्का और पौष्टिक खाना खाने से पेट आराम में रहता है और सफर के दौरान नींद आने में भी आसानी होती है।

 

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5. पहुंचते ही धूप और हल्की वॉक लें

अगर आप सुबह अपनी मंजिल पर पहुंच जाते हैं, तो कुछ देर खुली धूप में टहलें। इससे शरीर की बॉडी क्लॉक नए समय के अनुसार जल्दी एडजस्ट हो सकती है और थकान भी कम महसूस होती है।

यात्रा के दौरान इन बातों का भी रखें ध्यान

  • सफर के दौरान पर्याप्त पानी पीते रहें।
  • हर 1-2 घंटे में थोड़ा चलने-फिरने की कोशिश करें।
  • मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन देर तक देखने से बचें।
  • अगर संभव हो तो विंडो सीट की बजाय ऐसी सीट चुनें जहां आपको आराम से सोने में आसानी हो।

इस हफ्ते किन 5 राशियों को मिलेगी सुख-सुविधा?


जुलाई 2026 का यह दूसरा सप्ताह ग्रहों की चाल के लिहाज से बेहद पॉजिटिव रहने वाला है। इस हफ्ते की शुरुआत 6 जुलाई को आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी-अष्टमी तिथि से हो रही है। हफ्ते का मुख्य मूलांक 6 बनता है, जो शुक्र का अंक है और जीवन में सुख-समृद्धि, कला तथा भौतिक सुखों की ओर झुकाव को दर्शाता है। ग्रहों की चाल की बात करें तो इस समय सूर्य मिथुन राशि में, मंगल सिंह राशि में और देवगुरु बृहस्पति मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। ग्रहों का यह सुंदर संयोग सभी 12 राशियों के जीवन में बड़े बदलाव और नए अवसर लेकर आएगा।


ऊर्जा के नजरिए से यह हफ्ता कर्म और भाग्य के संतुलन का समय है। सिंह राशि के लोगों के भीतर नया साहस जागेगा, वहीं मिथुन राशि में सूर्य और गुरु की स्थिति बौद्धिक क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति को निखारेगी। यह समय नई योजनाओं को धरातल पर उतारने और पुराने विवादों को सुलझाने के लिए अच्छा है। हालांकि, हफ्ते के मध्य में चंद्रमा के गोचर के कारण कुछ मानसिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं, लेकिन धैर्य और सकारात्मक सोच से हर स्थिति पर जीत पाई जा सकती है। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक के लिए यह हफ्ता कैसा रहेगा।

 

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राशिफल


मेष राशि


इस हफ्ते आपको करियर में नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। ऑफिस में सहकर्मियों के सहयोग से नए प्रोजेक्ट पूरे होंगे। धन लाभ के योग हैं। पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। जीवनसाथी के साथ रिश्ते मजबूत होंगे।
क्या करें: प्रतिदिन सुबह सूर्य को जल अर्पित करें।
क्या न करें: जल्दबाजी में कोई बड़ा व्यावसायिक निर्णय न लें।


वृषभ राशि


व्यापार में नए सौदे लाभकारी सिद्ध होंगे। नौकरीपेशा लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा मौका मिलेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। भौतिक सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है, इसलिए बजट बनाकर चलें।
क्या करें: शुक्रवार के दिन किसी को सफेद मिठाई खिलाएं।
क्या न करें: नौकरी में किसी भी तरह की गॉसिप से दूर रहें।

 

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मिथुन राशि


आपकी राशि में सूर्य और गुरु आमने-सामने रहेंगे, जिससे करियर में बड़ी सफलता के योग बन रहे हैं। नई नौकरी के प्रस्ताव मिल सकते हैं। पैतृक संपत्ति से लाभ होने की संभावना है। भाई-बहनों से पूरा सहयोग मिलेगा। पार्टनर के साथ वैचारिक मतभेद दूर होंगे।
क्या करें: गाय को हरा चारा खिलाएं।
क्या न करें: अपनी योजनाओं को किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें।


