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संसद में महिलाओं के आरक्षण को लेकर बीजेपी ने पकड़ी तेजी, जारी किया व्हिप


सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने सांसदों को 16 से 18 अप्रैल तक संसद की विशेष बैठक में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने का व्हिप जारी कर दिया है। इस बैठक में महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए तेजी से काम करने की तैयारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से इस कोटा को लागू करने के लिए समर्थन मांगा है।

 

2023 में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पास हो चुका है लेकिन यह आरक्षण सिर्फ जनगणना और परिसीमन (delimitation) के बाद ही लागू होगा। बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विशेष बैठक में दो बिल लाने की मंजूरी दे दी। इनमें 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले आरक्षण लागू करने और नई परिसीमन आयोग बनाने का प्रावधान है।

 

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काफी सख्त है व्हिप

BJP का तीन लाइन का व्हिप काफी सख्त है। इसमें कहा गया है कि कोई छुट्टी नहीं दी जाएगी। सभी सदस्यों को बिना रुके सदन में मौजूद रहना होगा।

 

शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी ने सभी पार्टियों को पत्र लिखा। उन्होंने ‘सामूहिक कार्रवाई’ की अपील की ताकि 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में महिलाओं का आरक्षण लागू हो जाए। मोदी ने लिखा, ’16 अप्रैल से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर ऐतिहासिक चर्चा होने जा रही है। यह विशेष बैठक हमारी लोकतंत्र को और मजबूत करने का मौका है।’

क्या बोले मोदी?

मोदी ने कहा कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी भारत की लंबी अवधि की प्रगति के लिए बहुत जरूरी है। ‘कोई भी समाज तभी आगे बढ़ता है जब महिलाएं आगे बढ़ने, फैसले लेने और नेतृत्व करने का मौका पाएं।’ उन्होंने अंतरिक्ष से खेल, सेना से स्टार्टअप तक हर क्षेत्र में महिलाओं की सफलता का जिक्र किया।

 

प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि 2023 में यह कानून लगभग सर्वसम्मति से पास हुआ था। सभी पार्टियां एकजुट हुई थीं। अब वक्त आ गया है कि इसे पूरे देश में सही मायने में लागू किया जाए। उन्होंने सभी दलों से पार्टियों से ऊपर उठकर महिलाओं और आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी दिखाने की अपील की। मोदी को भरोसा है कि संसद एक स्वर में इस ऐतिहासिक काम को पूरा करेगी।

 

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कांग्रेस ने उठाया सवाल

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस विशेष बैठक के समय पर सवाल उठाया। उन्होंने मोदी को पत्र लिखकर कहा कि कानून पास हुए 30 महीने हो गए लेकिन अब बिना उनसे बात किए बैठक बुलाई गई। खड़गे ने कहा कि परिसीमन की कोई डिटेल्स बताए बिना उपयोगी चर्चा करना मुश्किल है। उन्होंने 29 अप्रैल के बाद सभी पार्टियों की बैठक बुलाने की मांग की, जब राज्य चुनाव खत्म हो जाएं।

 

सरकार का कहना है कि यह महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का बड़ा कदम है। विशेष बैठक में सभी सदस्य सक्रिय रूप से बहस में हिस्सा लेंगे। यह लोकतंत्र की मजबूत परंपरा को और आगे बढ़ाएगा।

महिला की नाक से निकला 1 इंच लंबा कीड़ा, डॉक्टर्स भी हुए हैरान


जब भी हमें सर्दी या जुकाम होता है तो नाक से पानी से पानी आने लगता है। क्या आपने कभी सुना है कि छींकते समय किसी की नाक से कीड़ा निकला है लेकिन यह सच है। इस खबर को सुनने के बाद कोई भी हैरान हो सकता है। यह घटना ग्रीक की है। वहां रहने वाली एक महिला की नाक से छींकते समय एक इंच लंबा कीड़ा निकला। इस घटना ने डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया है।

 

न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक ग्रीस की 58 साल की महिला के साथ अजीब घटना हुई जब वह अपने खेत पर सितंबर के महीने में काम कर रही थीं। उनके आसपास भेड़ें चर रही थीं। उस दौरान उनके चेहरे के आसपास कई मक्खियां भिनभिना रही थीं लेकिन उन्होंने इस बात को नजरअंदाज कर दिया।

 

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महिला की नाक से निकले 10 लार्वा और 1 प्यूपा

एक हफ्ते के बाद महिला को साइनस की समस्या हो रही थी। उन्हें हल्का फुल्की सर्दी थी इसके अलावा कोई लक्षण नहीं था। 15 अक्टूबर के बाद सब कुछ बदल गया। जब वह छींक रही थी तब उनके नाक से छोटा सा कीड़ा बाहर निकला और वह तुरंत डॉक्टर के पास पहुंचीं।

 

ENT विशेषज्ञ ने महिला की सर्जरी की और उनके नाक के अंदर से 10 लार्वा, एक प्यूपा निकाला। महिला के नाक से निकलने वाले कीड़े भेड़ों में पाए जाने वाले शीप बॉप फ्लाई के लार्वा थे। इस कीड़े को साइंस में Oestrus ovis कहा जाता है। ये कीड़े आमतौर पर भेड़ और बकरियों में पाए जाते हैं। इनका संक्रमण इंसानों में होना बहुत ही दुर्लभ है। 

 

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महिला के साथ ऐसा क्यों हुआ?

