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दीपिका कक्कड़ की शुरू हुई इम्यूनोथेरेपी, क्या होती है यह थेरेपी?


अभिनेत्री दीपिका कक्कड़ अपने जिंदगी के मुश्किल समय से गुजर रही हैं। उनका लिवर कैंसर का इलाज चल रहा है। हाल ही में उनके ससुर को ब्रेन हेमरेज हुआ था जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा था। शोएब ने अपने लेटेस्ट यूट्यूब व्लॉग में अपने पिता और पत्नी दीपिका के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी थी। 

 

शोएब ने वीडियो में बताया कि दीपिका अपने पहले इम्यूनोथेरेपी सेशन के लिए जाएंगी। जहां उन्हें 3 से 4 घंटे का समय लगेगा। उन्होंने उम्मीद करते हुए कहा कि इम्यूनोथेरेपी काम करें और वह जल्द ठीक हो जाए। ऐसे में जानना जरूरी है कि इम्यूनोथेरेपी क्या है और ये थेरेपी किन लोगों को दी जाती है?

 

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इम्यूनोथेरेपी क्या होती है?

कैंसर के इलाज के लिए इम्यूनोथेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है। पिछले कुछ सालों में इस थेरेपी से कई लोगों की जान बची है। यह थेरेपी इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है ताकि वह कैंसर की कोशिकाओं को ढूंढकर नष्ट कर सके और इसके परिणाम बेहद प्रभावशाली है।

 

इम्यूनोथेरेपी दो तरह की होती है।

 

सीएआर टी सेल थेरेपी- इस प्रक्रिया में ब्लड से टी सेल को निकाला जाता था। फिर उन सेल्स को लैब में इस तरह से बदलना कि वे कैंसर कोशिकाओं को ढूंढकर हमला कर सकें। इन टी सेल्स को मजबूत करके शरीर में वापस छोड़ देना होता है।

 

इम्यून चेकपॉइंट इनहिबिटर्स – ये ऐसी दवाइयां है जो कैंसर से लड़ने के लिए शरीर के इम्यून सिस्टम को ऐक्टिव करती है। इस थेरेपी को कैंसर के टाइप, स्टेज ऑफ कैंसर, उम्र, स्वास्थ्य संबंधी अन्य बीमारियों और दवाइयों के हिसाब से किया जाता है।

 

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इम्यूनोथेरेपी के साइड इफेक्ट

  • त्वचा में रैशेज
  • थकान
  • उल्टी, डायरिया और चक्कर आना
  • बुखार, मांस पेशियों में दर्द

शिवजी की गले की मुंडमाला कैसे बयां करती है शिव और पार्वती की अमर प्रेम कहानी? 


हिंदू ग्रंथों के अनुसार, भगवान शिव अपने शरीर पर भस्म लगाते हैं और गले में 108 सिरों वाली मुंडमाला पहनते हैं। इस माला से जुड़ी एक पौराणिक कथा है, जिसे सुनकर सिर्फ आप ही नहीं बल्कि माता पार्वती भी हैरान हो गई थीं। पौराणिक कथा के मुताबिक, एक बार देवर्षि नारद ने माता पार्वती से पूछा कि भगवान शिव यह मुंडमाला क्यों पहनते हैं और इसका रहस्य क्या है। इस सवाल का जवाब माता पार्वती को भी नहीं पता था। इसलिए उन्होंने भगवान शिव से यही प्रश्न किया। तब शिवजी ने बताया कि यह मुंडमाला माता पार्वती और भगवान शिव के अमर प्रेम का प्रतीक है।

 

पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव अमर हैं, जबकि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कई जन्म लिए थे। हर जन्म में उन्होंने अलग-अलग रूप धारण कर शिवजी को प्राप्त किया था। मान्यता है कि माता सती यानी पार्वती ने 108 बार जन्म लिया था। शिवजी के कंठ पर विराजमान मुंडमाला इसी बात का प्रतीक है। इस माला का प्रत्येक सिर माता सती के एक-एक जन्म का प्रतिनिधित्व करता है।

 

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क्या है मुंडमाला का प्रतीक?

