यूपी पुलिस के जवान लोगों की सुरक्षा के लिए दिन रात लगे रहते हैं। इसके चलते चाहे कोई त्योहार हो या घर में कोई काम, जवानों को अवकाश मिलना बेहद ही मुश्किल होता है। कई बार पुलिसकर्मी ऐसी ऐसी वजह लिखकर छुट्टी की मांग करते हैं, जो वाकई चौंकाने वाली होती है। मामला बलिया जिले का है, जहां सिपाही ने शादी के सात महीने बाद भी खुशखबरी न मिलने पर छुट्टी मांगी है। सिपाही का कहना है वो छुट्टी लेकर अपने घर रहेगा। मामले में एएसपी का कहना है कि किसी सिपाही द्वारा अवकाश के लिये इस तरह की बातों का हवाला देकर आवेदन करने की जानकारी नहीं है।

पत्र में लिखा ये

जानकारी के मुताबिक बलिया जनपद के डॉयल 112 में तैनात एक कांस्टेबल ने छुट्टी के लिए जो आवेदन दिया है, वह बेहद रोचक है और अनोखा भी है। सिपाही ने लिखा है कि ‘महोदय, प्रार्थी की शादी को सात महीने हो गए, अभी तक कोई खुशखबरी नहीं मिली है। डॉक्टर के सलाह के अनुसार दवा ली है तथा उनके साथ रहना है। प्रार्थी घर पर निवास करेगा। अत: श्रीमान जी से निवेदन है कि प्रार्थी को 15 दिवस का ईएल देने की कृपा करें।’ सक्षम द्वारा इसे संस्तुति के साथ अग्रसारित भी कर दिया गया है।

मामले में एएसपी दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया कि अवकाश लेना हर किसी का अधिकार है। कभी-कभार पर्व-त्योहार पर आपात स्थिति को छोड़कर अन्य समान्य छुट्टी देने में परहेज किया जाता है। किसी सिपाही द्वारा अवकाश के लिये इस तरह की बातों का हवाला देकर आवेदन करने की जानकारी नहीं है।

नहीं मिलता है अवकाश

बता दें कि विभाग में अन्य कई ऐसे जवान हैं, जो अवकाश के लिये परेशान हैं। प्रदेश के किसी भी जगह पर तनाव होते ही सबसे पहले पुलिसकर्मियों की छुट्टी बंद कर दी जाती है। विभागीय लोगों की मानें तो छोटे-बड़े चुनावों के अलावा होली, दीपावली, दशहरा, ईद, बकरीद, मोहर्रम आदि तीज-त्योहार पर अवकाश देने की प्रक्रिया को बंद कर दी जाती है। कुछ दिनों पहले प्रदेश के कुछ जनपदों में साम्प्रादयिक तनाव होने के बाद जवानों की छुट्टी बंद व रद कर दी गयी। ऐसे में जब पुलिसकर्मी अपने परिवार के साथ समय नहीं बिता पाते तो परेशान होना स्वाभाविक है।