उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार शराब माफियाओं (UP Liquor Smugglers) पर कहर बनकर टूट रही है. सरकार ने लोगों की जान से खेलने वाले करीब 600 शराब माफियाओं को चिन्हित किया है. वहीं अब तक 3400 मुकदमे दर्ज कर 534 से ज्यादा शराब माफियाओं को गिरफ्तार किया जा चुका है. वहीं 11 माफियाओं की प्रॉपर्टी जब्त भी की गई है. इनमें से 367 लोगों पर गैंगेस्टर लगाया गया है. इसके साथ ही101 शराब माफिया की एक अरब 13 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त की गई है. आम जनता की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले शराब माफिया के सिंडिकेट पर योगी सरकार कड़ा प्रहार कर रही है.

 

 

सीएम योगी ने जहरीली शराब से होने वाली मौतों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए देश में पहली बार आबकारी अधिनियम में संशोधन कर फांसी तक की सजा का प्रावधान किया है. आंकड़ों के मुताबिक पुलिस ने 162 शराब माफिया पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की है. वहीं, 196 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई. इसके अलावा दो शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए गए हैं और 154 आरोपियों को जेल भेजा गया है.

 

 

आबकारी विभाग के एक अभियान में 26 अगस्त से पांच सितम्बर तक 2807 मुकदमे दर्ज हुए हैं, जिसमें 73,660 लीटर अवैध शराब बरामद की गई. इन 12 दिनों में 1051 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 29 वाहन भी जब्त किए गए. इसके अलावा अलीगढ़ जिले में शराब माफिया से 70 करोड़ से अधिक की सम्पत्ति जब्त की गई है.

 

 

आबकारी विभाग की कार्रवाई का खौफ बखूबी दिख रहा है. यही वजह है कि सहारनपुर जिले में एक शराब माफिया ने थाने पहुंचकर पुलिस को भविष्य में अवैध शराब की बिक्री न करने का हलफनामा दिया है. माफिया संदीप ने आबकारी विभाग की कार्रवाई से परेशान होकर अपने गांव के प्रधान राजू के साथ गंगोह थाने पहुंचा. उसने आबकारी विभाग और पुलिस को शपथ पत्र देकर विश्वास दिलाया है कि अब वह किसी भी सूरत में अवैध शराब नहीं बेचेगा और ना ही अपने इलाके में अवैध शराब का काम होने देगा.