 

पौराणिक कथा के अनुसार, जब माता पार्वती ने मुंडमाला के बारे में कई बार पूछा, तब शिवजी ने इसका रहस्य बताया। उन्होंने कहा कि मुंडमाला में मौजूद 108 सिर माता पार्वती के 108 जन्मों के प्रतीक हैं। इसी वजह से धार्मिक जानकारों का मानना है कि मुंडमाला माता पार्वती और भगवान शिव की अमर प्रेम कहानी का प्रतीक है।

 

इस सवाल का जवाब मिलने के बाद माता पार्वती ने एक और प्रश्न पूछा। उन्होंने कहा कि मुझे बार-बार जन्म लेना पड़ता है और हर जन्म में शरीर का त्याग करना पड़ता है, जबकि आप अमर हैं। आपके अमर होने का रहस्य क्या है? इस सवाल का जवाब देते हुए शिवजी ने एक कथा सुनाई थी।

 

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क्या है शिवजी की अमर कथा?

 

पौराणिक कथा के मुताबिक, भगवान शिव ने अमर कथा सुनाने के लिए एक एकांत स्थान चुना था, जिसे आज अमरनाथ गुफा के नाम से जाना जाता है। कथा सुनाने से पहले उन्होंने गुफा के चारों ओर अग्नि प्रज्ज्वलित कर दी थी, ताकि कोई भी वहां प्रवेश न कर सके और अमर कथा न सुन पाए।

 

इसके बाद भगवान शिव माता पार्वती को अमर कथा सुनाने लगे। कथा सुनते-सुनते माता पार्वती को नींद आ गई, लेकिन शिवजी को लगा कि वह कथा सुन रही हैं। कुछ समय बाद भगवान शिव ने देखा कि माता पार्वती सो रही हैं। वहीं गुफा में मौजूद दो कबूतरों ने पूरी कथा सुन ली थी। यह देखकर शिवजी क्रोधित हो गए। तब दोनों कबूतरों ने उनसे क्षमा मांगी। एक कबूतर ने कहा कि यदि आप हमें मार देंगे, तो यह अमर कथा असत्य हो जाएगी। कबूतरों की बात सुनकर शिवजी शांत हो गए और उन्होंने कहा कि आज से इन दोनों कबूतरों को शक्ति और अमरता का प्रतीक माना जाएगा।

 

नोट: यह कथा धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक कथाओं पर आधारित है। इसकी ऐतिहासिक या वैज्ञानिक पुष्टि नहीं की जा सकती।

‘यह झूठ फैलाने का फोरम नहीं’, भारत ने UN में पाकिस्तान को खूब खरी-खरी सुनाई


पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र के मंच पर जम्मू-कश्मीर का जिक्र किया। भारत ने पाकिस्तान के इस कदम की न केवल कड़ी आलोचना की, बल्कि खूब लताड़ भी लगाई। संयुक्त राष्ट्र में भारत के दूत परवथानेनी हरीश ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और आगे भी रहेगा। हरीश ने कहा कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र के मंच का गलत इस्तेमाल किया और गलत व गुमराह करने वाली जानकारी फैलाई। 

 

परवथानेनी हरीश ने कहा, ‘पाकिस्तान ने भारत के अंदरूनी मामले यानी केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर का बिना वजह जिक्र किया और मुझे जवाब देने पर मजबूर किया। पाकिस्तान ने इस फोरम को भी अपने बांटने वाले राजनीतिक फायदों की खातिर यूएन के बड़े प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल करने से नहीं बख्शा है।’

 

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‘यह झूठ फैलाने का फोरम नहीं है’

उन्होंने आगे कहा, ‘सिक्योरिटी काउंसिल में अपनी मौजूदगी का पाकिस्तान ने गलत इस्तेमाल किया। इसमें कई गलत जानकारी और गुमराह करने वाले संदेशों का प्रसार शामिल है। मैं पाकिस्तान को याद दिलाना चाहूंगा कि यूएन सिक्योरिटी काउंसिल का सदस्य होना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। यह एकतरफा और झूठी बातें फैलाने का फोरम नहीं है।’

 

 

 

 

आपको बता दें कि एक दिन पहले यानी शुक्रवार को ही संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि आसिम इफ्तिखार अहमद ने यूएन महासभा में ‘सुरक्षा परिषद की वार्षिक रिपोर्ट’ के दौरान अपने संबोधन में जम्मू-कश्मीर का जिक्र किया था। भारत ने सख्त लहजे में कह दिया है कि पाकिस्तानी खोखली बातों से सच्चाई नहीं बदलेगी। जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा।