डॉक्टर ने बताया कि महिला की नाक के अंदर सेप्टम डिविएशन था। इस कारण नाक में ऐसा वातावरण बना जिसकी वजह से ये लार्वा जिंदा रह सके और बढ़ने लगे। आमतौर पर इंसानों की नाक में ऐसे कीड़े ज्यादा देर तक जिंदा नहीं रह पाते हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि ऐसा होना बहुत दुर्लभ है। हालांकि अब महिला पूरी तरह से ठीक हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति पशुओं के आसपास काम करता है और उसे लंबे समय तक साइनस की समस्या रहती है तो उन्हें सतर्क रहना चाहिए।

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रविवार के दिन सूर्य की बदल रही चाल, आपकी राशि पर क्या असर होगा? राशिफल पढ़ें


आज 12 अप्रैल 2026 है, दिन रविवार और चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। पंचांग के अनुसार आज का दिन सूर्य देव की ऊर्जा से ओत-प्रोत है, जिसका स्वामी अंक 1 और मूलांक 3 बनता है। मूलांक 3 होने के कारण आज के दिन पर देवगुरु बृहस्पति का भी प्रभाव रहेगा, जो ज्ञान, विस्तार और सकारात्मकता का प्रतीक है। ग्रहों की चाल को देखें तो आज चंद्रमा कुंभ राशि में संचरण करेंगे, जिससे वायु तत्व की प्रधानता रहेगी और लोगों के विचारों में नवीनता और सामाजिकता का भाव बढ़ेगा।

 

रविवार का दिन होने के कारण आज का दिन नई योजनाओं को आकार देने और आत्म-चिंतन के लिए श्रेष्ठ है। आज रवि योग का निर्माण हो रहा है, जो कार्यों में सफलता और यश की प्राप्ति कराएगा। ब्रह्मांडीय ऊर्जा आज हमें अनुशासन के साथ आगे बढ़ने और अपने लक्ष्यों के प्रति केंद्रित रहने के लिए प्रेरित कर रही है। कुल मिलाकर, आज का दिन साहस और बुद्धिमत्ता के मेल से लाभ कमाने का है, जहाँ पुराने अटके हुए काम गति पकड़ सकते हैं।

 

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राशिफल और उपाय

 

मेष


आज आपका आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य के लिए लाभकारी होंगी। व्यापार में साझेदारों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी, लेकिन निवेश में सावधानी बरतें। प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी और परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, बस आंखों का ख्याल रखें।

क्या करें: सूर्य को जल अर्पित करें।

क्या न करें: जल्दबाजी में कोई वित्तीय निर्णय न लें।

 

वृषभ 


आज का दिन शांतिपूर्ण रहेगा। भाग्य प्रतिशत: 70%। नौकरीपेशा लोगों को काम का दबाव महसूस हो सकता है, लेकिन आपकी मेहनत रंग लाएगी। आर्थिक रूप से दिन सामान्य है, खर्चों पर नियंत्रण रखें। परिवार में किसी बात को लेकर बहस हो सकती है, वाणी पर संयम रखें। स्वास्थ्य में थोड़ी थकान महसूस हो सकती है।

क्या करें: जरूरतमंदों को गुड़ का दान करें।

क्या न करें: आज किसी को उधार देने से बचें।

 

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मिथुन 


बौद्धिक कार्यों में सफलता मिलेगी। करियर में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा और व्यापार में नए सौदे हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। प्रेम संबंधों में गहराई आएगी और जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बढ़ेगा। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, मौसमी बीमारियों से बचें।

क्या करें: गाय को हरा चारा खिलाएं।

क्या न करें: अनजान लोगों पर भरोसा न करें।

 

कर्क


आज आप भावुक महसूस कर सकते हैं। कार्यक्षेत्र में एकाग्रता की कमी रह सकती है, इसलिए महत्वपूर्ण कार्यों को ध्यान से करें। व्यापार में मध्यम लाभ के योग हैं। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। परिवार में सुख-शांति का माहौल रहेगा। खान-पान में लापरवाही न बरतें, पेट संबंधी समस्या हो सकती है।

क्या करें: शिव चालीसा का पाठ करें।

क्या न करें: पुरानी नकारात्मक बातों को याद न करें।

 

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सिंह

 
आज का दिन आपके मान-सम्मान में वृद्धि करेगा। करियर में पदोन्नति के योग बन रहे हैं। व्यापार में बड़ा मुनाफा हो सकता है। आर्थिक स्थिति में जबरदस्त उछाल आएगा। पारिवारिक जीवन खुशहाल रहेगा और बच्चों की तरफ से शुभ समाचार मिलेगा। ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा।