कर्क राशि


दफ्तर में काम का दबाव बढ़ सकता है लेकिन आपकी मेहनत रंग लाएगी। सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ होगा। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। अचानक कुछ अनचाहे खर्च सामने आ सकते हैं, जिससे बजट प्रभावित हो सकता है।
क्या करें: सोमवार को शिवलिंग पर कच्चे दूध से अभिषेक करें।
क्या न करें: भावनाओं में बहकर कोई बड़ा आर्थिक फैसला न लें।

 

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सिंह राशि


मंगल ग्रह के आपकी राशि में होने से आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। व्यापार में जोखिम लेने के लिए समय अच्छा है। धन का आगमन अच्छा रहेगा। निवेश के लिए यह सप्ताह विशेष रूप से फलदायी साबित हो सकता है। लव लाइफ में उत्साह बना रहेगा।
क्या करें: हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करें।
क्या न करें: अपने व्यवहार में गुस्सा न आने दें।


कन्या राशि


कला, लेखन और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए समय शानदार है। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता हैं। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। शेयर बाजार या लॉटरी से अचानक धन लाभ की संभावना बन रही है। पार्टनर के साथ अच्छा समय बीतेगा।
क्या करें: बुधवार के दिन गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं।
क्या न करें: सेहत के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें।

 

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तुला राशि


ऑफिस में सीनियर अधिकारियों से सराहना मिलेगी। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी, जबकि विलासिता की वस्तुओं पर ज्यादा धन खर्च करने से बचना होगा। वैवाहिक जीवन में रोमांस और नयापन आएगा।
क्या करें: किसी जरूरतमंद व्यक्ति को इत्र दान करें।
क्या न करें: किसी भी विवादित मामले में दखल देने से बचें।


वृश्चिक राशि


नौकरी में काम की सराहना होगी और कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है। विदेश से जुड़े व्यापार में बड़ा लाभ संभव है। पुराने कर्ज से मुक्ति मिल सकती है। रुका हुआ धन वापस मिलने से आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा।
क्या करें: मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करें या सुनें।
क्या न करें: गाड़ी चलाते समय जल्दबाजी या लापरवाही न करें।

 

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धनु राशि


करियर में भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। उच्च शिक्षा या करियर के सिलसिले में की गई यात्राएं बेहद सफल रहेंगी। संपत्ति में निवेश करने के लिए समय अनुकूल है। धार्मिक कार्यों में परिवार की रुचि बढ़ेगी।
क्या करें: माथे पर हल्दी का तिलक लगाएं।
क्या न करें: दूसरों के बहकावे में आकर काम न छोड़ें।


मकर राशि


ऑफिस में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं लेकिन आपकी रणनीतिक सोच आपको संकटों से बाहर निकाल लेगी। आर्थिक स्थिति मध्यम रहेगी। इस हफ्ते किसी भी तरह के बड़े निवेश या उधार के लेन-देन से बचें।
क्या करें: शनिवार के दिन शनि देव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
क्या न करें: शत्रुओं को कमजोर समझने की भूल न करें।

 

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कुंभ राशि


नए स्टार्टअप या बिजनेस शुरू करने के लिए समय उत्तम है। नौकरीपेशा जातकों को टीम वर्क का शानदार परिणाम मिलेगा। धन लाभ के अच्छे अवसर हाथ आएंगे। आपकी आर्थिक योजनाएं इस सप्ताह सुचारू रूप से आगे बढ़ेंगी।
क्या करें: चींटियों को आटा डालें और पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करें।
क्या न करें: ऑफिस के काम को घर के माहौल पर हावी न होने दें।