 

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जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा, सच्चाई नहीं बदलने वाली

परवथानेनी हरीश ने कहा, ‘मैं यह साफ-साफ कहना चाहूंगा कि जम्मू और कश्मीर भारत का एक जरूरी और अटूट हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा। इसके उलट कोई भी दावा बेबुनियाद, ऐतिहासिक तथ्यों से अलग और मेल नहीं खाता। पाकिस्तान की खोखली बातें और खोखले दावे इस बुनियादी सच्चाई को नहीं बदलेंगे।’

जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन, जुटने लगे समर्थक, अब आगे क्या


देश की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का बड़ा प्रदर्शन होने जा रहा है। जेन Z युवाओं की इस पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने यूनियन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर यह प्रदर्शन बुलाया है। सुबह 9 बजे शुरू होने वाले इस प्रदर्शन में NEET-UG 2026 पेपर लीक और CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) में हुई गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया जाएगा।

पार्टी के प्रवक्ताओं ने बताया कि अभिजीत दीपके पहले पुलिस से अनुमति लेंगे। प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों को संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के पास पहुंचने को कहा गया है। लद्दाख के प्रसिद्ध कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस प्रदर्शन में शामिल होने वाले हैं। आगे क्या-क्या होगा, जानने के लिए आप यह लाइव ब्लॉग पढ़ते रहिए।

‘सिर्फ चीनी की मीठी गोलियां’, अनुष्का ने होम्योपैथी का सपोर्ट किया, भड़का डॉक्टर


बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा सुर्खियों में छाई हुई हैं। उन्होंने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर किया था जिसके बाद सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ गया। लोग उन्हें अनपढ़ कहने लगे। कुछ लोगों ने उनका सपोर्ट भी किया। आइए जानते हैं अनुष्का ने ऐसा क्या पोस्ट किया कि सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई।

 

अनुष्का ने अपने पोस्ट में बताया कि होम्योपैथी ने उनके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साथ ही उन्होंने हेल्थ और वेलनेस के डॉक्टर डॉ. राजन शंकरन के अप्रोच की भी तारीफ की है। 

 

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अनुष्का के पोस्ट पर छिड़ी बहस

अनुष्का ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर डॉक्टर शंकरन और नमिता थापर के बातचीत का वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, ‘होम्योपैथी मेरी जिंदगी का अहम हिस्सा रहा है और डॉक्टर राजन शंकरन उस जर्नी का अहम हिस्सा रहे हैं। हेल्थ और माइंडफुल लिविंग पर मैं उनकी गहरी समझी को बहुत अहमियत देती हूं।’ इस वीडियो में डॉक्टर शंकरन का कहना है कि होम्योपैथी बीमारी नहीं इंसान के पूरे इलाज पर भरोसा रखता है।

 

 

अनुष्का के इस पोस्ट का कई होम्योपैथी डॉक्टर ने स्वागत किया है। सोशल मीडिया पर एक होम्योपैथी की डॉक्टर ने बताया कि लोग हमारे प्रोफेशन का मजाक उड़ाते हैं लेकिन आपको फिर भी आना हमारे पास ही पड़ता है। अनुष्का के समर्थन में कुछ लोगों का कहना है कि यह हर व्यक्ति का निजी चुनाव है। कुछ का कहना है कि सेलेब्स पैसों के लिए कुछ भी बोल सकते हैं। ये अपनी पर्सनल लाइफ में क्या करते हैं? किसे पता है?

 

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द लिवर डॉक ने निकाली भड़ास

वहीं ‘द लिवर डॉक’ के नाम से मशहूर लिवर विशेषज्ञ डॉक्टर साइिएख एबी फिलिप्स अनुष्का के पोस्ट को देखकर भड़क गए। उन्होंने अपने पोस्ट में बताया, ‘होम्योपैथी की दवाइयों सिर्फ पानी, अल्कोहल और चीनी की गोलियां होती है जिसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘कुछ लोगों को लगता है कि उनकी बीमारी होम्योपैथी दवाई लेने से ठीक हुई है लेकिन कई बीमारियां समय के साथ खुद ठीक हो जाती है। यूके एनएचएस, फ्रांस, स्पेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने इसकी फंडिंग को रोक दिया है लेकिन भारत में इसे आयुष मंत्रालय के तहत मान्यता दी गई है।’

