राज्य में हुई बेमौसमी बारिश से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इस संकट से किसानों को बहार निकालने के लिए सभी को आगे आना चाहिए। यह अपील राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने सोमवार को उस्मानाबाद के तुलजापुर में मीडिया से बात करते हुए कही है। पवार सोमवार को मराठवाड़ा में भारी बारिश वाले क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं।

पवार ने कहा कि भारी बारिश यानी अतिवृष्टि की वजह से गांव की सड़कें खराब हो गई है। इसके लिए भारी निवेश करना होगा। बारिश का असर फसलों पर हुआ है। उस्मानाबाद, लातूर, पंढरपुर, इंदापुर, सोलापुर में भारी नुकसान देखने को मिल रहा है। नुकसान की भरपाई के लिए कर्ज लेने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। इसलिए, जल्द मुख्यमंत्री से मिलकर कर्ज के लिए आग्रह करूंगा

पवार ने आगे कहा कि महाराष्ट्र पर ऐतिहासिक आर्थिक संकट आया है। पूरा संकट सरकार उठा सकती है क्या? केंद्र सरकार को भी मदद करनी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के मुख्यमंत्री से बात की है। यह खबर पढ़ी है। चुनाव में हम एक दूसरे के खिलाफ बोलते हैं लेकिन इस आर्थिक संकट के समय मदद करने का रुख अपनाते हैं।

क्योंकि, यह राष्ट्र का संकट है। देश के संकट से लड़ने के लिए सभी एक साथ आते हैं। भाजपा सरकार के वक्त गुजरात में भूकंप आया था उस वक्त मुझे जिम्मेदारी दी गई थी। निर्णय लेते वक्त पार्टी नहीं देखी जाती है। संकट में फंसे लोगों को कैसे निकाला जाए इस पर सभी विचार करते हैं। राकांपा चीफ शरद पवार ने कहा कि 53 सालों तक मैंने विधानसभा, लोकसभा और राज्य सभा में काम किया। लोगों ने मुझे एक दिन भी छुट्टी नहीं दी। संकट के वक्त में बैठ नहीं सकता हूं। मेरे हाथों में प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं हैं। संकट में लोगों से मिलना पड़ता है। लेकिन जिनके हाथों में सत्ता होती है उनको हर तरफ देखना होता है। इसलिए मुंबई में एक जगह पर रहकर हर जिले से संपर्क करके निर्णय लेने की विनती मैंने मुख्यमंत्री से की थी। हम सभी नेता और मंत्री फिल्ड में घूम रहे है। इसकी जानकारी हम उन्हें देते है।

देश के पूर्व कृषि मंत्री और एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर निशाना साधते हुए कहा है कि यदि आत्म सम्मान बचा हो तो वे यह तय करें कि पद पर बने रहना है या नहीं। पवार ने कहा कि राज्यपाल का पद देश के कई महत्वपूर्ण पदों में से एक है। जिस प्रकार इस पद की गरिमा है उसी प्रकार मुख्यमंत्री के पद की भी गरिमा होती है।