मीन राशि


ऑफिस में विरोधियों पर आप भारी पड़ेंगे। आपकी सूझबूझ से बिगड़े हुए काम भी इस हफ्ते बनते नजर आएंगे। फंसा हुआ पैसा वापस मिल सकता है। जीवनसाथी के साथ तालमेल बेहतरीन रहेगा।
क्या करें: विष्णु जी की पूजा करें।
क्या न करें: आलस के कारण किसी भी अच्छे अवसर को हाथ से न जाने दें।


नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

‘नए दुश्मन की तलाश में इजरायल’, क्या तुर्की अगला निशाना? बयानबाजी से बढ़ी टेंशन


इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट का कहना है कि तुर्की नया ईरान बन रहा है। तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान का कहना है कि इजरायल अब नए दुश्मन की तलाश में है। दोनों देशों के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है। इसकी झलक दोनों देशों के नेताओं की बयानबाजी में स्पष्ट तौर दिखाई पड़ती है। ईरान को काफी हद तक सैन्य तौर पर कमजोर करने के बाद इजरायल ने अपना ध्यान तुर्की पर केंद्रित कर दिया है।

 

हाल ही में तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने कहा, ‘हम अपने रुख से पीछे हटने का कोई इरादा नहीं रखते। इजरायल केवल तुर्की के लिए ही नहीं, बल्कि यह पूरी दुनिया के लिए समस्या बन गया है। इजरायली अधिकारी मानवता पर एक ऐसा बोझ बन चुके हैं, जिसे अब और सहन नहीं किया जा सकता।’

 

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हाकान फिदान का यह बयान चौंकाने वाला है, क्योंकि तुर्की ने इजरायल के मामले में अभी तक संयमित रुख अपनाया। लेकिन विदेश मंत्री का ताजा बयान उसके उलट है। अभी तक सार्वजनिक मंच से सिर्फ राष्ट्रपति एर्दोगन इजरायल पर, लेकिन प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर अधिक बरसते थे। मगर विदेश मंत्री का इजरायल के प्रति ऐसा बयान, यह साबित करता है कि तुर्की अब हर मोर्चे पर ईरान की घेरेबंदी करने पर जुट गया है।

क्या एक नया दुश्मन खोज रहा इजरायल?

फिदान ने का कहना है कि दुनियाभर के विश्वविद्यालयों से अखबारों और बौद्धिक मंचों तक इजरायल विरोधी भावना उभर रही है, क्योंकि वे खुलेआम नरसंहार कर रहे हैं। वे हर जगह अस्थिरता फैलाने वाली भूमिका निभा रहे हैं। पहले वे कुछ सरल मीडिया हथकंडों से इसे छिपा लेते थे। अब वे इसे छिपा नहीं सकते। इजरायल अब दुनिया में अपनी विनाशकारी और शर्मनाक छवि को बदलने के लिए एक नए दुश्मन खोज रहा है। उधर, इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सा’आर ने फिदान की बयानबाजी को घृणित बताया और कहा कि वे स्पष्ट तौर पर नरसंहार के लिए उकसा रहे हैं।

किसने आग में घी डाला

इजरायल ने हाल ही में अर्मेनियाई नरसंहार को मान्यता दी है। इस घटना ने आग में घी का काम किया है। तुर्की ने इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। एर्दोगन ने कहा, ‘हम उस हत्यारे गिरोह के आरोपों को जरा भी गंभीरता से नहीं लेते हैं, जिसके हाथ 75,000 निर्दोष गाजावासियों, जिनमें से अधिकांश महिलाएं और बच्चे के खून से सने हुए हैं।’

सीरिया और लेबनान से क्यों चिंतिंत तुर्की?