 

 

 

डॉक्टर लिवर डॉक ने अपने पोस्ट में कहा, ‘ये सिर्फ चीनी की मीठी गोलियां हैं और सेलिब्रिटीज इसका प्रमोशन भी कर रहे हैं। इनमें से कोई भी डॉक्टर नहीं है। आप अपने बच्चों को ये दवाइयां न दें।’

प्रतिदिन करें विष्णु चालीसा का पाठ, भगवान विष्णु देंगे मोक्ष


सनातन धर्म के अनुसार भगवान विष्णु ही सृष्टि के पालनहार हैं। उनकी कृपा से कोई भी भक्त अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते है। भगवान विष्णु की आराधना करने से भक्त दुखों पर विजय पाते हैं। साथ ही विष्णु चालीसा पढ़ने से भक्त को सुख, संपत्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस वजह से कई धार्मिक जानकारों का मानना है कि हर भक्त को कोशिश करनी चाहिए कि वह भगवान विष्णु की पूजा के बाद विष्णु चालीसा का पाठ करें।


कई लोग सिर्फ एकादशी के दिन विष्णु चालीसा का पाठ करते हैं, जबकि उन्हें कोशिश करनी चाहिए कि वे हर रोज कम से कम एक बार विष्णु चालीसा पढ़ें। जो लोग हर रोज विष्णु चालीसा नहीं पढ़ पाते हैं, उन्हें कोशिश करनी चाहिए कि वे गुरुवार के दिन विष्णु चालीसा का पाठ करें। गुरुवार को भगवान विष्णु का दिन माना जाता है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक, विष्णु चालीसा पढ़ने से भक्तों को न सिर्फ भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है, बल्कि मां लक्ष्मी की कृपा भी बरसती है।

 

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विष्णु चालीसा

 

दोहा

 

विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय।
कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय।


 
चौपाई

 


नमो विष्णु भगवान खरारी।
कष्ट नशावन अखिल बिहारी॥
 
प्रबल जगत में शक्ति तुम्हारी।
त्रिभुवन फैल रही उजियारी॥
 
सुन्दर रूप मनोहर सूरत।

सरल स्वभाव मोहनी मूरत॥
 
तन पर पीतांबर अति सोहत।
बैजन्ती माला मन मोहत॥
 
शंख चक्र कर गदा बिराजे।
देखत दैत्य असुर दल भाजे॥
 
सत्य धर्म मद लोभ न गाजे।
काम क्रोध मद लोभ न छाजे॥
 
संतभक्त सज्जन मनरंजन।
दनुज असुर दुष्टन दल गंजन॥
 
सुख उपजाय कष्ट सब भंजन।
दोष मिटाय करत जन सज्जन॥

 

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पाप काट भव सिंधु उतारण।
कष्ट नाशकर भक्त उबारण॥
 
करत अनेक रूप प्रभु धारण।
केवल आप भक्ति के कारण॥
 
धरणि धेनु बन तुमहिं पुकारा।
तब तुम रूप राम का धारा॥
 
भार उतार असुर दल मारा।
रावण आदिक को संहारा॥
 
आप वराह रूप बनाया।
हरण्याक्ष को मार गिराया॥
 
धर मत्स्य तन सिंधु बनाया।
चौदह रतनन को निकलाया॥
 
अमिलख असुरन द्वंद मचाया।
रूप मोहनी आप दिखाया॥
 
देवन को अमृत पान कराया।
असुरन को छवि से बहलाया॥

 

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कूर्म रूप धर सिंधु मझाया।
मंद्राचल गिरि तुरत उठाया॥
 
शंकर का तुम फन्द छुड़ाया।
भस्मासुर को रूप दिखाया॥
 
वेदन को जब असुर डुबाया।
कर प्रबंध उन्हें ढूंढवाया॥
 
मोहित बनकर खलहि नचाया।
उसही कर से भस्म कराया॥
 
असुर जलंधर अति बलदाई।
शंकर से उन कीन्ह लडाई॥
 
हार पार शिव सकल बनाई।
कीन सती से छल खल जाई॥
 
सुमिरन कीन तुम्हें शिवरानी।
बतलाई सब विपत कहानी॥

 

