महाराजगंज. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के महाराजगंज (Maharajganj) जिले की लगभग 84 किलोमीटर की सीमा नेपाल (Nepal) से सटी है. नेपाल में डीजल-पेट्रोल (Petrol-Diesel) भारत से करीब 21 से 22 रुपये प्रति लीटर सस्ता है. इसी वजह से नेपाल से तेल की तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही है. सीमावर्ती इलाकों के लोगों ने पड़ोसी देश से पेट्रोल लाने का काम शुरू कर दिया है. नेपाल बॉर्डर से सटे भारतीय पेट्रोल पंपों के लगभग 40 से 60 फीसदी ग्राहक घट गए हैं.

नेपाल जाने वाली मालवाहक ट्रकें अपनी गाड़ियों में केवल नेपाल पहुंचने तक का ईंधन रख रहे हैं और आते वक्त गाड़ियों के टैंक नेपाल में फूल करने के बाद ही भारत मे प्रवेश कर रहे हैं. कोरोना की पाबंदियों के चलते सीमा पूरी तरह खुली न होने के कारण तस्कर अब तेल का खेल करने में जुट गए हैं. डीजल और पेट्रोल की तस्करी की जानकारी मिलने के बाद एसपी ने सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं.

भारत से ही नेपाल को होती है डीजल-पेट्रोल की सप्लाई 
देश में जहां डीजल और पेट्रोल दिन पर दिन महंगे होते जा रहे हैं, वहीं नेपाल में डीजल और पेट्रोल भारत की तुलना में काफी सस्ते हैं. नेपाल में डीजल और पेट्रोल भारत से ही जाते हैं, लेकिन डीजल-पेट्रोल के दाम भारत की तुलना में काफी कम होने के कारण अब इसकी तस्करी होने लगी हैं. भारतीय सीमा क्षेत्र में जहां डीजल लगभग 81-82 व पेट्रोल 90-91 रुपये के करीब  लीटर बिक रहा है, वहीं सीमा पार नेपाल में डीजल 59-60 रुपये ( नेपाली 95-96 रुपये) व पेट्रोल 70-71 रुपये ( 113 रुपये नेपाली रुपये) में पंपों पर बिक रहे हैं. जिसमें डीजल में 20 से 21 व पेट्रोल में 19 से 20 रुपये का अंतर है. लिहाजा भारत से नेपाल जाने वाला कच्चा तेल फिर तस्करी के जरिये भारत मे ही वापस आ रहा है.
इस वजह से नेपाल में सस्ता है पेट्रोल 

गौरतलब है कि नेपाल को पेट्रोल की आपूर्ति भारत से ही होती है. दोनों देशों के बीच हुई एक पुरानी संधि के अनुसार इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) नेपाल के लिए खाड़ी देशों से पेट्रोल का आयात करता है. नेपाल को यह पेट्रोल खरीद मूल्य पर बेचा जाता है और केवल रिफाइनरी शुल्क लिया जाता है. यही वजह है कि नेपाल में यहां के मुकाबले पेट्रोल सस्ता है और बढ़ते दामों की वजह से इसकी तस्करी नेपाल से शुरू हो गई है. समय-समय पर पुलिस और प्रशासन द्वारा छापेमारी भी कर तस्करी के डीजल और पेट्रोल बरामद भी किया जा रहा है. अभी बीते दिनों नौतनवा एसडीएम ने छापेमारी कर 800 लीटर तस्करी के डीजल व पेट्रोल बरामद किया था. महाराजगंज के पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता ने तस्करी पर लगाम लगाने की बात कही है और सीमा पर एसएसबी और कस्टम विभाग को अलर्ट रहने को कहा गया है, जिससे नेपाल से डीजल और पेट्रोल की तस्करी पर लगाम लगाया जा सके.

सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित पेट्रोल पंपों पर बिक्री घटी 
नेपाल में डीजल और पेट्रोल के दाम कम होने के कारण और तस्करी के कारण अब सीमावर्ती क्षेत्र में पेट्रोल पंप की स्थिति काफी खराब हो गई है. अब जिन्हें नेपाल जाना होता है वो अपने गाड़ियों में पेट्रोल पंप से उतना ही तेल भरवाते हैं जितना नेपाल उनकी गाड़ी पहुंच जाए. उसके बाद वह नेपाल में सस्ते दामों के कारण वहां डीजल और पेट्रोल अपनी गाड़ियों में डलवाते है. भारत-नेपाल की खुली सीमा होने के कारण लोग अब इसकी तस्करी भी कर रहे हैं जिससे सीमावर्ती पेट्रोल पंप में बिक्री में काफी कमी आई है. पेट्रोल पंप मालिकों का कहना है कि अगर सरकार इस पर ध्यान नहीं देगी और थोड़ी ही दूर में पेट्रोल और डीजल के दामों में इतने अंतर को कम नहीं करेगी तो आने वाले दिनों में सीमावर्ती क्षेत्र के पेट्रोल पंपों को बंद ही करना पड़ेगा। क्योंकि अभी तो सिर्फ  कोविड के कारण मालवाहक ट्रक ही नेपाल जा रहे हैं, लेकिन जिस दिन सीमा खुल जाएगी उस दिन सस्ते दामों के कारण हर व्यक्ति नेपाल जाकर तेल अपनी गाड़ियों में भरवायेगा।