सीरिया में बशर अल असद सरकार के पतन के बाद इजरायल ने कई रणनीतिक स्थानों पर अपना नियंत्रण मजबूत किया है। उधर, दक्षिण लेबनान के एक बड़े हिस्से पर इजरायल की सेना मौजूद है। इन घटनाक्रमों से तुर्की बेहद परेशान है। हाल ही में तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने कहा था कि तुर्की की सुरक्षा देश की सीमाओं से परे सीरिया के दमिश्क और लेबनान की राजधानी बेरूत से शुरू होती है। एर्दोगन ने सीरिया और लेबनान में इजरायली हमलों की निंदा की। उन्हें चिंता है कि इन देशों में अगर इजरायल की स्थिति मजबूत होती है तो इससे तुर्की की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

 

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बयानबाजी में दिख रहे युद्ध के संकेत

ईरान के कभी हद तक कमजोर पड़ने के बाद एर्दोगन खुद को मुस्लिम जगह का सबसे बड़ा नेता बनाने में जुटे हैं। यही कारण है कि उन्होंने इजरायल को अपने लक्ष्य के केंद्र में रखा है। वे खुलकर इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को हत्यारा कहते हैं। इजरायल को खत्म करने की बात करते हैं। हाल ही में इजरायल पर अमेरिका-ईरान समझौते को कमजोर करने का आरोप भी लगाया। 

 

  • तुर्की के गृह मंत्री भी इजरायल को तबाह करने का ख्वाब देख चुके हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि जिस तरह हमने दमिश्क और अलेप्पो की मुक्ति देखी, उसी प्रकार एक दिन हम यरुशलम की मुक्ति भी देखेंगे। ये स्थान एक बार फिर हमारे होंगे। एक दिन वे यरुशलम के राज्यपाल के रूप में कार्य करेंगे।

 

  • इजरायल के मौजूदा रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने दो साल पहले कहा था कि एर्दोगन सद्दाम हुसैन के रास्ते पर चल रहे हैं और इजरायल पर हमला करने की धमकी देते हैं। ओटोमन साम्राज्य ढह गया और कभी वापस नहीं आएगा। एर्दोगन तुर्की को अंधकार और पिछड़ेपन के युग में वापस ले जा रहे हैं। 

 

  • इजरायल के संस्कृति और खेल मंत्री मिकी जोहर ने कहा था कि अगर एर्दोगन हमें चुनौती देने की हिम्मत करते हैं तो उनका अंजाम मरते हुए ईरानी शासन से भी बदतर होगा। एक अन्य मंत्री अमिचाई चिकली ने मानना है कि तुर्की से खतरा ईरान से खतरे से अधिक बड़ा है। 

तुर्की के किस रणनीति से इजरायल को खतरा?

तुर्की खुलकर हमास का समर्थन करता है। गाजा युद्ध के बाद इजरायल के साथ सभी व्यापारिक रिश्ते तोड़ लिए थे। इजरायल के पड़ोसी मिस्र में भी उसका काफी दखल है। लीबिया में तुर्की की सेना की मौजूदगी है। तुर्की लगातार सीरिया में अपनी पकड़ को मजबूत बनाने में जुटा है। अब लाल सागर पर उसकी निगाह है। सोमालिया में तुर्की ने एक बेस बना रखा है। वहां से वह लाल सागर पर नियंत्रण चाहता है। उसके यह सभी कदम इजरायल को घेरने के हैं। यही कारण है कि तुर्की की इस रणनीति को इजरायल खतरे के तौर पर देखता है।

 

‘सावधान! इन लोगों से कोई लेना-देना नहीं’, विदेश मंत्रालय ने ऐसा क्यों कहा?


विदेश मंत्रालय ने कुछ फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट के बारे में जनता को आगाह किया है। मंत्रालय ने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ लोग पॉलिसी से जुड़े मामले में सलाह देने का दावा करते हैं, लेकिन उनसे मंत्रालय का कोई लेना-देना नहीं है। विदेश मंत्रालय ने सभी लोगों से ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स से सावधान रहने की अपील की। विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक फैक्ट चेक अकाउंट पर यह सूचना जारी की है। 

 