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तब तुम बने मुनीश्वर ज्ञानी।
वृन्दा की सब सुरति भुलानी॥
 
देखत तीन दनुज शैतानी।
वृन्दा आय तुम्हें लपटानी॥
 
हो स्पर्श धर्म क्षति मानी।
हना असुर उर शिव शैतानी॥
 
तुमने ध्रुव प्रहलाद उबारे।
हिरणाकुश आदिक खल मारे॥
 
गणिका और अजामिल तारे।
बहुत भक्त भव सिन्धु उतारे॥
 
हरहु सकल संताप हमारे।
कृपा करहु हरि सिरजन हारे॥
 
देखहुं मैं निज दरश तुम्हारे।
दीन बन्धु भक्तन हितकारे॥
 
चहत आपका सेवक दर्शन।
करहु दया अपनी मधुसूदन॥
 
जानूं नहीं योग्य जप पूजन।
होय यज्ञ स्तुति अनुमोदन॥
 
शीलदया सन्तोष सुलक्षण।
विदित नहीं व्रतबोध विलक्षण॥

 

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करहुं आपका किस विधि पूजन।
कुमति विलोक होत दुख भीषण॥
 
करहुं प्रणाम कौन विधिसुमिरण।
कौन भांति मैं करहु समर्पण॥
 
सुर मुनि करत सदा सेवकाई।
हर्षित रहत परम गति पाई॥
 
दीन दुखिन पर सदा सहाई।
निज जन जान लेव अपनाई॥
 
पाप दोष संताप नशाओ।
भव-बंधन से मुक्त कराओ॥
 
सुख संपत्ति दे सुख उपजाओ।
निज चरनन का दास बनाओ॥
 
निगम सदा ये विनय सुनावै।
पढ़ै सुनै सो जन सुख पावै॥

 

 दोहा 

भक्त हृदय में वास करें पूर्ण कीजिये काज ।
शंख चक्र और गदा पद्म हे विष्णु महाराज ॥

 

 

अमेरिकी पोत पर ड्रोन और मिसाइल अटैक, ट्रंप को आंखें दिखाने लगा ईरान


कुवैत और बहरीन पर दर्जनों ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद भी ईरान का आक्रामक रुख जारी है। ईरान ने दावा किया है कि उसने ओमान की खाड़ी पर मौजूद अमेरिकी युद्धपोत पर चेतावनी मिसाइल और ड्रोन दागे है। ईरान ने यह दावा उस वक्त किया जब अमेरिका ने हिंद महासागर में रातभर प्रतिबंधित पोत के खिलाफ एक्शन लेने की बात कही।

 

ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक ईरानी नौसेना ने कहा कि उसने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी युद्धपोतों पर चेतावनी मिसाइलें और ड्रोन से हमला किया। उसने अमेरिकी नौसेना पर समुद्री यातायात को बाधित करने और वाणिज्यिक जहाजों व तेल टैंकरों को जब्त करने का आरोप भी लगाया।

 

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इस बीच पेंटागन ने बताया कि हिंद महासागर में अमेरिकी सेना ने रातभर प्रतबंधित पोत के खिलाफ कार्रवाई की। इंडो-पैसिफिक कमांड के मुताबिक अमेरिकी सेना ने रातभर में हिंद महासागर में प्रतिबंधित राज्यविहीन पोत एम/टी डेविना को रोका।

अवैध नेटवर्क के खिलाफ एक्शन जारी रहेगा: अमेरिकी सेना

बयान में आगे कहा गया, ‘हम ईरान को भौतिक सहायता प्रदान करने वाले अवैध नेटवर्क को बाधित करने और उन्हें रोकने के लिए वैश्विक समुद्री प्रवर्तन जारी रखेंगे, चाहे वे कहीं भी संचालित हों।’ बता दें कि अमेरिकी सेना ने हाल ही में हिंद महासागर में की वाणिज्यिक और तेल टैंकरों को रोका है। उन पर ईरान को सहायता पहुंचाने का आरोप भी लगाया है।

 

