उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में थानेदारों की मनमानी को लेकर मौजूदा डीजीपी ने फटकार लगाई है। दरअसल, थानों मे पोस्टिंग व्यस्था में थानेदारों की मनमानी पर करने पर सख्त निर्देश जारी किए हैं। डीजीपी ने पत्र लिखकर जानकारी दी, कि उन्हें कई जिलों से उनके पास शिकायत पहुंची थी, जिसके बाद डीजीपी ने थाना पोस्टिंग को लेकर सख्त निर्देश दिये।

योग्यता के आधार पर हो नियुक्ति

इस पत्र में डीजीपी सबसे ज्यादा नाराजगी इंस्पेक्टर के पद की पोस्टिंग को लेकर जताई। डीजीपी ने कहा कि प्रदेश के दो तिहाई थाने जो निरीक्षक स्तर के अधिकारियों के लिए चिन्हित किए गए हैं, उनमें सिर्फ निरीक्षक स्तर के ही योग्य अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। इसके साथ सब इंस्पेक्टर स्तर के किसी भी अधिकारियों को थानों में थाना प्रभारी के रूप में तैनात नहीं किया जाएगा। अगर किसी भी थानें में ऐसा किया जाता है तो यह ध्यान में रखा जाएगा कि इंस्पक्टर पद पर आसीन व्यक्ति सब इंस्पेक्टर के पद पर नीचे काम नहीं करेगा। साथ ही थाना प्रभारी की तैनाती करते समय वरिष्ठ अधिकारी को तरजीह दी जाए। 

जाति के समीकरण का रखा जाए खास ख्याल 

पत्र में डीजीपी ने थानों में थानाध्यक्ष की नियुक्ति में जातिए समीकरण का विशेष ख्याल रखा जाए। इसका मतलब है कि जनपदों में थानाध्यक्षों की नियुक्ति में आरक्षण को ध्यान में रख कर नियुक्ति की जाए.

रिपोर्ट - संतोष मिश्र