अपने फैक्ट चेक एक्स अकाउंट पर विदेश मंत्रालय ने लिखा, ‘मंत्रालय के ध्यान में आया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ लोग ऐसी पोस्ट कर रहे हैं, जिनसे लगता है कि वे मंत्रालय को ट्रेड, माइग्रेशन और दूसरे मुद्दों पर नीति से जुड़ी सलाह देते हैं। 

 

 

 

 

इसके अलावा ये अकाउंट्स विदेश मंत्रालय के साथ काम करने के तरीके पर पैसे लेकर सलाह या सेशन देने का भी दावा करते हैं। इन लोगों का मंत्रालय से कोई लेना-देना नहीं है। मंत्रालय सभी से अपील करता है कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी फर्जी पोस्ट से सावधान रहें।’

 

 

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विदेश मंत्रालय ने क्यों किया आगाह 

  • विदेश मंत्रालय का यह अलर्ट बेहद अहम है, क्योंकि सोशल मीडिया के माध्यम से किसी को भी आसानी से धोखाधड़ी का शिकार बनाया जा सकता है। अगर कोई शख्स आपसे विदेश मंत्रालय से जुड़े होने का दावा करता है तो बिल्कुल सतर्क रहे। विदेश मंत्रालय का यह अलर्ट इसलिए अहम है ताकि कोई व्यक्ति इन जालसाजों के हाथों न फंसे। 

 

  • माइग्रेशन और व्यापार समेत अन्य नीतिगत मामलों से जोड़े होने का दावा करने वालों से भी सतर्क रहे। इन लोगों का मंत्रालय से कोई लेना-देना नहीं है। इन दावों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड आदि में किया जा सकता है।

 

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  • बता दें कि सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने दावा किया कि वह ट्रेड और माइग्रेशन समेत विभिन्न मुद्दों पर विदेश मंत्रालय को सलाह देते हैं। कुछ विदेश मंत्रालय के साथ काम करने का तरीका बताने का दावा करते हैं और बदले में पैसा लेते हैं। अब विदेश मंत्रालय स्पष्ट कर दिया कि इन लोगों का मंत्रालय से कोई लेना-देना नहीं है। इन फर्जी पोस्टों से बिल्कुल सावधान रहे। 

कम उम्र में सफेद हो रहे हैं बाल? अपनाएं ये देसी नुस्खे, काले हो जाएंगे


आजकल युवाओं में समय से पहले बाल सफेद होने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। बढ़ता तनाव, खराब खान-पान, विटामिन की कमी, अनहेल्दी लाइफस्टाइल और जेनेटिक कारणों से यह समस्या आम हो गई है। सफेद बालों की वजह से कई जवान लोग भी उम्र से ज्यादा बूढ़े दिखने लगते हैं। बाजार में उपलब्ध केमिकल वाली हेयर डाई से सफेद बालों को कुछ दिनों के लिए काला किया जा सकता है, लेकिन इसका इस्तेमाल बालों को अंदर से कमजोर बना देता है। ऐसे में लोग घरेलू उपायों की ओर रुख कर रहे हैं। 

सही डाइट और कुछ आसान घरेलू नुस्खों से बालों को स्वस्थ रखा जा सकता है और समय से पहले सफेद होने की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। बालों के रोम में मेलानिन नामक पिगमेंट की कमी, थायराइड की समस्या और विटामिन बी की कमी भी सफेद बालों का बड़ा कारण बन रही है। 

इस रिपोर्ट में हम आपको कुछ ऐसे सरल घरेलू उपाय बताएंगे जिनकी मदद से आप घर बैठे ही अपने बालों को स्वस्थ रख सकते हैं और सफेद होने से बचा सकते हैं। सही खान-पान और जीवनशैली अपनाकर इस समस्या से निपटा जा सकता है।

 

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सफेद बाल रोकने के लिए क्या खाएं?