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घट रहा ईरान का तेल निर्यात

ईरान सबसे अधिक कमाई कच्चा तेल बेचकर करता है। चीन उसका सबसे बड़ा खरीदार है, लेकिन अमेरिकी नाकेबंदी ने उसके सामने जटिल चुनौती खड़ी कर दी है। मई में ईरान का कच्चा तेल निर्यात पिछले छह वर्षों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू की थी। इसका उद्देश्य दबाव डालकर ईरान से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुलवाना था।
 
आंकड़ों के मुताबिक ईरान अपना 80 फीसद तेल निर्यात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते से ही करता है। अमेरिकी नाकेबंदी के बाद तेहरान ने चीन को तेल बेचना कम कर दिया है। 

‘सुरक्षा में कोई सेंध नहीं’, कैप्टन के प्रपोज पर क्यों मचा बवाल?


सेना के एक कैप्टन ने महाराष्ट्र में पासिंग-आउट परेड समारोह के बाद अपनी प्रेमिका को प्रपोज किया। रनवे पर ही घुटने के बल बैठकर अपनी प्रेमिका को अंगूठी पहनाई। पीछे सेना का एक हेलीकॉप्टर खड़ा है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया दो धड़ों में बंट गया। कुछ ने कैप्टन की तारीफ की तो कई लोगों ने मिलिट्री प्रोटोकॉल और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं पर नई बहस छेड़ दी। घटना मंगलवार को महाराष्ट्र के नासिक में स्थित कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल की है। 

 

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस के बाद कैप्टन भरत भारद्वाज को कई सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों का साथ मिला है। सेना के पूर्व अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर जताई जा रही गंभीर सुरक्षा उल्लंघन की अटकलों को खारिज कर दिया। लोगों की प्रतिक्रिया को अति आक्रोश कहकर इसकी आलोचना की। सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल एचएस पनाग, रिटायर्ड कर्नल संजय पांडे, जनरल डीपी पांडे और लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) कंवल जीत सिंह ढिल्लों ने भरत भारद्वाज का समर्थन किया।

 

 

 

 

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एचएस पनाग का भी मिला साथ

सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल एचएस पनाग ने एक्स पर लिखा, ‘अपनी सेवा के दौरान मैंने ऐसे कई मामलों को संभाला। मैंने जोश से भरे युवा अफसरों और सैनिकों की गरिमा और आजाद सोच की रक्षा और उसे बनाए रखने के लिए हर मुमकिन कोशिश की। मैंने उनकी गोपनीय रिपोर्टों (confidential reports) की जांच करना जरूरी समझा और अगर चेन ऑफ कमांड में मौजूद अधिक सख्त कमांडरों का नजरिया अलग होता तो मैंने उन मामलों को सही करता था। सबसे खराब स्थिति में मैंने बिना नाम या घटना का जिक्र किए एक सामान्य चेतावनी वाला पत्र जारी किया।’

 

 

 

सुरक्षा में कोई सेंध नहीं: सतीश दुआ  

पूर्व चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सतीश दुआ ने भी कैप्टन भरत भारद्वाज का समर्थन किया और लिखा, ‘सोशल मीडिया पर एक युवा कैप्टन की चॉपर के सामने प्रपोज करने वाली इस तस्वीर को लेकर बहुत अधिक नकारात्मकता दिखाई जा रही है। कई मौकों पर सेना के उपकरण आम लोगों के देखने और फोटोग्राफी के लिए रखे जाते हैं। इससे सुरक्षा में कोई सेंध नहीं लगती। ये युवा पायलट अक्सर अपने परिवार और दोस्तों से दूर रहते हैं। उन्हें अपना काम करने दें।’

 

भारतीय सेना के सेवानिवृत्त जनरल अधिकारी डीपी पांडे ने लोगों की प्रतिक्रिया की आलोचना की। उन्होंने बताया कि कैप्टन ने चाय ब्रेक के दौरान प्रपोज किया था, न कि परेड के दौरान। उस वक्त सभी को तस्वीरें लेनी की अनुमति होती है।

 

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‘युवा नहीं करेगा तो कौन करेगा’

लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) कंवल जीत सिंह ढिल्लों ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, ‘आप चाहते हैं कि वह युवा अफसर देश-प्रेम के लिए अपनी जान कुर्बान कर दे, लेकिन आप यह नहीं चाहते कि वह अपनी मंगेतर के लिए अपना प्यार जाहिर करे। सेना में हम कहते हैं, ‘अगर युवा नहीं करेगा, तो कौन करेगा?’