क्या करें: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।

क्या न करें: अहंकार को अपने रिश्तों पर हावी न होने दें।

 

कन्या 


आज आप अपनी कार्यकुशलता से सबको प्रभावित करेंगे।  नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापारिक यात्रा सफल रहेगी। आर्थिक लाभ की संभावना है। प्रेम जीवन में विश्वास बढ़ेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन मानसिक तनाव से बचने के लिए योग का सहारा लें।

क्या करें: मंदिर में चने की दाल दान करें।

क्या न करें: अपनी योजनाओं को गुप्त रखें, किसी से साझा न करें।

 

तुला

 
आज का दिन मिलाजुला रहेगा। करियर में चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन धैर्य से काम लें। व्यापार में सोच-समझकर बदलाव करें। आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी। परिवार के साथ किसी धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं। स्वास्थ्य में सुधार होगा।

क्या करें: पक्षियों को दाना डालें।

क्या न करें: आज घर में कलह न होने दें।

 

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वृश्चिक


आज आप मानसिक रूप से मजबूत रहेंगे। करियर में कठिन परिश्रम का फल मिलेगा। व्यापार में नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी, पुराने कर्ज से मुक्ति मिल सकती है। जीवनसाथी के साथ विवाद सुलझेंगे। सेहत के प्रति सजग रहें।

क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।

क्या न करें: क्रोध और उत्तेजना से बचें।

 

धनु 


आज भाग्य आपका साथ देगा। करियर में बड़ी सफलता के योग हैं। व्यापार विस्तार के लिए दिन उत्तम है। आर्थिक निवेश से लाभ होगा। परिवार में उत्सव जैसा माहौल रहेगा। प्रेम संबंधों में निकटता आएगी। स्वास्थ्य बेहतरीन रहेगा।

क्या करें: पीले रंग के वस्त्र धारण करें या पीला तिलक लगाएं।

क्या न करें: आलस्य के कारण काम न टालें।

 

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मकर 


आज कार्यों में थोड़ी देरी हो सकती है। कार्यक्षेत्र में मेहनत अधिक करनी पड़ेगी। व्यापार में धैर्य रखें। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। परिवार के बुजुर्गों का मार्गदर्शन लें। स्वास्थ्य में जोड़ों का दर्द परेशान कर सकता है।

क्या करें: शनि देव के मंत्र का जाप करें।

क्या न करें: आज कोई नया वाहन या भूमि न खरीदें।

 

कुंभ 


आज चंद्रमा आपकी राशि में है, जिससे मन प्रसन्न रहेगा। करियर में रचनात्मक विचारों की सराहना होगी। व्यापार में लाभ के नए स्रोत खुलेंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य के लिहाज से दिन अच्छा है।

क्या करें: शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।

क्या न करें: दूसरों के निजी मामलों में दखल न दें।

 

मीन 


आज का दिन शुभ फलदायी है। करियर में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में वृद्धि होगी। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा और प्रेम संबंधों में मधुरता रहेगी। सेहत के प्रति लापरवाही न करें, पर्याप्त नींद लें।

क्या करें: बड़ों का आशीर्वाद लेकर दिन की शुरुआत करें।

क्या न करें: नकारात्मक विचारों को मन में न आने दें।

 

नोट: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। अपनी मेहनत पर भरोसा रखें और सकारात्मकता के साथ दिन का आनंद लें

 

अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता शुरू, पर दोनों के बीच खास मुद्दे क्या हैं?


अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल और ईरान के संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ के नेतृत्व में ईरानी प्रतिनिधिमंडल शनिवार को पाकिस्तान पहुंचा। दोनों पक्षों का मकसद है कि हाल ही में हुए युद्धविराम को मजबूत किया जाए और दोनों देशों के बीच चल रहे संघर्ष को हमेशा के लिए खत्म करने का रास्ता निकाला जाए।

 

दोनों प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अलग-अलग मिले। अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। युद्धविराम के बावजूद स्थिति काफी नाजुक है। इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच दक्षिणी लेबनान की सीमा पर अभी भी गोलीबारी हो रही है। ईरान ने औपचारिक बातचीत शुरू करने से पहले कई शर्तें रखी हैं।

 

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बैठक से कुछ घंटे पहले कहा, ‘हम देखेंगे कि क्या चल रहा है। वे सैन्य रूप से हार चुके हैं।’ ईरान की मुख्य शर्तें हैं – होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसका नियंत्रण, युद्ध के नुकसान की भरपाई, उसके ब्लॉक किए गए संपत्ति को छोड़ना और पूरे क्षेत्र में युद्धविराम। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका लेबनान में युद्धविराम और उसके ऊपर लगे प्रतिबंध हटाने की गारंटी नहीं देता, तब तक औपचारिक बातचीत शुरू नहीं हो सकती।