  • अंडा- बायोटिन और प्रोटीन से भरपूर अंडा बालों को मजबूत रखने में मदद करता है।
  • पालक- इसमें आयरन, फोलेट और विटामिन A व C होते हैं, जो बालों के लिए जरूरी पोषक तत्व हैं।
  • बादाम और अखरोट- इनमें विटामिन E, ओमेगा-3 फैटी एसिड और कॉपर पाया जाता है, जो बालों की सेहत को सपोर्ट करते हैं।
  • काला तिल-  कई आयुर्वेदिक स्रोतों में रोज 1-2 चम्मच काले तिल खाने की सलाह दी जाती है। इसमें में कॉपर और आयरन अच्छी मात्रा में होते हैं। इन्हें सीमित मात्रा में डाइट में शामिल किया जा सकता है।
  • दही और दूध- विटामिन B12 और प्रोटीन की कमी से बाल सफेद हो सकते हैं। ऐसे में दही और दूध इस कमी को पूरा करने में मदद कर सकते हैं।
  • दालें और राजमा- ये प्रोटीन, आयरन और जिंक के अच्छे स्रोत हैं, जो बालों के ग्रोथ और मजबूती के लिए जरूरी हैं।
  • आंवला- रोजाना ताजा आंवला, मुरब्बा या आंवला जूस सीमित मात्रा में लिया जा सकता है। ध्यान रहें कि जूस में चीनी की मात्रा कम हो।

बाल काला करने के घरेलू नुस्खे

1. आंवला और नारियल तेल

  • 4-5 सूखे आंवले या 2 चम्मच आंवला पाउडर लें।
  • 1 कप नारियल तेल में 10-15 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं।
  • ठंडा करके छान लें।
  • सप्ताह में 2-3 बार रात को बालों की जड़ों में मसाज करें और सुबह धो लें।

2. करी पत्ता और नारियल तेल

  • 15-20 करी पत्ते लें।
  • 1 कप नारियल तेल में तब तक उबालें जब तक पत्ते काले न हो जाएं।
  • तेल ठंडा करके छान लें।
  • हफ्ते में 2 बार स्कैल्प पर लगाकर 1-2 घंटे बाद धो लें।

3. मेहंदी + कॉफी + आंवला

  • 4 चम्मच मेहंदी
  • 1 चम्मच आंवला पाउडर
  • 1 चम्मच कॉफी पाउडर
  • जरूरत अनुसार चाय का पानी
  • इसका पेस्ट बनाकर 2-3 घंटे बालों में रखें, फिर धो लें।
  • इससे बालों को नेचुरली भूरा-गहरा रंग मिल सकता है।

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4. भृंगराज तेल

  • आयुर्वेद में भृंगराज को बालों के लिए लाभकारी माना जाता है।
  • सप्ताह में 2-3 बार इससे मालिश की जा सकती है।

5. प्याज का रस

  • एक प्याज का रस निकालें।
  • कॉटन की मदद से जड़ों में लगाएं।
  • 30-40 मिनट बाद शैंपू कर लें।

6. मेथी दाना और नारियल तेल

  • 2 चम्मच मेथी दाना हल्का भून लें।
  • इसे 1 कप नारियल तेल में 10 मिनट तक गर्म करें।
  • ठंडा करके छान लें।
  • हल्के हाथ से लगाएं और इसे हफ्ते में 2 बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

7. काली चाय (ब्लैक टी) रिंस

  • 2 गिलास पानी में 2-3 चम्मच काली चाय उबालें।
  • ठंडा होने पर बाल धोने के बाद इससे आखिरी रिंस करें।
  • कुछ लोग मानते हैं कि इससे सफेद बालों का रंग थोड़ा गहरा दिख सकता है।

8. गुड़हल (हिबिस्कस) के फूल और पत्ते

  • गुड़हल के फूल और पत्तों का पेस्ट या इन्हें नारियल तेल में पकाकर लगाया जाता है। यह बालों को पोषण देने के लिए लोकप्रिय घरेलू नुस्खा है।

डिस्क्लेमर: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है। विशेष जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से संपर्क करें।

कृष्ण के जिन भाइयों को कंस ने मारा था, उनके बारे में क्या कहता है भागवत पुराण?