 

उन्होंने आगे कहा कि अगर आपको उसकी पेशेवर काबिलियत में कोई कमी नहीं दिखती तो प्यार और अपनेपन के ऐसे पवित्र भाव पर बेवजह नुक्ताचीनी न करें। सुरक्षा चिंताओं से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, ‘देश भर में आयोजित कई ‘अपनी सेना को जानें’ (Know your Army) प्रदर्शनियों में सैन्य साजो-सामान प्रदर्शित किए जाते रहे हैं। छात्र और आम नागरिक उनके साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं, जो सेना के प्रति उनके गर्व और प्रेम को दर्शाती हैं। इसलिए कृपया इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा न उठाएं। उस युवा सैनिक को गर्व और सम्मान के साथ अपना राष्ट्रीय कर्तव्य निभाने दें।

गर्मी में कंफर्ट और स्टाइल के लिए पहनें ये मैक्सी ड्रेस, बार-बार देखेंगे लोग

गर्मी के मौसम में हर कोई आरामदायक कपड़े पहनना चाहता है। खासतौर से महिलाएं ऐसे आउटफिट को चुनती हैं जो पहनने में आरामदायक होने के साथ दिखने में स्टाइलिश भी लगे। इस बार मार्केट में मैक्सी ड्रेसेस का ट्रेंड छाया हुआ है। इस ड्रेस में आपको तरह-तरह के खूबसूरत प्रिंट और पैटर्न मिल जाएंगे। 

 

मैक्सी ड्रेस हर उम्र की महिलाओं को पसंद आता है। खासतौर से गर्मी के मौसम में अगर आप ऑफिस या कॉलेज जा रही हैं तो यह आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट है। अगर आप भी मैक्सी ड्रेस खरीदना को सोच रही है तो हम आपको कुछ अच्छे ऑप्शन बता दे रहे हैं।

 

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फ्लोरल प्रिंटेड मैक्सी ड्रेस

इस मौसम में फ्लोरल प्रिंट लोगों को खूब पसंद आता है। आप कॉटन वाली फ्लोरल मैक्सी ड्रेस खरीद सकती हैं। इसमें आप स्लीवलेस और वी नेकलाइन वाला डिजाइन खरीदे। वी नेकलाइन में आपकी हाइट लंबी दिखती है। ये दिखने में स्टाइलिश भी लगता है और पहनने में आरामदायक भी होता है। फ्लोरल प्रिंट गर्मी में चील समर वाइब देता है।

 

ए लाइन फ्लोइंग ड्रेस

ये मैक्सी ड्रेस दिखने में बेहद स्टाइलिश और एलिगेंट लगता है। इसकी लंबाई घुटनों से नीचे तक होती है। इसका ए लाइन फ्लोइंग स्कर्ट दिखने में बहुत खूबसूरत लगता है। आप इस आउटफिट को किसी मौके पर पहन सकती है।

 

 

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स्लीवलेस प्रिंटेड ड्रेस

 

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शिव भगवान ने लिए थे 19 अवतार, जानिए 5 अवतारों की पौराणिक कथाएं


सनातन धर्म में माना जाता है कि शिव भगवान हमेशा अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। शिव भगवान ने संसार को सही राह दिखाने के लिए कई अवतार लिए थे, साथ ही पापी राक्षसों का वध करने के लिए भी अवतार धारण किए थे। धार्मिक मान्यता के मुताबिक, शिव भगवान ने 19 बार अवतार लिया था। इन अवतारों के जरिए उन्होंने अधर्म को खत्म कर धर्म की स्थापना की थी। शिव जी ने कई अवतार सिर्फ राक्षसों को खत्म करने के लिए नहीं लिए थे, बल्कि अपने कई अवतारों के जरिए भक्तों को महत्वपूर्ण शिक्षाएं भी दी हैं।

 

शिव भगवान के कुछ ऐसे अवतार हैं, जिनके जरिए हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। शिव भगवान ने जहां एक तरफ भैरव अवतार में अपना कठोर रूप दिखाया था, वहीं दूसरी तरफ भिक्षुवर्य अवतार में शांत और ईमानदार स्वभाव का परिचय दिया। इन्हीं अवतारों में से 5 खास अवतार भैरव, पिपलाद, नंदी, गृहपति और भिक्षुवर्य हैं। आइए जानते हैं इन अवतारों से जुड़ी पौराणिक कथाएं।