लेबनान बड़ा मुद्दा

लेबनान का मुद्दा सबसे महत्वपूर्ण है। ईरान लेबनान में युद्धविराम चाहता है जहां इजरायली हमलों में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के लगभग 2000 लोग मारे गए हैं। इजरायल और अमेरिका कहते हैं कि लेबनान का मामला ईरान-अमेरिका युद्धविराम से अलग है लेकिन तेहरान इसे सीधे जुड़ा हुआ मानता है। 

 

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि हिजबुल्लाह के साथ कोई युद्धविराम नहीं होगा। हालांकि इजरायल ने बेरूत के दक्षिणी इलाकों के लोगों को निकलने को लेकर चेतावनी दी है लेकिन अभी बड़े हमले नहीं हुए हैं।

इजरायल ने दी चेतावनी

ट्रंप ने कहा कि लेबनान में इजरायल के अभियान अब कम तीव्र होंगे। अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि इजरायल और लेबनान के बीच सीधी बातचीत अगले हफ्ते वॉशिंगटन में होगी। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने एक्स पर लिखा कि अगर ये कार्रवाइयां जारी रहीं तो बातचीत बेकार हो जाएगी। उन्होंने कहा, ‘हमारी उंगलियां ट्रिगर पर हैं। हम अपने लेबनानी भाई-बहनों को कभी नहीं छोड़ेंगे।’

होर्मुज दूसरा बड़ा मुद्दा

दूसरा बड़ा मुद्दा होर्मुज जलडमरूमध्य है। दुनिया के तेल परिवहन का यह बहुत महत्वपूर्ण रास्ता है। ईरान चाहता है कि इस पर उसका अधिकार माना जाए, वह होर्मुज में टोल वसूलने और उस पर नियंत्रण का अधिकार चाहता है, जबकि अमेरिका का कहना है कि यह रास्ता सभी जहाजों के लिए बिना किसी रोक-टोक के खुला रहना चाहिए। 

 

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान ‘बहुत खराब काम’ कर रहा है और समझौते का सम्मान नहीं कर रहा। फिलहाल होर्मुज से बहुत कम जहाज गुजर रहे हैं और सैकड़ों जहाज तथा 20,000 नाविक फंस गए हैं। ईरान ने नए रास्ते बनाने की घोषणा की है ताकि मुख्य इलाके में एंटी-शिप माइन्स से बचा जा सके।

परमाणु कार्यक्रम बड़ा मुद्दा

परमाणु कार्यक्रम सबसे विवादास्पद मुद्दा है। ईरान यूरेनियम संवर्धन जारी रखना चाहता है लेकिन ट्रंप इसे बिल्कुल मंजूर नहीं करते। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी इसलिए शुरू किया ताकि ईरान कभी परमाणु हथियार न बना सके। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी कहा कि ईरान को कभी परमाणु क्षमता नहीं मिलेगी। मिसाइल कार्यक्रम पर भी दोनों पक्षों में बड़ा मतभेद है। इजरायल और अमेरिका ईरान की मिसाइल क्षमता घटाना चाहते हैं लेकिन ईरान अपनी मिसाइल क्षमता को बनाए रखना चाहता है।

 

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फंड रिलीज करने की मांग

ईरान प्रतिबंध हटाने और उसके ब्लॉक फंड को रिलीज करने की मांग कर रहा है। यह फंड करीब 6 अरब डॉलर का है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने इस रिपोर्ट को खारिज किया है कि अमेरिका ने फंड रिलीज करने पर सहमति दे दी है। साथ ही ईरान, अमेरिका से मिडिल ईस्ट एरिया से अपनी सैन्य ताकत हटाने, सभी मोर्चों पर लड़ाई बंद करने और कोई हमला न करने की गारंटी भी चाहता है। लेकिन ट्रंप ने कहा है कि अंतिम शांति समझौता होने तक अमेरिकी सैन्य उपस्थिति बनी रहेगी। अगर ईरान समझौता नहीं मानता तो बड़ी लड़ाई हो सकती है।

केन-बेतवा लिंक परियोजना का हजारों आदिवासी विरोध क्यों कर रहे हैं?


केन और बेतवा दोनों मध्य प्रदेश की बड़ी नदियों में शुमार हैं। यह दोनों ही यमुना की सहायक नदियां हैं। केन बांदा तो बेतवा हमीरपुर जिले में आकर यमुना में मिलती है। दोनों मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड संभाग की पानी की जरूरतों को पूरा करती हैं। इस बड़े और शुष्क इलाके में इन दोनों नदियों की इतनी अहमियत है कि यहां की खेती, बिजली और पीने के पानी की जरूरत पूरी होती है। इसके लिए दोनों नदियों पर बांध बनाया जा रहा है। 427 किलोमीटर लंबी केन और 590 किलोमीटर बेतवा नदी को जोड़ने के लिए परियोजना चलाई जा रही है, जिससे दोनों नदियों को जोड़कर  मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों की जरूरतें पूरी की जा सकें। 

