लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती ने पेट्रोल और डीजल (Petrol And Diesel) की कीमत में अचानक हुई वृद्धि को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस जैसी जरूरी वस्तुओं की कीमतों में अनावश्यक ही अनवरत वृद्धि की जा रही है. ऐसे में कोरोना प्रकोप, बेरोजगारी (Unemployment) व महंगाई आदि से त्रस्त जनता को सताना अनुचित है. इस जानलेवा कर वृद्धि के माध्यम से जनकल्याण के लिए धन जुटाए जाने का सरकार का तर्क कतई उचित नहीं है.
उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकारें अगर पेट्रोल, डीजल आदि पर कर की लगातार मनमानी वृद्धि करके जनता की जेब पर जो भारी बोझ हर दिन डाल रही हैं उसे तत्काल रोका जाना बहुत ही जरूरी. वास्तव में यही सरकार का देश की करोड़ों गरीब, मेहनतकश जनता व मध्यम वर्ग पर बड़ा एहसान व भारी जनकल्याण होगा.
वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार के वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिये सोमवार को राज्य विधानसभा में पेश किये गये बजट को बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने कल अति निराशाजनक बताया था. बसपा प्रमुख ने बजट पेश किये जाने के बाद एक ट्वीट में कहा था कि यूपी विधानसभा में पेश बीजेपी सरकार का बजट भी केन्द्र सरकार के बजट की तरह ही यहां प्रदेश में खासकर बेरोजगारी की क्रूरता दूर करने हेतु रोजगार आदि के मामले में अति-निराश करने वाला है. केन्द्र सरकार की तरह यूपी के बजट में भी वायदे व हसीन सपने जनता को दिखाने का प्रयास किया गया है. इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी दल के नेता लालजी वर्मा ने पत्रकारों से कहा कि किसान आंदोलन के कारण किसानों को बड़ी उम्‍मीद थी कि बजट में उनके लिए सरकार कुछ खास घोषणा करेगी, लेकिन यह बजट किसानों और जनता के लिए निराशाजनक है और यह जनता के साथ धोखा है. वर्मा ने कहा कि बजट में 37 हजार करोड़ का घाटा दिखाया गया है और यह प्रदेश की अर्थव्‍यवस्‍था को ‘फेल’ करने की ओर अग्रसर हो रहा है.