 

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शिव भगवान का भैरव अवतार

 

पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार ब्रह्मा जी अपने अहम में डूब गए थे। इस अहंकार में वह अपनी सारी हदें भूल गए थे। उन्हें समझाना बेहद जरूरी हो गया था। इस वजह से शिव भगवान ने भैरव रूप धारण किया। भैरव भगवान ने ब्रह्मा जी का एक सिर काट लिया था, जिससे उनका अहंकार खत्म हो गया। इस अवतार के जरिए शिव भगवान ने भक्तों को सीख दी कि लोगों को अहंकार को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए।

 

पिपलाद अवतार

 

शिव भगवान के 19 अवतारों में से पहला अवतार पिपलाद माना जाता है। कई भक्त शनि देव की दृष्टि से बेहद डरते हैं। ऐसे लोग यदि पिपलाद भगवान की पूजा करते हैं तो शनि देव के प्रकोप से बच सकते हैं।

 

कथा के अनुसार, पिपलाद ऋषि दधीचि के पुत्र के रूप में जन्मे थे। पिपलाद के पिता की जल्द मृत्यु हो गई थी। साथ ही उनकी मां भी उन्हें छोड़कर चली गई थीं, जिस वजह से पिपलाद बचपन में ही अकेले पड़ गए थे। हालांकि, वह शिव भगवान की आराधना करते थे। अकेलेपन की वजह से एक बार पिपलाद ने शनि देव को श्राप दे दिया। जिसे शनि देव सहन नहीं कर पाए और वहां से चले गए। बाद में जब पिपलाद जी का क्रोध शांत हुआ तो उन्होंने शनि देव से माफी मांग ली। गुस्सा ठंडा होने पर पिपलाद को समझ आया कि उन्होंने गलत श्राप दिया था। इस अवतार के जरिए शिवजी ने संदेश दिया कि गुस्से में आकर किसी को श्राप नहीं देना चाहिए, बल्कि क्षमा करना चाहिए।

 

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नंदी अवतार

 

नंदी जी सिर्फ शिव भगवान के वाहन नहीं हैं, बल्कि वह स्वयं शिव भगवान का एक अवतार माने जाते हैं। पौराणिक कथाओं के मुताबिक, नंदी हमेशा कैलाश पर्वत पर शिव जी के पास रहते हैं। जब किसी देवता को भी शिवजी से मिलना होता है, तो वह पहले नंदी जी से ही अनुमति लेते हैं। नंदी जी को ऋषियों के समान धर्म का ज्ञान प्राप्त है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति नंदी जी के कान में अपनी इच्छा कहकर उसे शिव भगवान तक पहुंचा सकता है।

 

गृहपति अवतार

 

धार्मिक कथाओं के मुताबिक, गृहपति ऐसे घर में जन्मे थे, जहां उनकी सिर्फ मां थीं और उनके पिता का निधन हो चुका था। गृहपति बाल अवस्था से ही हमेशा शिव भगवान की आराधना करते थे। उन्हें देखकर आसपास के लोग कहते थे कि वह सिर्फ समय बर्बाद कर रहे हैं।

 

एक दिन एक बाबा ने गृहपति की मां को बताया कि गृहपति की आयु अधिक नहीं है। यह सुनकर उनकी मां रोने लगीं। तब गृहपति ने अपनी मां से कहा, ‘मां, तुम चिंता मत करो, शिव भगवान मुझे लंबी उम्र देंगे।’ इसके बाद गृहपति ने शिव नाम का जप किया। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर शिव भगवान ने उन्हें लंबी आयु का वरदान दिया।

 

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भिक्षुवर्य अवतार

 

इस अवतार में शिव भगवान भिक्षु बने थे, जिनके शरीर पर हमेशा राख लगी रहती थी। भिक्षुवर्य के जीवन में धन का अभाव था, इसके बावजूद वह हमेशा खुश और मुस्कुराते रहते थे। इस अवतार के जरिए शिव भगवान ने हमें यह शिक्षा दी कि धन के अभाव में दुखी नहीं होना चाहिए।