 

केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना भारत की सबसे महत्वपूर्ण और पहली नदी जोड़ो परियोजना है। इसका मकसद पानी की कमी वाले क्षेत्रों को राहत देना है। इसे खास तौर पर बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास के लिए बनाया जा रहा है। परियोजना के तहत केन नदी से अतिरिक्त पानी लेकर बेतवा नदी में पहुंचाना है। 

 

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत प्रस्तावित दौधन बांध बनाया जा रहा है। प्रस्तावित दौधन बांध का निर्माण कार्य शुरू हो गया है, लेकिन यह निर्माण कार्य अधर में अटक गया है। मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में बन रहे इस बांध को लेकर बड़े स्तर पर विरोध हो रहा है। ऐसे में आइए इस परियोजना का विरोध क्यों हो रहा है और इलाके के लाखों आदिवासी इसके खिलाफ क्यों खड़े हो गए हैं… 

 

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बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन

मध्य प्रदेश के छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना का आदिवासी समाज बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन कर रहा है। यही वजह है कि महत्वाकांक्षी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के तहत प्रस्तावित दौधन बांध का निर्माण कार्य लगातार शुक्रवार को छठवें दिन भी बंद रहा। ग्रामीण आदिवासी सरकार से उचित मुआवजे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान कुछ ग्रामीणों ने जमीन पर लेटकर शवों की तरह प्रतीकात्मक रूप से अपना विरोध दर्ज कराया। 

 

यह प्रदर्शन स्थानीय नेता अमित भटनागर के नेतृत्व में हो रहा है। प्रदर्शन में मझगांव, विशरनगंज-नेगवा, दौधन, पलकोन्हा, खरयानी, सुकवाहा और मैनारी सहित 40 से अधिक गांवों के लोग हिस्सा ले रहे हैं। बांध के निर्माण स्थल पर प्रदर्शनकारियों ने शिविर लगा लिया है। उन्होंने विस्थापित परिवारों के लिए 12.5 लाख रुपये के मुआवजे के पैकेज की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने सागर संभाग के कमिश्नर के साथ बातचीत करने पर जोर दिया है। बिजावर और राजनगर के उप-संभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) ने घटनास्थल का दौरा किया, लेकिन प्रदर्शनकारी कमिश्नर से बात करने पर अड़े हुए हैं। 

प्रदर्शनकारियों ने लगाया गंभीर आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि पन्ना जिले में पहले की बांध परियोजनाओं से विस्थापित हुए लोगों को भी पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने राहत और पुनर्वास लाभ में समानता की मांग की। प्रदर्शनकारी कर रहे हैं कि पहले के वादे पूरे नहीं किए गए हैं। इसमें सरकार ने हमसे अधिक मुआवजे देने का वादा किया था, लेकिन वह नहीं दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि केन-बेतवा परियोजना के लिए शुरुआती समर्थन के बावजूद, प्रभावित परिवारों को अभी तक पर्याप्त भुगतान नहीं मिला है।

भुसोर नाका के पास सुरक्षा कड़ी

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि लाभार्थियों के केवल एक छोटे हिस्से को मुआवजा मिला है, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी इसका इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन ने बाहरी लोगों के प्रवेश को रोकने के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व के भुसोर नाका के पास सुरक्षा कड़ी कर दी थी, लेकिन प्रदर्शनकारी वैकल्पिक रास्तों से प्रदर्शन स्थल पर पहुंच गए। हालांकि, अधिकारी बातचीत के जरिए इस स्थिति को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।

 

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परिजोयना से पैदा होने वाला खतरा

इस परिजोयना को लेकर आदिवासी और पर्यावरणविद पर्यावरणीय चिंता भी जता रहे हैं। इस परियोजना में यह बड़ी रुकावट है। दरअसल, दोनों नदियों के पानी पर बनने वाले बांध से पन्ना टाइगर रिजर्व का एक बड़े हिस्से के डूब क्षेत्र में आ जाएगा। इससे यहां के जंगल और वन्यजीवों पर खतरा पैदा हो जाएगा। इसके अलावा ग्रामीणों के सामने विस्थापन का खतरा है। यहां रहने वाले लोग सदियों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं, जिसमें हजारों लोगों को यहां से हटाना पड़ेगा। इसमें 24 गांवों का सीधा विस्थापन हो रहा है और 8 गांव सीधे तौर पर डूब जाएंगे।

केन-बेतवा लिंक कैसे होगी?

केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत मध्य प्रदेश से निकलने वाली केन और बेतवा नदी को नहर के माध्यम से जोड़ा जाएगा। इसके तहत केन नदी का पानी बेतवा नदी में बहाया जाएगा, जिससे न सिर्फ जल स्तर में बढोतरी होगी, बल्कि सिंचाई और पेयजल के लिए भरपूर पानी की उपलब्धता भी सुनिश्चित हो सकेगी। इस परियोजना के पहले चरण के तहत वर्तमान में दौधन बांध पर काम शुरू हुआ है। इस चरण में केन नदी पर 77 मीटर ऊंचा एक बांध प्रस्तावित है। 

 

इस परियोजना में बिजली उत्पादन के लिए दो पावर हाउस, एक बांध के निचले स्तर में और दूसरा निचले स्तर की सुरंग के आउटलेट पर भी प्रस्तावित है। लिंक नहर की कुल लंबाई 221 किलोमीटर होगी जिसमें 2 किलोमीटर सुरंग भी शामिल है।

परियोजना का मुख्य उद्देश्य

केन-बेतवा लिंक परियोजना के मुख्य लक्ष्य किसानों के खेतों की प्यास बुझाना है। इससे एमपी-यूपी के लगभग 10 लाख हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होगी। दोनों राज्यों में तकरीबन 62 लाख लोगों को पीने का पानी दिया जा सकेगा। इस परियोजना से लगभग 100 से ज्यादा मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। वहीं, इससे सूखाग्रस्त बुंदेलखंड के विकास में कृषि और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

किन क्षेत्रों को मिलेगा फायदा?

उत्तर प्रदेश के झांसी, बांदा, महोबा और ललितपुर जिलों के लोगों को फायदा पहुंचाएगी। वहीं, मध्य प्रदेश के पन्ना, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों को फायदा मिलेगा। यह सभी जिले बुंदेलखंड क्षेत्र में आते हैं, जो लंबे समय से सूखे की समस्या की मार झेल रहा है। इस सूखे क्षेत्र पानी की उपलब्ध होने से जल संकट का समाधान हो सकेगा। अगर इस परियोजना के लागत की बात की जाए तो इसपर कुल लागत लगभग 45,000 करोड़ रुपये आ सकती है। वहीं, इसके पूरा होने में लगभग 8 साल का समय लग सकता है।

गर्मी में चिपचिपी त्वचा से हैं परेशान, भूलकर न करें ये गलतियां

गर्मी के मौसम में धूल, धूप और पसीने की वजह से त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं। इस मौसम में ज्यादातर लोगों को पिंपल्स और रेडनेस की समस्या होती है। पसीने की वजह से त्वचा के पोर्स खुल बंद हो जाते हैं जिस वजह से डलनेस की समस्या बढ़ जाती है। खासतौर से जिन लोगों की ऑयली स्किन होती है उन्हें ज्यादा दिक्कत होती हैं।

 

इस मौसम में महिलाएं अपनी त्वचा का खास ख्याल रखते हुए छोटी-छोटी गलतियां कर देती हैं। हम आपको उन गलतियों के बारे में बता रहे हैं जिसे महिलाएं अक्सर नजर अंदाज कर देती हैं जिसकी वजह से त्वचा की चमक कम हो जाती है।

 

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गर्मी में भूलकर ने करें ये गलतियां 

बार-बार फेश वॉश करना

 

गर्मियों में पसीने की वजह से त्वचा चिपचिपी हो जाती है। चिपचिपी त्वचा से छुटकारा पाने के लिए लोग बार-बार चेहरा धोते हैं। आप इस तरह की गलती न करें। बार-बार फेस वॉश करने से त्वचा के नेचुरल ऑयल्स निकल जाते हैं और चेहरा बेजान नजर आने लगता है। इस वजह से त्वचा एक्स्ट्रा ऑयल का प्रोडक्शन करता है ताकि नमी बने रहे और इस वजह से पिंपल्स की समस्या बढ़ जाती है।

 

 

सनस्क्रीन नहीं लगना

 

कई महिलाओं को लगता है कि सनस्क्रीन लगाने से कोई खास फायदा नहीं होता है। आप इस तरह की गलती न करें। सनस्क्रीन आपको सूरज से निकलने वाली हानिकारक किरणों से बचाने का काम करता है। सनस्क्रीन नहीं लगाने से टेनिंग, सनबर्न की समस्या हो सकती है। इसके अलावा यह स्किन कैंसर के खतरे को भी कम करता है।

 

 

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हैवी मॉश्चराइजर

 

गर्मी में हैवी मॉश्चराइजर नहीं लगाना चाहिए। इससे त्वचा चिपचिपी और ऑयली बन सकती है। साथ ही पिंपल्स का खतरा भी बढ़ जाता है। इस मौसम में वॉटर बेस्ड या लाइटवेट मॉश्चराइजर का इस्तेमाल करना चाहिए।

 

एक्सफोलिएशन न करना

 

गर्मी में धूप और धूल की वजह से त्वचा को हफ्ते में दो बार एक्सफोलिएट जरूर करना चाहिए। एक्सफोलिएशन करने से डेड स्किन निकल जाती है और त्वचा में निखार नजर आता है। त्वचा को एक्सफोलिएट करने के लिए आप क्लींजर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