हिंदू धर्म में कई ऐसे ग्रंथ और पुराण हैं, जिनमें देवी-देवताओं से जुड़ी कहानियां और प्रसंग बताए गए हैं। इसी तरह भागवत पुराण भी एक महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है, जिसमें बताए गए कथाओं से हमें जीवन की कई सीख मिलती है। इस ग्रंथ में माता देवकी के पुत्रों से जुड़ी एक खास कहानी का उल्लेख किया गया है। माता देवकी ने भगवान कृष्ण को जन्म देने से पहले 6 पुत्रों को जन्म दिया था, जिन्हें कंस ने मार दिया था। भागवत पुराण के मुताबिक, कंस ने भगवान कृष्ण के 6 भाइयों को जन्म के कुछ ही समय बाद पत्थर पर पटक-पटककर मार दिया था। देवकी माता के 6 पुत्रों की मृत्यू सिर्फ कंस के वजह से नहीं बल्कि उनके पिछले जन्मों के कर्म के वजह से हुआ था। 

 

भागवत पुराण के मुताबिक, एक बार माता देवकी ने भगवान कृष्ण और बलराम जी के सामने अपने 6 पुत्रों से मिलने की इच्छा जताई थी। तब भगवान कृष्ण और बलराम अपने 6 भाइयों को लेने सुतल लोक गए थे, जहां राजा बलि ने भगवान कृष्ण को बताया कि माता देवकी के 6 पुत्र कोई साधारण बालक नहीं थे, बल्कि वे देवता थे। अब सवाल उठता है कि भगवान कृष्ण के 6 भाई कौन थे? साथ ही यह भी सवाल उठता है कि अगर वे देवता थे, तो जन्म के बाद उनकी हत्या क्यों कर दी गई?

 

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कौन थे भगवान कृष्ण के 6 भाई?

 

भागवत पुराण की कथा के मुताबिक, एक बार माता देवकी अपने 6 पुत्रों को याद कर दुखी हो गई थीं। उन्होंने भगवान कृष्ण के सामने इच्छा जाहिर की कि वे अपने पुत्रों को एक बार फिर देखना चाहती हैं। इसके बाद भगवान कृष्ण और बलराम सुतल लोक उन्हें वापस लाने के लिए गए।

 

सुतल लोक में राजा बलि ने भगवान कृष्ण के 6 भाइयों के बारे में रोचक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे 6 बालक साधारण इंसान नहीं थे, बल्कि देवताओं के पुत्र थे। राजा बलि ने बताया कि वे ब्रह्मा जी के मानस पुत्र प्रजापति मरीचि और ऊर्णा देवी के पुत्र थे, जिन्हें पिछले जन्म में ब्रह्मा जी का श्राप मिला था। इसी श्राप के कारण अगले जन्म में कंस ने उनका वध किया था।

 

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 कृष्ण के 6 भाइयों को ब्रह्मा जी ने श्राप क्यों दिया?

 

एक बार ब्रह्मा जी को देखकर मरीचि के 6 पुत्र जोर-जोर से हंसने लगे थे। यह देखकर ब्रह्मा जी को क्रोध आ गया। उनका मजाक उड़ाना मरीचि के 6 पुत्रों पर भारी पड़ गया, क्योंकि ब्रह्मा जी ने उन्हें श्राप दे दिया। ब्रह्मा जी ने श्राप दिया कि मरीचि के 6 पुत्र असुर योनि में जन्म लेंगे, जिसके बाद वे देवकी के गर्भ से जन्म लेंगे। हालांकि, जन्म के कुछ ही समय बाद उनकी हत्या कर दी जाएगी। इसी श्राप के कारण माता देवकी के 6 पुत्रों का वध हुआ था।

 

नोट- यह लेख धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।