कोरोना संक्रमण के समय में पुलिसकर्मियों ने एक अहम किरदार निभाया था। हर स्थिति में तत्पर रहने वाली पुलिस ने इस दौर में अपनी सुरक्षा की परवाह न करते हुए भी जनता के सहूलियत और सुरक्षा का ख्याल रखा। संक्रमितों को घरों से बाहर निकालकर अस्पतालों में भर्ती कराया। अब इन कोरोना वारियर्स को भी वैक्सीन लगाने की कार्यशैली शुरू की जा चुकी है। बता दें की आज यूपी में तैनात आईपीएस और आईएएस अधिकारियों ने कोरोना से बचाव का टीका लगावाया। वहीं पुलिस कर्मियों ने टीका लगने के लिए खुद को खुशनसीब बताया है।

पुलिसकर्मी हर जगह रहे तैनात 

कोरोना संक्रमण महामारी ने देश दुनिया में कहर बरसाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 फरवरी को पहला संपूर्ण लॉकडाउन घोषित किया था। इसके बाद लगातार लॉकडाउन के आगे बढ़ने का सिलसिला जारी रहा। इस महामारी के दौरान में पुलिसकर्मियों ने खुद के स्वास्थ्य के साथ-साथ दूसरों की रक्षा पर भी ध्यान दिया। लोगों को घरों में कैद करने के साथ उन्हें जागरूक किया। स्वास्थ्य कर्मियों के साथ संक्रमितों को घरों से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया। कोरोना की जांच हुई तो सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी हर जगह तैनात रहे। हर गली-मोहल्ले और चौराहों पर मुस्तैद रहकर पुलिस ने हालातों को संभव तरीके से संभाला था। उनकी सतर्कता की बदौलत जिले में कोरोना की रफ्तार धीमी होती रही। अब इन योद्धाओं को कोरोना बचाव का टीका लगाया जाएगा। टीकाकरण के इस दूसरे चरण के पहले दिन में यूपी में तैनात आईपीएस और आईएएस अधिकारियों ने कोरोना से बचाव का टीका लगवाया। बता दें कि शासन ने पांच फरवरी को टीकाकरण के लिए 500 पुलिसकर्मियों को शामिल किया है।

 रिपोर्ट - प्रवीण कुमार मिश्र

            जिला ब्यूरो चीफ श्रावस्ती