वृंदावन में इस जगह नहीं पहुंचा कलियुग, टटिया की अनोखी परंपरा का सच जानिए


वृंदावन क्षेत्र के पास टटिया वह स्थान है, जहां आज भी द्वापर युग की तरह प्राकृतिक सुंदरता बरकरार है। माना जाता है कि यहां कलियुग का आना ही अभी तक नहीं हुआ है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक टटिया स्थान पर भगवान कृष्ण ने अपना देह त्यागा था। धार्मिक जानकारों का मानना है कि भगवान कृष्ण के शरीर छोड़ने के बाद ही कलियुग की शुरुआत हो गई थी लेकिन टटिया में आज भी द्वापर युग जीवित है। टटिया में श्री मोहिनी बिहारी मंदिर है, जहां भगवान कृष्ण और राधा जी की पूजा-अर्चना की जाती है। इस मंदिर के दर्शन करने देश-दुनिया से कई लोग आते हैं। इस जगह पर ही संत हरिदास जी का निवास था। संत हरिदास भगवान कृष्ण के सबसे बड़े भक्त माने जाते हैं। उन्होंने यहीं पर संगीत का ज्ञान प्राप्त किया था।

 

पहले टटिया स्थान चारों तरफ से बांस और डंडों से घिरा रहता था, जिसे स्थानीय लोग टटिया कहते थे। इसी वजह से इस स्थान को टटिया कहा जाता है। मान्यता है कि यहां रहने वाले लोग बिजली, फोन और आधुनिक मशीनों के बजाय सादगी और सुकून भरा जीवन जीते हैं। यहां श्री मोहिनी बिहारी मंदिर में हर दिन भव्यता के साथ पूजा-अर्चना होती है। आइए जान लेते हैं कि इस स्थान की क्या खासियत हैं।

 

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टटिया स्थान की खासियत

टटिया स्थान वृंदावन के शोर-शराबे से बिल्कुल विपरीत और खास है। यहां के श्री मोहिनी बिहारी मंदिर में राधा अष्टमी के दिन  कई श्रद्धालु आते हैं। यहां के लोग नल के पानी के बजाय कुएं के पानी का प्रयोग करते हैं। यहां की सबसे खास बात यह है कि यहां रहने वाले साधु-संत दान-दक्षिणा नहीं लेते हैं। इसके अलावा श्री मोहिनी बिहारी मंदिर में भी दान पेटी नहीं रखी गई है।

हरिदास संप्रदाय का उदय

माना जाता है कि हरिदास संप्रदाय के पहले आचार्य हरिदास जी यहीं रहते थे। हरिदास जी के सातवें शिष्य श्री ललित किशोर जी यहां भजन करते थे, जिनके शिष्य महंत श्री ललित मोहन दास ने 1823 में श्री मोहिनी बिहारी जी का मंदिर बनवाया था। मंदिर के आसपास बांस की टटिया लगाई गई थी, जिसकी वजह से आज भी यहां चारों तरफ बांस के पेड़ देखने को मिलते हैं।

 

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टटिया पवित्र स्थल कैसे पहुंचें?

यह स्थल वृंदावन के निधिवन से सिर्फ एक किलोमीटर दूर है। जो लोग इस जगह पर जाना चाहते हैं, वे अपने राज्य से ट्रेन या बस के जरिए मथुरा आ सकते हैं। फिर वहां से वृंदावन बस या कार से पहुंच जाए। वृंदावन पहुंचने के बाद एक घंटे में टटिया धाम जाया जा सकता है।

टटिया स्थान पर जाने के विशेष नियम

फोन स्विच ऑफ रखें – यहां आने वाले सभी लोगों को मोबाइल चलाने से बचना चाहिए क्योंकि यहां फोटो खींचना और फोन चलाना प्रतिबंधित है।


सिर ढक कर रखें – माना जाता है कि यहां आने वाली सभी महिलाएं हमेशा अपना सिर ढककर रखती हैं। इस वजह से यहां आने वाली महिलाओं को स्कार्फ या दुपट्टा साथ रखना चाहिए, ताकि वे अपना सिर ढक सकें।


साफ-सफाई का ध्यान रखें – अक्सर लोग किसी पर्यटन स्थल पर जाते हैं तो जाने-अनजाने में गंदगी फैलाते हैं, जैसे खाली बोतल रास्ते में फेंकना। इस प्रकार की गलती करने से बचें, क्योंकि यह स्थान बेहद साफ-सुथरा है।

 

डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। खबरगांव इसकी पुष्टि नहीं करता है।

   

‘हथियारों से लैस हो रहे जहाज’, ईरान से बात नहीं बनी तो क्या करेंगे ट्रंप?


अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को इस्लामाबाद में होने वाली अहम शांति वार्ता शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ चेतावनी दे दी है। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान में बातचीत असफल रही तो अमेरिकी युद्धपोतों को दुनिया के सबसे बेहतरीन हथियारों और गोला-बारूद से लोड किया जा रहा है।

 

न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए गए फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, ‘हम रीसेट कर रहे हैं। हम जहाजों को सबसे अच्छे गोला-बारूद और हथियारों से भर रहे हैं, जो पहले से भी ज्यादा बेहतर हैं। पिछली बार हमने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया था, इस बार और बेहतर तैयारी है।’

 

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जेडी वेंस इस्लामाबाद रवाना

ट्रंप ने यह बयान तब दिया जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद के लिए रवाना हो चुके थे। दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण बातचीत शनिवार को शुरू होनी है। ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या ये वार्ता सफल होगी, तो उन्होंने जवाब दिया, ‘हम लगभग 24 घंटे में यह जान लेंगे। बहुत जल्दी पता चल जाएगा।’

 

उन्होंने साफ कहा कि अगर बातचीत फेल हो गई तो अमेरिका अपने जहाजों को ‘सबसे बेहतरीन हथियारों से लोड करेगा और उन्हें बहुत प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करेगा।’ ट्रंप ने आगे कहा, ‘हम जहाजों को लोड कर रहे हैं। हम उन्हें पहले से भी ज्यादा स्तर पर हथियारों से भर रहे हैं ताकि पूरी तरह से विनाश किया जा सके।’

परमाणु कार्यक्रम पर की बात

ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी बात की। उन्होंने दावा किया कि ईरान अपने परमाणु हथियार हटा रहा है। ट्रंप ने कहा, ‘हमारे सामने तो वे कह रहे हैं कि सारे परमाणु हथियार और सब कुछ खत्म हो गया है लेकिन प्रेस में जाकर वे कहते हैं कि हमें यूरेनियम संवर्धन (enrichment) करना है।’

 

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यह बैठक दुनिया भर में काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कई सालों से चला आ रहा है। अमेरिका का कहना है कि वह ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना चाहता है, जबकि ईरान अपना कार्यक्रम शांतिपूर्ण बताता है। अगर इस्लामाबाद में बातचीत नाकाम रही तो स्थिति और बिगड़ सकती है।

‘पैसे देते रहो और खुश रहो’, तलाक मांगने वाले शख्स को सुप्रीम कोर्ट ने दी नसीहत


एक कपल पिछले 16 साल से अलग रह रहा है। अभी तक दोनों का तलाक भी नहीं हुआ है। यही मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने तलाक की याचिका दायर करने वाले शख्स को कहा है कि वह अपनी पत्नी को हर महीने 15 हजार रुपये की तय रकम देता रहे और शांत रहे। रोचक बात है कि महिला का कहना है कि वह अपने पति के घर लौटने और उसके साथ रहने को तैयार है। महिला का कहना है कि वह अपने पति के सामने भी यही प्रस्ताव कई बार रख चुकी है लेकिन वह इसके लिए राजी नहीं हो रहा है।

 

याचिका दायर करने वाले शख्स के वकील ने कोर्ट को बताया कि यह कपल पिछले 16 साल से अलग-अलग रह रहा है। इतना ही नहीं, पिछले 16 साल से यह शख्स अपनी पत्नी को हर महीने 15 हजार रुपये का मेंटेनेंस भी दे रहा है। इस शख्स का तर्क है कि दोनों के बीच में गहरे मतभेद हैं और दोनों एक-दूसरे के लिए ठीक नहीं हैं इसलिए अब तलाक की अनुमति दे दी जानी चाहिए।

 

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कोर्ट में क्या हुआ?

 

वहीं, महिला इस तरह की बातों से इनकार कर रही है। उनका मानना है कि अभी भी इस रिश्ते को बचाने की गुंजाइश बाकी है। उनका कहना है कि वह अभी भी अपने पति के घर लौटने और उनके साथ रहने को तैयार हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सलाह भी दी कि उन्हें अपनी पत्नी को अपने साथ रखना चाहिए और समझौते की संभावना को इस तरह नहीं खत्म करना चाहिए।

 

रोचक बात है कि इस शख्स की उम्र अब 54 साल हो चुकी है। कोर्ट ने उनसे कहा, ’15 हजार रुपये आज के समय में कोई बहुत बड़ी रमक है। आप पैसे देते रहिए और खुश रहिए।’ इस पर याचिकाकर्ता ने कहा, ‘मेरे पास पैसे नहीं हैं। मेरी सैलरी 65 हजार रुपये है और अब मैं 54 साल का हो गया हूं। मुझे कोई पेंशन भी नहीं मिलने वाली है।’ हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने तलाक की अनुमति देने से इनकार कर दिया और कहा कि मौजूदा स्थिति ही बरकरार रखी जाए।

 

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कोर्ट ने यह भी पूछा कि अगर तलाक होगा तो एलिमनी के रूप में कितने पैसे दिए जाने चाहिए? इस पर याचिकाकर्ता शख्स ने कहा कि उनके पास इतने पैसे नहीं हैं कि वह मौजदा रकम को बढ़ा सकें।