सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने के शौकीन बच्चों ने शुक्रवार को दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दे दिया। बच्चों ने रेलवे ट्रैक पर गुजरती दो ट्रेनों पर जबरदस्त पथराव कर दिया। इससे इंजन और बोगियों के शीशे टूट गए। ट्रेन पर लगातार पत्थर बरसते देख यात्रियों और ड्राइवरों में दहशत फैल गई। ट्रेन के ड्राइवर ने तत्काल ऑपरेटिंग कंट्रोल को संदेश भेजा और आरपीएफ हरकत में आ गई। आरपीएफ की टीम ने 10 बच्चों को हिरासत में लिया है। जिनमें से तीन बच्चों ने पत्थर मारने की बात कबूल की है। तीनों पर रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। 

 

 

घटना सुबह करीब 5:45 बजे की है। राजामंडी और बिल्लोचपुरा स्टेशन के बीच सिकंदरा पुलिया के पास ट्रेन संख्या 06249 (कर्नाटका एक्सप्रेस) और 02155 (भोपाल) पर 12 से 15 वर्ष के बच्चों ने पत्थर बरसा दिए। ये बच्चे सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने के लिए यहां पहुंचे थे। कुछ बच्चे चलती ट्रेन पर पत्थर फेंक रहे थे तो कुछ वीडियो बना रहे थे।

 

 

ट्रेन पर सामने से बरसाए थे पत्थर

आरपीएफ इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि बच्चे की हरकत इतनी खतरनाक थी कि कोई भी बड़ा हादसा हो सकता था। बच्चों ने ट्रेन पर सामने से पत्थर बरसाए थे। ट्रेन संख्या 06249 का सामने और बगल में लगा लुकिंग ग्लास टूट गया। दूसरी ट्रेन 02155 की बोगी बी वन की खिड़की का शीशा टूट गया। इससे ड्राइवर घबरा गए और उन्होंने ऑपरेटिंग कंट्रोल को संदेश भेजा इसके बाद वे मौके पर पहुंच गए और वहां मौजूद चार बच्चों को पकड़ लिया। पूछताछ के बाद उन्होंने अपने साथियों का नाम, पता बता दिया और उन्हें भी पकड़ लिया।

 

 

तीन के खिलाफ हुई कार्रवाई

पत्थर बरसाने वाले बच्चों ने बताया कि वे सोशल मीडिया पर शेयर करने के लिए वीडियो बनाते हैं। सुबह उन्होंने कई वीडियो बनाए थे। ट्रेन पर पत्थर बरसाने वाला वीडियो तीन बच्चों ने बनाया था। कैंट आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि बच्चे सेक्टर-11 के रहने वाले हैं। तीन बच्चों पर रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। बाकी सात बच्चों को चेतावनी देकर उनके परिवार को सौंप दिया है।